मराठी व्याकरण
आम्ही आपले मराठी भाषेचे शब्दभांडार, आकलन आणि व्याकरणची समज वाढवण्यासाठी , विस्तारित करण्यासाठी मदत करू , आजच आपल्या मित्रांनाही आपल्या चॅनेल वर आमंत्रित करा. लगेच जॉईन करा @Marathi
Больше📈 Аналитический обзор Telegram-канала मराठी व्याकरण
Канал मराठी व्याकरण (@marathi) языкового сегмента Маратхи является активным участником. Сейчас сообщество объединяет 208 132 подписчиков, занимая 419 место в категории Образование и 791 место в регионе Индия.
📊 Показатели аудитории и динамика
С момента создания невідомо проект демонстрирует стремительный рост, собрав аудиторию из 208 132 подписчиков.
Согласно последним данным от 11 июня, 2026, канал показывает стабильную активность. За последние 30 дней изменение числа участников составило -496, а за последние 24 часа — 31, при этом общий охват остаётся высоким.
- Статус верификации: Не верифицирован
- Уровень вовлечённости (ER): Средний показатель вовлечённости аудитории составляет 6.19%. В первые 24 часа после публикации контент обычно набирает 1.51% реакций от общего числа подписчиков.
- Охват публикаций: В среднем каждый пост получает 12 888 просмотров. В течение первых суток публикация набирает 3 139 просмотров.
- Реакции и взаимодействия: Аудитория активно поддерживает контент: среднее количество реакций на один пост — 16.
📝 Описание и контентная политика
Автор описывает ресурс как площадку для выражения субъективного мнения:
“आम्ही आपले मराठी भाषेचे शब्दभांडार, आकलन आणि व्याकरणची समज वाढवण्यासाठी , विस्तारित करण्यासाठी मदत करू , आजच आपल्या मित्रांनाही आपल्या चॅनेल वर आमंत्रित करा.
लगेच जॉईन करा @Marathi”
Благодаря высокой частоте обновлений (последние данные получены 12 июня, 2026) канал поддерживает актуальность и высокий уровень охвата публикаций. Аналитика показывает, что аудитория активно взаимодействует с контентом, что делает его важной точкой влияния в категории Образование.
Загрузка данных...
| Дата | Привлечение подписчиков | Упоминания | Каналы | |
| 12 июня | +6 | |||
| 11 июня | +31 | |||
| 10 июня | +31 | |||
| 09 июня | +9 | |||
| 08 июня | 0 | |||
| 07 июня | 0 | |||
| 06 июня | +10 | |||
| 05 июня | +10 | |||
| 04 июня | +38 | |||
| 03 июня | +46 | |||
| 02 июня | +1 | |||
| 01 июня | 0 |
| 2 | 🔷प्रश्न 45
उत्तर - 3 | 3 708 |
| 3 | 🔷प्रश्न 44
उत्तर - 4 | 3 703 |
| 4 | 🔷प्रश्न 43
उत्तर - 3 | 3 585 |
| 5 | समानार्थी शब्द | 3 621 |
| 6 | Нет текста... | 3 162 |
| 7 | Нет текста... | 3 095 |
| 8 | 46) ' पैसाचपैसा' हा शब्द खालीलपैकी कोणत्या प्रकारातील आहे ? | 2 784 |
| 9 | 45) खालीलपैकी पूर्णाभ्यस्त असणारा शब्द ओळखा . | 2 879 |
| 10 | 44)'मानमरातब' हा खालीलपैकी कोणत्या प्रकारचा शब्द आहे ? | 2 923 |
| 11 | 43)'झोपाळू , कनवाळू , सडीक , चकचकीत ' ही कोणत्या भाषेतील प्रत्यय लागून धातूसाधिते बनले आहेत ? | 3 145 |
| 12 | विरुद्धार्थी शब्द | 3 130 |
| 13 | 🔷 प्रश्न 42
उत्तर - 4
तक्षक , उरग , साप , सर्प | 11 252 |
| 14 | 🔷प्रश्न 41
उत्तर - 4
चाप , कोदंड ,धनुष्य | 11 045 |
| 15 | 🔷 प्रश्न 40
उत्तर 3
धव , भ्रतार , नवरा | 10 923 |
| 16 | Нет текста... | 10 701 |
| 17 | Нет текста... | 8 362 |
| 18 | Нет текста... | 7 637 |
| 19 | 🔹मराठी व्याकरण - भाषेतील रस
रसाचा शब्दश: अर्थ ‘चव’ किंवा ‘रुची’ असा आहे. व्यवहारात गोड, आंबट, खारट, तुरट, तिखट व कडू असे सहा रस आहेत. या सहा रसांमुळेच आपणास पदार्थांची गोडी किंवा चव कळते. यालाच आपण रसास्वाद म्हणतो.
साहित्य वाचल्याने, ऐकल्याने किंवा पाहिल्याने मानवी अंत:करणातील भावना उद्दीपित होतात व रसानिर्मिती होते.
मानवी मनात काही भावना कायमच्या वास करीत असतात उदा. प्रेम करण्याची, रागावण्याची, हसण्याची, दु:खाची, पराक्रमांची इ. या मनातील ‘स्थिर’ व ‘शाश्वत’ भावनांनाच काव्यशास्त्रात ‘स्थायीभाव’ असे म्हणतात.
साहित्य कृतीच्या वाचनाने ‘स्थायी भाव’ जागृत होतात व रसनिर्मिती होते.
१) स्थायीभाव - रती
रसनिर्मिती – शृंगार
हा रस कुठे आढळतो - स्त्री-पुरुषांना एकमेकांबद्दल वाटणाऱ्या प्रेमातून किंवा आकर्षणाच्या वर्ननातुन
उदा – डोळे हे जुलमी गडे रोखुनी मज पाहु नका.
२) स्थायीभाव – उत्साह
रसनिर्मिती - वीर
हा रस कुळे आढळतो - पराक्रम, शौर्य, धीरोदात्त प्रसंग यांच्या वर्णनात
उदा. ‘शुर आम्ही सरदार आम्हाला काय कुणाची भीती’
३) स्थायीभाव –शोक
रसनिर्मिती – करुण
हा रस कुठे आढळतो - दुख, वियोग, संकट यांच्या वर्णनात
उदा – आई म्हणोनि कोणी, आईस हाक मारी, ती हाक येई कानी, मज होय शोककारी!
४) स्थायीभाव – क्रोध
रसनिर्मिती – रौद्र
हा रस कुळे आढळतो – क्रोध, चीड किंवा रागाचे वर्णन
उदा – मनिषाच्या त्या वर्तनाकडे आई डोळे वटारून पाहत होती.
५) स्थायीभाव – हास
रसनिर्मिती – हास्य
हा रस कुठे आढळतो - विसंगती, असंबध्द भाषण, विडंबन,चेष्टा यांच्या वर्णनात.
उदा – मानसीच पेपर लिहिताना लक्ष विचलित होऊ नये म्हणून रश्मी बरोबर अडीच तास आठ दिवस भजी तळत बसायची.
६) स्थायीभाव – भय
रसनिर्मिती- भयानक
हा रस कुळे आढळतो - युद्ध, मृत्यु, खून, सूड, राक्षस, स्मशान इ. च्या वर्णनात.
उदा. तो गुरासारखा ओरडला त्याचे सारे रक्त उलथे पालथे झाले व त्याने जोरात किंकाळी फोडली.
७) स्थायीभाव – जुगुप्सा
रसनिर्मिती – बीभत्स
हा रस कुठे आढळतो - किळस, वीट, तिटकारा इ. च्या वर्णनात.
उदा – मुंबईचा कामगार चाळीतल्या दहा बाय बाराच्या घरात, कचऱ्याच्या ढिगाऱ्याशेजारी, ओकारी आणणाऱ्या दुर्गधीत आयुष्यभर खितपत पडलेला असतो.
८) स्थायीभाव – विस्मय
रसनिर्मिती- अदभुत
हा रस कुठे आढळतो - आश्चर्यकारक गोष्टींच्या वर्णनात
उदा – असावा सुंदर चॉकलेटचा बंगला चंदेरी सोनेरी चमचमता चांगला.
९) स्थायीभाव – शम (शांती)
रसनिर्मिती – शांत
हा रस कुळे आढळतो - परमेश्वर विषयक भक्ती भाव असलेली गांणी किंवा वातावरणात.
उदा – सर्वात्मका शिवसुंदरा, स्वीकार या अभिवादना, तिमिरातुनि तेजाकंडे प्रभू आमच्या ने जीवंना ! | 6 756 |
| 20 | मराठी व्याकरण : 'र' बाबत नियम | 5 765 |
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