MPSC Geography
Here u can get all useful info about Geography & Agri for competitive exams. @eMPSCkatta @ChaluGhadamodi @Jobkatta @Marathi @MPSCEnglish @MPSCPolity @MPSCEconomics @MPSCHistory @MPSCScience @SpardhaGram @MPSCMaterialKatta
Больше📈 Аналитический обзор Telegram-канала MPSC Geography
Канал MPSC Geography (@mpscgeography) языкового сегмента Маратхи является активным участником. Сейчас сообщество объединяет 118 877 подписчиков, занимая 1 073 место в категории Образование и 1 951 место в регионе Индия.
📊 Показатели аудитории и динамика
С момента создания невідомо проект демонстрирует стремительный рост, собрав аудиторию из 118 877 подписчиков.
Согласно последним данным от 05 сентября, 2026, канал показывает стабильную активность. За последние 30 дней изменение числа участников составило -1 325, а за последние 24 часа — -22, при этом общий охват остаётся высоким.
- Статус верификации: Не верифицирован
- Уровень вовлечённости (ER): Средний показатель вовлечённости аудитории составляет 5.27%. В первые 24 часа после публикации контент обычно набирает 1.48% реакций от общего числа подписчиков.
- Охват публикаций: В среднем каждый пост получает 6 268 просмотров. В течение первых суток публикация набирает 1 764 просмотров.
- Реакции и взаимодействия: Аудитория активно поддерживает контент: среднее количество реакций на один пост — 0.
📝 Описание и контентная политика
Автор описывает ресурс как площадку для выражения субъективного мнения:
“Here u can get all useful info about Geography & Agri for competitive exams.
@eMPSCkatta
@ChaluGhadamodi
@Jobkatta
@Marathi
@MPSCEnglish
@MPSCPolity
@MPSCEconomics
@MPSCHistory
@MPSCScience
@SpardhaGram
@MPSCMaterialKatta”
Благодаря высокой частоте обновлений (последние данные получены 06 сентября, 2026) канал поддерживает актуальность и высокий уровень охвата публикаций. Аналитика показывает, что аудитория активно взаимодействует с контентом, что делает его важной точкой влияния в категории Образование.
Загрузка данных...
| Дата | Привлечение подписчиков | Упоминания | Каналы | |
| 06 сентября | 0 | |||
| 05 сентября | 0 | |||
| 04 сентября | 0 | |||
| 03 сентября | +1 | |||
| 02 сентября | 0 | |||
| 01 сентября | 0 |
| 2 | Нет текста... | 6 387 |
| 3 | रामसर क्षेत्र: सांभार सरोवर | 6 760 |
| 4 | 📍 राज्यसेवा Cutoff
General:- 942
Female :- 959 | 6 505 |
| 5 | Join us @MPSCGeography | 12 893 |
| 6 | Join us @MPSCGeography | 11 260 |
| 7 | Нет текста... | 9 361 |
| 8 | Join us @MPSCGeography | 7 712 |
| 9 | Нет текста... | 6 063 |
| 10 | Нет текста... | 6 288 |
| 11 | Нет текста... | 6 376 |
| 12 | 🔹कसे चालतात ‘राधानगरी’चे स्वयंचलित दरवाजे?
देशातील एकमेव स्वयंचलित दरवाजे राधानगरी धरणाला आहेत. स्थापत्य शास्त्राचा अद्भूत नमुना म्हणून ओळखले जाणारे सात स्वयंचलित दरवाजे तब्बल चौसष्ट वर्षांनंतरही धरणातील पाण्याचा सुरक्षितपणे विसर्ग करत आहेत. कोणत्याही यांत्रिक ऊर्जेशिवाय हे दरवाजे चालतात कसे? याबाबत उत्सुकता ताणली असून या दरवाजांमुळे जुनं ते सोनं ही म्हण खरी ठरली आहे. जल विसर्गाबरोबर कमालीचे सौंदर्यही या दरवाजांमुळे धरणाला प्राप्त झाले आहे.
राजर्षी शाहू महाराजांच्या दूरदृष्टीने साकारलेले राधानगरी धरण स्थापत्य शास्त्राचा अद्भूत नमुनाच आहे. जगप्रसिद्ध स्थापत्य शास्त्रज्ञ डॉ. एम. विश्वेश्वरय्या यांनी या धरणाचा स्थापत्य आराखडा तयार केला आहे. हे दरवाजे देशात एकमेव आहेत. त्यामुळे तो ऐतिहासिक ठेवा आहे. प्रत्येकी 14.48 बाय 1.48 मीटर्स आकाराच्या या सात दरवाजातून प्रतिसेकंद दहा हजार क्युसेक्स पाण्याचा विसर्ग होतो. या दरवाजांसाठी कोणत्याही प्रकारची यांत्रिक ऊर्जा वापरली जात नाही. या प्रत्येक दरवाजाच्या आतील बाजूला प्रत्येकी 35 टन वजनाचे सिमेंट काँक्रीटचे ब्लॉक्स बसवले आहेत. धरण पूर्ण क्षमतेने भरल्यानंतर अतिरिक्त होणार्या पाण्याच्या दाब लोखंडी दरवाजावर पडताच ब्लॉक्स वर उचलले जातात व स्वयंचलित दरवाजातून पाणी बाहेर फेकले जाते. या ब्लॉक्सवरील दाब 35 टनापेक्षा खाली आला असता ब्लॉक खाली बसतात. त्यामुळे पाण्याचा विसर्ग थांबतो. धरणात क्षमतेपेक्षा जादा होणार्या पाण्याचा विसर्ग या सात दरवाजातून होत असल्याने ‘धरणाचा राखणदार’ म्हणूनच हे दरवाजे ओळखले जात.
1952 साली धरणात पूर्ण क्षमतेने पाणीसाठा झाल्यानंतर या दरवाजांची रचना केली आहे. म्हणजे या दरवाजांना चौसष्ट वर्षे पूर्ण झाली आहेत. आज चौसष्ट वर्षानंतरही हे दरवाजे पूर्णक्षमतेने कार्यरत आहेत. त्यासाठी वापरलेले लोखंडी साहित्य उच्चत्तम दर्जाचे असल्यामुळेच हे दरवाजे आजही सक्षम आहेत. या दरवाजांचा देखभाल दुरुस्तीचा खर्चही नाममात्र आहे. दरवर्षी केवळ ग्रिसिंग ओव्हर ऑईलिंग केले जाते. एखादेवेळी सिमेंट काँक्रीटच्या ब्लॉकची झीज झाली तर त्याची डागडुजी केली जाते. मध्यंतरी हे दरवाजे काढून त्याजागी वक्राकार दरवाजे बसवण्याचा प्रस्ताव आला होता. मात्र, शाहूप्रेमी जनतेने हा ऐतिहासिक ठेवा काढल्यास तीव्र विरोध केल्याने हा प्रस्ताव बारगळला आहे. हे दरवाजे कायम ठेवून धरणाच्या उत्तरेकडील टेकडीजवळ नवीन वक्राकार दरवाजे बसवण्याचा प्रस्ताव विचाराधिन आहे. सात स्वयंचलित दरवाजातून अतिरिक्त पाण्याचा विसर्ग होऊन धरणाच्या मुख्य भिंतीवरील पाण्याचा दाब कमी होतो. त्यामुळे धरण सुरक्षित राहते. धरणाचा हा राखणदार चौसष्ट वर्षांनंतरही सुस्थितीत आहे. त्यामुळे जुनं ते सोनं ही म्हण या दरवाजांना चपखलपणे लागू होते. | 6 291 |
| 13 | इतिहास Live Batch
Date: 1 ऑगस्ट पासून
Time: दररोज सकाळी 9वा.
App Link
👇👇👇
https://play.google.com/store/apps/details?id=com.history.sachin.gulig
संपर्क: 9545600535 | 5 857 |
| 14 | जॉईन करा @MPSCGeography | 8 331 |
| 15 | 🌋🔥🔥☄🔥🔥💥
▪️तलाठी गट - क मध्ये
तलाठी भरती गट क मध्ये ...
● 1539 तलाठी
● एकूण जागा 3088
▪️2619 + 3088 = 5707
===========
https://t.me/eMPSCkatta | 8 122 |
| 16 | महाराष्ट्रातील प्रमुख ऊर्जा प्रकल्प
जॉइन करा @MPSCGeography | 25 988 |
| 17 | आज झालेला महाराष्ट्र गट-क सेवा मुख्य परीक्षा 2025
👉 सामान्य अध्ययन व बुद्धिमत्ता चाचणी पेपर | 10 693 |
| 18 | माळशेज घाट-मुंबई-कल्याण-माळशेज
खंडाळा घाट-मुंबई-लोणावळा-खंडाळा
ताम्हिणी घाट-मुंबई-मुळशी-ताम्हिणी
वरंधा घाट-मुंबई-पनवेल-महाड-वरंधा
कसारा घाट-मुंबई-ठाणे-शाहापूर-कसारा
खंबाटकी घाट-मुंबई-पुणे-सातारा
आंबेनळी घाट-मुंबई-महाबळेश्वर-पोलादपूर | 18 054 |
| 19 | ▪️महाराष्ट्र अराजपत्रित सेवा गट-ब संयुक्त पूर्व परीक्षा 2026 | 14 421 |
| 20 | WhatsApp वर जलद अपडेट्स साठी फॉलो करा @empsckatta चे WhatsApp Channel : https://whatsapp.com/channel/0029Va9YcKQ1noz2YIkvNP1c | 16 412 |
