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मराठी व्याकरण

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आम्ही आपले मराठी भाषेचे शब्दभांडार, आकलन आणि व्याकरणची समज वाढवण्यासाठी , विस्तारित करण्यासाठी मदत करू , आजच आपल्या मित्रांनाही आपल्या चॅनेल वर आमंत्रित करा. लगेच जॉईन करा @Marathi

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📈 نظرة تحليلية على قناة تيليجرام मराठी व्याकरण

تُعد قناة मराठी व्याकरण (@marathi) في القطاع اللغوي الماراثي لاعباً نشطاً. يضم المجتمع حالياً 207 306 مشتركاً، محتلاً المرتبة 406 في فئة التعليم والمرتبة 701 في منطقة الهند.

📊 مؤشرات الجمهور والحراك

منذ تأسيسه في невідомо، حقق المشروع نمواً سريعاً وجمع 207 306 مشتركاً.

بحسب آخر البيانات بتاريخ 18 سبتمبر, 2026، تحافظ القناة على نشاط مستقر. خلال آخر 30 يوماً تغيّر عدد الأعضاء بمقدار -563، وفي آخر 24 ساعة بمقدار -72، مع بقاء الوصول العام مرتفعاً.

  • حالة التحقق: غير موثّقة
  • معدل التفاعل (ER): يبلغ متوسط تفاعل الجمهور 5.17‎%. وخلال أول 24 ساعة من النشر يحصد المحتوى عادةً 2.17‎% من ردود الفعل نسبةً إلى إجمالي المشتركين.
  • وصول المنشورات: يحصل كل منشور على متوسط 10 708 مشاهدة. وخلال اليوم الأول يجمع عادةً 4 489 مشاهدة.
  • التفاعلات والاستجابة: يتفاعل الجمهور بانتظام؛ متوسط التفاعلات لكل منشور يبلغ 19.

📝 الوصف وسياسة المحتوى

يصف المؤلف القناة بأنها مساحة للتعبير عن الآراء الذاتية:
आम्ही आपले मराठी भाषेचे शब्दभांडार, आकलन आणि व्याकरणची समज वाढवण्यासाठी , विस्तारित करण्यासाठी मदत करू , आजच आपल्या मित्रांनाही आपल्या चॅनेल वर आमंत्रित करा. लगेच जॉईन करा @Marathi

بفضل وتيرة التحديث المرتفعة (أحدث البيانات بتاريخ 19 سبتمبر, 2026) تحافظ القناة على حداثتها ومستوى وصول مرتفع. وتُظهر التحليلات تفاعلاً نشطاً من الجمهور، ما يجعلها نقطة تأثير مهمة ضمن فئة التعليم.

207 306
المشتركون
-7224 ساعات
-2347 أيام
-56330 أيام

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جذب المشتركين
سبتمبر '26
سبتمبر '26
+129
في 0 قنوات
أغسطس '26
+550
في 0 قنوات
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يوليو '26
+814
في 2 قنوات
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يونيو '26
+486
في 2 قنوات
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مايو '26
+282
في 5 قنوات
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أبريل '26
+31
في 0 قنوات
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مارس '26
+253
في 5 قنوات
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فبراير '26
+1 550
في 5 قنوات
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يناير '26
+2 213
في 7 قنوات
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ديسمبر '25
+1 504
في 3 قنوات
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نوفمبر '25
+2 252
في 7 قنوات
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أكتوبر '25
+1 439
في 2 قنوات
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سبتمبر '25
+2 082
في 12 قنوات
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أغسطس '25
+4 137
في 16 قنوات
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يوليو '25
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في 16 قنوات
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يونيو '25
+2 239
في 14 قنوات
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مايو '25
+1 826
في 2 قنوات
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أبريل '25
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في 1 قنوات
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مارس '25
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في 15 قنوات
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فبراير '25
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في 4 قنوات
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يناير '25
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ديسمبر '24
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نوفمبر '24
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أكتوبر '24
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سبتمبر '24
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في 1 قنوات
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أغسطس '24
+1 826
في 3 قنوات
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يوليو '24
+1 600
في 3 قنوات
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يونيو '24
+1 822
في 1 قنوات
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مايو '24
+588
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أبريل '24
+346
في 4 قنوات
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مارس '24
+1 665
في 2 قنوات
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فبراير '24
+1 130
في 0 قنوات
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يناير '24
+1 107
في 2 قنوات
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ديسمبر '23
+3 288
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نوفمبر '23
+909
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أكتوبر '23
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سبتمبر '23
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أغسطس '23
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يوليو '23
+6 746
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يونيو '23
+4 802
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مايو '23
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أبريل '23
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مارس '23
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فبراير '23
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مايو '22
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أبريل '22
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مارس '22
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فبراير '22
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أكتوبر '21
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سبتمبر '21
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أغسطس '21
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يوليو '21
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يونيو '21
+349
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مايو '21
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أبريل '21
+528
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مارس '21
+697
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فبراير '21
+3 195
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يناير '21
+4 594
في 0 قنوات
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ديسمبر '20
+167 307
في 0 قنوات
التاريخ
نمو المشتركين
الإشارات
القنوات
19 سبتمبر0
18 سبتمبر0
17 سبتمبر+4
16 سبتمبر+15
15 سبتمبر+8
14 سبتمبر+8
13 سبتمبر0
12 سبتمبر0
11 سبتمبر0
10 سبتمبر0
09 سبتمبر+3
08 سبتمبر+6
07 سبتمبر0
06 سبتمبر+10
05 سبتمبر+16
04 سبتمبر+10
03 سبتمبر+43
02 سبتمبر0
01 سبتمبر+6
منشورات القناة
बिगारीचे घोडे, तरवटाचा फोक
बिगारीचे घोडे, तरवटाचा फोक

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वाक्प्रचार
वाक्प्रचार
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3
📙राधारमण कृष्णाजी पांडुरंग लिमये 📒रामजोशी/कविराय राम जनार्दन जोशी 📓वसंत वासुदेव बळवंत पटवर्धन 📓वसंतविहार शंकर दत्तात्रय जोशी 📗वा.दा.ओ. वामन दाजी ओक 📕वामन पंडित वामन तानाजी शेषे 📒विठाबाई विठा रामप्पा नायक 📓विठा रेणुकानंदन विठ्ठल मनोहर बडवे-कुलकर्णी 📒विठ्ठल केरीकर विठ्ठल नरसिंह साखळकर 📘विठ्ठलदास विठ्ठल अनंत क्षीरसागर्/बीडकर 📗विंदा करंदीकर गोविंद विनायक करंदीकर 📙विष्णुदास कृष्णराव रावजी धांदरफळे 📔विसोबा खेचर विसोबा चाटे 📓विहंगम बाळकृष्ण लक्ष्मण अंतरकर 📙शारदाश्रमवासी पुरुषोत्तम गोपाळ काणेकर 📘श्रीकृष्ण श्रीकृष्ण नीळकंठ चापेकर 📕श्रीधर श्रीधर ब्रह्मानंद नाझलेकर 📔संजीव कृष्ण गंगाधर दीक्षित 📗संजीवनी संजीवनी मराठे 📓सरस्वतीकंठाभरण दिनकर नानाजी शिंदे 📙साधुदास गोपाळ गोविंद मुजुमदार/पाटणकर 📕साने गुरुजी पांडुरंग सदाशिव साने 📔सांवतामाळी सांवता परसूबा माळी 📔सुधांशु हणमंत नरहर जोशी 📒सुहृद्चंपा पुरुषोत्तम शिवराम रेगे 📔सौमित्र किशोर कदम 📓विश्वसुत एकनाथ विश्वनाथ पवार 📔स्वरूपानंद रामचंद्र विष्णू गोडबोले 📙हरिबुवा हरिबुवा शिंपी (हरीबोवा केरेश्वर भोंडवे) 📙होनाजी होनाजी सयाजी शेलारखाने 📓📓 📖📙📰🗞✒📝✏🔍🔏📚📖💳 सर्वत्र शेअर करा..आपल्या नव्या पिढिना माहित असू द्या.
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महत्वपूर्ण यादी....खास आपल्या ग्रुपसाठी ✒✒✒✒✒✒✒ टोपणनावाने लिहिणारे मराठी साहित्यिक, गद्यलेखक, कवी जुन्या अन् नव्या कालखंडातील काही नामवंत... 4G पर्यंतची मराठी वाङमयीन झेप... 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 📓अकिंचन वासू. ग. मेहेंदळे 📔अनंततनय दत्तात्रेय अनंत आपटे 📔अनंतफंदी अनंत भवानीबावा घोलप 📙अनंतसुत विठ्ठल, कावडीबाबा विठ्ठल अनंत पिंपळगावकर 📔अनिल आत्माराम रावजी देशपांडे 📔अनिल भारती शान्ताराम पाटील 📒अशोक (कवी) नारायण रामचंद्र मोरे 📘अज्ञातवासी दिनकर गंगाधर केळकर 📔आधुनिक नीळकंठ बळवंत ऊर्फ बापूसाहेब भवाळकर 📘आनंद विनायक लक्ष्मण बरवे 📘आनंदतनय गोपाळ आनंदराव देशपांडे 📓इंदिरा इंदिरा संत 📓इंदुकांत दिनकर नानाजी शिंदे 📕उदासी/हरिहरमहाराज नीलकंठ रामकृष्ण पाळंदे 📙उद्धवचिद्धन/उद्धवचैतन्य/उधोबाबा/ उद्धव xxxx कोकिळ 📗एकनाथ, एकाजनार्दन एकनाथ सूर्यनारायण पैठणकर 📒कलापी, बालकवी त्र्यंबक बापूजी ठोंबरे 📓कवीश्वरबास भानूभट/भास्करभट्ट xxxx बोरीकर 📙कावडीबाबा/अनंतसुत विठ्ठल विठ्ठल अनंत पिंपळगावकर 📙कांत वा.रा. कांत 📓काव्यशेखर भास्कर काशीनाथ चांदूरकर 📓किरात/भ्रमर कृष्णाजी लक्ष्मण सोमण 📙कुंजविहारी हरिहर गुरुनाथ सलगरकर 📗कुमुदबांधव स.अ. शुक्ल 📓कुसुमाग्रज विष्णू वामन शिरवाडकर 📙कृष्णकेशव अनुपलब्ध 📓कृष्णाग्रज अनुपलब्ध 📘केशवकुमार प्रल्हाद केशव अत्रे उर्फ आचार्य अत्रे 📒केशवसुत कृष्णाजी केशव दामले 📘केशवसुत नारायण केशव बेहेरे 📕के.स.रि. केशव सदाशिव रिसबूड 📙कोणीतरी नरहर शंकर रहाळकर 📓गिरीश शंकर केशव कानेटकर 📙गोपिकातनया कु.द्वारका हिवरगावकर(सौ.मनोरमा श्रीधर रानडे) 📓गोपीनाथ गोपीनाथ तळवलकर 📒गोमा गणेश गणेश कृष्ण फाटक 📙गोविंद गोविंद दत्तात्रय दरेकर 📘गोविंदपौत्र श्रीधर व्यंकटेश केतकर 📓गोविंदप्रभु गुंडम अनंतनायक राऊळ 📙गोविंदाग्रज राम गणेश गडकरी 📓ग्रेस माणिक सीताराम गोडघाटे 📒चक्रधर श्रीचांगदेव राऊळ 📓चंद्रशेखर चंद्रशेखर शिवराम गोऱ्हे 📕चेतोहर परशुराम नारायण पाटणकर 📗जगन्नाथ जगन्नाथ धोंडू भांगले 📘जगन्मित्र रेव्हरंड नारायण वामन टिळक 📗जननीजनकज पु.पां गोखले 📓टेंबे स्वामी/वासुदेवानंद सरस्वती वासुदेव गणेश टेंबे 📗ढोलीबुवा/महीपतिनाथ सखाराम केरसुण 📙दत्त दत्तात्रय कोंडो घाटे 📓दया पवार दगडू पवार 📕दा.ग.पा. दामोदर गणेश पाध्ये 📔दासोपंत/ दिगंबरानुचर दासो दिगंबर देशपांडे 📕दित्जू/माधव जूलियन माधव त्र्यंबक पटवर्धन 📘नारायणसुत श्रीपाद नारायण मुजुमदार 📒निरंजन वसंत सदाशिव बल्लाळ 📓निशिगंध रा.श्री. जोग 📓निळोबा निळा मुकुंद पिंपळनेरकर 📙नीरजा नीरजा साठे 📓नृसिंहसरस्वती नरहरी माधव काळे 📘पठ्ठे बापूराव श्रीधर कृष्ण कुलकर्णी (रेठरेकर) 📓पद्मविहारी रघुनाथ गणेश जोशी 📔पद्मा पद्मा गोळे 📓पी.सावळाराम निवृत्तिनाथ रावजी पाटील 📓पुरु.शिव. रेगे पु.शि. रेगे 📘पूर्णदास बाबा उपसकर-राजाध्यक्ष 📒प्रभाकर शाहीर प्रभाकर जनार्दम दातार 📙बहिणाबाई बहिणाबाई नथूजी चौधरी 📕(संत) बहिणाबाई कु.बहिणा आऊदेव कुळकर्णी (सौ.बहिणा रत्नाकर पाठक) 📓बाबा आमटे मुरलीधर देवीदास आमटे 📕बाबुलनाथ विनायक श्यामराव काळे 📓बालकवी/कलापि त्र्यंबक बापूजी ठोंबरे 📗बाळा बाळा कारंजकर 📒बी; B बाळकृष्ण अनंत भिडे 📙बी; BEE नारायण मुरलीधर गुप्ते 📗बी रघुनाथ/फुलारी भगवान रघुनाथ कुळकर्णी 📙बोधलेबुवा माणकोजी भानजी जगताप 📓भगवानकवि भवान रत्नाकर कर्‍हाडकर 📗भानजी भास्कर त्रिंबक देशपांडे 📕भानुदास/मामळूभट भानुदास पैठणकर(एकनाथांचे पणजोबा) 📓भावगुप्तपद्म पांडुरंग गोविंदशास्त्री पारखी 📗भावशर्मा के.(केशव) नारायण काळे 📕भालेंदु भालचंद्र/गुलाबराव सीताराम सुकथनकर 📒भ्रमर/किरात कृष्णाजी लक्ष्मण सोमण 📓मंदार एकनाथ पांडुरंग रेंदाळकर 📕मध्वमुनीश्वर त्रिंबक नारायणाचार्य ( आडनाव अनुपलब्ध) 📒मनमोहन गोपाळ नरहर उर्फ मनमोहन नातू 📙मनोहरबंधू भास्कर कृष्ण उजगरे 📓महिपती महिपती दादोपंत कांबळे-ताहराबादकर 📘महीपतिनाथ/ढोलीबुवा सखाराम केरसुणे 📙माणिक/माणिकप्रभू माणिक मनोहर नाईक, 📗माधव माधव केशव काटदरे 📒माधव जूलियन, माधव त्र्यंबक पटवर्धन 📕माधव मिलिंद कॅ. मा.कृ. शिंदे 📗माधवसुत दामोदर माधव कुळकर्णी 📗माधवानुज काशीनाथ हरी मोडक 📕मीरा मीरा तारळेकर 📓मुकुंदराय मुकुंद गणेश मिरजकर 📓मुक्ताबाई/मुक्ताई मुक्ता विठ्ठलपंत कुळकर्णी 📔मुक्तिबोध शरच्चंद्र माधब मुक्तिबोध 📓मुक्तेश्वर मुक्तेश्वर चिंतामणी मुद्गल 📓मोरोपंत मोरेश्वर रामचंद्र पराडकर 📓यशवंत यशवंत दिनकर पेंढरकर 📓यशोधरा यशोधरा साठे 📒योगेश भालजी पेंढारकर 📗रंगनाथ स्वामी (निगडीकर) रंगनाथ बोपाजी घोडके 📓रघुनाथ पंडित रघुनाथ पंडित चंदावरकर 📙रमेश बाळ बाळ सीताराम मर्ढेकर 📓राजहंस यादव शंकर वावीकर
5 240
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म्हणी: 1. पी हळद हो गोरी – उतावळेपणा दाखविणे 2. मेल्याशिवाय स्वर्ग दिसत नाही – प्रत्यक्ष अनुभव घेतल्याशिवाय कळत नाही 3. बाप दाखव नाहीतर श्राद्ध कर – दोनपैकी एक पर्याय निवडणे 4. चार दिवस सासूचे चार दिवस सुनेचे – प्रत्येकाची वेळ कधीतरी येतेच 5. आंधळा मागतो एक डोळा देव देतो दोन डोळे – अपेक्षेपेक्षा जास्त प्राप्ती होणे 6. उंटावरचा शहाणा – मूर्ख सल्ला देणारा 7. अडला हरी गाढवाचे पाय धरी – अडचणीच्या वेळी मूर्खाचीही मनधरणी करावी लागते 8. नाचता येईना अंगण वाकडे – स्वत:स चांगले काम येत नसणारा दुसऱ्याचे दोष काढतो 9. तोंड दाबून बुक्क्यांचा मार – विनाकारण जुलूम सहन करावा लागणे 10. नावडतीचे मीठ अळणी – नावडत्याने काही चांगले केले तरी आवडत नाही 11. अंथरूण पाहून पाय पसरावे – ऎपत पाहून खर्च करवा 12. छत्तीसाचा आकडा – विरुद्ध मत असणे 13. तेरड्याचा रंग तीन दिवस – एखादे कार्य थोडे दिवस जोरात चालून एकदम बंद पडणे 14. दुष्काळात तेरावा महिना – संकटात अधिक भर 15. नव्याचे नऊ दिवस – नवेपणा असतानाचे कौतुक नंतर टिकत नही 16. एका हाताने टाळी वाजत नाही – दोष दोन्हीकडे असतो 17. पालथ्या घड्यावर पाणी – सर्व प्रयत्न निरुपयोगी ठरणे 18. वासरात लंगडी गाय शहाणी – अडाणी लोकात अल्प ज्ञान असणारा शहाणा ठरतो 19. रात्र थोडी सोंगे फार – काम भरपूर, वेळ कमी 22. अति शहाणा त्याचा बैल रिकामा – अति शहाणपणाने नुकसान होते 21. शेरास सव्वाशेर – प्रतिपक्षापेक्षा श्रेष्ठ 22. नाकाचा बाल – अत्यंत प्रिय व्यक्ती 23. नाकापेक्षा मोती जड होणे – डोईजड होणे 24. आई जेवू घालीना बाप भीक मागू देईना – दोन्ही बाजूंनी अडचण 25. कामापुरता मामा – काम साधण्यापुरते गोड बोलणे 26. आधी पोटोबा मग विठोबा – अगोदर पोट भरावे मग देवास आळवावे 27. काखेत कळसा गावाला वळसा – वस्तू स्वत:पाशी असून शोधत राहणे 28. झाकली मूठ सव्वा लाखाची – दुर्गुण असले तरी प्रकट करू नये.
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सर्वांना गणेश चतुर्थीच्या हार्दिक शुभेच्छा 🥳
सर्वांना गणेश चतुर्थीच्या हार्दिक शुभेच्छा 🥳
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📢 Preference Link: 11 सप्टेंबर ते 17 सप्टेंबर 2026 माझ्या सर्व MPSC बांधवांना आणि भगिनींना मनपासून एक नम्र विनंती आहे. जर तु
📢 Preference Link: 11 सप्टेंबर ते 17 सप्टेंबर 2026 माझ्या सर्व MPSC बांधवांना आणि भगिनींना मनपासून एक नम्र विनंती आहे. जर तुमची अगोदरच एखाद्या पदावर निवड झाली असेल आणि तुम्हाला Clerk पदाची आवश्यकता नसेल, तर कृपया No Preference देण्याचा विचार करा. ✅ अगोदरच चांगल्या पदावर निवड झाली असेल आणि Clerk पद नको असेल → No Preference द्या. ✅ अगोदरच पदावर आहात, पण Clerk मधील एखादे विशिष्ट पद तुम्हाला हवे असेल → फक्त त्या पदालाच Preference द्या. ❌ गरज नसलेल्या सर्व पदाला No Preference देऊन एखाद्या गरजू उमेदवाराची संधी कमी होऊ नये, हीच नम्र अपेक्षा.
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6. केव्हा-केव्हा अव्यय नामाचे कार्य करतात. उदा.     आमच्या क्रिकेटपटूंची वाहवा झाली.त्याच्या बोलण्यात परंतुचा वापर फार होतो.नापास झाल्यामुळे त्याची छी-थू झाली.वरील वाक्यामध्ये केवलप्रयोगी अव्यये ही नामाची कार्य करतात. नियम: 7. धातू-साधिते केव्हा-केव्हा नामाचे कार्ये करते. उदा.     ज्याला कर नाही त्याला डर कसली.गुरुजींचे वागणे मोठे प्रेमळ असते.ते ध्यान पाहून मला हसू आले.देणार्या ने देत जावे.वरील उदाहरणांवरून असे दिसून येते की, सामान्यपणे, विशेषनामे व भववाचकनामे ही एकमेकांचे कार्य करतांना आढळतात. तसेच विशेषणे, अव्यय, धातुसाधिते यांचा वापरसुद्धा नामांसारखा करण्यात येतो.       
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नाम व त्याचे प्रकार : प्रत्येक्षात असणार्याव किंवा कल्पनेने जाणलेल्या वस्तूंना किंवा त्यांच्या गुणधर्मांना दिलेल्या नावाला नाम असे म्हणतात.  उदा. टेबल, कागद, पेन, साखर, अप्सरा, गाडी, खरेपणा, औदार्थ, देव, स्वर्ग, पुस्तक इ. नामाचे प्रकार : नामाचे एकूण 3 मुख्य प्रकार पडतात. सामान्य नाम एकाच जातीच्या पदार्थातील समान गुण धर्मामुळे त्या वस्तूचे जे सर्वसामान्य नाव दिले जाते त्याला सामान्य नाम असे म्हणतात.  उदा. मुलगा, मुलगी, घर, शाळा, पुस्तक, नदी, शहर, साखर, पाणी, दूध, सोने, कापड, सैन्य, वर्ग इ.  (सामान्य नाम हे जातीवाच असते, काही विशिष्ट नामांचेच अनेकवचन होते. मराठीमध्ये पदार्थवाचक, समुहवाचक नाम हे सामान्य नामच समजले जाते.) विशेष नाम   ज्या नामाने जातीचा बोध होत नसून त्या जातीतील एका विशिष्ट व्यक्तीचा, वस्तूचा किंवा प्राण्याचा बोध होतो त्यास विशेष नाम असे म्हणतात.  उदा. राम, आशा, हिमालय, गंगा, भारत, धुळे, मुंबई, दिल्ली, सचिन, अमेरिका, गोदावरी इ.  (विशेषनाम हे व्यक्तिवाचक असते, विशेषनामाचे अनेकवचन होत नाही आल्यास सामान्य नाम समजावे.)  उदा. या गावात बरेच नारद आहेत.सामान्य नामविशेषनाम      नदीगंगा, सिंधू, तापी, नर्मदा, गोदावरीपर्वतहिमालय, सहयाद्री, सातपुडामुलगास्वाधीन, हिमांशू, लक्ष्मण, कपिल, भैरवमुलगीमधुस्मिता, स्वागता, तारा, आशा, नलिनीशहरनगर, पुणे, दिल्ली, मुंबई, कोल्हापूर भाववाचक नाम ज्या नामाने प्राणी किंवा वस्तु यांच्यामध्ये असलेल्या गुण, धर्म, किंवा भाव यांचा बोध होतो. त्याला भाववाचक नाम असे म्हणतात.  उदा. धैर्य, किर्ती, चांगुलपणा, वात्सल्य, गुलामगिरी, आनंद इ.  (पदार्थाच्या गुणाबरोबरच स्थिति किंवा क्रिया दाखविणार्यां नामांना भाववाचक नाम असे म्हणतात.  उदा. धाव, हास्य, चोरी, उड्डाण, नृत्य ही क्रियेला दिलेली नावे आहेत. वार्धक्य, बाल्य, तारुण्य, मरण हे शब्द पदार्थाची स्थिती दाखवितात.) भाववाचक नामे साधण्याचे प्रकार : सामान्यनामे व विशेषनामे यांना आई, ई, की, गिरी, ता, त्व, पण, पणा, य, या यासारखे प्रत्यय लावून नामे तयार होतात ती खालीलप्रमाणेशब्दप्रत्ययभाववाचक नामइतर उदाहरणे  नवल  श्रीमंत  पाटील  गुलाम  शांत  मनुष्य  शहाणा  सुंदर  गोड आई   ई   की   गिरी   ता   त्व   पण, पणा   य   वा नवलाई  श्रीमंती  पाटीलकी  गुलामगिरी  शांतता  मनुष्यत्व  शहाणपण, पणा  सौदर्य  गोडवा खोदाई, चपडाई, दांडगाई, धुलाई  गरीबी, गोडी, लबाडी, वकिली  आपुलकी, भिक्षुकी  फसवेगिरी, लुच्चेगिरी  क्रूरता, नम्रता, समता  प्रौढत्व, मित्रत्व, शत्रुत्व  देवपण, प्रामाणिकपणा, मोठेपण  गांभीर्य, धैर्य, माधुर्य, शौर्य  ओलावा, गारवा नामाचे कार्य करणारे इतर शब्द : नाम, सर्वनाम, विशेषण, ही जी नावे शब्दांच्या जातीला दिली जातात, ती त्यांच्या त्या त्या वाक्यातील कार्यावरून दिली जातात तीच गोष्ट येथेही लक्षात ठेवावयास हवी, सामान्यनाम, विशेषनाम, भाववाचकनाम ही नावे देखील नामांच्या विशिष्ट कार्यावरून दिली गेली आहेत. अशाच पद्धतीने नामांच्या कार्यावरून त्यांचे काही नियम आहेत ते खालीलप्रमाणे नियम: 1. केव्हा-केव्हा सामान्यनाम हे विशेषनामांचे कार्य करतात. उदा.     आत्ताच मी नगरहून आलो.शेजारची तारा यंदा बी.ए. झाली.वरील वाक्यामध्ये वापरली गेलेली नगर कोणतेही शहर, तारा(नक्षत्र) ही मुळीच सामान्यनामे आहेत परंतु येथे ती विशेषनामे म्हणून वापरली गेलेली आहेत. नियम: 2. केव्हा-केव्हा विशेषनाम सामान्य नामाचे कार्य करतात. उदा.     तुमचा मुलगा कुंभकर्णच दिसतो.आमचे वडील म्हणजे जमदग्नि आहेत.आम्हाला आजच्या विधार्थ्यात सुदाम नकोत भीम हवेत.वरील वाक्यांत कुंभकर्ण, जमदग्नि, सुदाम, भीम गे मुळची विशेषनामे आहेत. पण येथे कुंभकर्ण अतिशय झोपाळू, जमदग्नि =अतिशय रागीट मनुष्य, सुदाम=अशक्त मुलगे व भीम=सशक्त मुलगे या अर्थाने वापरली आहेत. म्हणजे मुळची विशेषनामे वरील वाक्यांत सामान्य नामांचे कार्य करतात. नियम: 3. केव्हा-केव्हा भाववाचक नामे विशेषनामांचे कार्य करते. उदा.     शांती ही माझ्या बहिणीची मुलगी.विश्वास परीक्षेत उत्तीर्ण झाला.माधुरी उधा मुंबईला जाईल.वरील वाक्यात अधोरेखित केलेली शब्दे ही मुळची भाववाचक नामे आहेत. पण याठिकाणी त्यांचा वापर विशेषणामासारखा केला आहे. नियम: 4. विशेषनामाचे अनेकवचन होत नाही झाल्यास त्यांना सामान्यनाम म्हणतात. उदा.     आमच्या वर्गात तीन पाटील आहेत.या गावात बरेच नारद आहेत.माझ्या आईने सोळा सोमवारांचे व्रत केले.विशेषनामाचे अनेकवचन होत नाही पण वरील वाक्यात विशेषनामे अनेकवचनी वापरलेली दिसतील या वाक्यातील विशेषनामे म्हणून वापरली आहेत. नियम: 5. विशेषण केव्हा-केव्हा नामाचे कार्य करतात. उदा.     शहाण्याला शब्दांचा मार.श्रीमंतांना गर्व असतो.जातीच्या सुंदरांना काहीही शोभते.जगात गरीबांना मान मिळत नाही.वरील वाक्यात विशेषण ही नामासारखी वापरली आहेत. नियम:
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महाराष्ट्र गट-क सेवा मुख्य परीक्षा २०२५ - लिपिक टंकलेखक नियुक्ती प्राधिकारीनिहाय पसंतीक्रम सादर करणे बाबत प्रसिद्धीपत्रक✅
महाराष्ट्र गट-क सेवा मुख्य परीक्षा २०२५ - लिपिक टंकलेखक नियुक्ती प्राधिकारीनिहाय पसंतीक्रम सादर करणे बाबत प्रसिद्धीपत्रक✅
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०१४/२०२६ महाराष्ट्र गट-क सेवा मुख्य परीक्षा २०२५ - लिपिक टंकलेखक या संवर्गाची सर्वसाधारण गुणवत्ता यादी
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#मराठी_साहीत्यातील_महत्वाच्या_कादंबऱ्या . 1.ययाती------- वि.स.खांडेकर 2.गारंबीचा बापू--श्री ना पेंडसे 3. रथचक्र------श्री ना पेंडसे 4. शितू-------- गो.नी.दांडेकर 5. बनगरवाडी-- व्यंकटेश मांडगूळकर 6. फकिरा------अण्णाभाऊ साठे 7. स्वांमी ------रणजित देसाई 8. श्रीमान योगी-रणजित देसाई 9. कोसला------भालचंद्र नेमाडे 10. कोंडूरा-----शिवाजीराव सावंत 11. झुंज-------ना.स.इनामदार 12. आनंदी गोपाळ--श्री.ज.जोशी 13. माहीमची खाडी--मधु मंगेश कर्णिक 14. गोतावळा-------आनंद य़ादव 15. पाचोळा--------रा.रं.बोराडे 16. मुंबई दिनांक----अरुण साधु 17. सिंहासन-------अरुण साधु 18. गांधारी---------ना.धो.महानोर 19.वस्ती वाढते आहे-भा.ल.पाटील 20. थँक यू मिस्टर ग्लाड---अनिल बर्वे 21. घर गंगेच्या काठी------ज्योत्स्ना देवध रे22. वस्ती--------------- महादेव मोरे 23. पवनाकाठचा धोंडी ----गो.नी.दांडेकर 24. सावित्री------------- पु.शी.रेगे 25. बॅरिस्टर------------ जयवंत दळवी 26. श्यामची आई---------सानेगुरुजी 27. आस्तीक ----------- साने गुरुजी 28. अकुलिना------------पु.भा.भावे 29. आकाशाची फळे------ग.दि.मांडगूळकर 30. काळेपाणी-----------वि.दा.सावरकर 31. मृण्मयी-------------गो.नी.दांडेकर 32. पडघवली-----------गो.नी.दांडेकर 33. अमृतवेल-----------वि.स.खांडेकर.
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भावपूर्ण श्रद्धांजली 🙏 MPSC ची तयारी करणाऱ्या परांडा तालुक्यातील (जि. धाराशिव) विद्यार्थी प्रथमेश देशमुख याने पुण्यात आत्महत
भावपूर्ण श्रद्धांजली 🙏 MPSC ची तयारी करणाऱ्या परांडा तालुक्यातील (जि. धाराशिव) विद्यार्थी प्रथमेश देशमुख याने पुण्यात आत्महत्या केल्याची घटना अत्यंत दुःखद आहे. 🙏 स्पर्धा परीक्षा विद्यार्थ्यांना मनापासून विनंती… ज्या आईने स्वतः उपाशी राहून आपल्याला घास भरवला, ज्या वडिलांनी स्वतःची सुखं बाजूला ठेवून आपल्याला शिकवलं, त्यांच्या स्वप्नांना कदाचित आज आपण पूर्ण करू शकलो नसलो, तरी त्यांना आपलं यश नाही, सर्वात आधी आपलं आयुष्य हवं आहे. आयुष्यात दुःख, समस्या आणि आव्हाने प्रत्येकाच्या वाट्याला येतात. वाईट काळ कायम राहत नाही; त्यानंतर चांगला काळ नक्की येतो. म्हणून कोणत्याही क्षणी संयम सोडू नका. मनात काही असेल तर आई-वडील, मित्र, नातेवाईक, शिक्षक किंवा आमच्याशी मोकळेपणाने बोला. प्रत्येक समस्येवर मार्ग असतो… पण त्यासाठी तुम्ही असणं गरजेचं आहे. 🙏 कृपया कोणतेही टोकाचे पाऊल उचलू नका.सदैव तुमच्या सोबत… ❤️ जिस माँ ने आँसू छुपाकर हमें हँसाया, जिस पिता ने अपना सुख हम पर लुटाया… उनके जीते-जी खुद को मत हराना...
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मुंबईचे नगरपाल कार्यालयातील बेलीफ व लिपिक गट क स्पर्धा परीक्षा २०२६ - प्रश्नपत्रिका Paper 1 ✅ मराठी व इंग्रजी
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PSI मुख्य 2025 Cutoff 🔥 Open General - 278 Open Female - 257.50
PSI मुख्य 2025 Cutoff 🔥 Open General - 278 Open Female - 257.50
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जाहिरात क्रमांक ०१०/२०२६ महाराष्ट्र गट-ब अराजपत्रित सेवा संयुक्त मुख्य परीक्षा २०२५ - पोलीस उप निरीक्षक मैदानी चाचणीसाठी पात्र उमेदवारांची यादी.
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ंवा शब्दांच्या पुढे एक किंवा अधिक अक्षरे लावून प्रत्यय तयार होतात व तयार होणार्‍या शब्दांना 'प्रत्ययघटित शब्द' असे म्हणतात.* उदा. जनन, जनक, जननी, जनता इ. वरील शब्दांना न,क, नी ता ही प्रत्यय लागलेली आपल्याला दिसतात असे प्रत्यय लावून तयार होणार्‍या शब्दांना 'प्रत्ययघटित शब्द' असे म्हणतात. *क) अभ्यस्त शब्द—* *एखाधा शब्दांत एका शब्दाची अथवा काही अक्षरांनी पुनरावृत्ती झालेली असते. अशा शब्दांना 'अभ्यस्त शब्द' असे म्हणतात. अभ्यसतचा अर्थ दुप्पट करणे असा होतो.* उदा. आतल्या आत, शेजरीपाजारी, किरकिर इ. *अभ्यस्त शब्दांचे खलील 3 प्रकार पडतात.* *i) पूर्णाभ्यस्त* *ii) अंशाभ्यस्त* *iii) अनुकरणवाचक* *i) पूर्णाभ्यस्त शब्द—* *एक पूर्ण शब्द जेव्हा पुन्हा येऊन जोडशब्द तयार होतो त्याला पूर्णाभ्यस्त शब्द असे म्हणतात.* उदा. बारीक बारीक, कळाकाळा, आतल्या आत, हळहळ, वटवट, कळकळ, मळमळ, बडबड, समोरासमोर, हळूहळू, पुढेपुढे, पैसाच पैसा, मजाच मजा, हिरवेहिरवे इ. *ii) अंशाभ्यस्त शब्द—* *जेव्हा पूर्ण शब्द हा जोडशब्दात जशाच्या तसा पुन्हा येतो एखादे अक्षर बदलून येतो तेव्हा त्या जोडशब्दांना अंशाभ्यस्त शब्द असे म्हणतात.* उदा. अदलाबदल, उलटसुलटा, शेजारीपाजारी, बारीकसारीक, लाडीगोडी, सोक्षमोक्ष, जिकडेतिकडे, गोडधोड, गडबड, जाळपोळ, दगडबिगड, किडूकमिडूक, घरबीर इ. *iii) अनुकरणवाचक शब्द—* *ज्या शब्दांमध्ये एखाधा ध्वनिवाचक शब्दांची पुनरावृत्ती झालेली असते, अशा शब्दांना अनुकरणवाचक/नादानुकारी शब्द असे म्हणतात.* उदा. किरकिर, खडखडाट, रिमझिम, गुणगुण, घणघण, कडकडाट, टिकटिक, गडगड इ. *ड) सामासिक शब्द—* *जेव्हा दोन किंवा अधिक शब्द एकमेकांमधील परस्पर संबंधामुळे एकत्र येऊन तयार होणार्‍या शब्दाला 'सामासिक शब्द' असे म्हणतात.* उदा. पोळपाट, देवघर, दारोदार इ.
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*मराठी व्याकरण* *शब्दसिद्धी व त्याचे प्रकार* *शब्द कसा तयार झाला आहे, म्हणजे सिद्ध कसा झाला आहे यालाच 'शब्दसिद्धी' असे म्हणतात.* *शब्दांचे खालील प्रकार पडतात.* *तत्सम शब्द :* जे संस्कृत शब्द मराठी भाषेत जसेच्या तसे काहीही बादल न होता आले आहेत त्यांना *'तत्सम शब्द'* असे म्हणतात. *उदा.* राजा, भूगोल, चंचू, पुष्प, परंतु, भगवान, कर, पशु, अंध, जल, दीप, पृथ्वी, तथापि, कवि, वायु, भीती, पुत्र, अधापि, मति, पुरुष, शिशु, गुरु, मधु, गंध, पिता, कन्या, वृक्ष, धर्म, सत्कार, समर्थन, उत्सव, विद्वान, संत, निस्तेज, कर, जगन्नाथ, दर्शन, उमेश, स्वामि, मंदिर, तिथी, सूर्य, स्वल्प, घृणा, पिंड, कलश, प्रात:क, दंड, पत्र, ग्रंथ, उत्तम, आकाश पाप, मंत्र, शिखर, सूत्र, कार्य, होम, गणेश, सभ्य, कन्या, देवर्षि, वृद्ध, संसार, प्रीत्यर्थ, कविता, उपकार, परंतु, गायन, अश्रू, प्रसाद, अब्ज, राजा, संमती, घंटा, पुण्य, बुद्धी, अभिषेक, संगती, श्रद्धा, प्रकाश, सत्कार, देवालय, तारा, समर्थन, नयन, उत्सव, दुष्परिणाम, नैवेध. *तदभव शब्द :* *जे शब्द संस्कृत मधून मराठीमध्ये येतांना त्यांच्या मूळ रूपात काही बदल होतो त्या शब्दांना 'तदभव शब्द' असे म्हणतात.* *उदा.* घर, पाय, भाऊ, सासू, सासरा, गाव, दूध, घास, कोवळा, ओळ, काम, घाम, घडा, फुल, आसू, धुर, जुना, चाक, आग, धूळ, दिवा, पान, वीज, चामडे, तहान, अंजली, चोच, तण, माकड, अडाणी, उधोग, शेत, पाणी, पेटी, विनंती, ओंजळ, आंधळा, काय, धुर, पंख, ताक, कान, गाय. *देशी/देशीज शब्द :* *महाराष्ट्रातील मूळ रहिवाशांच्या बोलीभाषेमधील वापरल्या जाणार्‍या शब्दांना 'देशी शब्द' असे म्हणतात.* *उदा.* झाड, दगड, धोंडा, घोडा, डोळा, डोके, हाड, पोट, गुडघा, बोका, रेडा, बाजारी, वांगे, लुगडे, झोप, खुळा, चिमणी, ढेकूण, कंबर, पीठ, डोळा, मुलगा, लाजरा, वेढा, गार, लाकूड, ओटी, वेडा, अबोला, लूट, अंघोळ, उडी, शेतकरी, आजार, रोग, ओढा, चोर, वारकरी, मळकट, धड, ओटा, डोंगर. *परभाषीय शब्द :* *संस्कृत व्यतिरिक्त इतर भाषांमधून मराठीत आलेल्या शब्दांना 'परभाषीय शब्द' असे म्हणतात.* *1) तुर्की शब्द* कालगी, बंदूक, कजाग *2) इंग्रजी शब्द* टी.व्ही., डॉक्टर, कोर्ट, पेन, पार्सल, सायकल, स्टेशन, हॉस्पिटल, बस, फाईल, रेल्वे, पास, ब्रेक, कप, मास्तर, फी, बॉल, स्टॉप, ऑफिस, एजंट, टेलिफोन, सिनेमा, सर्कस, पॅंट, बॅट, पोस्ट, तिकीट, ड्रायव्हर, मोटर, कंडक्टर, नंबर, टीचर, सर, मॅडम, पेपर, नर्स, पेशंट, इंजेक्शन, बटन ड्रेस, ग्लास, इत्यादी. *3) पोर्तुगीज शब्द* बटाटा, तंभाखू, पगार, बिजागरी, कोबी, हापूस, फणस, घमेले, पायरी, लोणचे, मेज, चावी, तुरुंग, तिजोरी, काडतुस. *4) फारशी शब्द* रवाना, समान, हकीकत, अत्तर, अब्रू, पेशवा, पोशाख, सौदागार, कामगार, गुन्हेगार, फडवणीस, बाम, लेजीम, शाई, गरीब, खानेसुमारी, हजार, शाहीर, मोहोर, सरकार, महिना हप्ता. *5) अरबी शब्द* अर्ज, इनाम, हुकूम, मेहनत, जाहीर, मंजूर, शाहीर, साहेब, मालक, मौताज, नक्कल, जबाब, उर्फ, पैज, मजबूत, शहर, नजर, खर्च, मनोरा, वाद, मदत, बदल. *6) कानडी शब्द* हंडा, भांडे, अक्का, गाजर, भाकरी, अण्णा, पिशवी, खोली, बांगडी, लवंग, अडकित्ता, चाकरी, पापड, खलबत्ता, किल्ली, तूप, चिंधी, गुढी, विळी, आई, रजई, तंदूर, चिंच, खोबरे, कणीक, चिमटा, नथ, तांब्या, उडीद, पाट, गाल, काका, टाळू, गादी, खिडकी, गच्ची, बांबू, ताई, गुंडी, कांबळे. *7) गुजराती शब्द* सदरा, दलाल, ढोकळा, घी, डबा, दादर, रिकामटेकडा, इजा, शेट. *8) हिन्दी शब्द* बच्चा, बात, भाई, दिल, दाम, करोड, बेटा, मिलाप, तपास, और, नानी, मंजूर, इमली. *9) तेलगू शब्द* ताळा, अनरसा, किडूकमिडूक, शिकेकाई, बंडी, डबी. *10) तामिळ शब्द* चिल्ली, पिल्ली, सार, मठ्ठा. *सिद्ध व सधीत शब्द :* *1) सिद्ध शब्द—* *भाषेत जे शब्द मुळात धातू असतात त्यांना 'सिद्ध शब्द' असे म्हणतात.* उदा. ये, जा, खा, पी, बस, उठ, कर, गा इत्यादी. *सिद्ध शब्दांचे 3 प्रकार पडतात.* *अ) तत्सम* *ब) तदभव* *क) देशी (यांचा अभ्यास आपण यापूर्वी केला आहे)* *2) साधीत शब्द—* *सिद्ध शब्दाला म्हणजेच धातूच्या पूर्वी उपसर्ग किंवा नंतर प्रत्यय लागून 'साधित शब्द' तयार होतो.* *साधित शब्दांचे पुढील 4 प्रकार पडतात* *अ)उपसर्गघटित* *ब) प्रत्ययघटित* *क) अभ्यस्त* *ड) सामासिक* *अ) उपसर्गघटित शब्द—* *शब्दाच्या पूर्वी जी अक्षरे जोडली जातात त्यांना उपसर्ग असे म्हणतात. तसेच अशी अक्षरे जोडून जे शब्द तयार होतात त्या शब्दांना 'उपसर्ग घटित शब्द' असे म्हणतात.* उदा. अनुभव, अपयश, अधिकार, अवगुण अधिपती, उपहार, आकार, साकार, प्रतिकार, प्रकार इ. वरील शब्दांमध्ये अनु. अप, अधि, अव, अधि, उप, आ, सा, प्रति,प्रइ. उपसर्ग लागलेली आपल्याला दिसतात. असे उपसर्ग लागून तयार होणार्‍या शब्दांना उपसर्ग घटित शब्द असे म्हणतात *ब) प्रत्ययघटित शब्द—* *धातूच्या कि
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1. स्पर्श व्यंजन : एकूण व्यंजन 25 आहेत.                  ज्याचा उच्चार करतांना फुफुसातील हवा तोंडावाटे बाहेर पडतांना टाळू, कंठ, मुर्धा, दात, व ओठ यांचा स्पर्श                  करून बाहेर निघते म्हणून त्यांना स्पर्श व्यंजन म्हणतात.                 उदा. क, ख, ग, घ, ड                     च, छ, ज, झ, त्र                     ट, ठ, ड, द, ण                     त, थ, द, ध, न                     प, फ, ब, भ, म      स्पर्श व्यंजनाचे तीन प्रकारात वर्गीकरण केले जाते. 1. कठोर वर्ण  2. मृदु वर्ण  3. अनुनासिक वर्ण  1. कठोर वर्ण - ज्या वर्णाचा उच्चार करण्यास जोर द्यावा लागतो त्यांना कठोर वर्ण असे म्हणतात.               उदा. क, ख                   च, छ                   ट, ठ                    त, थ                    प, फ 2. मृद वर्ण - ज्या वर्णाचा उच्चार सौम्यपणे होतो त्यांना मृद वर्ण असे म्हणतात.              उदा. ग, घ                 ज, झ                 ड, ढ                 द, ध                 ब ,भ 3. अनुनासिक वर्ण - ज्या वर्णाचा उच्चार त्याच्या उच्चार स्थानासोबत काही अंशी नाकातूनही केल्या जातो त्यास अनुनासिक असे म्हणतात.                    उदा. ड, त्र, ण, न, म      
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