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Hindi/Urdu Poems

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हां मैं सुंदर नहीं हूं और न ही हूं कोई धनी मैं तो बस एक टूटा और बिखरा हुआ सच हूं मुझे किसी से कोई सौदा नहीं करना होता मैं तो बस जाने अनजाने, इसमें फंस जाता हूं मैं कम हूं, ज्यादा हूं, जो हूं, जैसा हूं अपना हूं देखो मुझे, मैं कहां चल रहा, मैं तो बस चलवाया जा रहा हूं... 29/09/2026 ✍#RajashreePatra #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

एक तो तुम, जो ख़ुद शायरी हो, ऊपर से तुम्हारी शायरियाँ... तुम्हारा ये अंदाज़ नाजायज़ है, मेरे क़त्ल के तरीक़े और भी हैं।। #Bhagyashree #review 5 September 2026 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

मन बेचैन है बहुत, न जाने क्या होने को है, ख़ामोश है ये रात मगर, दिल कुछ कहने को है। बेवजह आँखों में नमी है, बेवजह दिल घबराता है, सब कुछ तो ठीक है फिर भी, कुछ अच्छा नहीं लगता है। न कोई ख़बर बुरी आई, न कोई अपना दूर हुआ, फिर क्यों ये दिल आज इतना, ख़ुद से ही मजबूर हुआ। शायद कोई अनहोनी नहीं, बस अपनों की याद सताती है, दूर रहकर कमाने वालों को, हर ख़ामोशी डराती है। मन बेचैन है बहुत, न जाने क्या होने को है… शायद दिल को घर की याद आई है, या कोई अपना बहुत याद आने को है। #arjunthakur #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

घर से दूर अपना घर था, फिर भी किराए के कमरे में रहना पड़ा, रोटी की खातिर अपनों से दूर रहना पड़ा। जिस आँगन में बचपन हँसता था कभी, उसी आँगन को अब तस्वीरों में देखना पड़ा। माँ की आवाज़ सुनकर भी गले लग न सके, बाप की खामोशी पढ़कर भी पास आ न सके। रिश्ते तो सारे आज भी वहीं हैं मेरे, बस रोज़गार के लिए हम उनके साथ रह न सके। लोग कहते हैं— “तुम तो अपने पैरों पर खड़े हो गए,” कोई ये नहीं पूछता कि कितनी रातें रोकर बड़े हो गए। एक छोटी-सी नौकरी के लिए क्या-क्या छोड़ आए, सुकून, नींद, त्योहार… और घर की वो शामें छोड़ आए। कमरा छोटा है, मगर ख़्वाब बहुत बड़े हैं, हम घर से दूर हैं… क्योंकि घर के लिए ही खड़े हैं। कभी लौटेंगे तो शायद सब वैसा ही होगा, माँ की वही दुआएँ, पिता का वही साया होगा… बस हम थोड़े बदल चुके होंगे— क्योंकि अपना घर छोड़कर कमाना, सिर्फ़ पैसे कमाना नहीं… ख़ुद को हर रोज़ थोड़ा-थोड़ा खोना होता है। #arjunthakur #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

दर्द के पतझड में... पतझड़ में उसका दिल टूटा है दिल टूटा है पतझड़ में उसका उसकी आवाज़ साफ-साफ सुनाई दे रही हैं उसका दर्द, उसका दर्द अश्कों का रास्ता ढूंढ रहा हैं आखों में जिसकी चाहत की तस्वीर थी उस चाहत का पता सदियों से खोज रहा है तन्हाई की लकीरें पतझड़ में दर्द की चिट्ठी पढ़ रही हैं नैनो में अश्रू का एकाकी पतझड़ दर्द की बरसात बनकर बरसे जा रहा है सूखे पत्तों की आवाज़ को बार-बार दिल से दर्द की सुबह में दोहरा रहा है कोई सुने या ना सुने कोई प्रश्न कोई उत्तर नहीं उसकी सिसकियाँ उसकी चाहत लापता हो गई सूखे पत्तों की सरसराहट में एक दर्द का शोर उसके शब्दों में… उसकी बातों का असर दिल के ज़र्रे ज़र्रे में … अश्क, आसू, नीर एक ही दवा उसके दर्द के तूफ़ानों के … दर्द के पतझड में... #anil #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

जब भी मैं मुस्कुराकर कहूँ कि "सब ठीक है", तो समझ जाना, कि टूटकर बिखरने से बस एक कदम दूर हूँ मैं। ये चेहरे की हँसी तो बस एक पर्दा है, अंदर से आंसुओं के समंदर के बेहद करीब हूँ मैं। #BidyaG #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

ये बेवकूफ़ लोग मुझे हँसता देख कर,, मुझ जैसी जिंदगी चाह रहे हैं..🤗 #shahid #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

अब किसी मोड़ पर उनका साया नहीं मिलता, जो कभी कहते थे कि हम से जुदा होना मुमकिन नहीं। फासले इतने बढ़ा लिए हैं उन्होंने खामोशी से, कि अब पुकारने पर भी कोई रास्ता नहीं मिलता। #BidyaG #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

मैं हर किसी की ख़ास हूँ, ऐसा ज़रूरी तो नहीं, हर कोई मुझे ख़ास बताए, मेरा अपना हो, ज़रूरी तो नहीं। तलाशती है नज़रें जिसे, वो हर चेहरा हो जाए अपना, हर महफ़िल में कोई हमसफ़र बन जाए, ज़रूरी तो नहीं। ज़रा सी बात पर किसी के, आँखें जो भर आती हैं, हर शख़्स मेरी इन आहों को समझे, ज़रूरी तो नहीं। कागज़ पर उतर आते हैं, दर्द जो दिल में पलते हैं, हर पढ़ने वाला इन लफ़्ज़ों को जाने, ज़रूरी तो नहीं। भीड़ में तन्हाई का ये मंज़र जो सहती हूँ, हर शख्स मेरा दर्द पहचाने, ज़रूरी तो नहीं। #BidyaG #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

अगर कभी मेरी याद आए, तो मेरी बचकानी बातें याद करना, मेरे पागलपन, मेरी ज़िद और मेरा बेवजह रूठना याद करना। मेरी छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा होना याद करना, मेरे लड़ने के अंदाज़ में छिपे अपनापन को याद करना। शायद मैं बुरी थी, शायद मुझसे गलतियाँ हुई होंगी, शायद मेरी वजह से किसी की आँखें भी नम हुई होंगी। पर कभी मेरे दिल का हाल भी समझने की कोशिश करना, मेरी हँसी के पीछे छिपे दर्द को भी महसूस करना। मैं जैसी थी, वैसी कभी किसी ने जाना ही नहीं, मेरे दिल में क्या था, यह किसी ने पहचाना ही नहीं। #BidyaG #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

इतनी देर क्या हुई,की तुम ओझल हो गए तुम्हे ढूंढते फिरते ,कभी सहरा कभी शहर #Parveen #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

कुछ ज़ख्म ऐसे हैं, जो कभी भर नहीं पाते, कुछ दर्द ऐसे हैं, जो किसी से कह नहीं पाते। हँसते हुए भी दिल में एक दर्द रहता है, चेहरे पर सुकून, पर मन बेचैन रहता है। मौत का नाम सुनकर अब डर नहीं लगता, जब दिल ही उदास हो, तो कुछ अच्छा नहीं लगता। कभी सोचती हूँ, ये दर्द कहीं खो जाए, दिल पर रखा हर बोझ धीरे-धीरे मिट जाए। मौत गले से लगाए और सुकून मिल जाए, इस दुनिया की उलझनों से ये मन मुक्त हो जाए। #BidyaG #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

SC/ST Act बनाया गया था सुरक्षा, भेदभाव और अत्याचार रोकने के लिए। इसका उद्देश्य केवल समानता है। मगर, कुछ लोग इसे ख़ैरात समझते हैं, आपसी बैर का हथियार समझते हैं। वे समझते हैं कि इसके इस्तेमाल से वे दुनिया को झुका देंगे, और करते हैं Act का दुरुपयोग। और, उन कुछ लोगों की वजह से बेवजह परेशान होते हैं मासूम लोग और असली पीड़ित, बेवजह बढ़ते हैं अदालतों के मामले। मुझे लगता है, जो लोग कहते हैं.. “हम पर सदियों से अत्याचार हुआ है,” और फिर करते हैं "ऐसा तुच्छ काम", उन्हें भी मिलना चाहिए कानून के अनुसार वही दंड, जो दिया जाता है एक "जातिवादी" को। #Bhagyashree #review 24 sep 2026 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

जो कल तक कहते थे, तुम जैसी ज़िंदगी मिल जाए, आज वही हर इल्जाम का खंजर दिल पर चलाए। प्यार न कबूला तो कसूरवार बना दिया, चरित्र पर हमारे जाने क्या-क्या सवाल उठा दिया। कहते हैं पत्थर दिल हैं हम, मक्कार और झूठे हैं, देख नहीं पाए वो कि अंदर से हम कितने टूटे हैं। गलती क्या थी मेरी, बस यही न कि भरोसा किया? खुद को सही साबित करने में, अपनों को खो दिया। अब जीने की ख्वाहिश भी नहीं, न मौत से डर लगता है, इस मतलबी दुनिया में हर शख्स बेगाना लगता है। चलो मान लिया, शायद हम ही गलत और नासमझ थे, पर सच तो यह है कि ये लोग कभी अपने थे ही नहीं। #BidyaG #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

प्रिय राहुल वेमुला, जब तुमने कहा था प्रशासन को... एडमिशन के समय, सभी दलित छात्रों को ज़हर और रस्सी मुहैया कराई जाएँ, तब, मुझे लगा था... जो तुम्हारे साथ हुआ, वह दोबारा कभी नहीं होगा और ये समाज, छात्रों की प्रतिभा देखेगा, न कि उनकी जाति। खैर, मैं ग़लत साबित हुई... आज जब, साहिल वाकोडे की आत्महत्या पर उसकी प्रतिभा से पहले... उसकी जाति देखी गई और मरणोपरांत उसे अपशब्द कहे गए, तब मुझे लगता है कि तुमने सही कहा था... अम्बेडकर को पढ़ने से पहले दलित छात्रों को ज़हर साथ रखना चाहिए। अब, मुझे डर लगता है अम्बेडकर और पेरियार को पढ़ने से और दया आती है दलित छात्रों पर, जिनका जन्म और मृत्यु दोनों अभिशाप जैसे हैं। #Bhagyashree #review 22 sep 2026 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

इंसान अक्सर अपनी लगाई हुई उम्मीदों से धोखा खाता है..🤗 #shahid #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

सच-सच कहो, क्या सच में ईश्वर है? अगर है, तो ये जाति-व्यवस्था क्यों? अगर सभी ब्रह्मा के अंश हैं, फिर ये शूद्र और अछूत क्यों? अब यह तर्क मत देना कि ब्रह्मा के पैर भी अछूत हैं। सच बताओ… जब सभी मनु-श्रद्धा के वंशज हैं, तो तुम्हें विभिन्न धर्मों से बैर क्यों? ये मत कहना कि उनका धर्म अलग है, क्योंकि इंसान वो भी है, तुम भी हो। बताओ… क्या सच में ईश्वर है? फिर अपने हक़ के लिए मरने वाला केवल इंसान ही क्यों? ईश्वर क्यों नहीं? ये तर्क मत देना कि कलियुग है... ईश्वर भी नियमों में जकड़ा हुआ है। बताओ… अगर वह है,तो फिर... शोषण, गरीबी, लाचारी, भुखमरी, शोक, रोग, अत्याचार, अपराध, मृत्यु क्यों है? इसके लिए कोई कथा मत सुनाना, कोई झूठा तर्क मत बताना। मुझे लगता है, ईश्वर कुछ नहीं.... केवल तुम्हारी कल्पना है, जिसका प्रयोग तुम सांत्वना देने या शोषण करने के लिए करते हो। #Bhagyashree #review 4 sep 2026 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

Ek tarfa hoti toh baat kch or hoti Sitam ye h ki izhar usne he kiaa thaa.. ❤️‍🩹🥀 #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

कुछ शब्द थे, जो दिल पर ऐसे लगे, जैसे अपने ही होकर कोई गैर बन गए। मेरे चरित्र पर सवाल उठाकर वो शायद आगे बढ़ गया, मगर वो शब्द मेरे अंदर कहीं ठहर गए। कभी लगता है, बस ये दर्द खत्म हो जाए, ये रात कटे और दिल फिर संभल जाए। अब मौत नहीं, बस इतना चाहती हूँ, जो टूट गया है मेरे अंदर, उसे फिर से जीने की वजह मिल जाए। #BidyaG #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

Lines....❤️‍🩹 ख्वाइशें दिल का साथ छोड़ गई ये अजीयत, बड़ी अजीयत है ...💔 लोग मशरूफ जानते हैं मुझे या मेरा ग़म ही मेरी फुर्सत है ...🥀✨ #review Jaun...🌸🌙✨ 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz