ch
Feedback
Hindi/Urdu Poems

Hindi/Urdu Poems

前往频道在 Telegram

Hindi/Urdu Poetry Collection. Adding some stories too :D Our Groups • @HindiPoetry@WritersClub Channels: • @ThePeepTimes@WritersCafe@CopywritersDesk@WritersDirectory More: 🌐 @tgWeBot | @BigBrandTree

显示更多
5 833
订阅者
-224 小时
-97
-5430
吸引订阅者
六月 '26
六月 '26
+38
在0个频道中
五月 '26
+67
在0个频道中
Get PRO
四月 '26
+79
在0个频道中
Get PRO
三月 '26
+57
在0个频道中
Get PRO
二月 '26
+71
在0个频道中
Get PRO
一月 '26
+126
在1个频道中
Get PRO
十二月 '25
+102
在1个频道中
Get PRO
十一月 '25
+78
在0个频道中
Get PRO
十月 '25
+96
在0个频道中
Get PRO
九月 '25
+94
在0个频道中
Get PRO
八月 '25
+99
在0个频道中
Get PRO
七月 '25
+82
在0个频道中
Get PRO
六月 '25
+83
在1个频道中
Get PRO
五月 '25
+111
在0个频道中
Get PRO
四月 '25
+70
在0个频道中
Get PRO
三月 '25
+89
在0个频道中
Get PRO
二月 '25
+90
在0个频道中
Get PRO
一月 '25
+131
在0个频道中
Get PRO
十二月 '24
+194
在0个频道中
Get PRO
十一月 '24
+109
在0个频道中
Get PRO
十月 '24
+150
在0个频道中
Get PRO
九月 '24
+194
在0个频道中
Get PRO
八月 '24
+193
在0个频道中
Get PRO
七月 '24
+235
在0个频道中
Get PRO
六月 '24
+199
在0个频道中
Get PRO
五月 '24
+192
在0个频道中
Get PRO
四月 '24
+185
在0个频道中
Get PRO
三月 '24
+198
在0个频道中
Get PRO
二月 '24
+193
在1个频道中
Get PRO
一月 '24
+211
在0个频道中
Get PRO
十二月 '23
+156
在0个频道中
Get PRO
十一月 '23
+134
在0个频道中
Get PRO
十月 '23
+155
在0个频道中
Get PRO
九月 '23
+177
在0个频道中
Get PRO
八月 '23
+106
在0个频道中
Get PRO
七月 '23
+113
在0个频道中
Get PRO
六月 '23
+90
在0个频道中
Get PRO
五月 '23
+108
在0个频道中
Get PRO
四月 '23
+91
在0个频道中
Get PRO
三月 '23
+100
在0个频道中
Get PRO
二月 '23
+93
在0个频道中
Get PRO
一月 '23
+120
在0个频道中
Get PRO
十二月 '22
+126
在0个频道中
Get PRO
十一月 '22
+88
在0个频道中
Get PRO
十月 '22
+85
在0个频道中
Get PRO
九月 '22
+105
在0个频道中
Get PRO
八月 '22
+100
在0个频道中
Get PRO
七月 '22
+179
在0个频道中
Get PRO
六月 '22
+76
在0个频道中
Get PRO
五月 '22
+94
在0个频道中
Get PRO
四月 '22
+91
在0个频道中
Get PRO
三月 '22
+87
在0个频道中
Get PRO
二月 '22
+66
在0个频道中
Get PRO
一月 '22
+113
在0个频道中
Get PRO
十二月 '21
+130
在0个频道中
Get PRO
十一月 '21
+130
在0个频道中
Get PRO
十月 '21
+124
在0个频道中
Get PRO
九月 '21
+176
在0个频道中
Get PRO
八月 '21
+155
在0个频道中
Get PRO
七月 '21
+179
在0个频道中
Get PRO
六月 '21
+239
在0个频道中
Get PRO
五月 '21
+325
在0个频道中
Get PRO
四月 '21
+193
在0个频道中
Get PRO
三月 '21
+261
在0个频道中
Get PRO
二月 '21
+221
在0个频道中
Get PRO
一月 '21
+305
在0个频道中
Get PRO
十二月 '20
+5 562
在0个频道中
日期
订阅者增长
提及
频道
19 六月0
18 六月+1
17 六月+1
16 六月+3
15 六月+3
14 六月+4
13 六月0
12 六月+3
11 六月+3
10 六月+3
09 六月+4
08 六月+1
07 六月+2
06 六月+2
05 六月0
04 六月+3
03 六月0
02 六月+3
01 六月+2
频道帖子
आदिशक्ति जब कोई औरत प्रगति की ओर बढ़ती है, अपने अधिकारों के प्रति सजग होती है... तो... कुछ दकियानूसी सोच के लोग, किसी के टूटे हुए अंश मात्र की तरह, जो ज़माने की धारा से वापस जुड़ नहीं पाए... क्षुद्र ग्रहों की तरह, अपनी ही धुरी से भटके हुए, हर बार— उसकी राह में रोड़ा बनने और उसे रोकने के इरादे से आ जाते हैं... मगर... ब्रह्मांड के निर्माण की बिग बैंग जैसी आदि शक्ति के पास आते ही, उसके आत्मविश्वास और सूर्य के समान तेज व तप के सामने, अपनी ही संकीर्ण सोच के अंधकार में जलकर खाक हो जाते हैं... — कुमार #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz

2
रोटी और संसद एक आदमी रोटी बेलता है। एक आदमी रोटी खाता है। एक तीसरा आदमी भी है जो न रोटी बेलता है, न रोटी खाता है। वह सिर्फ़ रोटी से खेलता है। मैं पूछता हूँ— "यह तीसरा आदमी कौन है?" मेरे देश की संसद मौन है। ~ सुदामा पांडे ‘धूमिल’ #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
23
3
🍂🍂 आदमी मरने के बाद कुछ नहीं सोचता... आदमी मरने के बाद कुछ नहीं बोलता... कुछ नहीं सोचने और कुछ नहीं बोलने पर आदमी मर जाता है... #unknown #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
25
4
शीर्षक: एक अनजान ग्रह मैं... अनंत ब्रह्मांड की आकाशगंगाओं की विशाल भीड़ में रहकर भी, इस मिल्की वे गैलेक्सी के एक सौर परिवार में एक मामूली, अनजान ग्रह-सा अकेला ही घूमता रह गया हूँ... मानो... ज़िंदगी नेपच्यून जैसी हो— नीली, शांत... तन्हा... मगर... अपने भीतर विचारों का बवंडर दफन किए, सबसे दूर... रहस्यमयी खड़ा हूँ... मुझसे— कभी कोई स्वार्थ जुड़ जाए तो... दुनिया वाले भी साथ जुड़ जाते हैं... इसलिए... कभी कोई अपना मान लेता है, तो कभी कोई पराया कर देता है... शायद... रिश्ते मात्र गुरुत्वाकर्षण के अदृश्य खिंचाव से रह गए हैं... लेकिन... जिसके टूटने से सब कुछ बिखर जाएगा... — कुमार #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
34
5
🍂🍂 सब ने मिलाए हाथ यहाँ तीरगी के साथ कितना बड़ा मज़ाक़ हुआ रौशनी के साथ शर्तें लगाई जाती नहीं दोस्ती के साथ कीजे मुझे क़ुबूल मिरी हर कमी के साथ तेरा ख़याल, तेरी तलब तेरी आरज़ू मैं उम्र भर चला हूँ किसी रौशनी के साथ दुनिया मिरे ख़िलाफ़ खड़ी कैसे हो गई मेरी तो दुश्मनी भी नहीं थी किसी के साथ किस काम की रही ये दिखावे की ज़िंदगी वादे किए किसी से गुज़ारी किसी के साथ 🍂🍂 #unknown #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
39
6
खुद अपनी पहचान छुपाते हो, हमकों बुरे बताते हो, एक बात बता ओ नखरेबाज, क्या तुम मंदिर जाते हो? क्या तुम उस प्रभू से डरते हो? तुमने जो मांगा दे दिया तुमने जो कहा कर दिया और बात हमारी आई तो अपना मुंह मोड़ लिया.... क्या तुम मंदिर में जलाते हो दिया.. तुम हमको गलत साबित करके , चाहते हो क्या? कल्पना में खुद को अच्छा समझ कर रहते हो क्या? मैंने सीख लिया है चुप रहना एक बार गया तो बाद में न कहना संसार के दुख तो सबको ही h सहना तुम्हारी गलतफहमियां ही है तुम्हारा गहना अब अच्छे से रहना अब अच्छे से रहना #review #ankitpastor 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
33
7
🍂🍂 ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम 🍂🍂 #unknown #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
36
8
🍂🍂 कैसी बे फैज़ सी रह जाती है दिल की बस्ती कैसे चुप चाप चले जाते हैं जाने वाले !! 🍂🍂 #unknown #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
37
9
🍂🍂 उसे गुमाँ है कि मेरी उड़ान कुछ कम है मुझे यक़ीं है कि ये आसमान कुछ कम है —unknown #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
42
10
मेरे जनाजे में आने वाले , मेरी बर्बादियों में कहा गए हुए थे , हाल पूछा ही नहीं , चलो जो भी है ,आए तो सही , ✍️💔 #sneh #review ✍️💖 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
93
11
मैं और मैं... किताबों का साथ था, पढ़ने का शौक था... मुर्शिद! बहुत पहले... मैं भी विद्यार्थी था, मेरा भी कोई दोस्त था... मुर्शिद! बहुत पहले... आँखों में एक सपना था, ऊँचा उड़ने का जज्बा था... मुर्शिद! बहुत पहले... हाथों में नर्मी थी, चेहरे पर भी मासूमियत थी... मुर्शिद! बहुत पहले... गर्मी बहुत सताती थी, धूप आँखों को जलाती थी... मुर्शिद! बहुत पहले... खेतों से भागता था, मजदूरी से दूरी थी... मुर्शिद! बहुत पहले... खुलकर हँसता था, लोगों से मिलता था... मुर्शिद! बहुत पहले... बहुत पहले... बहुत पहले...! — कुमार 🍂 #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
110
12
किताबों का साथ था, पढ़ने का शौक था... मुर्शिद, बहुत पहले... हम भी विद्यार्थी थे, अपने भी कुछ दोस्त थे... मुर्शिद, बहुत पहले... आँखों में एक सपना था, ऊँचा उड़ने का जज्बा था... मुर्शिद, बहुत पहले... हाथों में नर्मी थी, चेहरे पर भी मासूमियत थी... मुर्शिद, बहुत पहले... गर्मी बहुत सताती थी, धूप आँखों क़ो जलाती थीं... मुर्शिद, बहुत पहले... खेतों से भागते थे, मजदूरी से दूरी थी... मुर्शिद, बहुत पहले... बहुत पहले.......बहुत पहले...! बस... इक गल याद रखीं मित्रा... पढ़-लिख के तू साब बण जाई, बड़ा ओखा है पिंड दी मिट्टी नाळ घुट-घुट जीणा... — कुमार 🍂 अंतिम भाव — Sidhu Moosewala के गीत से प्रेरित #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 @tgWiz
106
13
इतने सालों बाद , देखना तुझे किसी और के साथ , मजबूरी थी दिल की , और बेबसी मेरी .......✍️💔 #sneh #review ✍️💖 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
116
14
दिल ही तो है , सपने देखने पे कोई , पहरे तो नहीं , आसमान ऊंचा भले ही है सही पंख खोल कर , उड़ना अगर बस में है ....✍️✍️ #sneh #review ✍️💖 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
120
15
वो कहती है गुलाब का फूल हूं मैं, फिर भी लगाने को गुलाब जल चाहिए अब करूँ तो क्या करूं तो करूं क्या, अब आप ही मुझे बताइए 😄 #review #ankitpastor 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
164
16
सरहद पर मां का लाल , कैसा होगा ,मालूम नहीं , वो लौट के आयेगा ? मालूम नहीं , खेल रहा है वो , अभी , धरती माता की गोद में अभी , चिलचिलाती धूप में , अडा हुआ है अभी , या बर्फ की चादरों से खेलता होगा कभी , दर्द में मां को याद करता होगा कभी ....👮🧑‍✈️🪖🪖🪖 #sneh #review ✍️💖🪖 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
160
17
पुरुष चाहे कितना ही शरीर से मजबूत हो, मगर भीतर से बहुत नाज़ुक होता है... एकदम नारियल जैसा! बाहर से कठोर, मगर अंदर से भावनाओं से भरा हुआ। अंदर से टूट जाने में उसे देर नहीं लगती, चाहे कैसी भी परिस्थिति क्यों न हो, फिर भी अपने सारे दुख-दर्द वो खामोशी से भीतर दबाए रखता है। बस... एक झूठी मुस्कान हर पल अपने होंठों पर सजाए रखता है। मगर... वो झूठी हँसी माँ के सामने नहीं चलती, क्योंकि माँ आँखों से पढ़ लेती है उसके दिल का दर्द। विडंबना तो यह है कि समाज ने उसके लिए एक धारणा बना दी— "मर्द को दर्द नहीं होता!" और पुरुष उम्र भर उसी सोच के बोझ तले अपने आँसू छुपाता रहता है। वो भी अपना दर्द किसी के सामने रखना चाहता है, मगर अक्सर कह नहीं पाता... क्योंकि कई बार लोग सांत्वना देने की जगह उसकी तकलीफ़ पर मुस्कुरा देते हैं। शायद इसीलिए... दुनिया के सबसे दुर्लभ दृश्यों में से एक है— सबके सामने किसी पुरुष को दिल खोलकर रोते हुए देखना। माँ के बाद... उसकी सारी उम्र निकल जाती है एक ऐसे साथी की तलाश में, जो उसे समझ सके... उसकी खामोशी पढ़ सके... और उसके दिल का दर्द बिना कहे सुन सके। — कुमार 🍂 #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
154
18
रख जज़्बा जीने का ,✍️ मुश्किलात ,सवालात , हालात, सभी संवर जाएंगे , तूफान तो आयेंगे , आकर चले जाएंगे , तमाशे जीवन के चलते रहेंगे , मुस्कुरा कर भी हर दर्द सहेंगे , चुनौतियों से अब ना डरेंगे , दर्द भी आकर कहेंगे अब हम इसे और ना चलेंगे .....✍️✍️ #sneh #review ✍️💖 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
139
19
दिल मेरा मासूम था , जमाने की जागीर नहीं, जो कांच समझ कर तोड़ दिया , जुड़ना तो मुश्किल ही रहा , अब टुकड़े उठाएंगे उम्र भर ......✍️💔 #sneh #review ✍️💖 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
163
20
हमें लगा था कि ज़माना ज़िंदा है, मगर ये तो सिर्फ़ एक अफ़वाह थी... क्योंकि ज़मीर के मरने के बाद अक्सर इंसान भी अंदर से मर जाया करते हैं। पीछे बस... एक ज़िंदा लाश बचती है। अगर ज़मीर सच में ज़िंदा होता, तो धर्म और जाति के नाम पर लोग यूँ एक-दूसरे से लड़ते नहीं, अपने ही देश को अंदर से खोखला करते नहीं। — कुमार 🍂 #review 🔗 View | ✨𝗕𝗢𝗢𝗦𝗧✨ 🔥 More on @tgWiz
167