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9 जून 2026 को बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने एक सार्वजनिक चेतावनी जारी कर अभ्यर्थियों को ऐसे धोखाधड़ीपूर्ण दावों से सावधान रहने के लिए कहा।
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राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) (उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एक स्वायत्त संगठन) प्रेस विज्ञप्ति नई दिल्ली | 16 जून 2026 भारत में टेलीग्राम प्लेटफ़ॉर्म पर कार्रवाई के संबंध में NTA का वक्तव्य 1. राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) भारत में टेलीग्राम प्लेटफ़ॉर्म के संबंध में आज जारी निर्देशों का स्वागत करती है। NTA की सिफारिशों पर जारी किए गए ये निर्देश समयबद्ध और सीमित हैं: (क) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के अंतर्गत एक निर्देश जारी किया गया है, जिसके अनुसार भारत में टेलीग्राम प्लेटफ़ॉर्म की पहुँच को एक निर्धारित एवं सीमित अवधि तक, 22 जून 2026 तक प्रतिबंधित किया जाएगा। यह अवधि NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा के दिन और उसके तुरंत बाद तक लागू रहेगी। (ख) एक अन्य निर्देश के अनुसार भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों के लिए टेलीग्राम के संदेश संपादन (Message Editing) फीचर को 30 जून 2026 तक निष्क्रिय करना होगा। इसका उद्देश्य उस तकनीकी सुविधा को रोकना है जिसके माध्यम से राष्ट्रीय परीक्षाओं के संबंध में बाद में “पेपर लीक” के झूठे प्रमाण तैयार किए जाते रहे हैं। ये दोनों कदम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और उन संगठित गिरोहों के विरुद्ध उठाए गए हैं जो 21 जून 2026 को होने वाली NEET (UG) पुनर्परीक्षा के अभ्यर्थियों को धोखा देने का प्रयास कर रहे थे। NTA इस समय पर की गई कार्रवाई के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का आभार व्यक्त करता है। इससे छात्रों के हितों की रक्षा होगी और सुरक्षित एवं निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करने में सहायता मिलेगी। --- 2. इस कार्रवाई से पहले की अवधि में, गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने NEET (UG) 2026 अभ्यर्थियों को लक्षित टेलीग्राम आधारित धोखाधड़ी और भ्रामक जानकारी के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई का नेतृत्व किया। NTA, बिहार, गुजरात और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों तथा सार्वजनिक प्लेटफ़ॉर्मों की निगरानी से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर I4C ने बड़ी संख्या में ऐसे टेलीग्राम चैनलों, समूहों और बॉट्स को हटवाया जिनके नाम और सामग्री भ्रामक एवं धोखाधड़ीपूर्ण उद्देश्य का खुला प्रचार कर रहे थे। यह कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सक्रिय सहयोग से की गई। NTA ने रिकॉर्ड पर रखा है कि गृह मंत्रालय, I4C तथा MeitY के बीच सूचना साझा करने और समन्वित कार्रवाई निरंतर, त्वरित एवं प्रभावी रही है। इसी कारण ऐसे गिरोहों से होने वाले नुकसान को सीमित किया जा सका। --- 3. आज MeitY द्वारा जारी निर्देश, NTA और शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा किए गए संदर्भों के बाद जारी किए गए हैं। इनमें केवल चैनल-दर-चैनल कार्रवाई की सीमाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया गया तथा प्लेटफ़ॉर्म स्तर पर अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। ये निर्देश अंतिम उपाय के रूप में अपनाए गए हैं, जब I4C द्वारा समन्वित हटाने जैसी मध्यवर्ती कार्रवाइयों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इन निर्देशों का उद्देश्य न्यूनतम प्रतिबंध लगाते हुए सार्वजनिक व्यवस्था की रक्षा करना है। --- 4. पिछले कुछ सप्ताहों में प्लेटफ़ॉर्म पर खुले रूप से ऐसे चैनल संचालित किए जा रहे थे जिनके नाम “PAPER LEAKED NEET”, “Re-NEET 2026”, “Private Mafia”, “REE NEET MAFIAA” आदि थे। इन चैनलों द्वारा उम्मीदवारों और उनके परिवारों से पुनर्परीक्षा प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर कुछ हजार से लेकर लाखों रुपये तक की मांग की जा रही थी। NTA ने स्पष्ट किया है और दोहराया है कि सुरक्षित परीक्षा प्रणाली के बाहर ऐसा कोई प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं है। ऐसे किसी भी सामग्री का दावा पूरी तरह धोखाधड़ी है। --- 5. टेलीग्राम को 30 जून 2026 तक संदेश संपादन सुविधा बंद करने का निर्देश एक अलग लेकिन संबंधित चिंता को संबोधित करता है। वर्तमान व्यवस्था में चैनल प्रशासक पहले से पोस्ट किए गए संदेश की सामग्री—यहाँ तक कि PDF जैसी संलग्न फ़ाइलें भी—बदल सकता है, जबकि मूल पोस्ट समय वही बना रहता है। हाल की कई परीक्षाओं में इस सुविधा का उपयोग परीक्षा के बाद “पेपर लीक” का झूठा प्रमाण बनाने के लिए किया गया है। इसमें पुरानी पोस्ट को संपादित कर वास्तविक प्रश्नपत्र जोड़ दिया जाता है और बाद में यह दिखाया जाता है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले उपलब्ध था। MeitY का यह निर्देश इस प्रकार की भ्रामक गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से जारी किया गया है। --- 6. इसी अवधि में राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों की स्वतंत्र कार्रवाई ने भी इस समस्या की गंभीरता को रेखांकित किया।
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राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) (उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एक स्वायत्त संगठन) प्रथम तल, एनएसआईसी–एमडीबीपी भवन, ओखला औद्योगिक क्षेत्र, नई दिल्ली–110020 वेबसाइट: www.nta.ac.in | ई-मेल: neetug@nta.ac.in प्रेस विज्ञप्ति नई दिल्ली | 16 जून 2026 भारत में टेलीग्राम प्लेटफ़ॉर्म पर कार्रवाई के संबंध में NTA का बयान 1. राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) भारत में टेलीग्राम प्लेटफ़ॉर्म के संबंध में आज जारी निर्देशों का स्वागत करती है। NTA की सिफारिशों पर जारी किए गए ये निर्देश संतुलित हैं तथा सीमित समय के लिए लागू किए गए हैं: (क) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के अंतर्गत एक निर्देश, जिसके अनुसार भारत में टेलीग्राम प्लेटफ़ॉर्म की पहुँच को एक निर्धारित एवं सीमित अवधि के लिए 22 जून 2026 तक प्रतिबंधित किया जाएगा। यह अवधि NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा के दिन तथा उसके तुरंत बाद की अवधि को शामिल करती है; तथा (ख) एक निर्देश जिसके अनुसार प्लेटफ़ॉर्म को भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों के संदेश-संपादन (message editing) फीचर को एक निर्धारित अवधि के लिए 30 जून 2026 तक निष्क्रिय करना होगा। यह कदम उस विशेष संरचनात्मक सुविधा को संबोधित करने हेतु उठाया गया है जिसके माध्यम से राष्ट्रीय परीक्षाओं के संबंध में घटना के बाद “पेपर लीक” के झूठे साक्ष्य तैयार किए जाते रहे हैं। ये दोनों उपाय सार्वजनिक व्यवस्था के हित में उठाए गए हैं। यह कार्रवाई उन संगठित धोखाधड़ी गिरोहों के उपयोग के जवाब में की गई है जो 21 जून 2026 को निर्धारित NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को ठगने का प्रयास कर रहे थे। NTA इस समय पर की गई कार्रवाई के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त करता है, जो छात्रों के हित में है और 21 जून 2026 को सुरक्षित एवं निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करने में NTA की सहायता करेगी। 2. वर्तमान कार्रवाई तक की पूरी अवधि में, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), जो गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है, ने NEET (UG) 2026 अभ्यर्थियों को लक्ष्य बनाकर किए गए टेलीग्राम आधारित धोखाधड़ी और भ्रामक सूचना के खिलाफ परिचालन प्रतिक्रिया के प्रमुख समन्वयक के रूप में कार्य किया है। NTA से लगातार प्राप्त सूचनाओं, बिहार, गुजरात और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों तथा सार्वजनिक चैनलों और प्लेटफ़ॉर्मों की अपनी निरंतर निगरानी के आधार पर, I4C ने अनेक टेलीग्राम चैनलों, समूहों और बॉट्स को शीघ्र हटवाने की कार्रवाई सुनिश्चित की, जिनके नाम और सामग्री खुले रूप से उनके …
3
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◼️UPSC CSE 2026 Prelims Result Out ▪️1016 पदों के 13343 अभ्यर्थी हुए मुख्य परीक्षा के लिए चयनित ▪️22 दिनों में जारी हुआ परिणाम
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8
GIC seat💺 male female+1
GIC seat💺 male female
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9
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+9
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438
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GIC history.pdf
441
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UPPSC GIC लेक्चरर GS पार्ट पेपर 2026.pdf "संकल्प से सिद्धि" JOIN- @uppcs1
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(UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021) हल सहित व्याख्या 25. गुप्तकालीन 'बोवर' पाण्डुलिपि सम्बन्धित है- (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021) (a) नाट्यशास्त्र से (b) आयुर्वेद से (c) खगोलशास्त्र से (d) गणित से Ans. (b) : 'बोवर पाण्डुलिपि' चौथी, पांचवीं ई. के प्राचीनतम चिकित्सकीय ज्ञान, आयुर्वेद, शकुन विचार तथा भविष्य के कथन से संबंधित महत्वपूर्ण खोज है इसे 1890 ई. में हैमिल्टन बोवर ने गोबी मरुस्थल से खोजा था। यह मूलतः यशोमित्र नामक बौद्ध भिक्षु के 7 निबंधों का संग्रह है। यह बौद्ध भिक्षु कसुगुरा बौद्ध बिहार में निवास करते थे। 26. इतावली यात्री पेस कहते हैं, "वह एक महान शासक और अत्यन्त न्यायप्रिय व्यक्ति है, परन्तु एकाएक क्रोध के दौरों का शिकार हो जाता है।" उक्त वक्तव्य विजयनगर के किस शासक से सम्बन्धित है- (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021) (a) देवराय प्रथम (b) देवराय द्वितीय (c) कृष्णदेवराय (d) वेंकट द्वितीय Ans. (c) : डोमिंगो पायस जो एक पुर्तगाली यात्री था, 1520 ई. के आस-पास विजयनगर के शासक कृष्ण देव राय के काल में विजयनगर की यात्रा की थी। वह कृष्णदेव राय के बारे में कहता है कि 'वह एक महान शासक और अत्यन्त न्यायप्रिय व्यक्ति था परन्तु एकाएक क्रोध के दौरों का शिकार हो जाता था।' पायस विजयनगर साम्राज्य के समृद्धि के वर्णन के साथ-साथ इस काल के सामाजिक आर्थिक और सांस्कृतिक घटनाओं का भी विस्तार से वर्णन करता है। 27. निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए एवं उन्हें कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए- (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021) (I) जैतपुर का विलय (II) सतारा का विलय (III) झाँसी का विलय (IV) नागपुर का विलय नीचे दिए गए कूट के माध्यम से सही उत्तर का चयन कीजिए। कूट: (a) I, II, III, IV (b) II, I, III, IV (c) III, IV, I, II (d) IV, III, II, I Ans. (b) : लार्ड डलहौजी का काल 'व्यपगत की नीति' या 'राज्य हड़प नीति' के कारण सर्वाधिक चर्चित रहा है। इस नीति के तहत यदि किसी राज्य का वैध उत्तराधिकारी नहीं होता था तो उसे ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया जाता था। प्रश्न में दिए गए राज्य को मिलाने का क्रम है- सतारा का विलय - 1848 ई. जैतपुर का विलय - 1849 ई. झाँसी का विलय - 1853 ई. नागपुर का विलय - 1854 ई. 28. निम्नलिखित में से कौन 'कांग्रेस समाजवादी पार्टी' का संस्थापक सदस्य नहीं था- (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021) (a) मीनू मसानी (b) राम मनोहर लोहिया (c) नरेन्द्र देव (d) जवाहरलाल नेहरू Ans. (d) : कांग्रेस समाजवादी पार्टी की स्थापना मीनू मसानी, डॉ. राम मनोहर लोहिया, आचार्य नरेन्द्र देव और जय प्रकाश नारायण के प्रयासों से अक्टूबर 1934 ई. में बम्बई में हुई थी। इस पार्टी की स्थापना में जवाहर लाल नेहरू ने कोई योगदान नहीं दिया था। वैसे जवाहर लाल नेहरू और सुभाष चन्द्र बोस कांग्रेस पार्टी के अंदर समाजवाद का प्रतिनिधित्व करते थे। जवाहर लाल नेहरू स्वयं समाजवादी व्यवस्था से काफी प्रभावित थे किन्तु कांग्रेस समाजवादी पार्टी की स्थापना सदस्यों में वे नहीं थे। 29. किस कालावधि में कल्हण की राजतरंगिणी लिखी गयी थी- (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021) (a) 1858 ई.-1160 ई. (b) 1144 ई.-1146 ई. (c) 1148 ई.-1150 ई. (d) 1138 ई.-1140 ई. Ans. (c) : राजतरंगिणी 1148-1150 ई. के बीच महाभारत शैली में कल्याण द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है जिसमें कश्मीर के हिन्दू राजवंशों का इतिहास का वर्णन है। राजतरंगिणी में कुल 8 सर्ग (तरंग) और 8000 श्लोक हैं। राजतरंगिणी की शुरुआत कल्हण ने राजा हर्ष के समय किया था और इस ग्रंथ का अंत राजा जय सिंह के काल में हुआ। 30. राजसूय यज्ञ के समय ऋग्वैदिक राजा लगभग एक दर्जन रत्नियों के घर जाता था। उनमें से कितनी रत्नियां, महिलाएं होती थीं- (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021) (a) Four/चार (b) Six/छ: (c) Eight/आठ (d) Ten/दस Ans. (a) : ऋग्वैदिक राजा 'राजसूय यज्ञ' के समय एक दर्जन रत्नियों के घर जाता था जिसमें चार स्त्रियाँ होती थीं। वह राजा के राज्याभिषेक से सम्बन्धित राजकीय संस्कार यज्ञ था। राजा 'रत्नह विंषी' संस्कार के तहत 12 रत्नियों के घर जाता था। सर्वप्रथम वह सेनानी के घर जाता था। शुक्ल यजुर्वेद में 'राजसूय यज्ञ' से सम्बन्धित अनुष्ठानों का उल्लेख मिलता है। https://t.me/itihasvaani200 आप सभी लोग Explanation जरूर देखें 💐💐 धन्यवाद दोस्तों 💐💐
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set_notification.pdf
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Photo from BHEEM SINGH SAINI
Photo from BHEEM SINGH SAINI
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(UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021, व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र) 7. प्रारम्भिक बौद्धधर्म में स्त्रियों की स्थिति की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021) (1) स्त्रियों के लिए भी निर्वाण प्राप्ति सम्भव था। (2) भिक्षुणियों के लिए पृथक मठ का निर्माण नीचे दिए गए कूट के माध्यम से सही उत्तर चुनें- Code/कूट: (a) केवल 1 (b) केवल 2 (c) 1 और 2 दोनों (d) न तो 1 ना ही 2 Ans. (c) : छठी शताब्दी ई. पू. में उदित धर्मों में बौद्ध धर्म सबसे महत्वपूर्ण था। इस धर्म ने शूद्रों और स्त्रियों की अवस्था को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया। 600 ई.पू. आते-आते जहाँ ब्राह्मण धर्म में स्त्रियों के अधिकांश अधिकारों को छीन लिया गया था वहीं बौद्ध धर्म ने स्त्रियों के लिए भी निर्वाण की व्यवस्था की थी। स्त्रियाँ भी संघ में शामिल हो सकती थीं। बुद्ध ने भिक्षुणी को भिक्षुओं के अधीनस्थ रक्खा एवं इसके लिए आठ नियम प्रतिपादित किये। भिक्षुणियों के लिए पृथक मठ की स्थापना की गयी थीl 8. सल्तनत काल में 'फवाजिल' का अर्थ था (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021) (a) अभिजात वर्ग को दिया जाने वाला अतिरिक्त भुगतान (b) वेतन के बदले में निर्धारित मालगुजारी (c) इक्तादारों द्वारा सरकारी खजाने में जमा की जाने वाली अतिरिक्त राशि (d) कृषकों से ली जाने वाली गैर कानूनी जबरी वसूली Ans. (c) : सल्तनत काल में फवाजिल का अर्थ इक्तादारों द्वारा सरकारी खजाने में जमा की जाने वाली अतिरिक्त राशि थी। सल्तनत काल में प्रत्येक इक्तादार को कुछ भू-भाग आवंटित की जाती थी। जिसे इक्ता कहा जाता था। इस भू-भाग से होने वाली आय से इक्तादार अपना वेतन और सेना पर होने वाले खर्च पर व्यय करता था। इस खर्च के अतिरिक्त जो रकम शेष बचती थी उसे फवाजिल कहा जाता था। 9. निम्नलिखित में से कौन कौशल नरेश प्रसेनजित का मंत्री नहीं था (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021) (a) बन्धुल (b) मृगधर (c) श्री वृद्ध (d) दीर्घचारायण 6वीं शताब्दी ई.पू. में 16 महाजनपदों का उदय हुआ। 13. "न तो भारत के भूतकाल पर आँखें मूंदकर निर्भर रहा जाए और न ही पश्चिम का अंधानुकरण किया जाए। विवेक बुद्धि का सहारा लेकर नये भारत का सर्वोत्तम प्राच्य और पाश्चात्य विचारों को प्राप्त कर संजोए रखना चाहिए।" ये विचार किसने रखे (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021) (a) राम मोहन राय (b) सर सैयद अहमद खान (c) जवाहर लाल नेहरू (d) हेनरी विवियन डिरोजियो Ans. (a) : राजा राममोहन राय 19वीं शताब्दी के धार्मिक आन्दोलन के अग्रदूत थे। उन्हें पूर्व और पश्चिम के विचारों के मिलन का समन्वयक माना जाता है। https://t.me/itihasvaani200 आप सभी Explanation जरूर देखें 💐💐💐💐
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यहाँ पर्यटन विषय के इंटरव्यू के संभावित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दिए गए हैं: 1. पर्यटन क्या है? उत्तर: किसी व्यक्ति द्वारा अपने सामान्य निवास स्थान से बाहर मनोरंजन, व्यापार, शिक्षा, धार्मिक या अन्य उद्देश्यों से सीमित समय के लिए यात्रा करना पर्यटन कहलाता है। 2. पर्यटक और भ्रमणकर्ता में क्या अंतर है? उत्तर: पर्यटक: कम से कम 24 घंटे तक किसी स्थान पर ठहरता है। भ्रमणकर्ता: 24 घंटे से कम समय के लिए यात्रा करता है। 3. पर्यटन के प्रमुख प्रकार कौन-कौन से हैं? उत्तर: सांस्कृतिक पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, विरासत पर्यटन, इको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, साहसिक पर्यटन, चिकित्सा पर्यटन आदि। 4. भारत में पर्यटन का महत्व क्या है? उत्तर: पर्यटन विदेशी मुद्रा अर्जित करता है, रोजगार बढ़ाता है, सांस्कृतिक आदान-प्रदान करता है और आर्थिक विकास में योगदान देता है। 5. पर्यटन उद्योग को सेवा उद्योग क्यों कहा जाता है? उत्तर: क्योंकि यह परिवहन, होटल, भोजन, मार्गदर्शन जैसी सेवाएँ प्रदान करता है। 6. सांस्कृतिक पर्यटन क्या है? उत्तर: किसी क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा, कला और जीवन शैली को जानने हेतु किया गया पर्यटन। 7. विरासत पर्यटन क्या होता है? उत्तर: ऐतिहासिक स्मारकों, सांस्कृतिक धरोहरों और प्राचीन स्थलों का भ्रमण विरासत पर्यटन कहलाता है। 8. भारत के प्रमुख पर्यटन स्थल कौन-कौन से हैं? उत्तर: ताजमहल, कुतुब मीनार, खजुराहो समूह स्मारक आदि। 9. मध्यप्रदेश को भारत का हृदय क्यों कहा जाता है? उत्तर: क्योंकि यह भारत के मध्य भाग में स्थित है और सांस्कृतिक व भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। 10. मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल बताइए। उत्तर: सांची स्तूप, भीमबेटका शैलाश्रय, खजुराहो समूह स्मारक। 11. पर्यटन का आर्थिक विकास में योगदान क्या है? उत्तर: रोजगार, निवेश, विदेशी मुद्रा और स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा देता है। 12. पर्यटन रोजगार कैसे उत्पन्न करता है? उत्तर: होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प और खानपान क्षेत्रों में रोजगार पैदा करता है। 13. पर्यटन के सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रभाव बताइए। उत्तर: सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ता है, परंतु अत्यधिक पर्यटन से स्थानीय संस्कृति प्रभावित हो सकती है। 14. पर्यटन के नकारात्मक प्रभाव क्या हैं? उत्तर: पर्यावरण प्रदूषण, सांस्कृतिक क्षरण, भीड़ और संसाधनों पर दबाव। 15. सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) क्या है? उत्तर: ऐसा पर्यटन जो पर्यावरण, संस्कृति और स्थानीय समुदायों को नुकसान पहुँचाए बिना विकसित हो। 16. पर्यटन विषय में आपकी रुचि क्यों है? उत्तर: पर्यटन समाज, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और विकास के अध्ययन का व्यापक क्षेत्र है। 17. पर्यटन शोध में कौन-सी पद्धतियाँ उपयोगी हैं? उत्तर: सर्वेक्षण, साक्षात्कार, अवलोकन, केस स्टडी और सांख्यिकीय विश्लेषण। 18. पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत का संबंध समझाइए। उत्तर: पर्यटन सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और उनके प्रचार में सहायक होता है। 19. इको-टूरिज्म क्या है? उत्तर: पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदाय के हितों को ध्यान में रखकर किया गया पर्यटन। 20. पर्यटन विकास में सरकार की भूमिका क्या है? उत्तर: नीति निर्माण, आधारभूत संरचना, प्रचार और पर्यटन सुविधाओं का विकास। 21. डिजिटल तकनीक ने पर्यटन को कैसे प्रभावित किया? उत्तर: ऑनलाइन बुकिंग, वर्चुअल टूर और डिजिटल प्रचार ने पर्यटन को आसान बनाया। 22. कोविड-19 के बाद पर्यटन क्षेत्र में क्या बदलाव आए? उत्तर: डिजिटल सेवाएँ, स्वच्छता मानक और घरेलू पर्यटन का महत्व बढ़ा। 23. जिम्मेदार पर्यटन क्या है? उत्तर: ऐसा पर्यटन जिसमें पर्यावरण, स्थानीय संस्कृति और समाज का सम्मान किया जाए। 24. ग्रामीण पर्यटन क्या है? उत्तर: ग्रामीण क्षेत्रों की संस्कृति, जीवन शैली और प्राकृतिक वातावरण पर आधारित पर्यटन। 25. भारत में पर्यटन बढ़ाने के सुझाव? उत्तर: बेहतर आधारभूत संरचना, डिजिटल प्रचार, सुरक्षा और स्थानीय भागीदारी को बढ़ावा देना। 26. आप पर्यटन विषय कैसे पढ़ाएँगे? उत्तर: व्याख्यान, केस स्टडी, फील्ड विजिट और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर। 27. विद्यार्थियों में पर्यटन के प्रति रुचि कैसे विकसित करेंगे? उत्तर: प्रोजेक्ट, भ्रमण और व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से। 28. NEP 2020 और पर्यटन शिक्षा का संबंध? उत्तर: कौशल आधारित, बहुविषयक और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देता है। 29. पर्यटन में नए शोध क्षेत्र कौन-कौन से हैं? उत्तर: डिजिटल पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, सतत पर्यटन और स्मार्ट पर्यटन। 30. पर्यटन का भविष्य कैसा है? उत्तर: तकनीक आधारित, पर्यावरण-अनुकूल और अनुभव-केंद्रित पर्यटन का भविष्य अधिक उज्ज्वल माना जा रहा है। इंटरव्यू में इन उत्तरों को 1–2 मिनट के मौखिक उत्तर के रूप में बोलने का अभ्यास करें।
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historiography PYQ( 2012-2023).pdf
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Advance City Intimation of UGC-NET June 2026 | University Grants Commission (UGC)-NET | India https://share.google/B0yvSrZ4JLE2PQi5L
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प्राचीन भारत के राष्ट्रीय सिक्के का नाम पण माना गया है जो कर्ष (बीज) द्वारा तौलने के कारण कार्षापण कहलाया। कार्षापण का प्राची
प्राचीन भारत के राष्ट्रीय सिक्के का नाम पण माना गया है जो कर्ष (बीज) द्वारा तौलने के कारण कार्षापण कहलाया। कार्षापण का प्राचीनतम उल्लेख सामविधान ब्राह्मण में हुआ है। पाणिनी के अष्टाध्यायी में कार्षापण के विभिन्न भागों का उल्लेख मिलता है जैसे- अर्ध-कार्षापण, पाद-कार्षापण, द्वि-माषक, माषक इत्यादि। कार्षापण के लिए 'प्रतीक' शब्द का भी प्रयोग मिलता है। नागनिका के नानाघाट अभिलेख तथा नहपान के नासिक अभिलेख में कार्षापण (काहापण) सिक्कों का उल्लेख मिलता है। उषवदात के नासिक लेख में भी 'प्रतीक' मुद्रा का उल्लेख मिलता है। पण या कार्षापण का उल्लेख जब बिना किसी उपाधि के प्राप्त होता है तो उसे ताम्र कार्षापण ही माना जाता है। कार्षापण 80 रत्ती अर्थात् 146.4 ग्रेन के बराबर होता था। रजत कार्षापण का तौल 32 रत्ती अर्थात् 58.56 ग्रेन था #knowyourworth #historical #indiancoins #indiancurrency #AncientDiscoveries #AncientMysteries @highlight
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