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| 4 | GIC history.pdf | 360 |
| 5 | UPPSC GIC लेक्चरर GS पार्ट पेपर 2026.pdf
"संकल्प से सिद्धि" JOIN- @uppcs1 | 393 |
| 6 | (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021) हल सहित व्याख्या
25. गुप्तकालीन 'बोवर' पाण्डुलिपि सम्बन्धित है- (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021)
(a) नाट्यशास्त्र से
(b) आयुर्वेद से
(c) खगोलशास्त्र से
(d) गणित से
Ans. (b) : 'बोवर पाण्डुलिपि' चौथी, पांचवीं ई. के प्राचीनतम चिकित्सकीय ज्ञान, आयुर्वेद, शकुन विचार तथा भविष्य के कथन से संबंधित महत्वपूर्ण खोज है इसे 1890 ई. में हैमिल्टन बोवर ने गोबी मरुस्थल से खोजा था। यह मूलतः यशोमित्र नामक बौद्ध भिक्षु के 7 निबंधों का संग्रह है। यह बौद्ध भिक्षु कसुगुरा बौद्ध बिहार में निवास करते थे।
26. इतावली यात्री पेस कहते हैं, "वह एक महान शासक और अत्यन्त न्यायप्रिय व्यक्ति है, परन्तु एकाएक क्रोध के दौरों का शिकार हो जाता है।" उक्त वक्तव्य विजयनगर के किस शासक से सम्बन्धित है- (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021)
(a) देवराय प्रथम
(b) देवराय द्वितीय
(c) कृष्णदेवराय
(d) वेंकट द्वितीय
Ans. (c) : डोमिंगो पायस जो एक पुर्तगाली यात्री था, 1520 ई. के आस-पास विजयनगर के शासक कृष्ण देव राय के काल में विजयनगर की यात्रा की थी। वह कृष्णदेव राय के बारे में कहता है कि 'वह एक महान शासक और अत्यन्त न्यायप्रिय व्यक्ति था परन्तु एकाएक क्रोध के दौरों का शिकार हो जाता था।' पायस विजयनगर साम्राज्य के समृद्धि के वर्णन के साथ-साथ इस काल के सामाजिक आर्थिक और सांस्कृतिक घटनाओं का भी विस्तार से वर्णन करता है।
27. निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए एवं उन्हें कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए- (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021)
(I) जैतपुर का विलय
(II) सतारा का विलय
(III) झाँसी का विलय
(IV) नागपुर का विलय
नीचे दिए गए कूट के माध्यम से सही उत्तर का चयन कीजिए।
कूट:
(a) I, II, III, IV
(b) II, I, III, IV
(c) III, IV, I, II
(d) IV, III, II, I
Ans. (b) : लार्ड डलहौजी का काल 'व्यपगत की नीति' या 'राज्य हड़प नीति' के कारण सर्वाधिक चर्चित रहा है। इस नीति के तहत यदि किसी राज्य का वैध उत्तराधिकारी नहीं होता था तो उसे ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया जाता था। प्रश्न में दिए गए राज्य को मिलाने का क्रम है-
सतारा का विलय - 1848 ई.
जैतपुर का विलय - 1849 ई.
झाँसी का विलय - 1853 ई.
नागपुर का विलय - 1854 ई.
28. निम्नलिखित में से कौन 'कांग्रेस समाजवादी पार्टी' का संस्थापक सदस्य नहीं था- (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021)
(a) मीनू मसानी
(b) राम मनोहर लोहिया
(c) नरेन्द्र देव
(d) जवाहरलाल नेहरू
Ans. (d) : कांग्रेस समाजवादी पार्टी की स्थापना मीनू मसानी, डॉ. राम मनोहर लोहिया, आचार्य नरेन्द्र देव और जय प्रकाश नारायण के प्रयासों से अक्टूबर 1934 ई. में बम्बई में हुई थी। इस पार्टी की स्थापना में जवाहर लाल नेहरू ने कोई योगदान नहीं दिया था। वैसे जवाहर लाल नेहरू और सुभाष चन्द्र बोस कांग्रेस पार्टी के अंदर समाजवाद का प्रतिनिधित्व करते थे। जवाहर लाल नेहरू स्वयं समाजवादी व्यवस्था से काफी प्रभावित थे किन्तु कांग्रेस समाजवादी पार्टी की स्थापना सदस्यों में वे नहीं थे।
29. किस कालावधि में कल्हण की राजतरंगिणी लिखी गयी थी- (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021)
(a) 1858 ई.-1160 ई.
(b) 1144 ई.-1146 ई.
(c) 1148 ई.-1150 ई.
(d) 1138 ई.-1140 ई.
Ans. (c) : राजतरंगिणी 1148-1150 ई. के बीच महाभारत शैली में कल्याण द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है जिसमें कश्मीर के हिन्दू राजवंशों का इतिहास का वर्णन है। राजतरंगिणी में कुल 8 सर्ग (तरंग) और 8000 श्लोक हैं। राजतरंगिणी की शुरुआत कल्हण ने राजा हर्ष के समय किया था और इस ग्रंथ का अंत राजा जय सिंह के काल में हुआ।
30. राजसूय यज्ञ के समय ऋग्वैदिक राजा लगभग एक दर्जन रत्नियों के घर जाता था। उनमें से कितनी रत्नियां, महिलाएं होती थीं- (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021)
(a) Four/चार
(b) Six/छ:
(c) Eight/आठ
(d) Ten/दस
Ans. (a) : ऋग्वैदिक राजा 'राजसूय यज्ञ' के समय एक दर्जन रत्नियों के घर जाता था जिसमें चार स्त्रियाँ होती थीं। वह राजा के राज्याभिषेक से सम्बन्धित राजकीय संस्कार यज्ञ था। राजा 'रत्नह विंषी' संस्कार के तहत 12 रत्नियों के घर जाता था। सर्वप्रथम वह सेनानी के घर जाता था। शुक्ल यजुर्वेद में 'राजसूय यज्ञ' से सम्बन्धित अनुष्ठानों का उल्लेख मिलता है।
https://t.me/itihasvaani200
आप सभी लोग Explanation जरूर देखें 💐💐
धन्यवाद दोस्तों 💐💐 | 409 |
| 7 | set_notification.pdf | 488 |
| 8 | Photo from BHEEM SINGH SAINI | 488 |
| 9 | (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021, व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र)
7. प्रारम्भिक बौद्धधर्म में स्त्रियों की स्थिति की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021)
(1) स्त्रियों के लिए भी निर्वाण प्राप्ति सम्भव था।
(2) भिक्षुणियों के लिए पृथक मठ का निर्माण
नीचे दिए गए कूट के माध्यम से सही उत्तर चुनें-
Code/कूट:
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 ना ही 2
Ans. (c) :
छठी शताब्दी ई. पू. में उदित धर्मों में बौद्ध धर्म सबसे महत्वपूर्ण था। इस धर्म ने शूद्रों और स्त्रियों की अवस्था को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया। 600 ई.पू. आते-आते जहाँ ब्राह्मण धर्म में स्त्रियों के अधिकांश अधिकारों को छीन लिया गया था वहीं बौद्ध धर्म ने स्त्रियों के लिए भी निर्वाण की व्यवस्था की थी। स्त्रियाँ भी संघ में शामिल हो सकती थीं। बुद्ध ने भिक्षुणी को भिक्षुओं के अधीनस्थ रक्खा एवं इसके लिए आठ नियम प्रतिपादित किये। भिक्षुणियों के लिए पृथक मठ की स्थापना की गयी थीl
8. सल्तनत काल में 'फवाजिल' का अर्थ था (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021)
(a) अभिजात वर्ग को दिया जाने वाला अतिरिक्त भुगतान
(b) वेतन के बदले में निर्धारित मालगुजारी
(c) इक्तादारों द्वारा सरकारी खजाने में जमा की जाने वाली अतिरिक्त राशि
(d) कृषकों से ली जाने वाली गैर कानूनी जबरी वसूली
Ans. (c)
: सल्तनत काल में फवाजिल का अर्थ इक्तादारों द्वारा सरकारी खजाने में जमा की जाने वाली अतिरिक्त राशि थी। सल्तनत काल में प्रत्येक इक्तादार को कुछ भू-भाग आवंटित की जाती थी। जिसे इक्ता कहा जाता था। इस भू-भाग से होने वाली आय से इक्तादार अपना वेतन और सेना पर होने वाले खर्च पर व्यय करता था। इस खर्च के अतिरिक्त जो रकम शेष बचती थी उसे फवाजिल कहा जाता था।
9. निम्नलिखित में से कौन कौशल नरेश प्रसेनजित का मंत्री नहीं था (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021)
(a) बन्धुल
(b) मृगधर
(c) श्री वृद्ध
(d) दीर्घचारायण
6वीं शताब्दी ई.पू. में 16 महाजनपदों का उदय हुआ।
13. "न तो भारत के भूतकाल पर आँखें मूंदकर निर्भर रहा जाए और न ही पश्चिम का अंधानुकरण किया जाए। विवेक बुद्धि का सहारा लेकर नये भारत का सर्वोत्तम प्राच्य और पाश्चात्य विचारों को प्राप्त कर संजोए रखना चाहिए।" ये विचार किसने रखे (UPPSC GIC प्रवक्ता इतिहास, 2021)
(a) राम मोहन राय
(b) सर सैयद अहमद खान
(c) जवाहर लाल नेहरू
(d) हेनरी विवियन डिरोजियो
Ans. (a) :
राजा राममोहन राय 19वीं शताब्दी के धार्मिक आन्दोलन के अग्रदूत थे। उन्हें पूर्व और पश्चिम के विचारों के मिलन का समन्वयक माना जाता है। https://t.me/itihasvaani200
आप सभी Explanation जरूर देखें 💐💐💐💐 | 459 |
| 10 | यहाँ पर्यटन विषय के इंटरव्यू के संभावित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दिए गए हैं:
1. पर्यटन क्या है?
उत्तर: किसी व्यक्ति द्वारा अपने सामान्य निवास स्थान से बाहर मनोरंजन, व्यापार, शिक्षा, धार्मिक या अन्य उद्देश्यों से सीमित समय के लिए यात्रा करना पर्यटन कहलाता है।
2. पर्यटक और भ्रमणकर्ता में क्या अंतर है?
उत्तर:
पर्यटक: कम से कम 24 घंटे तक किसी स्थान पर ठहरता है।
भ्रमणकर्ता: 24 घंटे से कम समय के लिए यात्रा करता है।
3. पर्यटन के प्रमुख प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर: सांस्कृतिक पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, विरासत पर्यटन, इको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, साहसिक पर्यटन, चिकित्सा पर्यटन आदि।
4. भारत में पर्यटन का महत्व क्या है?
उत्तर: पर्यटन विदेशी मुद्रा अर्जित करता है, रोजगार बढ़ाता है, सांस्कृतिक आदान-प्रदान करता है और आर्थिक विकास में योगदान देता है।
5. पर्यटन उद्योग को सेवा उद्योग क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि यह परिवहन, होटल, भोजन, मार्गदर्शन जैसी सेवाएँ प्रदान करता है।
6. सांस्कृतिक पर्यटन क्या है?
उत्तर: किसी क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा, कला और जीवन शैली को जानने हेतु किया गया पर्यटन।
7. विरासत पर्यटन क्या होता है?
उत्तर: ऐतिहासिक स्मारकों, सांस्कृतिक धरोहरों और प्राचीन स्थलों का भ्रमण विरासत पर्यटन कहलाता है।
8. भारत के प्रमुख पर्यटन स्थल कौन-कौन से हैं?
उत्तर: ताजमहल, कुतुब मीनार, खजुराहो समूह स्मारक आदि।
9. मध्यप्रदेश को भारत का हृदय क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि यह भारत के मध्य भाग में स्थित है और सांस्कृतिक व भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
10. मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल बताइए।
उत्तर: सांची स्तूप, भीमबेटका शैलाश्रय, खजुराहो समूह स्मारक।
11. पर्यटन का आर्थिक विकास में योगदान क्या है?
उत्तर: रोजगार, निवेश, विदेशी मुद्रा और स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा देता है।
12. पर्यटन रोजगार कैसे उत्पन्न करता है?
उत्तर: होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प और खानपान क्षेत्रों में रोजगार पैदा करता है।
13. पर्यटन के सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रभाव बताइए।
उत्तर: सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ता है, परंतु अत्यधिक पर्यटन से स्थानीय संस्कृति प्रभावित हो सकती है।
14. पर्यटन के नकारात्मक प्रभाव क्या हैं?
उत्तर: पर्यावरण प्रदूषण, सांस्कृतिक क्षरण, भीड़ और संसाधनों पर दबाव।
15. सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) क्या है?
उत्तर: ऐसा पर्यटन जो पर्यावरण, संस्कृति और स्थानीय समुदायों को नुकसान पहुँचाए बिना विकसित हो।
16. पर्यटन विषय में आपकी रुचि क्यों है?
उत्तर: पर्यटन समाज, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और विकास के अध्ययन का व्यापक क्षेत्र है।
17. पर्यटन शोध में कौन-सी पद्धतियाँ उपयोगी हैं?
उत्तर: सर्वेक्षण, साक्षात्कार, अवलोकन, केस स्टडी और सांख्यिकीय विश्लेषण।
18. पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत का संबंध समझाइए।
उत्तर: पर्यटन सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और उनके प्रचार में सहायक होता है।
19. इको-टूरिज्म क्या है?
उत्तर: पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदाय के हितों को ध्यान में रखकर किया गया पर्यटन।
20. पर्यटन विकास में सरकार की भूमिका क्या है?
उत्तर: नीति निर्माण, आधारभूत संरचना, प्रचार और पर्यटन सुविधाओं का विकास।
21. डिजिटल तकनीक ने पर्यटन को कैसे प्रभावित किया?
उत्तर: ऑनलाइन बुकिंग, वर्चुअल टूर और डिजिटल प्रचार ने पर्यटन को आसान बनाया।
22. कोविड-19 के बाद पर्यटन क्षेत्र में क्या बदलाव आए?
उत्तर: डिजिटल सेवाएँ, स्वच्छता मानक और घरेलू पर्यटन का महत्व बढ़ा।
23. जिम्मेदार पर्यटन क्या है?
उत्तर: ऐसा पर्यटन जिसमें पर्यावरण, स्थानीय संस्कृति और समाज का सम्मान किया जाए।
24. ग्रामीण पर्यटन क्या है?
उत्तर: ग्रामीण क्षेत्रों की संस्कृति, जीवन शैली और प्राकृतिक वातावरण पर आधारित पर्यटन।
25. भारत में पर्यटन बढ़ाने के सुझाव?
उत्तर: बेहतर आधारभूत संरचना, डिजिटल प्रचार, सुरक्षा और स्थानीय भागीदारी को बढ़ावा देना।
26. आप पर्यटन विषय कैसे पढ़ाएँगे?
उत्तर: व्याख्यान, केस स्टडी, फील्ड विजिट और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर।
27. विद्यार्थियों में पर्यटन के प्रति रुचि कैसे विकसित करेंगे?
उत्तर: प्रोजेक्ट, भ्रमण और व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से।
28. NEP 2020 और पर्यटन शिक्षा का संबंध?
उत्तर: कौशल आधारित, बहुविषयक और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देता है।
29. पर्यटन में नए शोध क्षेत्र कौन-कौन से हैं?
उत्तर: डिजिटल पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, सतत पर्यटन और स्मार्ट पर्यटन।
30. पर्यटन का भविष्य कैसा है?
उत्तर: तकनीक आधारित, पर्यावरण-अनुकूल और अनुभव-केंद्रित पर्यटन का भविष्य अधिक उज्ज्वल माना जा रहा है।
इंटरव्यू में इन उत्तरों को 1–2 मिनट के मौखिक उत्तर के रूप में बोलने का अभ्यास करें। | 483 |
| 11 | historiography PYQ( 2012-2023).pdf | 674 |
| 12 | Advance City Intimation of UGC-NET June 2026 | University Grants Commission (UGC)-NET | India https://share.google/B0yvSrZ4JLE2PQi5L | 647 |
| 13 | प्राचीन भारत के राष्ट्रीय सिक्के का नाम पण माना गया है जो कर्ष (बीज) द्वारा तौलने के कारण कार्षापण कहलाया। कार्षापण का प्राचीनतम उल्लेख सामविधान ब्राह्मण में हुआ है। पाणिनी के अष्टाध्यायी में कार्षापण के विभिन्न भागों का उल्लेख मिलता है जैसे- अर्ध-कार्षापण, पाद-कार्षापण, द्वि-माषक, माषक इत्यादि। कार्षापण के लिए 'प्रतीक' शब्द का भी प्रयोग मिलता है। नागनिका के नानाघाट अभिलेख तथा नहपान के नासिक अभिलेख में कार्षापण (काहापण) सिक्कों का उल्लेख मिलता है। उषवदात के नासिक लेख में भी 'प्रतीक' मुद्रा का उल्लेख मिलता है। पण या कार्षापण का उल्लेख जब बिना किसी उपाधि के प्राप्त होता है तो उसे ताम्र कार्षापण ही माना जाता है। कार्षापण 80 रत्ती अर्थात् 146.4 ग्रेन के बराबर होता था। रजत कार्षापण का तौल 32 रत्ती अर्थात् 58.56 ग्रेन था
#knowyourworth #historical #indiancoins #indiancurrency #AncientDiscoveries #AncientMysteries @highlight | 1 093 |
| 14 | Sin texto... | 613 |
| 15 | पुरातात्विक उत्खननों में वैज्ञानिक विधियों को लाने का श्रेय व्हीलर को है। भारतीय पुरातात्विक उत्खननों में सर्वप्रथम डीलर ने ही प्रथम वैज्ञानिक पुरातात्विक उत्खनन, स्तर विन्यास (Stratification) एवं त्रिविमितीय नाप-जोख पद्धति का पालन किया था।
ए. ई. डगलस ने सर्वप्रथम वृक्षवलय तिथि प्रणाली विकसित की थी।
पुरातत्त्व में हवाई छायांकन विधि का सर्वप्रथम प्रयोग करने वाले ओ.जी.एस. क्रॉफोर्ड थे।
यूरेनियम डेंटिंग के जनक क्यूरी हैं। कार्बन डेंटिंग के जनक नोबल पुरस्कार विजेता विलर्ड लिवी है। लिवी ने 1949 में इस विधि का आविष्कार किया था।
एस.आर. राव को भारत में जलीय पुरातत्व का अग्रणी कहा जाता है। एस. कठिरोली का Water Archeology का अध्ययन भी उल्लेखनीय है। भारत में एस.आर. राव ने गुजरात में समुद्र की गहराइयों में एक स्थल की खोज की थी जिसे वे प्राचीन द्वारका मानते हैं।
कर्नल मीडोज टेलर को दक्षिण भारत की महापाषाणिक समाधियों (Megalithic Burials) का उत्खननकर्ता स्वीकार किया जाता है।
ढ़ था।
शाखा
पैलीनोलॉजी
आर्कियोमेट्री
पेलियॉन्टॉलोजी
एथनो-ऑकियोलाजी
पैलियो-पैथोलाजी
कागनिटिभ (संज्ञानात्मक) आर्कियोलाजी
औद्धारिक (rescue or salvage) पुरातत्त्व
अध्ययन
पराग एवं बीजाणुओं का अध्ययन।
पुरातात्विक सामग्रियों के विश्लेषण के लिए प्रयुक्त माप-पद्धति एवं वैज्ञानिक अनुप्रयोगों को पुरात्तत्त्वमिति कहते हैं।
प्राचीन जीवाश्मों का वैज्ञानिक अध्ययन।
नृजाति-पुरातत्व विज्ञान वर्तमान की संस्कृतियों एवं समुदायों का अध्ययन अतीत के समुदायों से जुड़े पुरातात्विक प्रभावों की व्याख्या करने के लिए करता है।
कंकाल या हड्डियों के विश्लेषण के आधार पर प्राचीन बीमारियों एवं चोटों का अध्ययन।
अतीत की भौतिक संस्कृति के विश्वासों एवं धर्म के बारे में सोचने या अनुमान के तरीकों से सम्बन्धित है।
महानिदेशक श्री जगपति जोशी के कार्यकाल में आंध्र प्रदेश में कुडवल्ली-संघमेश्वर के मंदिर को डूब क्षेत्र से हटाकर 22 किलोमीटर दूर पुनः स्थापित करना; इसे ही औद्धारिक पुरातत्त्व की संज्ञा दी जाती है। | 3 |
| 16 | Himachal_Set_History_by_No_Document_No_History_Ramsing_Rajput.pdf | 699 |
| 17 | 25 JUNE 2026
HISTORY, SHIFT-II
(03:00 PM to 06:00 PM) | 1 037 |
| 18 | Sin texto... | 1 141 |
| 19 | आयोग कौन सा नशा करता है।
GDC आंसर key 😱 | 1 154 |
| 20 | 1557 की क्रांति का स्वरूप | 1 128 |
¡Ya disponible! Investigación de Telegram 2025 — los principales insights del año 
