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DB_●_जयपुर_+_क्लासीफाइड_+_जयपुर_सिटी_भास्कर_+_मैट्रीमोनियल_●_09‹07‹2026.pdf21.94 MB
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*09 JULY 2026*
🦋 *आज की प्रेरणा* 🦋
भगवान का प्यार सागर की तरह है। उसके आरंभ को देख सकते हैं पर अंत को नहीं।
*आज से हम* भगवान के अनंत प्यार का अनुभव करें...
💧 *INSPIRATION*💧
God's love is like an ocean. You can see its beginning but not its end
*TODAY ONWARDS LET'S* experience God's infinite love.
🍃💫🍃💫🍃💫🍃💫🍃💫🍃
*आज का प्रेरणा प्रसंग*
*🌹 मंत्री की चतुराई 🌹*
*एक राजा बहुत ही मूर्ख और सनकी था। एक दिन राजा अपने मंत्री के साथ संध्या के समय नदी के किनारे टहल रहा था, तभी उसने मंत्री से पूछा, मंत्री ! बताओ यह नदी किस दिशा की ओर और कहाँ बहकर जाती है ?*
*मंत्री ने उत्तर दिया ~ महाराज, यह पूर्व दिशा की ओर बहती है और पूर्व की ओर स्थित देशो में बहकर समुद्र में मिल जाती है। यह सुनकर राजा बोला- यह नदी हमारी है और इसका पानी भी हमारा है, क्या पूर्व में स्थित देश इस नदी के पानी का उपयोग करते हैं ?*
*मंत्री ने उत्तर दिया- जी महाराज, जब नदी उधर बहती है तो करते ही होंगे। इस पर राजा बोला ~जाओ, नदी पर दीवार बनवा दो, और सारा का सारा पानी रोक दो। हम नहीं चाहते कि पूर्व दिशा में स्थित देशों को पानी दिया जाये। मंत्री ने उत्तर दिया, लेकिन महाराज ! इससे हमें ही नुकसान होगा*
*राजा गुस्से में बोला ~नुकसान ! कैसा नुकसान । नुकसान तो हमारा हो रहा है, हमारा पानी पूरब के देश मुफ्त में ले रहे हैं और तुम कहते हो कि नुकसान हमारा ही होगा। मेरी आज्ञा का शीघ्र से शीघ्र पालन करो। मंत्री ने तुरंत कारीगरों को बुलाया और नदी पर दीवार बनाने का काम शुरू करवा दिया। कुछ ही दिनों में दीवार बन कर तैयार हो गयी।*
*राजा बहुत खुश हुआ पर उसकी मूर्खता की वजह से कुछ समय बाद नदी का पानी शहर के घरों में घुसने लगा। लोग अपनी परेशानी लेकर मंत्री के पास आये, मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह सब कुछ ठीक कर देगा.*
*मंत्री ने एक योज़ना बनाई। महल में एक घंटा बजाने वाला था। वह हर घंटे पर समय के अनुसार घंटा बजा देता था, जिससे सभी को समय का पता चल जाता था। मंत्री ने उस आदमी को आदेश दिया कि वह आज रात को जितना समय हो उसका दोगुना घंटा बजाये। आदमी ने ऐसा ही किया। जब रात के तीन बजे तो उसने 6 बार घंटा बजाया,जिसका अर्थ था कि सुबह के 6 बज गए हैं। घंटा बजते ही सभी लोग उठ गए,राजा भी उठ गया और बाहर आ गया,वहाँ पर मंत्री मौजूद था।राजा ने मंत्री से पूछा ~मंत्री ,अभी तक सुबह नहीं हुई है क्या ? और सूरज अभी तक निकला क्यों नहीं है ?*
*मंत्री ने उत्तर दिया ~ महाराज, सुबह तो पूरब की ओर से होती है क्योंकि सूरज पूरब की ओर से निकलता है,शायद पूरब के देशों ने सूरज को रोक दिया है। हमने उनका पानी रोक दिया था, इसीलिए अब हमारे राज्य में कभी सूरज नहीं निकलेगा।*
*राजा बहुत चिंतित हुआ और बोला ~ क्या अब कभी भी हमारे देश में सूरज नहीं निकलेगा ? हम सब अन्धकार में कैसे रहेंगे ?इसका उपाय बताओ मंत्री।*
*महाराज,यदि आप नदी का पानी छोड़ दें, तो शायद वे भी सूरज छोड़ देंगे, मंत्री ने उत्तर दिया।*
*राजा ने तुरंत मंत्री को हुक्म दिया कि वह नदी पर बनाई गयी दीवार को तुड़वाए। मंत्री ने राजा की आज्ञा का पालन किया और कारीगरों को आदेश दिया कि दीवार को तोड़ दिया जाये।*
*कारीगरों ने दीवार तोड़ दी, और जैसे ही दीवार टूटी , सचमुच सूर्योदय का समय हो चुका था, और दिव्यमान सूरज चारों तरफ अपनी लालिमा बिखेर रहा था।*
*सूरज को उगता देख राजा बहुत खुश हुआ ओर मंत्री को इनाम दिया और कहा ~ तुम्हारी वजह से आज हम फिर सूरज को देख पाये हैं। अब हमारे राज्य में कभी अँधेरा नहीं रहेगा। मंत्री ने मासूम सा मुँह बनाकर जवाब दिया ~ महाराज, यह तो मेरा फ़र्ज़ था।*
*👉शिक्षा*
*एक चतुर व्यक्ति आने वाली कठिनाईयों को पहले से देख लेता है , और उनका सामना करने की तैयारी कर लेता है। एक मूर्ख व्यक्ति आँखें बंद करके राह पर चलता रहता है , और दुष्परिणामों को भोगता रहता है। मूर्ख और समझदार में यही फर्क है कि चतुर बेवकूफी भरे सवाल से भी कुछ ना कुछ सीख लेता है।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 09 जुलाई 2026*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत - 1948*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ऋतु*
🌤️ *मास - आषाढ (गुजरात- महाराष्ट्र ज्येष्ठ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - नवमी सुबह 10:37 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र - अश्विनी दोपहर 02:56 तक तत्पश्चात भरणी*
🌤️ *योग - सुकर्मा सुबह 10:12 तक तत्पश्चात धृति*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 02:24 से शाम 04:04 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:04*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:23*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -*
💥*विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌷 *एकादशी व्रत के लाभ* 🌷
➡️ *10 जुलाई 2026 शुक्रवार को सुबह 08:16 से 11 जुलाई, शनिवार को प्रातः 05:22 तक एकादशी है।*
*10 जुलाई 2026 शुक्रवार को योगिनी एकादशी (स्मार्त) एवं 11 जुलाई, शनिवार को योगिनी एकादशी (भागवत)*
💥 *विशेष - 11 जुलाई, शनिवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें।*
🙏🏻 *जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख- शांति बनी रहती है ।*
🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।*
🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।*
🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है । पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ । भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।*
🌷 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷
🙏🏻 *एकादशी को दिया जला के विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें 👉🏻 .... विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l*
🌷 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🌷
🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है।*
