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खुलासा_फर्स्ट_18_अक्टूबर_2026_PDF_सेफ_है,_आप_इसे_पढ़_सकते_हैं.pdf10.98 MB
🍃🌾🌾
*18 OCTOBER 2026*
🌹 *आज की प्रेरणा* 🌹
अपने जीवन को इतना शानदार बनाएं कि आपको याद करके किसी निराश व्यक्ति की आंखों में चमक आ जाये।
*आज से हम* अपने जीवनशैली को दूसरों के लिए प्रेरणादायी बनाएं...
💧 *TODAY'S INSPIRATION* 💧
Make your life so beautiful that your remembrance brings a shine in the eyes of a disappointed person!
*TODAY ONWARDS LET'S* make our life an inspiration for others.
*SUNDAY SPECIAL....*
*🔥 आज का प्रेरक प्रसंग 🔥*
*🌹 अच्छे इंसान का निर्माता 🌹*
एक 6 वर्षीय लड़का अपनी 4 वर्षीय छोटी बहन के साथ बाजार से जा रहा था। अचानक उसे लगा कि उसकी छोटी बहन पीछे रह गई है। वह रुका, पीछे मुड़कर देखा तो जाना, कि उसकी बहन एक खिलौने की दुकान के सामने खड़ी कोई चीज निहार रही है। लड़का पीछे से आता है और बहन से पूछता है -'कुछ चाहिए तुम्हें?' लड़की एक गुड़िया की तरफ उंगली उठाकर दिखाती है। बच्चा उसका हाथ पकड़ता है, एक जिम्मेवार बड़े भाई की तरह अपनी बहन को वह गुड़िया उठा कर दे देता है। बहन बहुत खुश हो गई। दुकानदार यह सब देख रहा था। बच्चे का प्रगल्भ व्यवहार देखकर आश्चर्यचकित भी हुआ। अब वह बच्चा बहन के साथ काउंटर पर आया और दुकानदार से पूछा- 'सर कितनी कीमत है इस गुड़िया की?'
दुकानदार एक शांत और गंभीर व्यक्ति था। उसने जीवन के कई उतार-चढ़ाव देखे थे। उसने बड़े प्यार और अपनत्व से बच्चे से पूछा - 'बताओ बेटे आप क्या दे सकते हो?' बच्चा अपनी जेब से वह सारी सीपें बाहर निकाल कर दुकानदार को देता है, जो उसने थोड़ी देर पहले, बड़ी मेहनत से, अपनी बहन के साथ, समंदर के किनारे से चुन-चुन कर बीनी थी ।
दुकानदार वह सब लेकर यों गिनता है,जैसे कोई पैसे गिन रहा हो। सीपें गिनकर वह बच्चे की तरफ देखने लगा, तो बच्चा बोला- 'सर कुछ कम है क्या?'
दुकानदार- 'नहीं- नहीं यह तो इस गुड़िया की कीमत से भी ज्यादा है, मैं वापस देता हूं', यह कहकर उसने चार सीपें रख ली और बाकी की बच्चे को वापस दे दी । बच्चा बड़ी खुशी से, सीपें अपनी जेब में रखकर, बहन को साथ लेकर चला गया। यह सब उस दुकानदार का कर्मचारी देख रहा था। उसने आश्चर्य से मालिक से पूछा- 'मालिक इतनी महंगी गुड़िया, आपने केवल 4 सीपों के बदले में दे दी।'
दुकानदार एक स्मित संतुष्टि वाला हास्य करते हुए बोला-' हमारे लिए यह केवल सीप है, पर उस 6 साल के बच्चे के लिए अति मूल्यवान हैं, और अब इस उम्र में वह नहीं जानता कि पैसे क्या होते हैं। पर जब वह बड़ा होगा ना... और जब उसे याद आएगा कि उसने सीपों के बदले बहन को गुड़िया खरीद कर दी थी, तब उसे मेरी याद जरूर आएगी। और फिर वह सोचेगा कि यह विश्व अच्छे मनुष्यों से भी भरा हुआ है। यह बात उसके अंदर सकारात्मक दृष्टिकोण बढ़ाने में मदद करेगी, और वह भी एक अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित होगा।
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 18 अक्टूबर 2026*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत - 1948*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - शरद ऋतु*
🌤️ *मास - आश्विन*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - सप्तमी सुबह 08:27 तक अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र - पूर्वाषाढा दोपहर 12:49 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा*
🌤️ *योग - सुकर्मा रात्रि 11:56 तक तत्पश्चात धृति*
🌤️*राहुकाल - शाम 04:45 से शाम 06:12*
🌤️ *सूर्योदय - 06:36*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:10*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
🚩*व्रत पर्व विवरण - सरस्वती बलिदान, विजया सप्तमी, रविवारी सप्तमी (पुण्यकाल: सूर्योदय से सुबह 08:27 तक)*
*विशेष- सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
👉🏻 *विजया दशमी पर इनमे से करे कोई भी उपाय हर क्षेत्र मे मिलेगी सफलता चूकना मत*⤵️
🌷 *काम धंधे में सफलता एवं राज योग के लिए*
🙏🏻 *अगर काम धंधा करते समय सफलता नहीं मिलती हो या विघ्न आते हों तो शुक्ल पक्ष की अष्टमी हो.. बेल के कोमल कोमल पत्तों पर लाल चन्दन लगा कर माँ जगदम्बा को अर्पण करने से .... मंत्र बोले " ॐ ह्रीं नमः । ॐ श्रीं नमः । " और थोड़ी देर बैठ कर प्रार्थना और जप करने से राज योग बनता है गुरु मंत्र का जप और कभी कभी ये प्रयोग करें नवरात्रियों में तो खास करें | देवी भागवत में वेद व्यास जी ने बताया है।*
👉🏻 *नवरात्र में इस पत्ते को चढाने से होगी मनोकामनाएं पूर्ण*⤵️
🌷 *दुर्गाष्टमी* 🌷
➡ *19 अक्टूबर, सोमवार को दुर्गाष्टमी है।*
🙏🏻 *प्राचीन काल में दक्ष के यज्ञ का विध्वंश करने वाली महाभयानक भगवती भद्रकाली करोङों योगिनियों सहित अष्टमी तिथि को ही प्रकट हुई थीं।*
🌷 *नारदपुराण पूर्वार्ध अध्याय 117*
*आश्विने शुक्लपक्षे तु प्रोक्ता विप्र महाष्टमी ।। ११७-७६ ।।*
*तत्र दुर्गाचनं प्रोक्तं सव्रैरप्युपचारकैः ।।*
*उपवासं चैकभक्तं महाष्टम्यां विधाय तु ।। ११७-७७ ।।*
*सर्वतो विभवं प्राप्य मोदते देववच्चिरम् ।।*
🙏🏻 *आश्विन मास के शुक्लपक्ष में जो अष्टमी आती है, उसे महाष्टमी कहा गया है (महाष्टमी 30 सितम्बर मंगलवार को है उसमें सभी प्रकार से दुर्गा के पूजन का विधान है। जो महाष्टमी को उपवास अथवा एकभुक्त व्रत करता है, वह सब ओर से वैभव पाकर देवता की भाँति चिरकाल तक आनंदमग्न रहता है।*
🌷 *भविष्यपुराण, उत्तरपर्व, अध्याय – २६*
*देव, दानव, राक्षस, गन्धर्व, नाग, यक्ष, किन्नर, नर आदि सभी अष्टमी तथा नवमी को उनकी पूजा-अर्चना करते हैं | आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी और नवमी को जगन्माता भगवती श्रीअम्बिका का पूजन करने से सभी शत्रुओं पर विजय प्राप्त हो जाती है | यह तिथि पुण्य, पवित्रता, धर्म और सुख को देनेवाली है | इस दिन मुंडमालिनी चामुंडा का पूजन अवश्य करना चाहिये |*
👉🏻 *नवरात्र में कमलगट्टे का यह उपाय घर में वैभव बढाएगा*⤵️
🌷 *देवीभागवतपुराण पञ्चम स्कन्ध*
*अष्टम्याञ्च चतुर्दश्यां नवम्याञ्च विशेषतः ।*
*कर्तव्यं पूजनं देव्या ब्राह्मणानाञ्च भोजनम् ॥*
*निर्धनो धनमाप्नोति रोगी रोगात्प्रमुच्यते ।*
*अपुत्रो लभते पुत्राञ्छुभांश्च वशवर्तिनः ॥*
*राज्यभ्रष्टो नृपो राज्यं प्राप्नोति सार्वभौमिकम् ।*
*शत्रुभिः पीडितो हन्ति रिपुं मायाप्रसादतः ॥*
*विद्यार्थी पूजनं यस्तु करोति नियतेन्द्रियः ।*
*अनवद्यां शुभा विद्यां विन्दते नात्र संशयः ॥*
🙏🏻 *अष्टमी, नवमी एवं चतुर्दशी को विशेष रूप से देवीपूजन करना चाहिए और इस अवसर पर ब्राह्मण भोजन भी कराना चाहिए। ऐसा करने से निर्धन को धन की प्राप्ति होती है, रोगी रोगमुक्त हो जाता है, पुत्रहीन व्यक्ति सुंदर और आज्ञाकारी पुत्रों को प्राप्त करता है और राज्यच्युत राज को सार्वभौम राज्य प्राप्त करता है। देवी महामाया की कृपा से शत्रुओं से पीड़ित मनुष्य अपने शत्रुओं का नाश कर देता है। जो विद्यार्थी इंद्रियों को वश में करके इस पूजन को करता है, वह शीघ्र ही पुण्यमयी उत्तम विद्या प्राप्त कर लेता है इसमें संदेह नहीं है।*
🌷 *नवरात्रि अष्टमी को महागौरी की पूजा सर्वविदित है*
🙏🏻 *अग्निपुराण के अध्याय 268 में आश्विन् शुक्ल अष्टमी को भद्रकाली की पूजा का विधान वर्णित है।*
🙏🏻 *स्कन्दपुराण माहेश्वरखण्ड कुमारिकाखण्ड में आश्विन् शुक्ल अष्टमी को वत्सेश्वरी देवी की पूजा का विधान बताया है।*
🙏🏻 *गरुड़पुराण अष्टमी तिथिमें दुर्गा और नवमी तिथिमें मातृका तथा दिशाएँ पूजित होनेपर अर्थ प्रदान करती है ।*
