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DB_●_जयपुर_+_क्लासीफाइड_+_जयपुर_सिटी_भास्कर_+_मैट्रीमोनियल_●_10‹07‹2026.pdf21.72 MB
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*10 JULY 2026*
🦋 *आज की प्रेरणा* 🦋
हमारी पहचान हमारे बार-बार किये गए कर्मों से ही होती है। श्रेष्ठता कोई कर्म नहीं है बल्कि हमारी आदत है।
*आज से हम* श्रेष्ठता को अपनी आदत बनाएं...
💧 *TODAY'S INSPIRATION* 💧
We are what we repeatedly do. Excellence, then, is not an act, but a habit.
*TODAY ONWARDS LET'S* make excellence our habit.
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*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*
*!! मोह !!*
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एक बार गुरू ने अपने शिष्य को समझाते हुए, आम के पेड की कहानी सुनाई – एक आम का वृक्ष था जिसमें ढ़ेर सारे आम पके हुए थे, एक दिन उस पेड़ का मालिक आया और पेड़ पर चढ़कर सारे आम तोड़ने लगा।
परन्तु एक आम का फल वृक्ष से दूर होने का मोह छोड़ नहीं पाया और वहीं कहीं पत्तों की आड़ में छिप गया। उस पेड़ के मालिक को जब लगा कि उसने सारे आम तोड़ लिया है तब वह नीचे उतर गया और वहां से चला गया, यह सब वह छिपा हुआ आम देख रहा था।
फिर दूसरे दिन जब उस आम ने देखा कि उसके साथ के सारे आम तोड़े जा चुके हैं केवल उसी का मोह उसे पेड़ से अलग होने नहीं दे रहा है। उसे अपने मित्र आमों की याद सताने लगी।
वह बार-बार सोचता कि नीचे कूद जाऊ और अपने दोस्तों से जा मिलुं परन्तु उसे पेड़ का मोह अपनी ओर खींचने लगता, आम रोजाना इसी सोच में डूबा रहता।
चिंता का यह कीड़ा उसे लगातार काटे जा रहा था। जल्द ही वह सूखने लगा और एक दिन वह गुठली और छिलका के रूप में ही बस रह गया, उसके अंदर का सारा रस समाप्त हो गया था।
अब अपना आकर्षण खो देने के कारण उसके तरफ कोई देखता भी नहीं था। वह बहुत पछताने लगा कि संसार का कोई सेवा नहीं कर सका, और वह लोगों का काम भी नहीं आ सका, आखिरकार एक दिन तेज हवा का झोंका आया और वह डाली टूटकर नीचे गिर गया।
*शिक्षा:-*
*जरुरत से ज्यादा मोह आपको व्यर्थ बना सकता है, वो कहते हैं ना कि कहीं पहुंचने के लिए कहीं से निकलना बहुत जरुरी होता है। ठीक उसी तरह सफल होने के लिए मोह का त्याग करना आवश्यक होता है चाहे वह मोह आपके घर-परिवार, दोस्त-यार आदि का हो चाहे आपके कम्फर्ट जोन का..!!*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 10 जुलाई 2026*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - आषाढ (गुजरात- महाराष्ट्र ज्येष्ठ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - दशमी सुबह 08:16 तक तत्पश्चात एकादशी*
🌤️ *नक्षत्र - भरणी दोपहर 01:15 तक तत्पश्चात कृत्तिका*
🌤️ *योग - धृति सुबह 07:15 तक तत्पश्चात शूल*
🌤️*राहुकाल - सुबह 11:04 से दोपहर 12:44 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:04*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:23*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩*व्रत पर्व विवरण- योगिनी एकादशी (स्मार्त),एकादशी क्षय तिथि*
💥 विशेष-
🌷 *योगिनी एकादशी* 🌷
➡️ *10 जुलाई 2026 शुक्रवार को सुबह 08:16 से 11 जुलाई, शनिवार को प्रातः 05:22 तक एकादशी है।*
*10 जुलाई 2026 शुक्रवार को योगिनी एकादशी (स्मार्त) एवं 11 जुलाई, शनिवार को योगिनी एकादशी (भागवत)*
💥 *विशेष - 11 जुलाई, शनिवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।*
🙏🏻 *निर्णयसिन्धु के प्रथम परिच्छेद में एकादशी के निर्णय में 18 भेद कहे गये हैंl*
🙏🏻 *कालहेमाद्रि में मार्कण्डेयजी ने कहा है – जब बहुत वाक्य के विरोध से यदि संदेह हो जाय तो एकादशी का उपवास द्वादशी को ग्रहण करे और त्रयोदशी में पारणा करे ।*
🙏🏻 *पद्म पुराण में आता है कि एकादशी व्रत के निर्णय में सब विवादों में द्वादशी को उपवास तथा त्रयोदशी में पारणा करे ।*
🙏🏻 *दशमी मिश्रित एकादशी परित्यज्य है । द्वादशी युक्त एकादशी उपवास योग्य है किन्तु दशमी युक्त एकादशी में कभी भी उपवास नहीं करना चाहिए । - सौरधर्मोत्तर*
🙏🏻 *द्वादशी मिश्रित एकादशी सर्वदा ही ग्रहण योग्य है । "द्वादशी मिश्रित ग्राह्या सर्वत्रैकादशी तिथिः" - पद्मपुराण*
🙏🏻 *नारद पुराण में वर्णित है कि जिस समय बहुवाक्य विरोध के कारण संदेह उपस्थित हो उस समय द्वादशी में उपवास करते हुए त्रयोदशी में पारण करना चाहिए।*
💥 *विशेष ~ अतः इस बार भी शास्त्र अनुसार 11 जुलाई, शनिवार को उपवास करें*।
🌷 *योगिनी एकादशी* 🌷
➡️ *11 जुलाई 2026 शनिवार को योगिनी एकादशी भागवत है।*
🙏🏻 *योगिनी एकादशी (महापापों को शांत कर महान पुण्य देनेवाला तथा 88000 ब्राह्मणों को भोजन कराने का फल देनेवाला व्रत)*
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