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🍃💫🍃
*11 SEPTEMBER 2026*
*🌹 आज की प्रेरणा 🌹*
इस तरह बात करें कि लोग आपको सुनना पसंद करें... इस तरह सुनें कि लोग आपसे बात करना पसंद करें।
*आज से हम* प्यार से बात करें और सुनें...
*💧 TODAY'S INSPIRATION 💧*
Speak in such a way that others love to listen to you. Listen in such a way that others love to speak to you!
*TODAY ONWARDS LET'S* speak and listen lovingly.
*🔥 आज का प्रेरक प्रसंग 🔥*
*🌹 हाँ भगवान है 🌹*
एक मेजर के नेतृत्व में 15 जवानों की एक टुकड़ी हिमालय के अपने रास्ते पर थी। बेहताशा ठण्ड में मेजर ने सोचा की अगर उन्हें यहाँ एक कप चाय मिल जाती तो आगे बढ़ने की ताकत आ जाती। लेकिन रात का समय था आस-पास कोई बस्ती भी नहीं थी, लगभग एक घंटे की चढ़ाई के पश्चात् उन्हें एक जर्जर चाय की दुकान दिखाई दी। लेकिन अफ़सोस उस पर ताला लगा था
भूख और थकान की तीव्रता के चलते जवानों के आग्रह पर मेजर साहब दुकान का ताला तुड़वाने को राज़ी हो गये, खैर ताला तोड़ा गया तो अंदर उन्हें चाय बनाने का सभी सामान मिल गया। जवानों ने चाय बनाई साथ वहां रखे बिस्किट आदि खाकर खुद को राहत दी। थकान से उबरने के पश्चात् सभी आगे बढ़ने की तैयारी करने लगे लेकिन मेजर साहब को यूँ चोरो की तरह दुकान का ताला तोड़ने के कारण आत्मग्लानि हो रही थी। उन्होंने अपने पर्स में से एक हज़ार का नोट निकाला और चीनी के डब्बे के नीचे दबाकर रख दिया तथा दुकान का शटर ठीक से बंद करवाकर आगे बढ़ गए।
तीन महीने की समाप्ति पर इस टुकड़ी के सभी 15 जवान सकुशल अपने मेजर के नेतृत्व में उसी रास्ते से वापिस आ रहे थे।रास्ते में उसी चाय की दुकान को खुला देखकर वहां विश्राम करने के लिए रुक गए। उस दुकान का मालिक एक बूढ़ा चाय वाला था ।जो एक साथ इतने ग्राहक देखकर खुश हो गया और उनके लिए चाय बनाने लगा। चाय की चुस्कियों और बिस्कुटों के बीच वो बूढ़े चाय वाले से उसके जीवन के अनुभव पूछने लगे खासतौर पर
इतने बीहड़ में दूकान चलाने के बारे में बूढ़ा उन्हें कईं कहानियां सुनाता रहा और साथ ही भगवान का शुक्र अदा करता रहा।
तभी एक जवान बोला " बाबा आप भगवान को इतना मानते हो अगर भगवान सच में होता तो फिर उसने तुम्हे इतने बुरे हाल में क्यों रखा हुआ है"।
बाबा बोला "नहीं साहब ऐसा नहीं कहते भगवान के बारे में, भगवान तो है और सच में है .... मैंने देखा है।
आखरी वाक्य सुनकर सभी जवान कोतुहल से बूढ़े की ओर देखने लगे।
बूढ़ा बोला "साहब मै बहुत मुसीबत में था एक दिन मेरे इकलौते बेटे को आतंकवादीयों ने पकड़ लिया उन्होंने उसे बहुत मारा पिटा, लेकिन उसके पास कोई जानकारी नहीं थी इसलिए उन्होंने उसे मार पीट कर छोड़ दिया। मैं दुकान बंद करके उसे हॉस्पिटल ले गया मै बहुत तंगी में था साहब और आतंकवादियों के डर से किसी ने उधार भी नहीं दिया। मेरे पास दवाइयों के पैसे भी नहीं थे और मुझे कोई उम्मीद नज़र नहीं आती थी उस रात साहब मै बहुत रोया और मैंने भगवान से प्रार्थना की और मदद मांगी "और साहब ... उस रात स्वयं भगवान मेरी दुकान में आए। मै सुबह अपनी दुकान पर पहुंचा ताला टूटा देखकर मुझे लगा की मेरे पास जो कुछ भी थोड़ा बहुत था वो भी सब लुट गया। मै दुकान में घुसा तो देखा 1000 रूपए का एक नोट चीनी के डब्बे के नीचे भगवान ने मेरे लिए रखा हुआ है"।
"साहब ..... उस दिन एक हज़ार के नोट की कीमत मेरे लिए क्या थी शायद मै बयान न कर पाऊं ... लेकिन भगवान है साहब ... भगवान तो है" बूढ़ा फिर अपने आप में बड़बड़ाया।
भगवान के होने का आत्मविश्वास उसकी आँखों में साफ़ चमक रहा था।
यह सुनकर वहां सन्नाटा छा गया।
पंद्रह जोड़ी आंखे मेजर की तरफ देख रही थी जिसकी आंख में उन्हें अपने लिए स्पष्ट आदेश था "चुप रहो "
*मेजर साहब उठे, चाय का बिल अदा किया और बूढ़े चाय वाले को गले लगाते हुए बोले "हाँ बाबा आप सही कह रहे हैं , भगवान तो है.... और तुम्हारी चाय भी शानदार थी"*
और उस दिन उन पंद्रह जोड़ी आँखों ने पहली बार मेजर की आँखों में चमकते पानी के दुर्लभ दृश्य का दर्शन किया।
सच्चाई यही है की भगवान हमें कब किसी का सहायक बनाकर कहीं भेज दे ये खुद तुम भी नहीं जानते। इसलिए जीवन में प्रयास करना चाहिए कि हम किसी अच्छे कार्य में किसी की मदद कर सके।
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 11 सितंबर 2026*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत - 1948*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - शरद ऋतु*
🌤️ *मास - भाद्रपद (गुजरात महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - अमावस्या सुबह 08:56 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
🌤️ *नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी दोपहर 01:16 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*
🌤️ *योग - साध्य शाम 05:02 तक तत्पश्चात शुभ*
🌤️*राहुकाल - सुबह 11:03 से दोपहर 12:35 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:25*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:44*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
🚩*व्रत पर्व विवरण - भाद्रपद अमावस्या, कुशोत्पाटिनी अमावस्या, अमावस्यांत श्रावण मास समाप्त*
*विशेष - अमावस्या एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
👉🏻 *भाद्रअमावस्या पर जरूर करे 1 कार्य परिवार रहेगा सुरक्षित, समृद्धि में होगी वृद्धिपित्र दोष निवारण होगा*⤵️
🌷 *सौ गुना फलदायी “शिवा चतुर्थी”* 🌷
➡ *14 सितम्बर 2026 सोमवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी है ।*
🙏🏻 *भविष्य पुराण के अनुसार ‘भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का नाम ‘शिवा’ है | इस दिन किये गये स्नान, दान, उपवास, जप आदि सत्कर्म सौ गुना हो जाते हैं |*
👩🏼 *इस दिन जो स्री अपने सास-ससुर को गुड़ के तथा नमकीन पुए खिलाती है वह सौभाग्यवती होती है | पति की कामना करनेवाली कन्या को विशेषरूप से यह व्रत करना चाहिए |’*
👉🏻 *11 सितम्बर को यह वस्तु इस मंत्र को बोलकर अवश्य लाए वर्ष भर करेगी कार्य*⤵️
🌷 *गणेश चतुर्थी* 🌷 🙏🏻 *( ‘ॐ गं गणपतये नम:’ मंत्र का जप करने और गुड़मिश्रित जल से गणेशजी को स्नान कराने एवं दूर्वा व सिंदूर की आहुति देने से विघ्न-निवारण होता है तथा मेधाशक्ति बढ़ती है| )*
🌷 *गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन कलंक निवारण के उपाय*
➡ *इस वर्ष - 14 सितम्बर 2026 सोमवार को चंद्र दर्शन निषेध चन्द्रास्त : रात्रि 08:53*
🙏🏻 *भारतीय शास्त्रों में गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन निषेध माना गया है इस दिन चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति को एक साल में मिथ्या कलंक लगता है। भगवान श्री कृष्ण को भी चंद्र दर्शन का मिथ्या कलंक लगने के प्रमाण हमारे शास्त्रों में विस्तार से वर्णित है।*
🌷 *भाद्रशुक्लचतुथ्र्यायो ज्ञानतोऽज्ञानतोऽपिवा।*
*अभिशापीभवेच्चन्द्रदर्शनाद्भृशदु:खभाग्॥*
🙏🏻 *अर्थातः जो जानबूझ कर अथवा अनजाने में ही भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को चंद्रमा का दर्शन करेगा, वह अभिशप्त होगा। उसे9 बहुत दुःख उठाना पडेगा।*
🙏🏻 *गणेश पुराण के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्रमा देख लेने पर कलंक अवश्य लगता है। ऐसा गणेश जी का वचन है।*
🙏🏻 *भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन न करें यदि भूल से चंद्र दर्शन हो जाये तो उसके निवारण के निमित्त श्रीमद्भागवत के १०वें स्कंध, ५६-५७वें अध्याय में उल्लेखित स्यमंतक मणि की चोरी कि कथा का श्रवण करना लाभकारक है। जिससेे चंद्रमा के दर्शन से होने वाले मिथ्या कलंक का ज्यादा खतरा नहीं होगा।*
🌷 *चंद्र-दर्शन दोष निवारण हेतु मंत्र* 🌷
🙏🏻 *यदि अनिच्छा से चंद्र-दर्शन हो जाये तो व्यक्ति को निम्न मंत्र से पवित्र किया हुआ जल ग्रहण करना चाहिये। मंत्र का २१, ५४ या १०८ बार जप करें । ऐसा करने से वह तत्काल शुद्ध हो निष्कलंक बना रहता है। मंत्र निम्न है।*
🌷 *सिंहः प्रसेनमवधीत् , सिंहो जाम्बवता हतः।*
*सुकुमारक मा रोदीस्तव, ह्येष स्यमन्तकः ॥*
🙏🏻 *अर्थात: सुंदर सलोने कुमार! इस मणि के लिये सिंह ने प्रसेन को मारा है और जाम्बवान ने उस सिंह का संहार किया है, अतः तुम रोओ मत। अब इस स्यमंतक मणि पर तुम्हारा ही अधिकार है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, अध्यायः ७८)*
🙏🏻 *चौथ के चन्द्रदर्शन से कलंक लगता है | इस मंत्र-प्रयोग अथवा स्यमन्तक मणि कथा के वचन या श्रवण से उसका प्रभाव कम हो जाता है |*
