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Acharya Prashant

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Official Telegram Channel of Acharya Prashant. - YouTube: youtube.com/acharyaprashant - Facebook: https://www.facebook.com/AdvaitAcharyaPrashant

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📈 تحلیل کانال تلگرام Acharya Prashant

کانال Acharya Prashant (@withacharyaprashant) در بخش زبانی هندی بازیگری فعال است. در حال حاضر جامعه شامل 16 358 مشترک است و جایگاه 5 105 را در دسته دین و مذهبی و رتبه 24 962 را در منطقه الهند دارد.

📊 شاخص‌های مخاطب و پویایی

از زمان ایجاد در невідомо، پروژه رشد سریعی داشته و 16 358 مشترک جذب کرده است.

بر اساس آخرین داده‌ها در تاریخ 01 سپتامبر, 2026، کانال فعالیت پایداری دارد. در ۳۰ روز گذشته تغییر اعضا برابر -94 و در ۲۴ ساعت گذشته برابر -7 بوده و همچنان دسترسی گسترده‌ای حفظ شده است.

  • وضعیت تأیید: تأیید شده (به صورت رسمی توسط تلگرام)
  • نرخ تعامل (ER): میانگین تعامل مخاطب 8.44% است و در ۲۴ ساعت نخست پس از انتشار، محتوا معمولاً 4.20% واکنش نسبت به کل مشترکان کسب می‌کند.
  • دسترسی پست‌ها: هر پست به طور میانگین 1 381 بازدید دریافت می‌کند. در اولین روز معمولاً 687 بازدید جمع‌آوری می‌شود.
  • واکنش‌ها و تعامل: مخاطبان به‌طور فعال حمایت می‌کنند؛ میانگین واکنش به هر پست 11 است.
  • علایق موضوعی: محتوا بر موضوعات کلیدی مانند आचार्य, प्रशांत, सत्र, अप्रैल, जीवन تمرکز دارد.

📝 توضیح و سیاست محتوایی

نویسنده این فضا را محل بیان دیدگاه‌های شخصی توصیف می‌کند:
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به لطف به‌روزرسانی‌های پرتکرار (آخرین داده در تاریخ 02 سپتامبر, 2026)، کانال همواره به‌روز و دارای دسترسی بالاست. تحلیل‌ها نشان می‌دهد مخاطبان به‌طور فعال با محتوا تعامل دارند و آن را به نقطه اثرگذاری مهم در دسته دین و مذهبی تبدیل کرده‌اند.

16 358
مشترکین
-724 ساعت
-297 روز
-9430 روز
آرشیو پست ها
श्रीकृष्ण का विराट रूप ...

श्रीकृष्ण और कंस

श्रीकृष्ण आपसे कह रहे हैं ...

Weekend With Master Goa: What happens in HIDP? 🌴🌊 Weekend With Master camps with Acharya Prashant are happening in Goa every weekend! ✨️ These camps feature HIDP (Holistic Individual Development Program) activities 🕊️ This journey of wisdom continues in Goa in September too - all sessions on holidays 🎉 👉🏻 Registration link: https://acharyaprashant.org/en/upcoming-events?cmId=m00002-allevents Friends and family can come along too 👨‍👩‍👧 📅 Dates: 12-13 September (Saturday-Sunday) 14 September (Ganesh Chaturthi) 19-20 September (Saturday-Sunday) 26-27 September (Saturday-Sunday) 📍 Venue: Goa

बच्चे के मुंह में ब्रह्मांड कहां से आ गया?

जन्माष्टमी मनाने का सुंदर तरीका यह है कि इसे श्रीकृष्ण का नहीं, अपना जन्म दिवस मानें। श्रीकृष्ण का तो कोई जन्म होता नहीं क्यो
जन्माष्टमी मनाने का सुंदर तरीका यह है कि इसे श्रीकृष्ण का नहीं, अपना जन्म दिवस मानें। श्रीकृष्ण का तो कोई जन्म होता नहीं क्योंकि श्रीकृष्ण कभी मरे ही नहीं। हम हैं जिन्हें जन्म की आवश्यकता है। कहें, "मैं जैसे साल भर जीता आ रहा हूँ, अब वैसे नहीं जिऊँगा।" आज पुनः जन्म होगा मेरा। साल भर की हबड़-दबड़ में एक दिन आपको मौका मिला है ठहरने का। यह ठहरना ही नया जन्म है। ठहरकर देखिए कि 'आप कैसे हैं'। जब आप अपनी ओर देखते हैं, आपकी आँखों के पीछे जो होता है उसे श्रीकृष्ण कहते हैं। आँखों के आगे तो आपकी बनाई मूर्तियाँ होंगी। श्रीकृष्ण आँखों के आगे कम, आँखों के पीछे ज़्यादा होते हैं। श्रीकृष्ण वो स्रोत हैं जो आपको ताकत देते हैं कि आप बिना डरे देख पाएँ। हर पर्व आपको यही बताने के लिए आता है कि रुको, उठो, बदलो, जियो। ~ आचार्य प्रशांत

कृष्ण वो देह नहीं है, जो मोर पंख धारण करती है, जो मुरली धारण करती है। वह देह नहीं है कृष्ण। कृष्ण वो बोध है, जो कालातीत है, जो जगत की उत्पत्ति के समय अभी तक तब उसका नाम कुछ और रहा होगा, पर वो भी कृष्ण ही था। अर्जुन के सामने जो कृष्ण खड़े हुए हैं, वो कृष्ण का बस एक विशेष रूप है। वो रूप तो चला जाएगा। जैसे अर्जुन की देह मरनी है, वैसे ही कृष्ण की वो विशेष देह भी मरेगी, मरी थी ना। आप जिनको कृष्ण कहते हैं, वो कृष्ण के अनंत रूपों में एक रूप है, जो अर्जुन के सामने था। तो एक चेहरे को कृष्ण मत समझ लेना। यह बात वो अर्जुन को नहीं समझा रहे, यह बात आप सब अर्जुनों को समझा रहे हैं कि तुम मुझे भी बस एक चेहरा माने बैठे हो। अरे मैं चेहरा नहीं हूं बाबा। मैं चेहरे से बहुत आगे का हूं। मेरे न जाने कितने चेहरे हो चुके हैं। हर बोधवान चेतना का चेहरा, हर प्रबुद्ध चेहरा मेरा ही चेहरा है। अर्जुन, हर वो व्यक्ति कृष्ण है, जो बोध में जी रहा है। जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म का अभ्युदय होता है, अधर्म सर चढ़ के बोलता है, तब-तब मैं उस धारा से अपने आप को प्रकट करता हूं। तो प्रकट होना क्या कृष्ण का फैसला है? नहीं, नहीं, कृष्ण का नहीं है। कृष्ण तो हैं। वो प्रकट होंगे या नहीं होंगे, यह आपका फैसला, आपका चुनाव है।

श्रीकृष्ण कौन हैं?

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जन्माष्टमी: पुजारी की पीड़ा, "लोगों ने मूर्तिपूजा का मज़ाक बना दिया" क्या मूर्तिपूजा सही है या गलत? क्या मूर्ति के सामने पूजा और प्रार्थना आत्मज्ञान की दिशा में ले जा सकती है, या हम उसे अपनी इच्छाओं की पूर्ति का साधन बना लेते हैं? इस चर्चा में आचार्य प्रशांत बताते हैं कि मूर्ति न अच्छी है, न बुरी। उसका उपयोग हमारी नीयत पर निर्भर करता है। मूर्ति का उद्देश्य स्वयं को देखने वाले दर्पण की तरह होना है, ताकि कृष्ण, राम, बुद्ध जैसे महापुरुषों के सामने खड़े होकर अपनी क्षुद्रता और अपनी उच्चतम संभावना को देखा जा सके। जन्माष्टमी के संदर्भ में वे समझाते हैं कि श्रीकृष्ण की मूर्ति के सामने खड़े होकर यदि गीता और निष्काम कर्म याद नहीं आते, तो मूर्तिपूजा का उद्देश्य ही चूक गया। मुख्य विषय: - मूर्तिपूजा सही है या गलत? - मूर्ति का सही उपयोग और दुरुपयोग - मूर्ति, अहंकार और Self-Deception - कृष्ण की मूर्ति और भगवद्गीता - जन्माष्टमी का वास्तविक अर्थ - गुरु, ग्रंथ और मूर्ति का उद्देश्य - धर्म और कामनाएँ - आत्मज्ञान और आत्म-अवलोकन

गोवा की हरियाली और बोध की संगत - Weekend With Master सितंबर! 🌴✨ मानसून की फुहारें थमते ही गोवा अपने सबसे खूबसूरत रूप में होता है - हरियाली से भरपूर, ठंडी-सुहानी हवा और भीड़-भाड़ से दूर। यही है गोवा आने का सबसे बेहतरीन समय! ✨ आचार्य प्रशांत के साथ बोध का सिलसिला सितंबर में भी गोवा में जारी रहेगा। गणेश चतुर्थी महोत्सव भी होने जा रहा है। 👉🏻 रजिस्ट्रेशन लिंक: https://acharyaprashant.org/en/upcoming-events?cmId=m00002-allevents इन शिविरों के साथ भी जुड़ी होंगी HIDP (Holistic Individual Development Program) की ऐक्टिविटीज़ 🕊️ मित्रों व परिवार को भी साथ ला सकते हैं 👨‍👩‍👧

'नदी को साफ़ करने की ज़रूरत नहीं। उस प्रदूषक को साफ़ करने की ज़रूरत है, जो स्रोत पर बैठा है।' - आचार्य प्रशांत, लंदन क्लाइमेट
'नदी को साफ़ करने की ज़रूरत नहीं। उस प्रदूषक को साफ़ करने की ज़रूरत है, जो स्रोत पर बैठा है।' - आचार्य प्रशांत, लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक में 🌍🇮🇳🇬🇧 पूर्व जलवायु राजनयिक गॉतिए उएल के साथ हुए इस संवाद में आचार्य प्रशांत ने बताया कि जब तक हम भीतर नहीं देखेंगे, बाहर की दुनिया को ठीक करने का कोई मतलब नहीं। 🎥 देखें: https://www.youtube.com/watch?v=NkMC9IXCRRs&cmId=m00002-ukytlcaw

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On Janmashtami, we may decorate temples.
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