360 Degrees
News Views and Analysis Our Youtube Channel - https://youtube.com/@360degreesNVA Channel Owner FB profile - https://www.facebook.com/manishsharma4u?mibextid=ZbWKwL Twitter - https://twitter.com/360Degreesnva?t=dgTt_r-GthjyH_4-U5lEuA&s=09
Ko'proq ko'rsatish📈 Telegram kanali 360 Degrees analitikasi
360 Degrees (@threesixtydegrees) Hind til segmentidagi kanali faol ishtirokchi. Hozirda hamjamiyat 16 603 obunachidan iborat bo'lib, Yangiliklar & Media toifasida 13 112-o'rinni va Hindiston mintaqasida 25 465-o'rinni egallagan.
📊 Auditoriya ko‘rsatkichlari va dinamika
невідомо sanasidan buyon loyiha tez o‘sib, 16 603 obunachiga ega bo‘ldi.
03 Iyul, 2026 dagi oxirgi ma’lumotlarga ko‘ra kanal barqaror faollikka ega. Oxirgi 30 kunda obunachilar soni 218 ga, so‘nggi 24 soatda esa 14 ga o‘zgardi va umumiy qamrov yuqori darajada qolmoqda.
- Tasdiqlash holati: Tasdiqlanmagan
- Jalb etish (ER): Auditoriya o‘rtacha 16.73% darajada jalb etiladi. Nashrdan keyingi dastlabki 24 soatda kontent odatda umumiy obunachilar sonining 12.80% ini tashkil etuvchi reaksiyalarni to‘playdi.
- Post qamrovi: Har bir post o‘rtacha 2 778 marta ko‘riladi; birinchi sutkada odatda 2 125 ta ko‘rish yig‘iladi.
- Reaksiyalar va o‘zaro ta’sir: Auditoriya faol: har bir postga o‘rtacha 143 ta reaksiya keladi.
- Tematik yo‘nalishlar: Kontent भारत, चुनाव, बात, बंगाल, लोग kabi asosiy mavzularga jamlangan.
📝 Tavsif va kontent siyosati
Muallif resursni shaxsiy fikrni ifoda etish maydoni sifatida ta’riflaydi:
“News Views and Analysis
Our Youtube Channel - https://youtube.com/@360degreesNVA
Channel Owner FB profile - https://www.facebook.com/manishsharma4u?mibextid=ZbWKwL
Twitter - https://twitter.com/360Degreesnva?t=dgTt_r-GthjyH_4-U5lEuA&s=09”
Yuqori yangilanish chastotasi (oxirgi ma’lumot 04 Iyul, 2026 da olingan) sababli kanal doimo dolzarb va katta qamrovli bo‘lib qoladi. Analitika auditoriya kontent bilan faol hamkorlik qilishini, uni Yangiliklar & Media toifasidagi muhim ta’sir nuqtasiga aylantirishini ko‘rsatadi.
Ma'lumot yuklanmoqda...
| Sana | Obunachilarni jalb qilish | Esdaliklar | Kanallar | |
| 04 Iyul | +1 | |||
| 03 Iyul | +16 | |||
| 02 Iyul | 0 | |||
| 01 Iyul | +10 |
| 2 | India Targets $1 trillion in exports for #FY27, aiming for $530 billion in merchandise and $470 billion in services.
—Govt Of India 🇮🇳 | 500 |
| 3 | फोर्ड ने कुछ समय पहले हजारों Engineers को निकाल दिया था..... अब उन्हें यह महसूस हुआ कि AI इस समय अनुभवी इंजीनियरों की पूरी तरह जगह नहीं ले सकता.... अब फोर्ड ने सैकड़ों अनुभवी इंजीनियरों को दोबारा काम पर रखा है.
Ford कुछ समय से Quality Check के लिए AI और ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल कर रही थी।
लेकिन एक समस्या थी.....
मशीनें स्कैन कर सकती थीं।
वे माप ले सकती थीं।
वे Defect की पहचान भी कर सकती थीं।
लेकिन वे हमेशा उन बातों को नहीं समझ पाती थीं, जिन्हें अनुभवी इंजीनियर एक नज़र में पहचान लेते थे।
जैसे इंजन से आने वाली कोई अजीब आवाज़।
डिज़ाइन की कोई बहुत छोटी कमी।
या कोई ऐसा पार्ट, जो टेस्ट में पास हो गया हो, लेकिन अनुभवी इंजीनियर को सही न लगे।
ऐसी समस्याएँ अक्सर वही लोग पहचान पाते हैं, जिन्होंने वर्षों तक इस काम का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया हो।
इसी वजह से फोर्ड ने सैकड़ों अनुभवी इंजीनियरों और तकनीशियनों को फिर से नियुक्त किया।
सिर्फ जांच करने के लिए नहीं,
बल्कि नए कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए,
समस्याओं को पहले ही पहचानने के लिए,
AI सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए,
और वह अनुभव व निर्णय क्षमता वापस लाने के लिए, जिसकी बराबरी AI अभी भी पूरी तरह नहीं कर पाया है।
यह हमें याद दिलाता है कि अनुभव सिर्फ जानकारी नहीं होता।
यह सहज समझ (Instinct), पैटर्न पहचानने की क्षमता, याददाश्त, और सालों के व्यावहारिक अनुभव का परिणाम होता है।
AI बहुत शक्तिशाली है, लेकिन कई बार 30 साल तक इंजनों के साथ काम करने वाला इंसान आज भी ऐसी बातें समझ जाता है, जिन्हें मशीन अभी नहीं समझ पाती। | 828 |
| 4 | Matn yo'q... | 808 |
| 5 | कॉकरोचों ने बिचारे सोनम वांगचुक को बलि का बक रा बना दिया है।
उनको लगा था कि मैं आंदोलन में जाऊंगा, जोरदार भाषणबाजी होगी, मैं धरने पर बैठूंगा... और जरूरत पड़ी तो 1-2 दिन भूख हड़ताल भी कर लेंगे... पर इसके एवज में रातोंरात अन्ना हजारे वाला कद बन जाएगा।
सब्जबाग दिखाकर लाने वाले अभिजीत डिप्के (आशिक छल्ला बल्ला फेम) और बाकी के लोगों ने भूख हड़ताल करने को मना कर दिया। कोई कह रहा मुझे माइग्रेन है, कोई कह रहा मेरा शुगर लौ है तो कोई कह रहा मैं तो भूख हड़ताल के लिए बना ही नहीं!
अब नतीजा यह हुआ कि बिचारे सोनम फंस गए। मेटल की बोतल में पानी पीकर और 3 4 बार थैली लेकर वाशरूम जाते जाते जब वो तंग हो गए तो मंच से कह ही दिया;
मैं यहां भूख हड़ताल पर बैठा हूँ, और आप लोग ठूस ठूस के खा रहे हो।
बिचारे नए नए कजरू को समझ न आया कि इस बात पर शर्मिंदा होना है या हँसना है? खैर उन्होंने पेटिस पर ध्यान केंद्रित कर...4 5 पेटिस के साथ दो कचोरी निपटा दी।
अब सोनम आँख पर पट्टी बांधकर भविष्य का सोच रहे हैं, और अभिजीत उर्फ कजरु अपने फॉलोअर्स और लाइक गिन रहे हैं!
और जनता बस बैठ कर देख रही है।
ऐसे आएगी क्रांति!
बाकी तो...
-टीशा अग्रवाल | 1 296 |
| 6 | ये हैं विजेंदर सिंह चौहान.
UPSC के इंटरव्यू के वीडियो बनाते हैं.....दिल्ली के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज में अस्सिटेंट प्रोफेसर हैं. ये भी अपनी खुजली मिटाने के लिए कॉकरोच पार्टी के धरने पर पहुँचे.
और NEET paper लीक के विरोध में हुए धरने में यह महाशय Nicobar प्रोजेक्ट के विरोध में रोना धोना कर रहे हैं.
कोई लॉजिक हुआ इस बात का?
और फिर लोग कहते हैं कि कॉकरोच पार्टी को गाली क्यों पडती है. यह देशविरोधी तत्वों का जमघट है.... बस. | 1 272 |
| 7 | ये है 117 में से 61 भारतीयों के नाम जो चाहते हैं कि भारत पाकिस्तान में बातचीत होनी चाहिए।
चेहरे ज्यादातर कांग्रेसी, मुस्लिम और वामपंथी ही मिलेंगे। | 1 376 |
| 8 | Delhi Riots larger Conspiracy case | Karkardooma Court rejected the bail pleas of Umar Khalid and Sharjeel Imam.
They had approached the trial court for regular bail in UAPA case linked with the alleged larger Conspiracy of Delhi riots 2020. | 1 382 |
| 9 | अफगानिस्तान वाले ICC चेयरमैन जय शाह का धन्यवाद करते हुए.... क्यूंकि जय शाह ने अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट को बहुत सपोर्ट किया है.
इन दिनों अफगानिस्तान के खोस्त में एक क्रिकेट लीग चल रही है... जो बेहद लोकप्रिय हो गई है लोकल्स में.
यह एक सामान्य तस्वीर है... लेकिन इसे देख कर पडोसी मुल्क पाकिस्तान और हमारे देश के कुछ लोगों की सुलग जायेगी 🤣🤣🤣 | 1 531 |
| 10 | आज सुबह CJP प्रदर्शन में मुश्किल से 50 लोग थे…
फिर जब जुन्नैद भाई ब्रेड पकोड़े लेकर पहुंचे — अचानक भीड़ 100-150 हो गई!
अभिजीत दीपके ने खुद दो ब्रेड पकोड़े खाए 😋
इधर सोनम वांगचुक बार-बार टॉयलेट भाग रहे हैं…
भाई, भूख हड़ताल है या पकोड़े हड़ताल? 😂
जुन्नैद भाई, कल नाश्ते में क्या ला रहे हो? RSVP कर दो, भीड़ और बढ़ जाएगी! | 1 568 |
| 11 | अगर सांप और ध्रुव राठी एकसाथ दिखें
तो पहली लाठी ध्रुव राठी में दो. | 1 693 |
| 12 | हर्ष फायरिंग केस: BJP विधायक राजू कुमार सिंह को 4 साल की जेल, 25 लाख मुआवजा | 1 644 |
| 13 | भारत ने अभी-अभी एयरो-इंजन में एक और मील का पत्थर पार किया है। 🇮🇳✈️
ARCI हैदराबाद के रिसर्चर्स ने एडवांस्ड मेटल 3D प्रिंटिंग में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है, जो सीधे तौर पर भारत के स्वदेशी कावेरी 2.0 फाइटर इंजन प्रोग्राम को मज़बूत कर सकती है।
उन्होंने SS316L स्टेनलेस स्टील और IN718 निकल-बेस्ड सुपरअलॉय को सफलतापूर्वक फ्यूज किया
ये दो मेटल हैं जिन्हें एयरोस्पेस इंजीनियर दशकों से क्रैकिंग और थर्मल स्ट्रेस की वजह से मज़बूती से जोड़ने में मुश्किल महसूस कर रहे थे।
यह क्यों मायने रखता है?
मॉडर्न फाइटर इंजन बहुत ज़्यादा तापमान में काम करते हैं। अलग-अलग सेक्शन के लिए अलग-अलग मटीरियल की ज़रूरत होती है, लेकिन उन्हें जोड़ना हमेशा से एयरो-इंजन डिज़ाइन में सबसे मुश्किल मैन्युफैक्चरिंग चुनौतियों में से एक रहा है।
यह कामयाबी ज़्यादा एडवांस्ड, इंटीग्रेटेड इंजन कंपोनेंट्स, बेहतर मटीरियल इस्तेमाल, इम्पोर्टेड हाई-एंड सुपरअलॉय पर कम निर्भरता, और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के ज़रिए ज़्यादा डिज़ाइन फ्लेक्सिबिलिटी के रास्ते खोलती है।
80–85 kN कावेरी 2.0 प्रोग्राम के लिए, हर इंजीनियरिंग सुधार मायने रखता है। हल्के, ज़्यादा कुशल स्ट्रक्चर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस, स्वदेशी फाइटर इंजन इकोसिस्टम की ओर भारत के लंबे समय के रास्ते को मज़बूत करते हैं।
इससे भी ज़रूरी बात यह है कि यह क्षमता एक इंजन से कहीं ज़्यादा है। यह भविष्य के फाइटर एयरक्राफ्ट, UCAV, स्पेस सिस्टम और दूसरी हाई-टेम्परेचर डिफेंस टेक्नोलॉजी में इस्तेमाल के साथ अगली पीढ़ी के एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग में भारत की एक्सपर्टीज़ को मज़बूत करता है।
मिसाइलें लड़ाई जीतती हैं। इंजन एयर पावर बनाते हैं।
🇮🇳
#कावेरीइंजन #आत्मनिर्भरभारत #DRDO
✍️ संजय अग्रवाल | 1 660 |
| 14 | Detailed Post Below | 1 597 |
| 15 | पहले हवाई जहाज पूरी तरह से Manually Operate होते थे.... बड़ा ही मुश्किल काम होता था हवाई जहाज उड़ाना.
फिर Auto Pilot आया...... काम आसान हो गया....धीरे धीरे AutoPilot और उन्नत होते गए.
Pilots अब Take Off और लैंडिंग करके बाकि का काम Auto Pilot से करवा सकते थे.... बाद में तो Auto Land का feature भी आया.... ख़राब मौसम में Auto Pilot हवाई जहाज को land भी करवा सकता है.
लेकिन क्या इससे Pilots की jobs गयी?
नहीं
उल्टा हवाई जहाज की डिमांड बढ़ी.. चूँकि Operations पहले से बेहतर हुए, आसान हुए.... इस वजह से डिमांड बढ़ी.... नई नई एयरलाइन्स market में आई...... जिनके कारण Pilots की डिमांड बढ़ी.
कुछ दशकों पहले तक कुछ हजार pilots थे.... आज 6,00,000 Active Commercial pilots हैं दुनिया में.
इतना Automation होने के बाद भी..... आज भी हर हवाई जहाज का Take Off Manually ही किया जाता है.. लैंडिंग भी Manual ही रहती है..... और यहाँ यह बात जननी जरूरी है कि किसी भी हवाई जहाज के Operation में Take Off और लैंडिंग ही सबसे कठिन, सबसे critical और सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण Steps होते हैं..... यहाँ हलकी सी भी चूक सैंकड़ो जिंदगीयों को लील जाती है.
क्यूंकि AI या मशीन कितनी ही उन्नत क्यों ना हो जाए.... वह मानव की Skills, Situational Awareness और Decision Making ability को match नहीं कर सकती.
यह एक छोटा सा उदाहरण है Aviation का...... आप अपने आस पास की दुनिया देखिये..... Banking, फाइनेंस, Marketing, Logistics, Sales जैसे domains देखिये..... सब जगह Automation आ चुका है.... कम्प्यूटर्स तो कई दशकों से हैं....... लेकिन क्या इन सेक्टर्स में Job Losses हुए.. जैसा बताया जा रहा था?
नहीं हुए. उल्टा यह सेक्टर्स streamline हुए.... Routine tasks automate हुए.... इस कारण इनकी Cost Effectiveness बढ़ी.... Scaling capacity बढ़ी..... और इन सेक्टर्स में करोड़ों नई jobs पैदा हुई | 1 830 |
| 16 | Detailed Post Below | 1 740 |
| 17 | Detailed Post Below | 1 853 |
| 18 | AI जब से प्रचलन में आया है... तब से एक होव्वा बना रखा था लोगों ने... कि AI सारी नौकरियां खा जाएगा... एक Doomsday वाला scenario लोग बता रहे थे... कि सारे काम AI करेगा, और इंसान बेकार हो जाएगा.
इस Hype को Technical Domain के लोगों ने, AI startups के Founders ने भी बहुत चलाया... जिससे उनके AI कंपनियों का Market Cap हजारों गुणा बढ़ गया.
लेकिन सच इससे थोड़ा इतर है.... और जो Hype बनाई गई है.. उससे एकदम अलग है.
Anthropic के CEO डारियो अमोडेई ने पहले चेतावनी दी थी कि AI आने वाले समय में शुरुआती स्तर (एंट्री-लेवल) की लगभग आधी व्हाइट-कॉलर नौकरियों को खत्म कर सकता है।
लेकिन अब Anthropic के CEO ने इस विषय पर थोड़ा अलग और संतुलित नजरिया पेश किया।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे AI रोज़मर्रा के और दोहराए जाने वाले काम अपने हाथ में लेगा, वैसे-वैसे इंसानों द्वारा किए जाने वाले बाकी काम और अधिक मूल्यवान हो जाएंगे। साथ ही, सेवाओं की मांग बढ़ने से नए तरह के काम भी पैदा हो सकते हैं।
इससे
• कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ेगी।
• सेवाएं सस्ती होंगी।
• मांग बढ़ेगी।
• नए रोजगार और नए काम के अवसर बनेंगे।
यही मेरा शुरू से मानना रहा है... कि AI के आने से नौकरियां ख़त्म नहीं होंगी.... कुछ Routine Tasks Automate होंगे.... कुछ काम को करने के तरीके बदलेंगे.... और कई नये तरह के Value Based Jobs generate होंगे.... कई इस तरह के काम सामने आने लगे हैं.... जो कुछ महीनो पहले तक Exist ही नहीं करते थे.
वहीं दूसरी तरफ AI Tokens की बढ़ती cost और इसके Unpredictable Behaviour और Results.... और AI द्वारा किये गए काम के Validation करने की जरूरत के कारण AI का प्रसार उतना तेजी से नहीं हो रहा.. जितना Hype किया जा रहा था. | 1 833 |
| 19 | बंगाल में काम धंधा शुरू 👍👍 | 1 826 |
| 20 | Amazon has cut about 30,000 jobs and now plans to hire around 11,000 people, mainly engineers, developers, and interns. The move shows that AI is changing job needs, not fully replacing human workers. | 2 022 |
Endi mavjud! Telegram Tadqiqoti 2025 — yilning asosiy insaytlari 
