ru
Feedback
360 Degrees

360 Degrees

Открыть в Telegram

📈 Аналитический обзор Telegram-канала 360 Degrees

Канал 360 Degrees (@threesixtydegrees) языкового сегмента Хинди является активным участником. Сейчас сообщество объединяет 16 674 подписчиков, занимая 13 013 место в категории Новости и СМИ и 24 529 место в регионе Индия.

📊 Показатели аудитории и динамика

С момента создания невідомо проект демонстрирует стремительный рост, собрав аудиторию из 16 674 подписчиков.

Согласно последним данным от 28 августа, 2026, канал показывает стабильную активность. За последние 30 дней изменение числа участников составило -30, а за последние 24 часа — 1, при этом общий охват остаётся высоким.

  • Статус верификации: Не верифицирован
  • Уровень вовлечённости (ER): Средний показатель вовлечённости аудитории составляет 15.58%. В первые 24 часа после публикации контент обычно набирает 12.45% реакций от общего числа подписчиков.
  • Охват публикаций: В среднем каждый пост получает 2 598 просмотров. В течение первых суток публикация набирает 2 076 просмотров.
  • Реакции и взаимодействия: Аудитория активно поддерживает контент: среднее количество реакций на один пост — 149.
  • Тематические интересы: Контент сосредоточен на ключевых темах, таких как भारत, चुनाव, बात, बंगाल, लोग.

📝 Описание и контентная политика

Автор описывает ресурс как площадку для выражения субъективного мнения:
News Views and Analysis Our Youtube Channel - https://youtube.com/@360degreesNVA Channel Owner FB profile - https://www.facebook.com/manishsharma4u?mibextid=ZbWKwL Twitter - https://twitter.com/360Degreesnva?t=dgTt_r-GthjyH_4-U5lEuA&s=09

Благодаря высокой частоте обновлений (последние данные получены 29 августа, 2026) канал поддерживает актуальность и высокий уровень охвата публикаций. Аналитика показывает, что аудитория активно взаимодействует с контентом, что делает его важной точкой влияния в категории Новости и СМИ.

16 674
Подписчики
+124 часа
-17 дней
-3030 день
Привлечение подписчиков
август '26
август '26
+160
в 1 каналах
июль '26
+277
в 4 каналах
Get PRO
июнь '26
+362
в 4 каналах
Get PRO
май '26
+305
в 3 каналах
Get PRO
апрель '26
+636
в 4 каналах
Get PRO
март '26
+440
в 3 каналах
Get PRO
февраль '26
+399
в 5 каналах
Get PRO
январь '26
+470
в 4 каналах
Get PRO
декабрь '25
+345
в 3 каналах
Get PRO
ноябрь '25
+414
в 7 каналах
Get PRO
октябрь '25
+785
в 11 каналах
Get PRO
сентябрь '25
+745
в 4 каналах
Get PRO
август '25
+383
в 6 каналах
Get PRO
июль '25
+295
в 4 каналах
Get PRO
июнь '25
+692
в 15 каналах
Get PRO
май '25
+2 455
в 9 каналах
Get PRO
апрель '25
+708
в 6 каналах
Get PRO
март '25
+255
в 4 каналах
Get PRO
февраль '25
+213
в 5 каналах
Get PRO
январь '25
+263
в 3 каналах
Get PRO
декабрь '24
+402
в 5 каналах
Get PRO
ноябрь '24
+973
в 12 каналах
Get PRO
октябрь '24
+341
в 3 каналах
Get PRO
сентябрь '24
+376
в 6 каналах
Get PRO
август '24
+611
в 14 каналах
Get PRO
июль '24
+292
в 3 каналах
Get PRO
июнь '24
+393
в 3 каналах
Get PRO
май '24
+328
в 1 каналах
Get PRO
апрель '24
+405
в 1 каналах
Get PRO
март '24
+479
в 2 каналах
Get PRO
февраль '24
+264
в 2 каналах
Get PRO
январь '24
+512
в 5 каналах
Get PRO
декабрь '23
+416
в 1 каналах
Get PRO
ноябрь '23
+100
в 2 каналах
Get PRO
октябрь '23
+236
в 3 каналах
Get PRO
сентябрь '23
+154
в 0 каналах
Get PRO
август '23
+142
в 0 каналах
Get PRO
июль '23
+125
в 0 каналах
Get PRO
июнь '23
+107
в 0 каналах
Get PRO
май '23
+115
в 0 каналах
Get PRO
апрель '23
+76
в 0 каналах
Get PRO
март '23
+211
в 0 каналах
Get PRO
февраль '23
+251
в 0 каналах
Get PRO
январь '23
+321
в 0 каналах
Get PRO
декабрь '22
+393
в 0 каналах
Get PRO
ноябрь '22
+145
в 0 каналах
Get PRO
октябрь '22
+214
в 0 каналах
Get PRO
сентябрь '22
+676
в 0 каналах
Get PRO
август '22
+272
в 0 каналах
Get PRO
июль '22
+2 420
в 0 каналах
Дата
Привлечение подписчиков
Упоминания
Каналы
28 августа+8
27 августа+10
26 августа+11
25 августа+10
24 августа0
23 августа+4
22 августа+1
21 августа+5
20 августа+8
19 августа+11
18 августа+15
17 августа+8
16 августа+3
15 августа+6
14 августа+2
13 августа+5
12 августа0
11 августа+4
10 августа+7
09 августа+1
08 августа+3
07 августа+15
06 августа+7
05 августа0
04 августа+3
03 августа0
02 августа+7
01 августа+6
Посты канала
इस दूसरी बिक्री से बैंकों को 4,600 करोड़ रुपये की नकद रिकवरी और हुई। इन दोनों बिक्रियों को मिलाकर कुल 8,824 करोड़ रुपये की सीधी नकदी बैंकों और फंड्स को मिल गई। अब जरा गणित समझिए। यूपीए सरकार में लिए गए 16,500 करोड़ रुपये के मूल कर्ज में से यह 8,824 करोड़ रुपये घटा दें, तो बैंकों का मूल बकाया घटकर मात्र 7,676 करोड़ रुपये रह गया। रिकवरी का दूसरा चरण: प्रोजेक्ट्स की नीलामी और मूलधन की 100% वापसी रिकवरी का पहिया यहीं नहीं रुका। 2020 और 2021 के बीच, आईबीसी (IBC) की कार्यवाही से अपनी अन्य कंपनियों को बचाने के लिए एस्सेल ग्रुप ने अपने उन प्रोजेक्ट्स को बेचना शुरू किया, जिनके लिए असल में यह कर्ज लिया गया था। जुलाई 2020 में एस्सेल ग्रीन एनर्जी के 205 मेगावाट क्षमता के चालू सोलर प्रोजेक्ट्स को अडानी ग्रीन एनर्जी ने खरीद लिया। इस सौदे से बैंकों का 1,300 करोड़ रुपये का कर्ज सीधे अडानी ग्रुप में ट्रांसफर हो गया। मार्च 2021 में, एस्सेल इन्फ्राप्रोजेक्ट्स की विशाल 'वरूरा-कुरनूल ट्रांसमिशन लाइन' को अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड ने खरीद लिया। इससे बैंकों का 3,370 करोड़ रुपये का लोन चुकता हो गया। इसी दौरान, कई बड़े नेशनल हाईवे और टोल रोड प्रोजेक्ट्स को 'क्यूब हाईवेज' और NIIF जैसे वैश्विक निवेशकों को बेचा गया। इससे बैंकों का लगभग 4,130 करोड़ रुपये का कर्ज और निपटाया गया। इन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की बिक्री से बैंकों का कुल मिलाकर लगभग 8,800 करोड़ रुपये का कर्ज सीधे चुकता या ट्रांसफर हो गया। अब फिर से गणित देखिए। पिछले चरण में मूल बकाया 7,676 करोड़ बचा था। इसमें से जैसे ही यह 8,800 करोड़ की रिकवरी हुई, बैंकों का पूरा का पूरा 16,500 करोड़ का मूलधन 100 प्रतिशत वसूल हो गया। यही नहीं, अपना पूरा मूलधन वापस पाने के बाद भी बैंक अब 1,124 करोड़ रुपये के मुनाफे (सरप्लस) में आ गए। रिकवरी का तीसरा चरण: आक्रामक जब्ती और हजारों करोड़ की एक्स्ट्रा वसूली मूल रकम पूरी तरह वापस आने के बावजूद भी बैंकों और मोदी सरकार के सिस्टम ने कोई रियायत नहीं बरती। उन्हें अटके हुए समय का मुआवजा भी चाहिए था। साल 2020 से 2023 के बीच, यस बैंक और इंडसइंड बैंक ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने सुभाष चंद्रा की 'डिश टीवी इंडिया लिमिटेड' (24.19% प्रमोटर हिस्सेदारी) और 'सिटी नेटवर्क्स' के गिरवी रखे शेयरों को सीधे जब्त कर लिया। बैंकों ने सुभाष चंद्रा से बिना पूछे इन जब्त शेयरों को खुले शेयर बाजार में बेच डाला। इस आक्रामक जब्ती से बैंकों ने 2,800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी और वसूल ली। इसके बाद, दिसंबर 2023 में यस बैंक के एक पुराने और विवादित खाते को भी जेसी फ्लावर्स एआरसी (JC Flowers ARC) के जरिए 1,500 करोड़ रुपये देकर वन-टाइम सेटलमेंट के तहत निपटाया गया। अब फाइनल गणित समझिए। सरप्लस के 1,124 करोड़ + शेयरों की जब्ती से 2,800 करोड़ + जेसी फ्लावर्स सेटलमेंट के 1,500 करोड़। यानी बैंकों ने 16,500 करोड़ के मूलधन के ऊपर 5,424 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली कर ली। अब तक कुल रिकवरी हुई 21924 करोड़ !! तो क्या है 6 करोड़ रुपये के सेटलमेंट का सच? कुल मिलाकर इस पूरी गाथा का निष्कर्ष बिल्कुल साफ है। यूपीए सरकार के ढुलमुल सिस्टम में जो 16,500 करोड़ रुपये का मूल कर्ज लिया गया था, वह मोदी सरकार के सख्त बैंकरप्सी कानून के तहत पाई-पाई वापस आ चुका है। मतलब आप कह सकते हैं कि मोदी जी के मित्र यदि सुभाष चंद्रा थे तो भी उन्होंने कोई ढिलाई नहीं बरती !! जिस 6 करोड़ रुपये के सेटलमेंट की अफवाह सोशल मीडिया पर उड़ाई जाती है, वह कर्ज की माफी नहीं है। वह केवल उन दो-चार शेल कंपनियों (SPVs) का मामला है जो जमीन पर पूरी तरह कबाड़ हो चुकी थीं और जिनकी वास्तविक कीमत शून्य हो गई थी। दिवाला कानून के तहत, उन बर्बाद कंपनियों में सुभाष चंद्रा की जो 'व्यक्तिगत गारंटी' (Personal Guarantee) फंसी थी, उसे उनकी निजी हैसियत का आकलन करके निपटाया गया, जिसको 80% लेंडर्स ने इस निर्णय के पक्ष में वोट किया । 2019 से 2021 तक सब कुछ बिक जाने के बाद उनकी निजी हैसियत केवल 6.5 करोड़ आंकी गई, जिसे देकर उन्हें सिर्फ उस कानूनी गारंटी से मुक्त किया गया। अगर आईबीसी (IBC) न होता तो क्या होता? अगर आज मोदी सरकार का यह सख्त आईबीसी (IBC) कानून न होता, तो हालात बिल्कुल वैसे ही होते जैसे 2014 से पहले हुआ करते थे। बैंक सालों-साल सिविल अदालतों और डीआरटी (DRT) के चक्कर काटते रहते। सुभाष चंद्रा का रुतबा वैसा ही बना रहता और वे 'ज़ी एंटरटेनमेंट' के मालिक बने रहते। और सबसे बड़ी बात, देश की जनता और बैंकों को अपने 16,500 करोड़ रुपये के उस पूरे मूलधन से हमेशा के लिए हाथ धोना पड़ता, जिसे आज पूरी तरह वसूल लिया गया है।

2
राजनीति और व्यापार के गलियारों में अक्सर एक कहानी बहुत जोर-शोर से गूंजती है कि मीडिया के बेताज बादशाह सुभाष चंद्रा तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी हैं। लेकिन जब बैंकों की कर्ज वसूली की बात आई, तो यह तथाकथित ‘दोस्ती’ भी उनके साम्राज्य को टूटने से नहीं बचा सकी। मोदी सरकार के सिस्टम ने एक-एक पाई वसूलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सोशल मीडिया पर आज जो नैरेटिव फैलाया जा रहा है, उसकी सच्चाई किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। यह कहानी पूरी तरह से उस 16,500 करोड़ रुपये के इर्द-गिर्द घूमती है, जो असल में बैंकों से मूल कर्ज (Principal Amount) के रूप में लिया गया था। आइए, इस पूरे वित्तीय चक्रव्यूह को तारीखों, आंकड़ों और ठोस तथ्यों के साथ एक-एक करके समझते हैं। सपनों की उड़ान और यूपीए सरकार का दौर इस कहानी की शुरुआत मोदी सरकार में नहीं, बल्कि डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए (UPA) सरकार के दौरान साल 2007-2008 में हुई थी। सुभाष चंद्रा केवल टीवी चैनलों तक सीमित नहीं रहना चाहते थे। उन्होंने एक बेहद बड़ा और जोखिम भरा विजन देखा। उन्होंने तय किया कि एस्सेल ग्रुप देश भर में नेशनल हाईवे बनाएगा, विशाल सोलर पावर प्लांट लगाएगा और बिजली के बड़े-बड़े तारों का जाल बिछाएगा। उस दौर में बैंकिंग नीतियां काफी लचीली थीं। बड़े कॉरपोरेट घरानों को केवल उनके चेहरे, नाम और रुतबे के आधार पर हजारों करोड़ के लोन आसानी से मिल जाया करते थे। सुभाष चंद्रा की विशेषज्ञता मीडिया में थी, फिर भी यूपीए सरकार के कार्यकाल में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, और आईडीबीआई (IDBI) बैंक के कंसोर्टियम ने उन्हें भारी-भरकम इन्फ्रास्ट्रक्चर लोन बांट दिए। इसके साथ ही, यस बैंक और कई बड़े म्यूचुअल फंड्स (जैसे फ्रैंकलिन टेम्पलटन, आदित्य बिड़ला, कोटक, एचडीएफसी) ने भी उनके एजुकेशन बिजनेस (Zee Learn) और केबल नेटवर्क (Siti Networks, Dish TV) के लिए तिजोरियां खोल दीं। इन सभी प्रोजेक्ट्स को मिलाकर एस्सेल ग्रुप ने विभिन्न बैंकों से कुल 16,500 करोड़ रुपये का वास्तविक मूल कर्ज (Principal Amount) उठाया। विजनरी सपना, जो सिस्टम की भेंट चढ़ गया सुभाष चंद्रा की नीयत इन प्रोजेक्ट्स को विश्वस्तरीय बनाने की थी। लेकिन साल 2011 से 2014 के बीच देश में 'पॉलिसी पैरालिसिस' (नीतिगत पंगुता) का भयंकर दौर शुरू हो गया। एस्सेल ग्रुप ने बैंकों से मिले हजारों करोड़ रुपये जमीन पर तो लगा दिए, लेकिन प्रोजेक्ट्स लालफीताशाही में उलझ गए। कहीं पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली, तो कहीं जमीन अधिग्रहण के विवादों में काम रुक गया। एक विजनरी बिजनेसमैन का शानदार सपना उस दौर के सुस्त सिस्टम और सरकारी लेटलतीफी का शिकार हो गया। सालों तक प्रोजेक्ट्स लटके रहे। इन प्रोजेक्ट्स से एक रुपये की भी कमाई शुरू नहीं हुई, लेकिन बैंकों का मीटर चालू रहा। कुल 16,500 करोड़ रुपये का वह भारी-भरकम निवेश पूरी तरह से जमीन पर अटक गया और ग्रुप भयंकर वित्तीय संकट में फंस गया। मोदी सरकार का आगमन और आईबीसी (IBC) का खौफ साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी सत्ता में आए, तो लोगों को लगा कि सुभाष चंद्रा के 'राजनीतिक संपर्कों' के कारण उनके 16,500 करोड़ रुपये के कर्ज को आसानी से रफा-दफा या रीस्ट्रक्चर कर दिया जाएगा। लेकिन 2016 में मोदी सरकार ने 'इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड' (IBC) लागू कर दिया। इस एक कानून ने देश के कॉरपोरेट इतिहास को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया। इस सख्त कानून ने बड़े-बड़े उद्योगपतियों के मन में यह खौफ पैदा कर दिया कि अगर बैंकों का पैसा नहीं लौटाया, तो प्रमोटर को अपनी जीवन भर की मेहनत से बनाई गई कंपनी गंवानी पड़ेगी। कंपनी नीलाम हो जाएगी और प्रमोटर सड़क पर आ जाएगा। इसी खौफ और दबाव में भारत के कॉरपोरेट इतिहास की सबसे ऐतिहासिक वसूली का वह दौर शुरू हुआ, जिसने सुभाष चंद्रा के हाथों से उनका सबसे प्यारा साम्राज्य हमेशा के लिए छीन लिया। पहला चरणः बैंकरप्सी कानून की तलवार लटकते ही बैंकों ने सुभाष चंद्रा की गर्दन पकड़ ली। दबाव इतना भयानक था कि सितंबर 2019 में सुभाष चंद्रा को भारी मन से अपने जीवन की सबसे बड़ी कमाई, 'ज़ी एंटरटेनमेंट' (ZEEL) की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचनी पड़ी। यह हिस्सेदारी इनवेस्को ओपेनहाइमर फंड को बेची गई, जिससे एकमुश्त 4,224 करोड़ रुपये जुटाए गए। यह सारा पैसा सीधे म्यूचुअल फंड्स और बैंकों के खातों में जमा करा दिया गया। लेकिन इतने से बात नहीं बनी। लेंडर्स का दबाव और बढ़ा। ठीक दो महीने बाद, 20 नवंबर 2019 को, सुभाष चंद्रा को अपनी अतिरिक्त 15.7 प्रतिशत हिस्सेदारी विदेशी संस्थागत निवेशकों (GIC, ब्लैकरॉक आदि) को बेचनी पड़ी।
1 354
3
महिला पत्रकार: संसद में रोज हंगामे होते है,सदन स्थगित हो जाता है..जनता का पैसा बर्बाद हो जाता है.. राहुल गाँधी: ये तो भाजपा क
महिला पत्रकार: संसद में रोज हंगामे होते है,सदन स्थगित हो जाता है..जनता का पैसा बर्बाद हो जाता है.. राहुल गाँधी: ये तो भाजपा का सवाल है..आप उनकी टीशर्ट पहनकर बैठ जाओ महिला पत्रकार: आपको सवाल पसंद नहीं आया तो वो अलग बात है, इस तरह से उंगली उठाने की जरूरत नहीं है। 🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥 HATS OFF TO HER सही मुंह पे भिगो के जूता मारा पप्पू के.
1 365
4
India will receive a full transfer of technology (ToT) and retain the intellectual property rights (IPR) for the engine being
India will receive a full transfer of technology (ToT) and retain the intellectual property rights (IPR) for the engine being offered by British aerospace major Rolls-Royce to power the country's under-development fifth-generation fighter aircraft, the Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA). The core technology being offered to India by the UK is under an inter-governmental agreement (IGA) and is free from any US-imposed restrictions under the US International Traffic in Arms Regulations (ITAR), UK officials said.
1 600
5
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जबलपुर में 472 करोड़ रुपये की लागत से बन रही टैंक मरम्मत सुविधा की आधारशिला रखी, जहां 80 टी-72 और टी-90 टैंकों की मरम्मत की जाएगी!
1 607
6
22000 करोड़ लोन का निबटारा सुभाष चंद्रा की कंपनी करेगी। सुभाष चंद्रा क्योंकि लोन के गारंटर थे तो पर्सनल कैपेसिटी में तो 6.2 करोड़ चुकाएंगे पर्सनल कैपेसिटी में अलग से। कोई लोन माफी नहीं हुई है 22000 करोड़ की भेड़ों की जमात लगी पड़ी है के उसके रुपए माफ कर दिए के RR में
1 625
7
बाबा रामदेव कई बार बड़े अच्छे काम भी कर देते हैं पिछले दिनों से बाबा और कंगना राणावत के बीच वाक्-युद्ध चल रहा था। तो आज रक्षा
बाबा रामदेव कई बार बड़े अच्छे काम भी कर देते हैं पिछले दिनों से बाबा और कंगना राणावत के बीच वाक्-युद्ध चल रहा था। तो आज रक्षाबंधन के दिन बाबा ने अपनी तरफ से संबंध सुधार की शुरुआत की। उन्होंने कंगना को "छोटी बहन" संबोधित करते हुए आज के दिन मिठाई और शगुन भेजा। हमारे यहाँ बहनों को शगुन और मिठाई भेजने की रीत भी है. बाबा उम्र में बड़े भी हैं तो पहल करने का दायित्व भी उन्हीं का था... जब आप एक ही खेमे के योद्धा हों तो आपसी लड़ाई जितनी जल्द खत्म हो उतना अच्छा। अब देखते हैं कंगना शगुन स्वीकार कर खुद भी बड़प्पन दिखाती हैं या नहीं... वैसे दिखाना चाहिए... इसी में उनकी भी वाहवाही है!
1 817
8
यहाँ P का अर्थ पेट नहीं.... पिछवाड़ा है
यहाँ P का अर्थ पेट नहीं.... पिछवाड़ा है
1 806
9
आईआईटी मद्रास की यह Gen-Z बेटी राहुल गांधी की एक सभा में शामिल हुई नाम था 'छात्रों की गूँज' सभा से लौट कर उसने जो सुना उन विष+2
आईआईटी मद्रास की यह Gen-Z बेटी राहुल गांधी की एक सभा में शामिल हुई नाम था 'छात्रों की गूँज' सभा से लौट कर उसने जो सुना उन विषयों पर खोज शुरू की फिर जो भी पाया उस को उसने एक वेबसाइट का रूप दे दिया। राहुल गांधी के छात्रों की गूँज कार्यक्रम में किए गए 40 Claims का फैक्ट चैक इस वेबसाइट ने किया और पाया के 40 में से 29 Claim Fake हैं और 11 Misleading। यानि के एक भी बात सत्य नहीं। Website का लिंक साझा कर रहा हूँ आप भी देखिए। रोचक है। राहुल गांधी का छात्रों की गूंज बना झूठ की गूंज कांग्रेस इस लड़की से इतना घबरा गई, कि उन्होने बंगलौर में इसके खिलाफ FIR भी करवा दी है. कुल मिलाकर कांग्रेस ने Freedom Of Expression का बाजा बजा दिया है.... और खुल कर महिलाओं के विरोध में आ गई है लिंक: jhoothkigoonj.com
1 939
10
राहुल और प्रियंका को कभी रक्षाबंधन मनाते फोटो नहीं देखा पहली बार देख लो... काली पट्टी बाँधते हुए..... इनकी पार्टी का सत्यानाश
राहुल और प्रियंका को कभी रक्षाबंधन मनाते फोटो नहीं देखा पहली बार देख लो... काली पट्टी बाँधते हुए..... इनकी पार्टी का सत्यानाश हुआ है.. उसी के गम में 😂 पप्पू को देखिये..... इस स्थिति में भी जेब में हाथ डाले खड़ा है. यह मानसिक रोगी लगता है मुझे 🤣
1 847
11
अच्छा कदम 👍
अच्छा कदम 👍
1 861
12
सभी मित्रों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनायें 🙏🙏
सभी मित्रों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनायें 🙏🙏
1 935
13
तिब्बत में जहा दो नदियों का संगम होता है वहा ऐक एसी भंयकर झील बन चुकी है ईसमे बीस लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका है और जिसके आगामी तीन दिनो में फटने कि आशंका है, और उसके बाद जो प्रलय नेपाल कि तरफ आयेगी वह ईससे भी कही भयावह होगी। यह खबर चीन दे रहा है। नेपाल और चीन की सीमा पर बना संकट टला नहीं है. चीन के जल संसाधन मंत्रालय के अनुसार नेपाल में छोचेन खोला और पुरेपु सांगपो नदियों के संगम के पास एक बड़ा बैरियर लेक बन गया है. गुरुवार सुबह तक इसमें करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था और झील पहले से ओवरफ्लो हो रही है. अगले तीन दिनों में और 30 लाख घन मीटर पानी आने का अनुमान है, जिससे झील के फटने का खतरा बहुत अधिक बना हुआ है. शोधकर्ताओं का अनुमान है कि हिमालय की 5,000 झीलों में अस्थिर मोरेन हैं और हिमनदी झील विस्फोट से आने वाली बाढ़ का खतरा है, जिसमें पूर्वी हिमालय अन्य क्षेत्रों की तुलना में तीन गुना अधिक संवेदनशील है। जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर पिघल रहे हैं, जिससे लाखों गैलन पानी को रोकने वाली प्राकृतिक चट्टान और बर्फ की दीवारें कमजोर हो रही हैं। 2023 में सिक्किम में तीस्ता घाटी में आई अचानक बाढ़ में दक्षिण ल्होनक झील टूट गई और कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग लापता हो गए। हिमालय में लगभग 7,500 हिमनदी झीलें हैं, जिनमें से 190 को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा उच्च जोखिम वाली झीलों के रूप में चिह्नित किया गया है। बढ़ते तापमान और बर्फ के टूटने के कारण 2004 से दक्षिण ल्होनक झील का तेजी से विस्तार हुआ, जिससे अक्टूबर 2023 में हुए विस्फोट से पहले यह एक टाइम बम की तरह बन गई थी। भारत अब लगभग 200 खतरनाक झीलों पर पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित कर रहा है और जोखिम को कम करने के लिए जलस्तर घटा रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और सेना की टीमें दूरस्थ स्थलों पर तीन साल के इस मिशन पर काम कर रही हैं। नेपाल ने इससे पहले 2016 में इसी तरह की आपदा को रोकने के लिए माउंट एवरेस्ट के पास स्थित इम्जा त्शो झील का पानी सुखा दिया था। भारत के हिमालयी राज्यों में कुल 669 ग्लेशियल झीलें पहचानी गई हैं, जिनमें से 88 पर सीधे तौर पर फटने का खतरा मंडरा रहा है।जम्मू-कश्मीर और लद्दाख (62 खतरनाक झीलें): भारत में सबसे ज्यादा जोखिम यहीं है।कश्मीर घाटी: पाँच ग्लेशियल झीलों को 'बेहतर संवेदनशील' (Very High Susceptibility) माना गया है, जिनमें शोपियां जिले की भागसर (Bhagsar) झील प्रमुख है。किश्तवाड़ जिला: यहाँ अकेले 197 ग्लेशियल झीलें हैं, जिनसे चिनाब नदी बेसिन और प्रमुख हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स (जैसे पकल डुल, कीरू) को भारी खतरा है। सिक्किम (17 खतरनाक झीलें): पूर्वी हिमालय का यह हिस्सा बेहद नाजुक है।मंगन (उत्तरी सिक्किम): यहाँ अक्टूबर 2023 में दक्षिण ल्होनक झील (South Lhonak Lake) फटने से तीस्ता नदी में भयंकर तबाही आई थी। अभी भी इस क्षेत्र की कई अन्य झीलें अत्यधिक निगरानी में हैं。 उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश:चमोली और रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड): 2013 की केदारनाथ आपदा (चोराबाड़ी झील) और 2021 की चमोली आपदा इसके उदाहरण हैं। नंदा देवी ग्लेशियर के आसपास के पॉकेट्स को अत्यधिक संवेदनशील माना गया है।लाहौल-स्पीति और किन्नौर (हिमाचल): सतलुज और चिनाब नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बनी झीलें निरंतर खतरे का कारण हैं। अरुणाचल प्रदेश (12 खतरनाक झीलें): तवांग और ऊपरी सुबनसिरी जिलों में तिब्बत से आने वाली नदियों के मुहाने पर खतरा बना रहता है। भारत के मैदानी इलाकों पर असर (डाउनस्ट्रीम रिस्क)ग्लेशियल झीलें भले ही पहाड़ों पर फटती हैं, लेकिन इनका मलबे से भरा पानी भारत के मैदानी राज्यों में बड़ी बाढ़ लाता है
2 154
14
Foxconn is scouting more than 200 acres to set up a technology and manufacturing plant near Sanand, Gujarat.
Foxconn is scouting more than 200 acres to set up a technology and manufacturing plant near Sanand, Gujarat.
2 045
15
आज हमारे एक व्हाट्सएप ग्रुप में एक मोदी विरोधी ज़ोंबी हैं जो किसी भी बहाने से मोदी की आलोचना करना नहीं चूकते , की पोस्ट आई के सुभाष चंद्रा का 22000 करोड़ का लोन मोदी जी की सरकार ने 6.5 करोड़ में सेटल कर दिया। सुनकर दिमाग भन्नाया और हमने क्योंकि 21 अगस्त के बाद से अब मोदी जी को हर बात पर डिफेंड करने का मन नहीं करता और बुराई कर दी सरकार की के बहुत गलत बात है। परन्तु मोदी जी में लाख बुराई सही वो भ्रष्टाचार को लेकर बहुत सख्त हैं तो मै AI के साथ लग गया इस मुद्दे पर डाटा निकालने में । AI भी आसानी से उत्तर नहीं देता उसे कई सारे कमांड देने पड़े तब उसने जो उत्तर दिया उसे पढ़कर माथा पीटा मैने के मै कैसे इस प्रोपोगंडा का शिकार हो गया। दरसल ये लोन 17000 करोड़ का 2015 में सैंक्शन हुआ और 2016 में डिस्बर्स हुआ और 2019 में डिफॉल्ट भी हो गया। जब डिफॉल्ट हुआ तो इन्सॉल्वेंसी में जाने के बाद सुभाष चंद्रा की कंपनियों की नीलामी हुई । अपनी कम्पनियों के गारंटर भी यही थे । नीलामी में कंपनियों को बेचने के बाद भी 17000 करोड़ में से सुभाष चंद्रा पर देनदारी बचा 170 करोड़ । जिस पर ब्याज पर ब्याज और पैनल्टी लगकर वो हो गया 2026 आते आते 22000 करोड़ । अब जब इनसॉल्वेंसी में केस जाता है तो बैंक ग्राहक से जो मिल जाता है उसी में सेटल कर के केस खत्म करने की कोशिश करता है। सुभाष चंद्रा ने 6.5 करोड़ में इसे सेटल करने की पेशकश की जिसे जितने भी लेनदार थे उनमें से 80% ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जिसे आप सभी लोग आज की सनसनीखेज खबर में पड़ रहे है के मोदी ने घोटाला कर दिया। अब याद कीजिए 2014 से पहले का समय जब लोन को चुकाने के लिए लोन और फिर से न चुका पाने के कारण एक और लोन दे दिया जाता था। कुछ विशिष्ट लोगों का फोन जाता था बैंक के मुखिया के पास लोन पास करने के लिए और लोन डिस्बर्स एक फोन कॉल पर हो जाया करता था। मोदी जी ने इन्सॉल्वेंसी कानून ऐसा बनाया के कोई भी लोन लेकर भाग न सके। उसकी प्रॉपर्टी जब्त कर के लोन की वसूली की जाए । यही सुभाष चंद्रा आज मौज में होते यदि कांग्रेस सरकार होती क्योंकि उन्हें उनका लोन चुकाने के लिए फिर से लोन मिल जाता भले ही इकोनॉमी देश की गर्त में चली जाती । किसी भी It सेलिया की पोस्ट नहीं आई है इस पर अभी तक । उनके प्रेमी नमो एक्ट लगाने वाले ने भी डिफेंड नहीं किया मोदी सरकार को। डिफेंड करने के लिए एक सवर्ण बनिए को ही आगे आना पड़ रहा है। मोदी जी सवर्णों के बिना गुजारा नहीं है आपका। सही रास्ता पकड़िए । जिनके लिए आप अपने मुख्य वोटर को नाराज करने में लगे है वो आपको वोट नहीं देने वाले।
2 140
16
Detailed Post Below
Detailed Post Below
2 066
17
बिहार वालों के लिए बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी हैं Nepal में जो प्रलय आया है उसका कहर से बिहार सुरक्षित हो गया हैं नेपाल बाढ़ का पानी बिहार पहुंचते हैं काम होने लगा हैं ,, जो तबही की संभावना थी वह लगभाग अब ख़तम हो गई है महादेव सबकी रक्षा कर दीए दिनांक 26.08.2026 को रात 11 बजे गंडक नदी का जलस्तर 1,50,200 क्यूसेक के सबसे ज्यादा पीक स्तर पर रहा-इसके बाद जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की गई हैं इससे ज्यादा पानी बिहार झेल चुका है हर साल और 10 बार में इससे ज्यादा पानी आता है इसलिए अब घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सावधानी जरूर करें "BJP सरकार बनाने से बिहार को फ़ायदा हुआ है बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक बार बंगाल के मुख्यमंत्री को कॉल करते हैं फरक्का बैराज का गेट खोल दिया जाता है जो पहले ममता बनर्जी नहीं खोलती थी पूरा गेट तो कभी नहीं खोलती थी क्योंकि बांग्लादेश में तबाही आती थी ! फरक्का जलसंधि जल्दी खत्म करना चाहिए सरकार को 30 साल से बहुत झेल चुका है बिहार अब और नहीं दिसंबर में 30 साल पूरा होगा यहीं पर फरक्का जलसंधि खत्म करना होगा !
2 206
18
यह Post अजीत भारती Fanboys के लिए. यहाँ इन स्वामी जी ने ऐसा क्या कह दिया.. जो अजीत भारती उन्हें अपशब्द कह रहा है? यह वही अजीत
यह Post अजीत भारती Fanboys के लिए. यहाँ इन स्वामी जी ने ऐसा क्या कह दिया.. जो अजीत भारती उन्हें अपशब्द कह रहा है? यह वही अजीत भारती है ना.. जिसने गायत्री मंत्र के 'प्रचोदयात' शब्द की एक असभ्य शब्द से तुलना की थी. आप भूल जाएंगे... हम नहीं भूलेंगे 🙏🙏
2 260
19
JP Nadda — Following the movement that took place at Jantar Mantar on 21 August, cordial discussions were held, as per the pre-determined schedule, with Shri Harsh Dubey, Shri Ran Bahadur Singh Chauhan, and Shri Mrityunjay Pathak, members of the team. In this connection, we will meet again soon.
2 252
20
आजकल बहुत चतुराई से कुछ लोगों द्वारा ये अफवाह फैलाया जा रहा है कि मोदी द्वारा SC/ST ACT में 22 से बढ़ा कर टोटल 47 धारा कर दी गई... जिससे साफ पता चलता है कि मोदी... सवर्ण विरोधी है. लेकिन, जब आप उनसे पूछो कि भाई कौन सी नई धारा बढ़ा दी जरा उसकी भी जानकारी दो तो लोग आंय-बांय बोलने लगते हैं. इसका कारण ये है कि वे लोग सोरोस के दल्लों का पोस्ट पढ़ कर आये होते हैं जिस कारण उन्हें डिटेल जानकारी नहीं होती है..! पहली बात तो है कि मोदी ने SC/ST AC में कोई सजा की धारा नहीं बढ़ाई कि पहले जिसके लिए 5 साल की सजा थी अब उसको 12 साल कर दिया गया है.. बल्कि, मोदी सरकार ने इसमें अपराधों को अलग-अलग कर डिटेल में बता दिया है जिससे अपराधों की संख्या बढ़ गई है. साथ ही इससे ये सुनिश्चित हुआ है कि कोई सिर्फ अपराध बोल कर किसी पर ये एक्ट न लगा दे बल्कि उसे निश्चित तौर पर बताना होगा कि क्या अपराध हुआ है. उन 47 अपराधों की सूची इस प्रकार है.. 1 जातिसूचक शब्दों से सार्वजनिक रूप से अपमानित करना 2. SC/ST व्यक्ति को सामाजिक या आर्थिक बहिष्कार करना 3. जबरन सिर मुंडवाना या कालिख पोतना चप्पल/जूते की माला पहनाना 4. मल-मूत्र खिलाना या अपमानजनक कृत्य करना 5. जमीन/खेती पर अवैध कब्जा करना 6. सिंचाई जल या वन अधिकारों से वंचित करना 7. सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश से रोकना 8. धार्मिक/सामाजिक जुलूस में भाग लेने से रोकना 9. मतदान करने या चुनाव लड़ने से रोकना 10. बंधुआ मजदूरी के लिए मजबूर करना 11. SC/ST महिला की लज्जा भंग करना 12. यौन शोषण/छेड़छाड़ 13. सामूहिक दंड देना 14. घर जलाना या संपत्ति नष्ट करना 15. झूठे मुकदमे में फँसाना 16. SC/ST व्यक्ति को गाँव/घर छोड़ने को मजबूर करना 17. शिक्षा संस्थान में भेदभाव 18. अस्पताल/स्वास्थ्य सुविधा से वंचित करना 19. शव दफनाने/दाह संस्कार से रोकना 20. सार्वजनिक जलस्रोत से पानी लेने से रोकना 21. पेशे/रोजगार करने से रोकना 22. सामाजिक कार्यक्रम में प्रवेश से रोकना 23. पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज करने से इनकार 24. जानबूझकर झूठी गवाही देकर फँसाना 25. जमीन के दस्तावेज में धोखाधड़ी 26. SC/ST व्यक्ति की आर्थिक गतिविधि बाधित करना 27. घर तोड़ना/कब्जा करना 28. भीड़ बनाकर हमला करना 29. सामाजिक मीडिया या लिखित रूप में जातिगत अपमान 30. SC/ST महिला का यौन उत्पीड़न (विशेष प्रावधान) 31. पंचायत/स्थानीय निकाय में अधिकार से वंचित करना 32. मजदूरी देने से इनकार 33. धमकी देकर समझौता करने को मजबूर करना 34. सामूहिक रूप से सामाजिक बहिष्कार लागू करना 35. दलित/आदिवासी बस्ती में आगजनी परंपरागत आजीविका छीनना 36. SC/ST व्यक्ति को अमानवीय दंड देना 37. आर्थिक लेन-देन में जाति आधार पर भेदभाव 38. वन उपज एकत्र करने से रोकना 39. विकास योजनाओं का लाभ रोकना 40. आवास योजना से वंचित करना 41. स्कूल में अलग बैठाना 42. सार्वजनिक वितरण प्रणाली से वंचित करना 43. श्मशान/कब्रिस्तान उपयोग से रोकना 44. SC/ST व्यक्ति को बेइज्जत करने हेतु साजिश करना 45. अपराध करने का प्रयास या उकसाना और, दो याद नहीं आ रहा है. तो, आप जाति और धर्म का भेद भूल कर बस एक सेकेंड के लिए सोचकर बताओ कि ऊपर उल्लेखित अपराध क्या किसी भी सभ्य समाज में जस्टिफ़ाईड हैं ? और, अगर मोदी को छोड़कर आपको ही प्रधानमंत्री बना दिया जाए तो आप इसमें कौन से अपराध को इस सूची से बाहर निकालना चाहेंगे और क्यों ? यार, कुछ तो लॉजिकल बात करो ताकि लोग आपका भी समर्थन कर सकें. जय महाकाल...!!!
2 443