360 Degrees
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Mostrar más📈 Análisis del canal de Telegram 360 Degrees
El canal 360 Degrees (@threesixtydegrees) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 16 707 suscriptores, ocupando la posición 13 224 en la categoría Noticias y medios y el puesto 25 105 en la región India.
📊 Métricas de audiencia y dinámica
Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 16 707 suscriptores.
Según los últimos datos del 27 julio, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de 160, y en las últimas 24 horas de 3, conservando un alto alcance.
- Estado de verificación: No verificado
- Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 14.88%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 13.43% de reacciones respecto al total de suscriptores.
- Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 2 487 visualizaciones. En el primer día suele acumular 2 244 visualizaciones.
- Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 121.
- Intereses temáticos: El contenido se centra en temas clave como भारत, चुनाव, बात, बंगाल, लोग.
📝 Descripción y política de contenido
El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
“News Views and Analysis
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Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 28 julio, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Noticias y medios.
Carga de datos en curso...
| Fecha | Crecimiento de Suscriptores | Menciones | Canales | |
| 28 julio | 0 | |||
| 27 julio | +8 | |||
| 26 julio | +6 | |||
| 25 julio | +6 | |||
| 24 julio | +40 | |||
| 23 julio | +4 | |||
| 22 julio | +11 | |||
| 21 julio | +25 | |||
| 20 julio | +32 | |||
| 19 julio | +2 | |||
| 18 julio | +13 | |||
| 17 julio | +5 | |||
| 16 julio | 0 | |||
| 15 julio | +6 | |||
| 14 julio | +10 | |||
| 13 julio | +2 | |||
| 12 julio | +8 | |||
| 11 julio | 0 | |||
| 10 julio | +5 | |||
| 09 julio | +2 | |||
| 08 julio | +3 | |||
| 07 julio | +11 | |||
| 06 julio | +17 | |||
| 05 julio | +7 | |||
| 04 julio | +1 | |||
| 03 julio | +16 | |||
| 02 julio | 0 | |||
| 01 julio | +10 |
| 2 | Governments cannot withdraw criminal cases at their discretion.
A withdrawal request may be made by the Public Prosecutor, but it becomes valid only with the court’s approval.
The court examines whether the withdrawal:serves public interest,is free from political influence, and does not harm affected citizens.Incidents involving public property damage, violence, road blockades, or obstruction of movement are treated as public rights violations.
Such cases are not meant to be withdrawn casually, and citizens affected by these disruptions have the right to raise objections before the court.If protests or agitations block roads, restrict movement, disrupt work, or affect safety, the people living or working in the affected area are considered affected citizens.
Their fundamental rights—including the right to move freely and the right to carry on their occupation etc that is fundamental rights—are impacted.
Even if the State withdraws its own cases, an affected citizen may: challenge the withdrawal before the court,
or file a fresh complaint before the police or Magistrate,
because public‑rights violations are treated seriously and are not automatically barred by limitation, meaning it can be filed latter by citizes. Understanding legal boundaries and responsibilities is essential for anyone participating in public movements.
Awareness protects both individual rights and public order.
-State of Bihar v. Kameshwar Singh
and
Sheonandan Paswan v. State of Bihar
People come first — above every organisation, every movement, and every political party. | 438 |
| 3 | कॉकरोच प्रोटेस्ट के दौरान बदतमीजी करने वाले, अपराध करने वाले, तोड़फोड़ करने वालों पर देश भर में action हो रहा है.
लोगों के वीडियो हैं.. Social media पर हैं.. Facial Recognition से लोग पहचाने जा रहे हैं.... और फिर पकडे जा रहे हैं. हजारों के खिलाफ FIR हो चुकी है.
उधर कॉकरोच जनता पार्टी के लोग कह रहे हैं कि सरकार ने उनके साथ किया गया Agreement तोड़ा है. जबकि CJP वाले खुद ही कह चुके हैं कि प्रोटेस्ट में कुछ Anti Social Elements भी थे.. और वो लोग CJP के नहीं थे.
वहीं CJP वाले तो शुरू में कह रहे थे कि सारे गुंडे बीजेपी वालों ने भेजे थे.. उन्होने ही तोड़ फोड़ की.. गाड़िया तोड़ी... आदि आदि.
ऐसे में अगर पुलिस ऐसी Anti Social Elements के खिलाफ action ले रही है.. तो इन्हे दर्द क्यों हो रहा है?
दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण बात.
दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट आई है.
रिपोर्ट में पाया गया कि कुल 2873 लोगों को पुलिस ने चिन्हित किया है...... यह सभी लोग जंतर मंतर और आस पास के इलाके में तोड़ फोड़ और असामाजिक कृत्य करते पकडे गए हैं... सबूतों के साथ.
इनमे से 989 लोग पहले से ही गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रह चुके थे। मतलब कॉकरोचो के आंदोलन में अपराधियों की भरमार थी.
इनमें 101 लोगों पर हत्या के मामले, 62 पर हत्या के प्रयास के मामले, 284 पर डकैती या लूट के मामले, 61 पर बलात्कार के मामले, 6 पर पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मामले, 25 पर छेड़छाड़ के मामले, 229 पर आर्म्स एक्ट के तहत मामले, 135 पर झपटमारी के मामले, 19 पर अपहरण के मामले और 67 पर एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत मामले दर्ज थे।
हत्या के मामलों से जुड़े 101 लोगों में से 42 के खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे, जबकि 12 लोगों के खिलाफ 10 या उससे अधिक मामले दर्ज थे। हत्या के प्रयास के 62 आरोपियों में से 25 के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
इसी तरह, डकैती और लूट के मामलों से जुड़े 284 लोगों में से 155 के खिलाफ कम से कम दो आपराधिक मामले दर्ज थे, जबकि 31 लोगों के खिलाफ 10 या उससे अधिक मामले दर्ज थे। बलात्कार के 61 आरोपियों में से 8 के खिलाफ भी पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
ये छात्र हैं? ये मासूम बच्चे हैं??
सरकार ने कहा था कि निर्दोष छात्रों पर कोई action नहीं होगा..... यहाँ तो आदतन अपराधी हैं बड़े स्तर पर... इन्हे थोड़ी छोड़ेगी सरकार.
विपक्ष और CJP वाले कोर्ट का रास्ता चुन सकते हैं... लेकिन वहां भी सबूत दिए जाएंगे.
हाँ.. विपक्ष और CJP वाले चाहे तो Gen Z के नाम पर इन अपराधियों के बचाव के लिए नया आंदोलन खड़ा कर सकती है.
अब Gen Z हैं... थोड़े बहुत अपराध कर दिए तो क्या ही हो गया... गरम खून है जी.... प्रतिक्रिया है जी... फलाना है जो, ढिकाना है जी.
ऐसा बोलने वाले भतेरे मिल जाएंगे. | 1 427 |
| 4 | जब से होश संभाला है.... हम यही सुनते आ रहे हैं.
कि फला आदमी अल्पसंख्यक है.... इसे मत छेड़ो
अरे ये तो वोट बैंक है.. इसे मत छुओ
अरे ये तो ख़ास जाति से है... इन्हे मत परेशान करो.
ये तो खास भाषा बोलते हैं.. ख़ास तरह के समाज से आते हैं.... इन्हे इनकी मन मर्जी करने दो.
यह सब जातियाँ, Individual, समाज, और धर्म-मजहब को Object बना रखा है.... और एक तरह का Status Quo बना दिया... जिसे बिगाड़ेंगे तो उसकी राजनैतिक कीमत चुकानी पड़ेगी.......कुछ करेंगे इनके खिलाफ तो Narrative आपके खिलाफ बनेगा..... और आप इसकी कीमत चुनावों में चुकाएंगे.
इस कारण हमने ढेरों सामाजिक और राजनैतिक Compromise होते हुए देखे..... और उनकी कीमत भी चुका रहे हैं.
अब इस Status Quo में नये Object की एंट्री हुई है........ Gen Z.
अब क्या सुनने में आ रहा है.... कि
Gen Z को कुछ मत बोलो.
अरे Gen Z को छेड़ो मत
अरे गाली ही तो दी है.... उनका यही तरीका है.
Gen Z से बात करने का अलग तरीका सीखो
Gen Z को लाठी मत मारो.
Gen Z कोई अपराध करे.. कोई Financial Irregularity करे तो उसे मत छेड़ो.
ऐसा कुछ करोगे तो narrative बनेगा आपके खिलाफ... जिसकी कीमत आपको चुकानी पड़ेगी.
अरे भईया... हमारे लिए ये सामाजिक, धार्मिक, मजहबी, जातीय ऑब्जेक्ट्स कम थे... जो आप लोगों ने यह Gen Z नामक झुनझुना भी हमारे माथे पर चिपका दिया.
क्या करें ऐसे Gen Z का... इनके हर सही गलत काम पर आँखें मूँद कर बैठे रहें? इन्हे कुछ भी करने की खुली छूट दे दें?
मतलब क्या करें अब.... Free Run दे दें इन्हे... क्यूंकि नहीं दिया तो नुकसान हो जाएगा
इंसान हैं ये भी.. हाड मांस के बने हुए...इंसान ही रहने दो... इनका Cult बनाओगे तो सबसे पहले आप ही भुगतेंगे. | 1 959 |
| 5 | ये हो क्या रहा है 🤣
पहले वांगचुक पर Right Wing वालों ने आरोप लगाए कि वो चीनी एजेंट हैं.
फिर वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी के साथ मिल कर प्रोटेस्ट का चेहरा बने
फिर भूख हड़ताल की... वहां से प्रोटेस्ट करने वालों को लताड़ा.. कि कम खाओ और उपवास रखो.
वहीं वांगचुक की पत्नी ने राहुल गाँधी के PM आवास पर धरने की आलोचना की थी.
फिर अचानक एक दिन दिल्ली पुलिस उन्हें उठा ले गई.
अस्पताल में अचानक से केंद्रीय मंत्रियो ने उनका अनशन तुड़वाया.
उसके बाद कॉकरोच पार्टी ने उनसे दूरी बना ली.... कॉकरोच लोग उन पर पैसा लेकर अनशन तोड़ने का आरोप लगाने लगे.
वांगचुक ने गुस्सा हो कर एक वीडियो भी बनाया.. जिसमे कॉकरोच लोगों को ही target किया था उन्होने... और उन्हें फटकार लगाई कि उन्हें उन पर ऐसे आरोप लगाने से पहले आत्म मंथन करना चाहिए.
और अब पूरा Leftist Ecosystem वांगचुक की पत्नी के पीछे पड़ा है..... और Alt News वाले तो उनका वीडियो ले आये... जिसमे वांगचुक की पत्नी तो एक सनातनी की तरह बात कर रही हैं.
वांगचुक की पत्नी को भी संविधान से सेकुलर शब्द हटाना है.. संस्कृत को राष्ट्र भाषा बनाना है.. राम मंदिर का सम्मान करती हैं...हिन्दू राष्ट्र के concept से भी सहमत हैं...और आर्यन invasion थ्योरी की भी विरोधी हैं.
इनके हिसाब से तो वांगचुक की पत्नी Right Winger हुई 😂😂
यह सारे बदलाव 8-10 दिनों में हुए हैं
कहीं NEET प्रोटेस्ट को दबा छुपा endorsement सरकार की तरफ से तो नहीं था??? सारी permission बिना मांगे दी... जंतर मंतर पर खुलेआम जगह दी... कोई हल्ला गुल्ला नहीं......यह समझ नहीं आया
कॉकरोच वाले तो अकेले ही हल्ला कर रहे थे... Social media पर 22 मिलियन का...... एकदम से वांगचुक कूदे बीच में...सारी limelight ले गए...और उनके अनशन ख़त्म करते ही गायब भी हो गए.... अनशन ख़त्म करने के बाद कोकरोच पार्टी वालों ने वांगचुक से Hi Hello भी नहीं की है.....और वांगचुक भी चुपचाप लद्दाख निकल गए.
ये चल क्या रहा है 😂😂 | 2 018 |
| 6 | Detailed Post Below | 1 947 |
| 7 | CJP: Take back all the FIRs filed by the govt against the protesters
Govt: We haven’t filed FIRs, individuals have | 2 018 |
| 8 | GUYS I WOULD ASK YOU ALL TO JOIN INDIA'S LARGEST SHOPPING AND GROWING STARTUP CHANNEL
TO SHOW STRONG SUPPORT, KINDLY JOIN THE CHANNEL IT WILL HELP YOU IN SHOPPING DEALS ‼️
https://t.me/+7r6Un3LELPtiZWM9 | 2 129 |
| 9 | Why are they opposing this bill??
INDI Alliance MPs OPPOSED the introduction of the Anti-Paper Leak Bill.
Opposition MPs stormed the Well of the House, shouting "NO! NO" to the proposal for taking up the bill for discussion and voting.
The Bill proposes up to ₹10 crore fine, up to 10 years' jail, and fast-track courts to deliver judgments within 3 months. | 2 289 |
| 10 | मीराबाई चानू ❤️❤️
मणिपुर भारत का मणि है, मणिपुर की मणि चानू हैं।
मणिपुरी (मैतेई) संस्कृति में "चानू" शब्द का शाब्दिक अर्थ "कुल की लड़की" या "बेटी" होता है। बेटियां हमेशा से दुहिता रही हैं। दोनों कुलों का हित करने वाली।
मीराबाई चानू ने मणिपुर के एक छोटे से गांव से निकल कर ओलंपिक में रजत पदक और अब राष्ट्रमंडल में स्वर्ण पदक जीता।
चानू देश की बेटियों के लिए आदर्श हैंं... और हमारे समाज और देश की नायिका हैं 🙏🙏 | 2 288 |
| 11 | The Supreme Court has strongly affirmed that the constitutional right to peaceful protest cannot be denied and that the mere existence of an agitation does not justify alleged police excesses. Hearing pleas concerning the July 20 student protests over the NEET paper leak, the bench observed that an agitation neither permits violence by protesters nor authorises indiscriminate force by the police. *The court also stressed that injuries to security personnel are equally concerning and called for a uniform nationwide protocol covering designated protest spaces, graded police action and safeguards against anti-social elements.* The matter will be heard again on Tuesday. | 2 225 |
| 12 | Many of India’s space industry firsts. Rolled into one rocket. 🚀 | 2 374 |
| 13 | लो... हो गया काण्ड 😂 | 2 291 |
| 14 | मीराबाई चानू..... The Legend ❤️❤️ | 2 500 |
| 15 | एक बात कहनी है.
पिछले दिनों जंतर मंतर पर हमने Gen Z के नाम पर बिगड़ी औलादों, बद्तमीज जमात और बेहूदा लोगों को देखा.
गालीबाज लोग.. जिनमे ना संस्कार, ना कोई सहूर.... बस बकैती करवा लो.
यह सब देख कर लगता है... कि जिंदगी में कुछ उखाड़ा हो या नहीं.. लेकिन बच्चों को सही रास्ते पर डाला है.
मेरा बेटा Gen Alpha है... घर में ढेरों alpha हैं.. कुछ Gen Z भी हैं... मेरे प्यारे दोस्तों के बच्चे भी Gen Z और Gen Alpha हैं....
और डंके की चोट पर कहता हूँ... सबके सब देशभक्त, सेना का सम्मान करने वाले...साफ सुथरे, चरित्रवान... माँ बाप का सम्मान करने वाले.... बड़े बूढ़े लोगों का सम्मान करने वाले और 100% मोदी भक्त हैं.
हमने पैसा कितना कमाया... हमने प्रॉपर्टी कितनी खरीदी, कितनी कार ली.. बैंक बैलेंस कितने हुआ.... कोई फर्क नहीं पड़ता.... अगर आपके पास एक सभ्य और देशभक्त बच्चा नहीं...... सब बर्बाद है.
यह देख कर मुझे अपने पर, अपने परिवार पर और अपने मित्रों पर गर्व है... कि हमने जिंदगी में और कुछ उखाड़ा हो या नहीं... लेकिन कम से कम ऐसी Generation पैदा करी है.... जो हमारे भारत के लिए कुछ भी कर गुजर जायेगी... सेना के लिए सर कटा लेंगे... हिंदुत्व के लिए आहुति दे देंगे
मानव योनि में और भारतवर्ष में पैदा हुए हैं... इतना करना तो हमारा सामाजिक और नैतिक दायित्व है... जिसे हमने सफलता से पूरा किया है ❤️❤️ | 2 494 |
| 16 | नंदन नीलेकर्णी के टास्क फोर्स में 5 अलग अलग क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हैं जिनका नाम और उनके जिम्मे क्या जिम्मेदारी रहेगी इसका विवरण निम्नवत है:–
• एस. सोमनाथ (पूर्व ISRO चीफ)
– अंतरिक्ष विज्ञान में भारत का डंका बजाने वाले पूर्व इसरो अध्यक्ष चंद्रयान-3 की सफलता के नायक रहे हैं।
– टास्क फोर्स में वे परीक्षा प्रणाली को अंतरिक्ष अभियानों की तर्ज पर पूरी तरह अचूक, फुलप्रूफ और रणनीतिक रूप से मजबूत ढांचा प्रदान करेंगे.
– उनका मुख्य ध्यान परीक्षाओं की हर प्रक्रिया को लॉजिकल और एरर-फ्री बनाने पर होगा.
• तपन डेका (पूर्व IB डायरेक्टर)
– देश की शीर्ष खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व निदेशक आंतरिक सुरक्षा और सर्विलांस के बेताज बादशाह हैं.
– परीक्षा सेंटरों से लेकर प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग तक, सुरक्षा व्यवस्था को किसी अभेद्य सैन्य किले जैसा बनाना इनकी जिम्मेदारी होगी.
– लीक की साजिश रचने वाले माफियाओं के नेटवर्क को पहले ही ट्रेस कर पूरी तरह ध्वस्त करने का प्लान तैयार करेंगे.
• प्रो. वी. कामाकोटी (डायरेक्टर, IIT मद्रास)
– देश के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर ‘शक्ति’ के जनक और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ.
– परीक्षा में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर, ऑनलाइन पोर्टल और डेटाबेस को हैकिंग व साइबर हमलों से सुरक्षित रखेंगे.
– एआई (AI) और एडवांस्ड कोडिंग के जरिए डिजिटल पेपर लीक की हर गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करेंगे.
• अनीता करवाल (पूर्व केंद्रीय शिक्षा सचिव)
– पूर्व आईएएस अधिकारी और सीबीएसई की अध्यक्ष रह चुकीं अनीता जी के पास स्कूली और उच्च शिक्षा व्यवस्था का व्यापक अनुभव है.
– प्रशासनिक सुधारों को लागू करने और परीक्षा नियमों को छात्रों के अनुकूल व पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी.
– NTA के भीतर प्रशासनिक ढिलाई को खत्म कर जवाबदेही तय करने का काम करेंगी.
• अमृत लाल मीणा (लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ)
– वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और देश की सप्लाई चेन व इंफ्रास्ट्रक्चर लॉजिस्टिक्स के माहिर रणनीतिकार.
– प्रश्नपत्रों की छपाई से लेकर उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पूरी सुरक्षा के साथ पहुंचाने (Transport & Distribution) की कमान संभालेंगे.
– जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल लॉक जैसी लॉजिस्टिक्स तकनीकों से पेपर लीकेज के रास्ते बंद करेंगे.
Abhishek Kumar | 2 511 |
| 17 | PM has constituted a task force for NTA examination reforms.
Members of this committee:
- Nandan Nilekani
- Former ISRO Chairman S Somnath
- Former IB Director Tapan Deka
- Director of IIT Chennai V Kamakoti
- Former Education Secretary Anita Karwal | 2 416 |
| 18 | Breaking: PM Modi constitutes high powered task force on examination reforms under the leadership of Infosys' founder and Aadhaar architect Nandan Nilekani | 2 503 |
| 19 | मोदी जी ने आज भी वीडियो डाला है.
Strategy बदली है PM ने.
यह अच्छा बदलाव है... और यह सभी बड़े मुद्दों पर होना चाहिए.
क्यूंकि सबसे बड़ी समस्या जो थी... वो कहीं ना कहीं Direct Communication का अभाव थी.
लगता है इसे दूर करने के लिए यह तरीका अपनाया है.... आज के ज़माने के हिसाब से यह बेहतर तरीका है.
बड़े मुद्दों पर स्वयं PM सामने आ कर समय समय पर बात करेंगे... तो विपक्ष के प्रोपेगंडा नहीं चल पाएंगे.
जहाँ तक Credibility की बात है.... मोदी जी इस समय किसी भी अन्य राजनेता से मीलों आगे हैं.... ऐसा Direct Communication उन्हें Edge प्रदान करेगा. | 2 540 |
| 20 | फूफा लोगों के हिसाब से बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए था ताकि सरकार छह महीने थोपी हुई सरकारी चलाती फिर टीएमसी विक्टिम बनकर क्षेत्रवाद उक्साकर चुनाव जीतती। फिर तबीयत से 5 साल हिन्दुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं में फिर जूत्ते बजाती।
लेकिन सरकार ने किया नहीं
फूफा लोग चाहते चाहते थे कि कथित किसानों पर टैंक चढ़ा दें ताकि वो लूटे पिटे पंजाब वापस जाकर हिन्दू, दिल्ली, संघ, भाजपा के लठ बजाने की कहानी सुनाएं एक और ब्लूस्टार बना लें और सारा गुस्सा पंजाब को संघ, भाजपा के कार्यकर्ताओं पर निकाले। वहां संघ भाजपा का कोई नाम लेने वाला न बचे।
लेकिन मोदी ने वो भी नहीं किया
अब यह चाहते हैं कि जंजत-मंतर और शहर-शहर हो रहे प्रदर्शन पर सरकार बैकफुट जाने की जगह खूब लठ बजाए और नॉर्थ कोरिया बना दे एक दम।
लेकिन वो भी नहीं हुआ
ऐसे नहीं है कि गृह युद्ध सिर्फ सामने वाले चाहते हैं
चाहते यह भी वो ही कि कुछ मज़ा सा आए
गोलियां गोले चले, कुछ मनोरंजन मिले।
बस अंतर यह है कि सामने वाले सड़क पर उतर खुद करना चाहते हैं
यह चाहते हैं कि इनका हिस्से का गृह युद्ध भी सरकार लड़े।
ताकि यह टाइप कर-करके बता सके
अगली बार क्या करना है
@अविनाश_त्रिपाठी | 2 497 |
