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मोयामोया रोग (Moyamoya Disease) क्या है? मोयामोया एक दुर्लभ और प्रगतिशील मस्तिष्क की रक्तवाहिका (Brain Blood Vessel) बीमारी ह
मोयामोया रोग (Moyamoya Disease) क्या है? मोयामोया एक दुर्लभ और प्रगतिशील मस्तिष्क की रक्तवाहिका (Brain Blood Vessel) बीमारी है, जिसमें दिमाग तक खून पहुंचाने वाली प्रमुख धमनियां धीरे-धीरे संकरी या बंद होने लगती हैं। इसकी भरपाई के लिए बहुत पतली नई रक्तवाहिकाएं बनती हैं, जो एंजियोग्राफी में धुएं के गुच्छे जैसी दिखती हैं—इसी वजह से इसका नाम "मोयामोया" पड़ा, जिसका जापानी में अर्थ है "धुएं का गुच्छा"। मुख्य लक्षण: बार-बार स्ट्रोक या TIA (मिनी स्ट्रोक) हाथ-पैर में कमजोरी या सुन्नपन बोलने में कठिनाई दौरे (Seizures) तेज सिरदर्द उपचार: दवाओं से जोखिम कम किया जा सकता है, लेकिन कई मरीजों में रीवैस्कुलराइजेशन (Bypass) सर्जरी दिमाग में रक्त प्रवाह बढ़ाने का प्रमुख उपचार होती है। ❤️ अंगदान जीवनदान है। ब्रेन डेड व्यक्ति के अंग कई जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी दे सकते हैं।

संस्कारवान व्यक्ति अगर अनपढ़ भी है, तो वह समाज के लिए धरोहर है। 😇 वहीं, अगर एक शिक्षित व्यक्ति संस्कारहीन है, तो वह समाज के लिए संकट है। 😔 यह बात बिल्कुल सही है! ✨ हमें अपने बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार भी देने चाहिए। 💖 😊😊

💥प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक रोकने को लेकर जो टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की है उसमें एक से बढ़कर एक एक्सपर्ट्स लिए गए हैं। नंदन नीलेकणी: टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट एस सोमनाथ: पूर्व इसरो चेयरमैन तपन डेका: पूर्व आईबी निदेशक वी कामकोटि: डायरेक्टर, IIT मद्रास अनिता कारवाल: पूर्व शिक्षा सचिव अमृतलाल मीणा: लॉजिस्टिक एक्सपर्ट सिलेक्शन बहुत अच्छे हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि जब इतने नामचीन विशेषज्ञों को एक काम पर लगाया जाएगा तो वे जरूर सार्थक नतीजे देंगे।

💥प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक रोकने को लेकर जो टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की है उसमें एक से बढ़कर एक एक्सपर्ट्स लिए गए हैं। नंदन नीलेकणी: टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट एस सोमनाथ: पूर्व इसरो चेयरमैन तपन डेका: पूर्व आईबी निदेशक वी कामकोटि: डायरेक्टर, IIT मद्रास अनिता कारवाल: पूर्व शिक्षा सचिव अमृतलाल मीणा: लॉजिस्टिक एक्सपर्ट सिलेक्शन बहुत अच्छे हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि जब इतने नामचीन विशेषज्ञों को एक काम पर लगाया जाएगा तो वे जरूर सार्थक नतीजे देंगे।

सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया गया है! 👉 उत्तर प्रदेश का चौथा विश्व विरासत स्थल बना। 👉 भारत में अब कुल 45 यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट हो गए।

सरकार के साथ मुलाकात के बाद सीजेपी ने कहा है कि सरकार ने सारी मांगें मान ली हैं इसलिए वह विरोध-प्रदर्शन वापस ले रही है। सीजेप
सरकार के साथ मुलाकात के बाद सीजेपी ने कहा है कि सरकार ने सारी मांगें मान ली हैं इसलिए वह विरोध-प्रदर्शन वापस ले रही है। सीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर वापस लेने और सुसाइड करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवज़ा देने पर सहमति जताई।

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई। अब प्रहलाद जोशी उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का भी अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।

ये कभी नहीं पिटेंगे, इस पार्टी से निकल कर दूसरे पार्टी में चले जायेंगे पर पिटेंगे नहीं, इनका काम है लोगों को पिटवाना, तभी तो
ये कभी नहीं पिटेंगे, इस पार्टी से निकल कर दूसरे पार्टी में चले जायेंगे पर पिटेंगे नहीं, इनका काम है लोगों को पिटवाना, तभी तो गांव के प्रधान से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की कोई शैक्षिक योग्यता नहीं निर्धारित है, लड़ते रहो सब

भाषा बता रही है, हमारी एक पीढ़ी व्हाट्सअप, रील्स, इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर बर्बाद हो गई। भेंट चढ़ गई। जिम्मेदार कौन है? जि
भाषा बता रही है, हमारी एक पीढ़ी व्हाट्सअप, रील्स, इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर बर्बाद हो गई। भेंट चढ़ गई। जिम्मेदार कौन है? जिम्मेदार हम हैं, जिन्होंने स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालयों से लेकर परिवार के भीतर तक युवा होती पीढ़ी से #संवाद_का_मंच छीन लिया। मां बाप अपनी संतानों के सवालों के उत्तर देने में सक्षम नहीं रहे। लड़के तो कहीं कपड़े उतार कर नहीं घूम रहे हैं और ना ही नाच रहे हैं ये कौन से सभ्य घर की कन्याएं है और इस तरह से कौन आंदोलन करता है,

जितनी गंदी गंदी गालियां इस समय दी जा रही है, क्या ये सही है, लड़को के साथ साथ लड़कियां भी ........... इतनी बार आंदोलन हुआ है और हर तरह के आंदोलन हुए हैं लेकिन इतनी घटिया स्तर की गालियां नहीं दी गई है, क्या ये सच में डाक्टर बनने लायक लोग हैं, किसी के मां को बोल रहे हैं किसी के बेटी को बोल रहे हैं मतलब गजब है

कितना आसान है न....कहीं भी कुछ भी हो...बाप का स्तीफा मांगते मांगते बेटी के इंस्टा 🆔 में घुसकर गालियां देना....अभद्रता करना..
कितना आसान है न....कहीं भी कुछ भी हो...बाप का स्तीफा मांगते मांगते बेटी के इंस्टा 🆔 में घुसकर गालियां देना....अभद्रता करना....ये स्टूडेंट हैं....कैसी परवरिश होती है लोगों की....एक साधारण सी बात है....महिला सम्मान....वो तक करना नहीं आया....क्यों नहीं लोग सिखाते अपने बच्चों को.....किसी की बेटी से गाली गलौज, अभद्रता करना गलत है ...क्या उनके घर में बहन बेटी नहीं है 🥹🥹 यही बात मैंने अखिलेश यादव की बेटी पर जब लोग कीचड़ उछाल रहे थे तो लिखी कि बेटी किसी पार्टी विशेष की नहीं होती....बेटियों का सम्मान सबको करना चाहिए....जब डिंपल यादव का टैटू सीने पर बनवा कर उनके ही कार्यकर्ता भाभी से मिला दो, भाभी से मिला दो चिल्ला रहे थे......तब भी विरोध किया तो सब पूछ रहे थे कि समाजवादी पार्टी से कितना पेमेंट आया है....🤔🙄🥹 #cjp #protesters #daughters #Respect #women #nonfollowers

स्मरण रहे यदि भीड़ ही सत्य होती है तो कौरव तो घर में ही सौ थे और पांडव केवल पांच ।

जितनी चादर हो उतना ही पैर पसारना चाहिए
जितनी चादर हो उतना ही पैर पसारना चाहिए

बात तो सही कहा 🤣🤣🤣
बात तो सही कहा 🤣🤣🤣

केस होने पर कर भी क्या सकते हैं जब तक केस खत्म होता है एक उम्र निकल जाती हैं और लोग ठगे से रह जाते हैं, आप छात्रों को भड़काना
केस होने पर कर भी क्या सकते हैं जब तक केस खत्म होता है एक उम्र निकल जाती हैं और लोग ठगे से रह जाते हैं, आप छात्रों को भड़काना बंद करें 🙏 वहां जितने भी खुद को छात्र बोल रहे हैं वो बाहरी राज्यों से आए है उनको अपने खेल में शामिल न करें, छात्रहित में सोच रहे हैं आपका परिवार भी इसमें शामिल होना चाहिए, उन्हें सुरक्षित रखकर मासूम लोगों को भड़का रहे हैं,

आजकल अधिकतर Gen Z युवा इन्फ्लुएंसर बनना चाहते हैं। उनका ध्यान फॉलोअर्स बढ़ाने और सोशल मीडिया से पैसा कमाने पर रहता है। इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन किसी भी विषय पर लोगों को प्रभावित करने या राय देने के लिए उस विषय का अनुभव, गहरी समझ और सही जानकारी होना भी उतना ही ज़रूरी है। केवल फॉलोअर्स होना किसी व्यक्ति को हर विषय का विशेषज्ञ नहीं बना देता।