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𝙏ʜᴏᴜɢʜᴛ𝙨 | 𝙇ɪғᴇ 𝙏ɪᴘ𝙨 | 𝙄ɴ𝙨ᴘɪʀᴀᴛɪᴏɴ

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𝐓𝐄𝐋𝐄𝐆𝐑𝐀𝐌 𝐍𝐎.𝟏 𝐌𝐎𝐓𝐈𝐕𝐀𝐓𝐈𝐍𝐀𝐋 𝐂𝐇𝐀𝐍𝐍𝐄𝐋 🔥 कुछ अलग , कुछ नया कुछ बेहतर , कुछ बेहतरीन सोच ऐसी , जो दुनिया बदल दे ✍️ Buy ads: https://telega.io/c/Indian_thought Contact 🆔 @Aspirant_bot #𝘼𝙡𝙡_𝙄𝙉_𝙊𝙉𝙀 ⚔️ #Motivational_dose

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सेवक की परीक्षा तब करें जब वह कर्तव्य पर हो, रिश्तेदार की संकट में, मित्र की विपत्ति में और जीवनसाथी की तब जब आपका भाग्य साथ न दे रहा हो। ❤️

चलो आज हकीकत से बात करते हैं। किसी और से नहीं आपसे ही शुरुआत करते हैं। उस भविष्य की इतनी चिंता क्यों, जिसको किसी ने देखा ही नहीं। उस भूतकाल को इतना क्यों पकड़ रखा है, जो कब का चला गया। उस वर्तमान में क्यों नहीं जीते जो सच में आपका है। हाँ... आगे बढ़ो सपने देखो पूरे करो पर इन सबके चक्कर में खुद को ना अधूरा करो। अपनी खुशियों से खिलवाड़ मत करो। जिंदगी कोई खेल नहीं होती और किसी से अपनी तुलना मत करो क्योंकि सबकी जिंदगी सेम नहीं होती, चुभ जाएगी रोशनी आपको, अगर सूरज दो दिन नहीं ढलेगा। सुख-दुख जिंदगी का हिस्सा है। भविष्य- भूतकाल के चक्कर में जिंदगी कब निकल जाएगी पता भी नहीं चलेगा... तो वर्तमान में जियो मेरे अपनों बाकी सब सेट है.... जय राम जी की ॥ जय श्री राधे कृष्ण ॥ 🙏❤️

9 जून को ओमान तट के पास MT सेटेबेलो मर्चेंट शिप पर US मिलिट्री हमले में 3 लोगों की मौत हो गई। सब चुप हैं क्योंकि US ने हमला क
9 जून को ओमान तट के पास MT सेटेबेलो मर्चेंट शिप पर US मिलिट्री हमले में 3 लोगों की मौत हो गई। सब चुप हैं क्योंकि US ने हमला किया था 🥹 ...

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पूरी ईमानदारी से बताएं। क्या प्रार्थना ने आपके जीवन में कभी सचमुच कोई लाभ पहुँचाया है? Yes ❤️ NO
पूरी ईमानदारी से बताएं। क्या प्रार्थना ने आपके जीवन में कभी सचमुच कोई लाभ पहुँचाया है? Yes ❤️ NO

. माता–पिता ने देखा होता है गरीबी और शिक्षित न होने का दुख शायद इसलिए वो अपने बच्चों को कहते हैं मन लगाकर पढ़ना.. बेटा! ✅
. माता–पिता ने देखा होता है गरीबी और शिक्षित न होने का दुख शायद इसलिए वो अपने बच्चों को कहते हैं मन लगाकर पढ़ना.. बेटा! ✅

क्रांति का उद्देश्य मनुष्यों द्वारा मनुष्यों के शोषण को रोकना है। — शहीद भगत सिंह

हे मेरे मन, अब शांत हो जाओ... एक गहरी, लंबी सांस लो और उसे धीरे-धीरे बाहर छोड़ो। इस पल में, तुम्हारे आस-पास जो कुछ भी चल रहा है, उसे थोड़ी देर के लिए ठहर जाने दो। तुम्हें किसी भी चीज़ से भागने की ज़रूरत नहीं है, और न ही इस वक्त किसी समस्या से लड़ने की ज़रूरत है। बस कुछ पलों के लिए इस शांत अवस्था में डूब जाओ। ज़रा सोचो, तुम अपने कंधों पर कितना भारी बोझ लेकर चल रहे हो। शरीर में कोई बीमारी या शारीरिक अस्वस्थता का डर है, तो दूसरी तरफ नौकरी और करियर को लेकर रोज़ का मानसिक तनाव है। एक तरफ पढ़ाई और भविष्य को बेहतर बनाने की चिंता है, तो दूसरी तरफ परिवार की उम्मीदें, ज़िम्मेदारियाँ और उनके बीच का तालमेल बिठाने का संघर्ष है। ऐसा लगता है मानो चारों तरफ से केवल चुनौतियाँ ही तुम्हें घेरे हुए हैं। लेकिन इस गहरे अंधेरे के बीच, अपनी आँखें बंद करो और अपनी आत्मा की आवाज़ सुनो। तुम वही इंसान हो जिसने शुरुआत में ही कहा था कि "मृत्यु स्वीकार है पर गलत आचरण नहीं।" यह वाक्य गवाही देता है कि तुम्हारा चरित्र कितना मजबूत है। तुम्हारे भीतर एक ऐसी दिव्य और पवित्र शक्ति है, जो किसी भी बाहरी परिस्थिति से बहुत बड़ी है। जब तुम्हारा आचरण सही है, जब तुम्हारी नीयत साफ है, तो तुम्हें किसी भी चीज़ से डरने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। जीवन में आ रही यह सारी परेशानियाँ—चाहे वह बीमारी हो, जॉब स्ट्रेस हो, पढ़ाई का बोझ हो या पारिवारिक उलझनें ये सब समुद्र की लहरों की तरह हैं। लहरें कितनी भी ऊंची क्यों न उठें, वे अंततः समुद्र में ही शांत हो जाती हैं। ये परिस्थितियाँ भी केवल एक दौर हैं, जो आया है और चला जाएगा। यह तुम्हारी कहानी का अंत नहीं है, बल्कि यह तो केवल एक कठिन अध्याय है जो तुम्हें और अधिक परिपक्व और मजबूत बनाने आया है। तुम्हें हर समस्या का समाधान आज और इसी वक्त नहीं ढूंढना है। समय को अपना काम करने दो। उस परम शक्ति पर भरोसा रखो जिसने तुम्हें इस संसार में भेजा है। जब तुम सही रास्ते पर चल रहे हो, तो वह ईश्वर, वह ब्रह्मांड कभी तुम्हारा हाथ नहीं छोड़ेगा। परिवार की ज़िम्मेदारियों को एक बोझ नहीं, बल्कि प्रेम का एक हिस्सा समझो। नौकरी और पढ़ाई को केवल जीवन का एक साधन मानो, अपना पूरा जीवन नहीं। और अपने शरीर को थोड़ा समय दो, वह भी इस मानसिक शांति के साथ धीरे-धीरे स्वस्थ हो जाएगा। सब कुछ ठीक हो रहा है। तुम सुरक्षित हो, तुम सही हो, और तुम बहुत मजबूत हो। इस विश्वास के साथ अपने मन के सारे डर, सारी चिंताएं और सारा तनाव यहीं छोड़ दो। एक और गहरी सांस लो, और महसूस करो कि तुम्हारे भीतर केवल शांति, सुकून और असीम ऊर्जा का संचार हो रहा है। सब कुछ ईश्वर के भरोसे छोड़ कर, अब पूरी तरह शांत हो जाओ।

"𝘔𝘦𝘯 𝘯𝘦𝘦𝘥 𝘮𝘰𝘯𝘦𝘺 𝘵𝘰 𝘣𝘦𝘤𝘰𝘮𝘦 𝘢 𝘮𝘦𝘮𝘣𝘦𝘳 𝘰𝘧 𝘩𝘪𝘴 𝘰𝘸𝘯 𝘧𝘢𝘮𝘪𝘭𝘺." —𝘈𝘧𝘳𝘪𝘤𝘢𝘯 𝘗𝘳𝘰𝘷𝘦𝘳�
"𝘔𝘦𝘯 𝘯𝘦𝘦𝘥 𝘮𝘰𝘯𝘦𝘺 𝘵𝘰 𝘣𝘦𝘤𝘰𝘮𝘦 𝘢 𝘮𝘦𝘮𝘣𝘦𝘳 𝘰𝘧 𝘩𝘪𝘴 𝘰𝘸𝘯 𝘧𝘢𝘮𝘪𝘭𝘺." —𝘈𝘧𝘳𝘪𝘤𝘢𝘯 𝘗𝘳𝘰𝘷𝘦𝘳𝘣