वैदिक श्रौतस्मार्त्त-कोशः 🌼
Відкрити в Telegram
श्रुतिस्तु वेदो विज्ञेयो धर्मशास्त्रं तु वै स्मृतिः। ते सर्वार्थेष्वमीमांस्ये ताभ्यां धर्मो हि निर्बभौ॥ (मनु० २.१०)
Показати більше2 297
Підписники
+124 години
-47 днів
-230 днів
Триває завантаження даних...
Схожі канали
Хмара тегів
Вхідні та вихідні згадування
---
---
---
---
---
---
Залучення підписників
вересень '26
вересень '26
+5
в 0 каналах
серпень '26
+44
в 0 каналах
Get PRO
липень '26
+51
в 0 каналах
Get PRO
червень '26
+33
в 0 каналах
Get PRO
травень '26
+48
в 0 каналах
Get PRO
квітень '26
+35
в 0 каналах
Get PRO
березень '26
+23
в 1 каналах
Get PRO
лютий '26
+36
в 0 каналах
Get PRO
січень '26
+33
в 1 каналах
Get PRO
грудень '25
+29
в 0 каналах
Get PRO
листопад '25
+23
в 0 каналах
Get PRO
жовтень '25
+32
в 0 каналах
Get PRO
вересень '25
+37
в 0 каналах
Get PRO
серпень '25
+46
в 0 каналах
Get PRO
липень '25
+32
в 0 каналах
Get PRO
червень '25
+34
в 0 каналах
Get PRO
травень '25
+49
в 3 каналах
Get PRO
квітень '25
+37
в 1 каналах
Get PRO
березень '25
+57
в 0 каналах
Get PRO
лютий '25
+49
в 0 каналах
Get PRO
січень '25
+106
в 1 каналах
Get PRO
грудень '24
+121
в 2 каналах
Get PRO
листопад '24
+118
в 0 каналах
Get PRO
жовтень '24
+120
в 2 каналах
Get PRO
вересень '24
+256
в 3 каналах
Get PRO
серпень '24
+219
в 0 каналах
Get PRO
липень '24
+151
в 0 каналах
Get PRO
червень '24
+141
в 0 каналах
Get PRO
травень '24
+187
в 2 каналах
Get PRO
квітень '24
+194
в 2 каналах
Get PRO
березень '24
+204
в 1 каналах
Get PRO
лютий '24
+229
в 1 каналах
Get PRO
січень '24
+284
в 4 каналах
Get PRO
грудень '23
+238
в 1 каналах
Get PRO
листопад '23
+57
в 2 каналах
Get PRO
жовтень '23
+290
в 1 каналах
| Дата | Залучення підписників | Згадування | Канали | |
| 03 вересня | +2 | |||
| 02 вересня | +3 | |||
| 01 вересня | 0 |
Дописи каналу
☀️ समस्त सनातनवैदिकधर्म्मावलम्बियों को सहर्ष सूचित किया जाता है कि –
अनन्तश्रीसमलङ्कृत अभिनवशङ्कर यतिचक्रचूडामणि राजराजेश्वर विश्ववन्द्य सर्वभूतहृदय श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्य श्रोत्रिय-ब्रह्मनिष्ठ वेदभाष्यकार धर्मसम्राट् स्वामी श्रीहरिहरानन्दसरस्वतीजी 'श्रीकरपात्रीजी' महाभाग का ११९वाँ प्राकट्यमहोत्सव
आगामी श्रावणशुक्ल द्वितीया - शुक्रवार,
तदनुसार - १४ जुलाई २०२५
को मनाया जाएगा।
धर्मब्रह्मशरीराय करपात्रमहात्मने।
वेदोद्धारप्रवृत्ताय नित्याय गुरवे नम:॥ 🪷🙏🏻
| 2 | गुरुपूर्णिमा महोत्सव एवं चातुर्मास्यव्रत-निमन्त्रणपत्र | 523 |
| 3 | 🔴 LIVE प्रसारण
https://www.youtube.com/live/ERe3HTZHo6g | 518 |
| 4 | ☀️ राष्ट्रोत्कर्ष दिवस ☀️
अनन्तश्रीविभूषित ऋग्वेदीय-पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठपुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानन्दसरस्वतीजी महाभाग का
84वाँ प्राकट्य महोत्सव - 'राष्ट्रोत्कर्ष दिवस'
आषाढकृष्ण० त्रयोदशी तदनुसार
12 जुलाई 2026 (रविवार)
प्रातःकाल 11:00 बजे से
📍 आयोजन स्थल : दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टेडियम, नार्थ कैंपस, निकट दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो (दिल्ली) | 361 |
| 5 | Немає тексту... | 347 |
| 6 | Немає тексту... | 513 |
| 7 | 🌞 भगवत्पाद श्रीशिवावतार जगद्गुरु आद्य श्रीशङ्कराचार्य भगवान् का २५३३वाँ प्राकट्योत्सव इस वर्ष वैशाख-शुक्लपक्ष, पञ्चमी तदनुसार— २१ अप्रैल, २०२६, मङ्गलवार को मनाया जाएगा।
चतुर्भिः सह शिष्यैस्तु शङ्करोऽवतरिष्यति।
शङ्करः शङ्करः साक्षाद्व्यासो नारायणो हरिः॥
हर हर शङ्कर, जय जय शङ्कर 🚩 | 282 |
| 8 | काशी प्रवास
ऋग्वेदीय-पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ-पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन सान्निध्य में
दर्शन एवं सङ्गोष्ठी –
17 से 19 अप्रैल, 2026
पूर्वाह्न - 11:30 बजे
सायं - 05:00 बजे
साधना एवं राष्ट्ररक्षा शिविर –
20 से 22 अप्रैल, 2026
प्रातः - 10:00 बजे से
सायं - 05:00 बजे से
आद्य श्रीशङ्कराचार्य जयन्ती –
श्रीशङ्कराचार्य भगवान् का 2533वाँ प्राकट्यमहोत्सव : वैशाख शुक्लपक्ष पञ्चमी (21 अप्रैल, 2026)
श्रीदक्षिणामूर्ति प्राणप्रतिष्ठा –
23 अप्रैल, 2026 – प्रातः 10:30 बजेसे
स्थल – पूर्वाम्नाय श्रीदक्षिणामूर्तिमठ, श्रीजगन्नाथ गली, असि, काशी, वाराणसी
https://maps.app.goo.gl/pTyCX4L6zCHQXvYWA
हिन्दूराष्ट्र भारतवर्ष की जय !
हिन्दूराष्ट्र भारतवर्ष की जय ! | 270 |
| 9 | Немає тексту... | 232 |
| 10 | https://meet.google.com/ieb-chcb-zsz | 23 |
| 11 | https://maps.app.goo.gl/pTyCX4L6zCHQXvYWA | 491 |
| 12 | https://youtube.com/shorts/SG_SVv0nTFg | 404 |
| 13 | ॥ श्रीहरिः ॥
॥ जय श्रीजगन्नाथ ॥
श्रीमन्महागणाधिपतये नमः।
श्रीमन्नारायणाय नमः। श्रीशङ्कराय नमः।
श्रीमात्रे नमः।
श्रीभास्कराय नमः।
श्रीसुब्रह्मण्याय नमः।
☀️ वर्तमान कल्पके १ अरब ९७ कोटि २९ लक्ष ४९ सहस्र १२७ वर्षोंसे पुष्पित, पल्लवित 'नारायणसमारम्भाम्...' गुरूपरम्परामें आस्थान्वित समस्त सनातनी-वैदिक-आर्य-हिन्दुओंको नूतनवर्षाभिनन्दन। सनातन नववर्ष समस्त सनातनधर्मावलम्बियों हेतु शुभप्रद सिद्ध हो।
🌸 आप सभी को चैत्रशुक्ल प्रतिपदासे नवीन- 'रौद्र' संज्ञक विक्रमसम्वत् २०८३, 'पराभव' संज्ञक शक्सम्वत् १९४८ तथा सनातन सृष्टिसंवत्सर १,९७,२९,४९,१२७ के शुभारम्भ एवं वासन्तिक-नवरात्रा - श्रीश्रीललितानवरात्र व रक्तदन्तिकापूजा की अनन्तानन्त मङ्गलकामनाएँ।
ब्रह्मविद्यासम्प्रदायके कर्ता, भर्ता एवं संरक्षक भगवान् श्रीमन्नारायण एवं उनके अभिन्नस्वरूप भगवान् सदाशिव (श्रीदक्षिणामूर्ति)से आरम्भ होने वाली एवं श्रीब्रह्मा, श्रीवसिष्ठ, श्रीशक्ति, श्रीपराशर, श्रीबादरायण-कृष्णद्वैपायन-वेदव्यास, श्रीशुकदेव, श्रीगौडपादाचार्य, श्रीगोविन्दभगवत्पाद, भगवत्पाद शिवावतार श्रीशङ्कराचार्य, श्रीपद्मपादाचार्यादि अमलात्मापरमहंसमहामुनीन्द्रों, सिद्धों, ब्रह्मात्मतत्त्ववेत्ताओं द्वारा प्रवर्तित; अबतक १५५ गुरुओंकी इस अनाद्यविच्छिन्नगुरुपरम्परामें जहाँ औपनिषद्ब्रह्मविद्या अपने वास्तविक स्वरूपमें सुस्थित है और जो सदासे सकललोककल्याणार्थतत्पर है, ऐसी अभ्युदय-निःश्रेयसप्रद एवं धर्मग्लान्यधर्माभ्युत्थाननिवृत्तिपूर्वक धर्मसंस्थापनार्थ निरन्तर सङ्घर्षरत इस गुरुपरम्परा का नूतनवर्ष आरम्भ हो रहा है। यह नूतनवर्ष इस गुरुपरम्परामें आस्थान्वित सज्जनों हेतु धर्म, अध्यात्म, भक्ति, विरक्ति एवं भगवत्प्रबोधकी प्राप्तिमें अग्रसर करने वाला सिद्ध हो। आपका जीवन अपने और सबके हितमें प्रयुक्त तथा विनियुक्त हो। नारायण।
सर्वेषां मङ्गलं भूयात् सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥
(श्रीगरुडमहापुराण, उत्तरखण्ड(२), ३५.५१) | 421 |
| 14 | Немає тексту... | 323 |
| 15 | 🌺 नवसंवत्सर की हार्द्दिक मङ्गलकामनाएँ 🌺
शम्भुं विष्णुं च सूर्यं च
देवीं गणपतिं तथा ।
पञ्चायतनपूजाभिः
स्मार्तधर्मः प्रवर्धताम् ॥
भगवान् शम्भु (श्रीशिव), भगवान् श्रीविष्णु, भगवान् श्रीसूर्य, श्रीदेवी (आदिशक्ति) और भगवान् श्रीगणपति — इन पञ्चदेवों की पञ्चायतन-पूजा के द्वारा स्मार्त धर्म की उन्नति हो।
वेदवेदान्तसिद्धान्तः
श्रुतिस्मृतिपुरःसरः ।
नववर्षे प्रबुद्धोऽयं
धर्ममार्गः प्रकाशताम् ॥
वेद और वेदान्त का सिद्धान्त, जो श्रुति और स्मृति के मार्ग का अनुसरण करता है — वह धर्ममार्ग इस नववर्ष में जागृत होकर प्रकाशित हो।
भजामि शंकराचार्यं
अद्वैतामृतवर्षिणम् ।
यत्पादाम्भोजशरणं
मोक्षमार्गप्रदायकम् ॥
मैं शिवावतार जगद्गुरु श्रीशंकराचार्य का भजन करता हूँ, जो अद्वैत रूपी अमृत की वर्षा करने वाले हैं; जिनके चरणकमलों की शरण मोक्ष का मार्ग प्रदान करती है।
शरणं ते जगद्गुरो
शंकराचार्य सर्वदा ।
नवसंवत्सरेऽस्माकं
बुद्धिर्भवतु शाश्वती ॥
हे जगद्गुरु शंकराचार्य! हम सदा आपकी शरण में हैं। इस नवसंवत्सर में हमारी बुद्धि स्थिर, शाश्वत और विवेकयुक्त हो।
भवतु ब्रह्मनिष्ठा नः
भवतु श्रुतिसेवना ।
सदाचाररतिः स्थेयं
शान्तिर्भूयात् पुनः पुनः ॥
हममें ब्रह्मनिष्ठा हो; श्रुति-सेवा (वेदाध्ययन एवं पालन) हो; सदाचार में स्थिर प्रेम हो; और बार-बार शांति की स्थापना होती रहे। | 300 |
| 16 | Немає тексту... | 204 |
| 17 | सच्चे गुरुओं की पहचान
सच्चे सन्तों की पहचान
~ स्वामी श्रीकाशिकानन्दगिरीजी महाराज | 390 |
| 18 | 🌸 वचनामृत 🌸
“भगवान् के वाङ्मय शरीर वेद, रामायण, भारत, भागवतमें कोई नयी वस्तु डाल देना, वैसा ही अनिष्ट होगा जैसे भगवान् के उपास्य विग्रह में कॉंटा चुभाना। उसमें से कुछ अंशों को प्रक्षिप्त कहकर निकाल देना भी वैसा ही अनिष्ट होगा जैसे भगवान् के विग्रह से किसी अङ्गोपाङ्गको पृथक् कर देना।”
~ रामायणमीमांसाकार परमपूज्य धर्मसम्राट्महाभाग (श्रीमत्करपात्रस्वामी श्रीहरिहरानन्दसरस्वतीजी महाराज)
[ रामायणमीमांसा, अध्याय २१ ]
।। नारायण ।। | 1 007 |
| 19 | वचनामृत।
“भगवान् के वाङ्मय शरीर वेद, रामायण, भारत, भागवतमें कोई नयी वस्तु डाल देना, वैसा ही अनिष्ट होगा जैसे भगवान् के उपास्य विग्रह में कॉंटा चुभाना। उसमें से कुछ अंशों को प्रक्षिप्त कहकर निकाल देना भी वैसा ही अनिष्ट होगा जैसे भगवान् के विग्रह से किसी अङ्गोपाङ्गको पृथक् कर देना।”
~ रामायणमीमांसाकार परमपूज्य धर्मसम्राट्महाभाग (श्रीमत्करपात्रस्वामी श्रीहरिहरानन्दसरस्वतीजी महाराज)
[ रामायणमीमांसा, अध्याय २१ ]
।। नारायण ।। | 1 |
| 20 | Немає тексту... | 395 |
