𝕸𝖊𝖍𝖋𝖎𝖑 𝖘𝖙𝖆𝖙𝖚𝖘
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लिखूं कोई गजल या जज़्बात लिखूं मैं जब भी लिखूं बस तेरा नाम लिखूं
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खोया रहता हूं यादों में तेरी में अक्सर ,,
भुला देता हूं बाते उल्टी सीधी में हसकर ।।
पीछे तेरे में पागल हुए जा रहा हु ,,
आना तू यादों में तू जरा सा तो कमकर ।।
रह जाता हु ख्यालों में तेरे हमेशा मैं फसकर ,,
शुरू होता है दिन मेरा राम नाम हमेशा जपकर ।।
करूंगा आराम पहले काम सारे बाद में ,,
अलावा तेरे ना रहता कोई और मेरी याद में ।।
करु में खुद से हमेशा हर लम्हा बाते तेरी ,,
जाने क्या तू बिन तेरे कैसे गुजरी हर एक राते मेरी ।।
खुशियां चेहरे पर मेरे तूने ही अक्सर सजाई है ,,
बुरा था ख्याल हर एक पहले मन में तूने ही
घडिया जिंदगी की हर एक सही से बनाई है ।।
~ रावन जी
नाले मजबूरों के ख़ाली नहीं जाने वाले
हैं ये सोता हुआ इंसाफ़ जगाने वाले
हद से टकराती है जो शय वो पलटती है ज़रूर
ख़ुद भी रोएँगे ग़रीबों को रुलाने वाले
चुप है परवाना तो क्या शम्अ' को ख़ुद है इक़रार
आप ही जलते हैं औरों को जलाने वाले
'आरज़ू' ज़िक्र ज़बानों पे है इबरत के लिए
मिटने वाले हैं न बाक़ी हैं मिटाने वाले
आरज़ू लखनवी
तेरी बंदगी का असर है या कोई आज़माईश,
तेरा शुक्रिया जो तूने हमे ख़ुद से रूबरू करा दिया..!
चलो फिर कागजों पर दास्ताने-ए-दर्द लिखते हैं
ज़माना मुंतज़िर होगा गमों पर मुस्कुराने को..!!
