Geography (भूगोल)
Open in Telegram
🔹 विश्व और भारत का भूगोल 🌎 🔹 महाद्वीप, देश, राज्य और शहरों की विशेषताएँ 🗺️ 🔹 भौगोलिक घटनाएँ – जलवायु, पर्वत, नदियाँ, महासागर 🌊🏔️ अपडेट पाने के लिए चैनल से जुड़े रहें और ज्ञान बढ़ाएँ!
Show more3 122
Subscribers
No data24 hours
+107 days
+8030 days
Data loading in progress...
Similar Channels
Tags Cloud
Incoming and Outgoing Mentions
---
---
---
---
---
---
Attracting Subscribers
July '26
July '26
+111
in 1 channels
June '26
+73
in 0 channels
Get PRO
May '26
+68
in 0 channels
Get PRO
April '26
+71
in 0 channels
Get PRO
March '26
+36
in 0 channels
Get PRO
February '26
+65
in 0 channels
Get PRO
January '26
+98
in 1 channels
Get PRO
December '25
+84
in 0 channels
Get PRO
November '25
+46
in 0 channels
Get PRO
October '25
+50
in 2 channels
Get PRO
September '25
+98
in 4 channels
Get PRO
August '25
+125
in 2 channels
Get PRO
July '25
+97
in 3 channels
Get PRO
June '25
+120
in 4 channels
Get PRO
May '25
+190
in 1 channels
Get PRO
April '25
+216
in 4 channels
Get PRO
March '25
+190
in 4 channels
Get PRO
February '25
+173
in 3 channels
Get PRO
January '25
+168
in 3 channels
Get PRO
December '24
+237
in 8 channels
Get PRO
November '24
+302
in 13 channels
Get PRO
October '24
+366
in 22 channels
Get PRO
September '24
+423
in 21 channels
Get PRO
August '24
+286
in 10 channels
Get PRO
July '24
+104
in 4 channels
Get PRO
June '24
+42
in 3 channels
Get PRO
May '24
+68
in 7 channels
Get PRO
April '24
+104
in 5 channels
Get PRO
March '24
+72
in 10 channels
Get PRO
February '24
+74
in 1 channels
Get PRO
January '24
+338
in 1 channels
| Date | Subscriber Growth | Mentions | Channels | |
| 27 July | 0 | |||
| 26 July | +3 | |||
| 25 July | +3 | |||
| 24 July | +2 | |||
| 23 July | +2 | |||
| 22 July | +4 | |||
| 21 July | +4 | |||
| 20 July | +6 | |||
| 19 July | +6 | |||
| 18 July | +3 | |||
| 17 July | +2 | |||
| 16 July | +4 | |||
| 15 July | +5 | |||
| 14 July | +3 | |||
| 13 July | +3 | |||
| 12 July | +7 | |||
| 11 July | +2 | |||
| 10 July | +8 | |||
| 09 July | +6 | |||
| 08 July | +4 | |||
| 07 July | +2 | |||
| 06 July | +4 | |||
| 05 July | +1 | |||
| 04 July | +12 | |||
| 03 July | +11 | |||
| 02 July | +3 | |||
| 01 July | +1 |
Channel Posts
| 2 | भारत के महत्वपूर्ण चैनल/जलडमरूमध्य/रेखा/दर्रा
Join 🔜@PCS_Samrat | 433 |
| 3 | निम्नलिखित में से कौन सा/सही ढंग से मिलान किया गया है?
1. मनामा-बहरीन 2. अबूजा-नाइजीरिया 3. मिंस्क-बेलारूस | 374 |
| 4 | लोग मृत सागर (Dead Sea) में क्यों नहीं डूबते? | 347 |
| 5 | निम्नलिखित में से कौन-कौन से स्थान गुजरात राज्य में स्थित है?
1. हड़प्पा
2. लोथल 3. रंगपुर 4. बनवाली 5. भागत्राव 6. रोपड। | 316 |
| 6 | Countries bordering Syria
Trick: TIJIL
T - Turkey
I - Iraq
J -Jordan
I - Israel
L - Lebanon
#pre | 780 |
| 7 | ० संरक्षित क्षेत्र (Protected Areas) :-
• संरक्षित क्षेत्रों (Protected Areas) का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता, वन्यजीवों एवं उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण करना है।
• भारत में संरक्षित क्षेत्रों की व्यवस्था वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत की गई है।
• भारत के प्रमुख संरक्षित क्षेत्र हैं – राष्ट्रीय उद्यान (National Park), वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary), जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve), संरक्षण रिज़र्व (Conservation Reserve) एवं सामुदायिक रिज़र्व (Community Reserve)।
• राष्ट्रीय उद्यान (National Park) में संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) का संरक्षण किया जाता है।
• राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा राज्य सरकार द्वारा की जाती है।
• राष्ट्रीय उद्यान में शिकार, चराई, लकड़ी कटाई एवं अन्य मानवीय गतिविधियाँ सामान्यतः प्रतिबंधित होती हैं।
• राष्ट्रीय उद्यान में स्थानीय लोगों के अधिकार सामान्यतः समाप्त कर दिए जाते हैं।
• राष्ट्रीय उद्यान की सीमाओं में परिवर्तन राज्य विधानमंडल की स्वीकृति से ही किया जा सकता है।
• भारत का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान – जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (1936) (पूर्व नाम – हैली राष्ट्रीय उद्यान) है।
• भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान – हेमिस राष्ट्रीय उद्यान (लद्दाख) है।
• उत्तर प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान – दुधवा राष्ट्रीय उद्यान है।
• वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary) का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों एवं उनके आवास का संरक्षण करना है।
• वन्यजीव अभयारण्य की घोषणा राज्य सरकार द्वारा की जाती है।
• वन्यजीव अभयारण्य में सीमित मानवीय गतिविधियाँ एवं चराई की अनुमति दी जा सकती है।
• वन्यजीव अभयारण्य में स्थानीय लोगों के कुछ पारंपरिक अधिकार बने रह सकते हैं।
• राष्ट्रीय उद्यान की तुलना में वन्यजीव अभयारण्य में संरक्षण के नियम कम कठोर होते हैं।
• जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve) का उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण, अनुसंधान एवं सतत विकास है।
• जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र की अवधारणा यूनेस्को के "मनुष्य एवं जैवमंडल (MAB) कार्यक्रम" पर आधारित है।
• जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र में कोर (Core), बफ़र (Buffer) एवं संक्रमण (Transition) क्षेत्र होते हैं।
• कोर क्षेत्र में मानव गतिविधियाँ पूर्णतः निषिद्ध होती हैं।
• बफ़र क्षेत्र में अनुसंधान, शिक्षा एवं सीमित गतिविधियों की अनुमति होती है।
• संक्रमण क्षेत्र में स्थानीय समुदायों द्वारा सतत विकास संबंधी गतिविधियाँ की जाती हैं।
• भारत का प्रथम जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र – नीलगिरि (1986) है।
• भारत का प्रथम यूनेस्को विश्व जैवमंडल नेटवर्क में शामिल जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र – नीलगिरि है।
• एक जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र में राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य एवं वन क्षेत्र सम्मिलित हो सकते हैं।
• जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र का गठन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत नहीं किया जाता।
• संरक्षण रिज़र्व (Conservation Reserve) की स्थापना सरकारी भूमि पर वन्यजीव गलियारों (Wildlife Corridors) एवं संरक्षित क्षेत्रों के बीच संपर्क बनाए रखने हेतु की जाती है।
• सामुदायिक रिज़र्व (Community Reserve) की स्थापना स्थानीय समुदायों की सहभागिता से निजी अथवा सामुदायिक भूमि पर की जाती है।
० क्विक रिवीजन :-
• भारत का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान → जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (1936)
• उत्तर प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान → दुधवा राष्ट्रीय उद्यान
• भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान → हेमिस राष्ट्रीय उद्यान (लद्दाख)
• भारत का प्रथम जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र → नीलगिरि (1986)
• प्रथम यूनेस्को जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र → नीलगिरि
• राष्ट्रीय उद्यान → सबसे कठोर संरक्षण
• वन्यजीव अभयारण्य → सीमित मानवीय गतिविधियाँ संभव
• जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र → संरक्षण + अनुसंधान + सतत विकास
• कोर क्षेत्र → मानव गतिविधियाँ पूर्णतः निषिद्ध
• बफ़र क्षेत्र → अनुसंधान एवं शिक्षा
• संक्रमण क्षेत्र → सतत विकास एवं स्थानीय समुदाय की सहभागिता
• सामुदायिक रिज़र्व → निजी/सामुदायिक भूमि पर
#Prelims
#PCS2026
#PYQFacts
#PrelimsModeActivated_ThePCSHub | 862 |
| 8 | ० जैव विविधता (Biodiversity:-
• जैव विविधता से तात्पर्य पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीवों, उनकी प्रजातियों, आनुवंशिक विविधता तथा पारितंत्रों की विविधता से है।
• 'जैव विविधता' शब्द का प्रथम प्रयोग Walter G. Rosen ने 1986 में किया था।
• जैव विविधता को लोकप्रिय बनाने का श्रेय Edward O. Wilson को दिया जाता है।
• जैव विविधता के तीन स्तर हैं— • आनुवंशिक विविधता
• प्रजातीय विविधता
• पारितंत्रीय विविधता
• भारत विश्व के 17 मेगा जैव-विविधता वाले देशों में शामिल है।
• भारत में विश्व की लगभग 8% ज्ञात जैव विविधता पाई जाती है।
• भारत के चार जैव विविधता हॉटस्पॉट हैं— • हिमालय
• इंडो-बर्मा
• पश्चिमी घाट एवं श्रीलंका
• सुंडालैंड (निकोबार द्वीप समूह)
• जैव विविधता हॉटस्पॉट की अवधारणा Norman Myers ने 1988 में दी थी।
• हॉटस्पॉट बनने की दो प्रमुख शर्तें हैं— • कम-से-कम 1500 स्थानिक (Endemic) पादप प्रजातियाँ हों।
• मूल प्राकृतिक वनस्पति का 70% से अधिक नष्ट हो चुका हो।
• स्थानिक (Endemic) प्रजातियाँ केवल एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में ही पाई जाती हैं।
• विदेशी (Exotic) प्रजातियाँ अन्य क्षेत्रों से लाई गई प्रजातियाँ होती हैं।
• आक्रामक विदेशी प्रजातियाँ स्थानीय जैव विविधता के लिए खतरा उत्पन्न करती हैं।
• की-स्टोन (Keystone) प्रजाति के विलुप्त होने से पूरा पारितंत्र प्रभावित हो सकता है।
• फ्लैगशिप (Flagship) प्रजाति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतीक के रूप में उपयोग की जाती है। उदाहरण: बाघ।
• अम्ब्रेला (Umbrella) प्रजाति के संरक्षण से अनेक अन्य प्रजातियों का भी संरक्षण हो जाता है।
• रेड डाटा बुक संकटग्रस्त प्रजातियों की जानकारी प्रदान करती है।
• International Union for Conservation of Nature (IUCN) प्रजातियों की संरक्षण स्थिति निर्धारित करता है।
• IUCN की प्रमुख श्रेणियाँ हैं— • विलुप्त (EX)
• वन्य अवस्था में विलुप्त (EW)
• अति संकटग्रस्त (CR)
• संकटग्रस्त (EN)
• असुरक्षित (VU)
• संकट के निकट (NT)
• कम चिंता (LC)
• जैव विविधता संरक्षण दो प्रकार का होता है— • यथास्थल (In-situ) संरक्षण – राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य, बायोस्फीयर रिज़र्व।
• बहिःस्थल (Ex-situ) संरक्षण – चिड़ियाघर, वनस्पति उद्यान, बीज बैंक, जीन बैंक।
• जैव विविधता पर अभिसमय (CBD) को 1992 के United Nations Conference on Environment and Development (रियो पृथ्वी सम्मेलन) में अपनाया गया।
• CBD के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं— • जैव विविधता का संरक्षण।
• जैव संसाधनों का सतत उपयोग।
• आनुवंशिक संसाधनों से प्राप्त लाभों का न्यायसंगत एवं समान वितरण।
० महत्त्वपूर्ण तथ्य:-
• विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून
• अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस – 22 मई
• भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान – Jim Corbett National Park (1936)
• भारत का पहला बायोस्फीयर रिज़र्व – Nilgiri Biosphere Reserve (1986)
• भारत में सर्वाधिक राष्ट्रीय उद्यान – Madhya Pradesh
• भारत में सर्वाधिक वन क्षेत्र – Madhya Pradesh
• भारत में सर्वाधिक वन प्रतिशत – Mizoram
• सुन्दरवन विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है।
• रेड डाटा बुक संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची प्रकाशित करती है।
• IUCN का मुख्यालय Gland में स्थित है।
#PYQFacts
#Prelims
#PCS2026
#PrelimsModeActivated_ThePCsHub@ThePCSHub1 | 627 |
| 9 | ० पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी की मूल अवधारणाएँ:-
• पर्यावरण (Environment) – जीवों तथा उन्हें चारों ओर से घेरने वाले जैविक (Biotic) एवं अजैविक (Abiotic) घटकों का समग्र समूह है।
• पारिस्थितिकी (Ecology) – जीवों एवं उनके पर्यावरण के बीच पारस्परिक संबंधों का अध्ययन है।
• 'पारिस्थितिकी (Ecology)' शब्द का प्रतिपादन 1866 में Ernst Haeckel ने किया था।
• 'पारितंत्र (Ecosystem)' शब्द 1935 में Arthur Tansley ने दिया था।
• पारितंत्र (Ecosystem) जैविक एवं अजैविक घटकों तथा उनके बीच होने वाली पारस्परिक क्रियाओं से मिलकर बना एक क्रियाशील तंत्र है।
• पारितंत्र के जैविक घटक – उत्पादक, उपभोक्ता एवं अपघटक।
• पारितंत्र के अजैविक घटक – जल, वायु, मिट्टी, प्रकाश, तापमान, आर्द्रता एवं खनिज।
• आवास (Habitat) किसी जीव का प्राकृतिक निवास स्थान होता है।
• निश (Niche) पारितंत्र में किसी जीव की भूमिका, कार्य एवं स्थान को कहते हैं।
• इकोटोन (Ecotone) दो पारितंत्रों के बीच का संक्रमण क्षेत्र होता है।
• एज प्रभाव (Edge Effect) इकोटोन में पाया जाता है, जिसके कारण यहाँ जैव विविधता अधिक होती है।
• बायोम (Biome) समान जलवायु एवं समान वनस्पति वाला विशाल पारिस्थितिक क्षेत्र होता है।
• जीवमंडल (Biosphere) पृथ्वी का वह भाग है जहाँ जीवन संभव है।
• जीवमंडल का निर्माण स्थलमंडल, जलमंडल एवं वायुमंडल के परस्पर संपर्क से होता है।
• उत्पादक (Producers) स्वपोषी जीव होते हैं जो प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।
उदाहरण: हरे पौधे एवं शैवाल।
• उपभोक्ता (Consumers) वे जीव हैं जो भोजन के लिए अन्य जीवों पर निर्भर रहते हैं।
• अपघटक (Decomposers) मृत पौधों एवं जीवों को सरल पदार्थों में परिवर्तित करते हैं।
उदाहरण: जीवाणु एवं कवक।
• डिट्रिटिवोर (Detritivores) मृत जैव पदार्थों को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ते हैं।
उदाहरण: केंचुआ।
• खाद्य श्रृंखला (Food Chain) ऊर्जा प्रवाह का सरल एवं रैखिक मार्ग है।
• खाद्य जाल (Food Web) अनेक खाद्य श्रृंखलाओं का परस्पर जुड़ा हुआ जाल है। खाद्य जाल, खाद्य श्रृंखला की अपेक्षा अधिक स्थिर होता है।
• ऊर्जा का अंतिम एवं प्रमुख स्रोत सूर्य है।
• ऊर्जा प्रवाह सदैव एकदिशीय (Unidirectional) होता है।
• 10% नियम के अनुसार एक ट्रॉफिक स्तर से अगले ट्रॉफिक स्तर तक औसतन केवल 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है।
• 10% नियम का प्रतिपादन Raymond Lindeman ने किया था।
• पारिस्थितिक पिरामिड (Ecological Pyramid) तीन प्रकार के होते हैं। संख्या पिरामिड, जैवभार पिरामिड एवं ऊर्जा पिरामिड।
• ऊर्जा पिरामिड सदैव सीधा (Upright) होता है। ऊर्जा पिरामिड कभी भी उल्टा नहीं होता।
• जलीय पारितंत्र में जैवभार पिरामिड उल्टा हो सकता है।
#PCS2026
#PYQFacts
#Prelims
#PrelimsModeActivated_ThePCsHub@ThePCSHub1 | 334 |
| 10 | ० जलवायु परिवर्तन (Climate Change) :-
• जलवायु परिवर्तन से आशय पृथ्वी की जलवायु में होने वाले दीर्घकालिक परिवर्तनों से है।
• वर्तमान जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ती सांद्रता है।
• प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), मीथेन (CH₄), नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O), जलवाष्प, ओज़ोन एवं CFCs हैं।
• ग्रीनहाउस प्रभाव एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो पृथ्वी का औसत तापमान जीवन के अनुकूल बनाए रखती है।
• ग्रीनहाउस गैसों की अत्यधिक वृद्धि से वैश्विक तापवृद्धि (Global Warming) होती है।
• वैश्विक तापवृद्धि से हिमनदों का पिघलना, समुद्र-स्तर में वृद्धि, सूखा, बाढ़ एवं चरम मौसमी घटनाएँ बढ़ती हैं।
• कार्बन पदचिह्न (Carbon Footprint) किसी व्यक्ति, उद्योग, संस्था या देश द्वारा उत्सर्जित कुल ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा को कहते हैं।
• कार्बन सिंक (Carbon Sink) वायुमंडल से CO₂ को अवशोषित करते हैं, जैसे– वन, महासागर एवं आर्द्रभूमियाँ।
• वनों की कटाई से कार्बन सिंक घटते हैं और जलवायु परिवर्तन की गति बढ़ती है।
• कार्बन क्रेडिट (Carbon Credit) 1 टन CO₂ अथवा उसके समतुल्य ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन में कमी का प्रमाणपत्र होता है।
• कार्बन ट्रेडिंग का उद्देश्य उद्योगों को उत्सर्जन कम करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
• नेट ज़ीरो (Net Zero) का अर्थ है जितना उत्सर्जन हो, उतनी ही मात्रा को अवशोषित या कम करके शुद्ध उत्सर्जन शून्य करना।
• नेट ज़ीरो का अर्थ शून्य उत्सर्जन नहीं, बल्कि शुद्ध उत्सर्जन शून्य होता है।
• भारत ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
• भारत ने वर्ष 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य निर्धारित किया है।
• पेरिस समझौता (2015) का उद्देश्य वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से कम तथा 1.5°C तक सीमित रखने का प्रयास करना है।
• UNFCCC जलवायु परिवर्तन से संबंधित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अभिसमय है।
० क्विक रिवीजन :-
• जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण → ग्रीनहाउस गैसों में वृद्धि
• सबसे अधिक उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैस → कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)
• सबसे प्रभावी प्राकृतिक ग्रीनहाउस गैस → जलवाष्प
• कार्बन सिंक → वन, महासागर एवं आर्द्रभूमियाँ
• कार्बन क्रेडिट → 1 टन CO₂ समतुल्य उत्सर्जन में कमी
• नेट ज़ीरो → शुद्ध उत्सर्जन = शून्य
• भारत का नेट ज़ीरो लक्ष्य → 2070
• पेरिस समझौता → 2015
• UNFCCC → 1992
#Prelims
#PCS2026
#PYQFacts
#PrelimsModeActivated_ThePCSHub | 330 |
| 11 | ० ओजोन परत (Ozone Layer) :-
• ओजोन परत समतापमंडल (Stratosphere) में स्थित ओजोन (O₃) गैस की एक परत है।
• ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से सुरक्षा प्रदान करती है।
• ओजोन परत मुख्यतः 15 से 35 किमी की ऊँचाई पर पाई जाती है।
• ओजोन का रासायनिक सूत्र O₃ है।
• ओजोन का निर्माण सूर्य की पराबैंगनी किरणों की उपस्थिति में ऑक्सीजन (O₂) से होता है।
• समतापमंडल की ओजोन लाभदायक, जबकि क्षोभमंडल (Troposphere) की ओजोन हानिकारक प्रदूषक मानी जाती है।
• ओजोन क्षय (Ozone Depletion) से आशय ओजोन परत की मोटाई में कमी से है।
• ओजोन क्षय का प्रमुख कारण क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs), हैलॉन, कार्बन टेट्राक्लोराइड एवं मिथाइल क्लोरोफॉर्म जैसी गैसें हैं।
• CFCs का उपयोग रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, एयरोसोल स्प्रे एवं फोम उद्योग में किया जाता था।
• ओजोन परत के क्षय से त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद, प्रतिरक्षा तंत्र की कमजोरी तथा फसलों एवं समुद्री जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
• अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन छिद्र (Ozone Hole) सबसे अधिक विकसित होता है।
• ओजोन परत के संरक्षण हेतु मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) अपनाया गया।
• मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का उद्देश्य ओजोन-क्षयकारी पदार्थों (ODS) के उत्पादन एवं उपयोग को समाप्त करना है।
• 16 सितंबर को प्रत्येक वर्ष विश्व ओजोन दिवस (World Ozone Day) मनाया जाता है।
• भारत मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का हस्ताक्षरकर्ता देश है।
• ओजोन परत का संरक्षण जलवायु एवं जैव विविधता की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
० क्विक रिवीजन :-
• ओजोन का सूत्र → O₃
• ओजोन परत का स्थान → समतापमंडल (15–35 किमी)
• सबसे अधिक ओजोन छिद्र → अंटार्कटिका
• ओजोन क्षय का प्रमुख कारण → CFCs
• ओजोन संरक्षण संधि → मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987)
• विश्व ओजोन दिवस → 16 सितंबर
• समतापमंडल की ओजोन → लाभदायक
• क्षोभमंडल की ओजोन → हानिकारक प्रदूषक
#Prelims
#PCS2026
#PYQFacts
#PrelimsModeActivated_ThePCSHub
@ThePCSHub1 | 339 |
| 12 | ० भारत की जलवायु:-
• मानसून का निवर्तन (Retreating Monsoon) सितंबर से उत्तर-पश्चिम भारत से प्रारंभ होकर दिसंबर के मध्य तक पूरे भारत से समाप्त हो जाता है।
• लौटती मानसूनी पवनें बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर उत्तर-पूर्वी मानसून के रूप में तमिलनाडु में वर्षा कराती हैं।
• तमिलनाडु में मुख्य वर्षा अक्टूबर–दिसंबर के दौरान उत्तर-पूर्वी मानसून से होती है।
• AS (शुष्क ग्रीष्म मानसूनी जलवायु) – कोरोमंडल तट (तमिलनाडु) में पाई जाती है।
• Amw (लघु शुष्क ऋतु वाली मानसूनी जलवायु) – गोवा के दक्षिण के पश्चिमी तट पर पाई जाती है।
• Dfc (शीत आर्द्र जलवायु) – अरुणाचल प्रदेश के उच्च पर्वतीय भागों में पाई जाती है।
• AW (उष्ण कटिबंधीय सवाना) जलवायु कर्क रेखा के दक्षिण स्थित प्रायद्वीपीय भारत में मिलती है।
• BShw (अर्द्ध-शुष्क स्टेपी) जलवायु पश्चिमी राजस्थान, उत्तर-पश्चिम गुजरात एवं पंजाब के कुछ भागों में पाई जाती है।
• E (ध्रुवीय) जलवायु लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मिलती है।
• 50 सेमी से कम वर्षा – लद्दाख, पश्चिमी राजस्थान तथा प्रायद्वीपीय भारत के कुछ आंतरिक भागों में होती है।
• 200 सेमी से अधिक वर्षा – पश्चिमी घाट, पश्चिमी तट, मेघालय एवं उप-हिमालयी क्षेत्रों में होती है।
• ग्रीष्म ऋतु में उत्तर-पश्चिम भारत में 'लू' नामक गर्म एवं शुष्क हवाएँ चलती हैं।
• अक्टूबर–नवंबर में बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न उष्णकटिबंधीय चक्रवात पूर्वी तट पर भारी वर्षा कराते हैं।
• गोदावरी, कृष्णा, कावेरी के डेल्टाई क्षेत्र चक्रवातों से सर्वाधिक प्रभावित होते हैं।
• कोरोमंडल तट की अधिकांश वर्षा लौटते मानसून एवं चक्रवातों से होती है।
• "कार्तिक मास की ऊष्मा" (October Heat) मानसून निवर्तन के समय उच्च तापमान एवं अधिक आर्द्रता के कारण अनुभव होती है।
• मानसून निवर्तन के समय उत्तर भारत शुष्क, जबकि तमिलनाडु एवं दक्षिण-पूर्वी तट वर्षायुक्त रहते हैं।
• मानसून विच्छेद (Break in Monsoon) वर्षा ऋतु के दौरान कुछ दिनों या सप्ताह तक वर्षा रुक जाने की स्थिति है।
• उत्तर भारत में मानसून विच्छेद का कारण ITCZ की स्थिति में परिवर्तन एवं चक्रवातों की कमी है।
• राजस्थान में मानसून विच्छेद तापमान विलोमता (Temperature Inversion) के कारण होता है।
• दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय तमिलनाडु तट अपेक्षाकृत शुष्क रहता है, क्योंकि यह वर्षाछाया क्षेत्र में स्थित है।
• मानसून के आगमन पर वर्षा में अचानक वृद्धि को मानसून प्रस्फोट (Burst of Monsoon) कहते हैं।
• पूर्वी जेट प्रवाह (Easterly Jet Stream) को मानसून प्रस्फोट का प्रमुख कारण माना जाता है।
• ITCZ (अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र) विषुवतीय निम्न दाब का क्षेत्र है, जहाँ व्यापारिक पवनें अभिसरित होती हैं।
• पश्चिमी विक्षोभ का उद्गम भूमध्य सागर क्षेत्र में होता है।
• पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी जेट प्रवाह द्वारा भारत में प्रवेश करते हैं।
• पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में शीतकालीन वर्षा तथा रात्रि तापमान में वृद्धि होती है।
#PCS2026
#PYQFacts
#Prelims
#PrelimsModeActivated_ThePCSHub | 480 |
| 13 | ० पश्चिमी घाट:-
• पश्चिमी घाट को सह्याद्रि पर्वतमाला भी कहा जाता है।
• यह ताप्ती नदी के दक्षिण से प्रारंभ होकर कन्याकुमारी तक लगभग 1,600 किमी तक फैली है।
• यह गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु – कुल 6 राज्यों में विस्तृत है।
• पश्चिमी घाट को 2012 में UNESCO विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया गया।
• पश्चिमी घाट की औसत ऊँचाई 900–1600 मीटर है।
• अनैमुडी (Anamudi – 2695 मी.) पश्चिमी घाट तथा दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी है।
• नल्लामलाई, नीलगिरि, अन्नामलाई और कार्डमम (इलायची) (उत्तर से दक्षिण) पहाड़ियाँ पश्चिमी घाट की प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ हैं।
• पालघाट दर्रा (Palghat Gap) पश्चिमी घाट का सबसे प्रसिद्ध प्राकृतिक दर्रा है, जो केरल और तमिलनाडु को जोड़ता है।
• भोर घाट तथा थाल घाट महाराष्ट्र के प्रमुख दर्रे हैं।
• दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा सबसे पहले पश्चिमी घाट से टकराती है।
• पश्चिमी ढाल पर अधिक वर्षा तथा पूर्वी ढाल पर वृष्टि-छाया (Rain Shadow) की स्थिति बनती है।
• पश्चिमी घाट में अगुम्बे अत्यधिक वर्षा वाला क्षेत्र है।
• कस्तूरीरंगन समिति – पश्चिमी घाट संरक्षण हेतु।
• गाडगिल समिति – पश्चिमी घाट को पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने की सिफारिश।
• पश्चिमी घाट में भारत की लगभग 30% पादप, 50% उभयचर, 60% सरीसृप तथा अनेक स्थानिक (Endemic) प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
• नीलगिरि तहर और सिंहपुच्छ मकाक पश्चिमी घाट की प्रमुख स्थानिक एवं संरक्षित प्रजातियाँ हैं।
• नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व (1986) है।
#PCS2026
#PYQFacts
#Prelims
#PrelimsModeActivated_ThePCSHub | 539 |
| 14 | world Geography pcs 2026.pdf | 536 |
| 15 | 🟧 विश्व के प्रमुख घास के मैदान (Quick Revision)
🟧 विश्व के प्रमुख घास के मैदान (Quick Revision)
🔳 शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान
पम्पास – अर्जेंटीना एवं उरुग्वे
अल्फाल्फा घास, पशुपालन व गेहूँ उत्पादन
प्रेयरीज – कनाडा एवं संयुक्त राज्य अमेरिका
चिनूक हवाएँ, गेहूँ की व्यापक खेती
डाउन्स – ऑस्ट्रेलिया (मर्रे–डार्लिंग बेसिन)
मेरीनो भेड़, बड़े स्टेशन (Sheep Stations), कंगारू
वेल्ड – दक्षिण अफ्रीका
अंगोरा बकरी, मेरीनो भेड़, गाय-भैंस पालन
स्टेपीज – यूरोप एवं एशिया
गेहूँ उत्पादन के लिए प्रसिद्ध
पुस्टाज – हंगरी
शीतोष्ण घास का मैदान
कैन्टरबरी – न्यूज़ीलैंड
पशुपालन एवं डेयरी के लिए प्रसिद्ध
ग्रान चाको – अर्जेंटीना एवं पराग्वे
घास का मैदान एवं वन प्रदेश, क्वेब्रेको (Quebracho) की कठोर लकड़ी
🔳 उष्णकटिबंधीय घास के मैदान
सवाना – मध्य अफ्रीका (सहारा के दक्षिण)
लंबी घास, वन्यजीवों की अधिकता
लानोस – वेनेजुएला
ओरिनोको नदी बेसिन में विस्तृत
काम्पोस – दक्षिणी ब्राज़ील
प्राकृतिक चरागाह
सेल्वास – ब्राज़ील (अमेज़न बेसिन)
ध्यान दें: सेल्वास घास का मैदान नहीं, बल्कि विश्व का सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षावन (Equatorial Rainforest) है।
🎯 परीक्षा हेतु ट्रिक
पम्पास → अर्जेंटीना
प्रेयरीज → अमेरिका–कनाडा
डाउन्स → ऑस्ट्रेलिया
वेल्ड → दक्षिण अफ्रीका
स्टेपीज → यूरोप–एशिया
पुस्टाज → हंगरी
कैन्टरबरी → न्यूज़ीलैंड
सवाना → अफ्रीका
लानोस → वेनेजुएला
काम्पोस → ब्राज़ील
सेल्वास → अमेज़न वर्षावन (घास का मैदान नहीं) ✅
https://t.me/EternalCivilAcademy | 860 |
| 16 | चिल्का झील - भारत की पहली रामसर साईट
सबसे बड़ी खारे पानी की झील | 1 201 |
| 17 | 🔲 आठ कोर उद्योग (Eight Core Industries)
▪️ कोयला (Coal) ▪️ कच्चा तेल (Crude Oil) ▪️ प्राकृतिक गैस (Natural Gas) ▪️ रिफाइनरी उत्पाद (Refinery Products) ▪️ उर्वरक (Fertilizers) ▪️ इस्पात (Steel) ▪️ सीमेंट (Cement) ▪️ विद्युत (Electricity)
💡 महत्वपूर्ण तथ्य (UPPCS/PCS Pre): ▪️ ये आठ कोर उद्योग भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) का महत्वपूर्ण आधार हैं।
▪️ इनका संयुक्त भार (Weight) 40.27% है। | 1 156 |
| 18 | यूरोजोन का 21वा सदस्य बना बुल्गारिया 👍✅ | 1 139 |
| 19 | भारत-वियतनाम रणनीतिक साझेदारी | 1 241 |
| 20 | 🔴 पर्यावरण से संबंधित प्रमुख प्रोटोकॉल
1️⃣ क्योटो प्रोटोकॉल (Kyoto Protocol)
🔹 अपनाया गया – 11 दिसम्बर 1997
🔹 भारत द्वारा हस्ताक्षर – 26 अगस्त 2002
🔹 आधिकारिक रूप से लागू – 16 फरवरी 2005
🎯 उद्देश्य
ग्रीनहाउस गैसों (GHGs) के उत्सर्जन को कम करना।
ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटना।
✨ प्रमुख तथ्य
✔️ यह United Nations Framework Convention on Climate Change (UNFCCC) के अंतर्गत बनाया गया समझौता है।
✔️ कार्बन क्रेडिट (Carbon Credit) की अवधारणा को बढ़ावा दिया गया।
✔️ विकसित देशों (Developed Countries) के लिए उत्सर्जन घटाने के बाध्यकारी (Binding) लक्ष्य निर्धारित किए गए।
✔️ विकासशील देशों, जैसे भारत, पर बाध्यकारी लक्ष्य नहीं थे।
2️⃣ मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (Montreal Protocol)
🔹 अपनाया गया – 16 सितम्बर 1987
🔹 लागू – 1 जनवरी 1989
🔹 भारत द्वारा हस्ताक्षर – 19 जून 1992
🎯 उद्देश्य
ओजोन परत (Ozone Layer) का संरक्षण।
ओजोन को नुकसान पहुँचाने वाले CFCs (Chlorofluorocarbons) एवं अन्य रसायनों के उत्पादन और उपयोग को चरणबद्ध रूप से समाप्त करना।
✨ प्रमुख तथ्य
✔️ ओजोन परत संरक्षण हेतु विश्व का सबसे सफल पर्यावरणीय समझौता माना जाता है।
✔️ इसके कारण ओजोन-क्षयकारी पदार्थों के उपयोग में भारी कमी आई।
✔️ बाद में Kigali Amendment (2016) के माध्यम से HFCs को भी नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया।
🎯 परीक्षा हेतु ट्रिक
🔹 क्योटो = Climate Change + Carbon Credit
🔹 मॉन्ट्रियल = Ozone Layer + CFCs
📌 One Liner Revision
✅ क्योटो प्रोटोकॉल (1997) → जलवायु परिवर्तन एवं ग्रीनहाउस गैसों में कमी।
✅ मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) → ओजोन परत संरक्षण एवं CFCs का उन्मूलन।
UPPCS / RO-ARO / UPSC / SSC हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण। 📚✍️ | 1 097 |
