uk
Feedback
Geography (भूगोल)

Geography (भूगोल)

Відкрити в Telegram

🔹 विश्व और भारत का भूगोल 🌎 🔹 महाद्वीप, देश, राज्य और शहरों की विशेषताएँ 🗺️ 🔹 भौगोलिक घटनाएँ – जलवायु, पर्वत, नदियाँ, महासागर 🌊🏔️ अपडेट पाने के लिए चैनल से जुड़े रहें और ज्ञान बढ़ाएँ!

Показати більше
3 097
Підписники
+124 години
+247 днів
+5430 день
Залучення підписників
липень '26
липень '26
+68
в 1 каналах
червень '26
+73
в 0 каналах
Get PRO
травень '26
+68
в 0 каналах
Get PRO
квітень '26
+71
в 0 каналах
Get PRO
березень '26
+36
в 0 каналах
Get PRO
лютий '26
+65
в 0 каналах
Get PRO
січень '26
+98
в 1 каналах
Get PRO
грудень '25
+84
в 0 каналах
Get PRO
листопад '25
+46
в 0 каналах
Get PRO
жовтень '25
+50
в 2 каналах
Get PRO
вересень '25
+98
в 4 каналах
Get PRO
серпень '25
+125
в 2 каналах
Get PRO
липень '25
+97
в 3 каналах
Get PRO
червень '25
+120
в 4 каналах
Get PRO
травень '25
+190
в 1 каналах
Get PRO
квітень '25
+216
в 4 каналах
Get PRO
березень '25
+190
в 4 каналах
Get PRO
лютий '25
+173
в 3 каналах
Get PRO
січень '25
+168
в 3 каналах
Get PRO
грудень '24
+237
в 8 каналах
Get PRO
листопад '24
+302
в 13 каналах
Get PRO
жовтень '24
+366
в 22 каналах
Get PRO
вересень '24
+423
в 21 каналах
Get PRO
серпень '24
+286
в 10 каналах
Get PRO
липень '24
+104
в 4 каналах
Get PRO
червень '24
+42
в 3 каналах
Get PRO
травень '24
+68
в 7 каналах
Get PRO
квітень '24
+104
в 5 каналах
Get PRO
березень '24
+72
в 10 каналах
Get PRO
лютий '24
+74
в 1 каналах
Get PRO
січень '24
+338
в 1 каналах
Дата
Залучення підписників
Згадування
Канали
15 липня+1
14 липня+3
13 липня+3
12 липня+7
11 липня+2
10 липня+8
09 липня+6
08 липня+4
07 липня+2
06 липня+4
05 липня+1
04 липня+12
03 липня+11
02 липня+3
01 липня+1
Дописи каналу
० संरक्षित क्षेत्र (Protected Areas) :- • संरक्षित क्षेत्रों (Protected Areas) का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता, वन्यजीवों एवं उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण करना है। • भारत में संरक्षित क्षेत्रों की व्यवस्था वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत की गई है। • भारत के प्रमुख संरक्षित क्षेत्र हैं – राष्ट्रीय उद्यान (National Park), वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary), जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve), संरक्षण रिज़र्व (Conservation Reserve) एवं सामुदायिक रिज़र्व (Community Reserve)। • राष्ट्रीय उद्यान (National Park) में संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) का संरक्षण किया जाता है। • राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा राज्य सरकार द्वारा की जाती है। • राष्ट्रीय उद्यान में शिकार, चराई, लकड़ी कटाई एवं अन्य मानवीय गतिविधियाँ सामान्यतः प्रतिबंधित होती हैं। • राष्ट्रीय उद्यान में स्थानीय लोगों के अधिकार सामान्यतः समाप्त कर दिए जाते हैं। • राष्ट्रीय उद्यान की सीमाओं में परिवर्तन राज्य विधानमंडल की स्वीकृति से ही किया जा सकता है। • भारत का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान – जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (1936) (पूर्व नाम – हैली राष्ट्रीय उद्यान) है। • भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान – हेमिस राष्ट्रीय उद्यान (लद्दाख) है। • उत्तर प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान – दुधवा राष्ट्रीय उद्यान है। • वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary) का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों एवं उनके आवास का संरक्षण करना है। • वन्यजीव अभयारण्य की घोषणा राज्य सरकार द्वारा की जाती है। • वन्यजीव अभयारण्य में सीमित मानवीय गतिविधियाँ एवं चराई की अनुमति दी जा सकती है। • वन्यजीव अभयारण्य में स्थानीय लोगों के कुछ पारंपरिक अधिकार बने रह सकते हैं। • राष्ट्रीय उद्यान की तुलना में वन्यजीव अभयारण्य में संरक्षण के नियम कम कठोर होते हैं। • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve) का उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण, अनुसंधान एवं सतत विकास है। • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र की अवधारणा यूनेस्को के "मनुष्य एवं जैवमंडल (MAB) कार्यक्रम" पर आधारित है। • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र में कोर (Core), बफ़र (Buffer) एवं संक्रमण (Transition) क्षेत्र होते हैं। • कोर क्षेत्र में मानव गतिविधियाँ पूर्णतः निषिद्ध होती हैं। • बफ़र क्षेत्र में अनुसंधान, शिक्षा एवं सीमित गतिविधियों की अनुमति होती है। • संक्रमण क्षेत्र में स्थानीय समुदायों द्वारा सतत विकास संबंधी गतिविधियाँ की जाती हैं। • भारत का प्रथम जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र – नीलगिरि (1986) है। • भारत का प्रथम यूनेस्को विश्व जैवमंडल नेटवर्क में शामिल जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र – नीलगिरि है। • एक जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र में राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य एवं वन क्षेत्र सम्मिलित हो सकते हैं। • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र का गठन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत नहीं किया जाता। • संरक्षण रिज़र्व (Conservation Reserve) की स्थापना सरकारी भूमि पर वन्यजीव गलियारों (Wildlife Corridors) एवं संरक्षित क्षेत्रों के बीच संपर्क बनाए रखने हेतु की जाती है। • सामुदायिक रिज़र्व (Community Reserve) की स्थापना स्थानीय समुदायों की सहभागिता से निजी अथवा सामुदायिक भूमि पर की जाती है। ० क्विक रिवीजन :- • भारत का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान → जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (1936) • उत्तर प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान → दुधवा राष्ट्रीय उद्यान • भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान → हेमिस राष्ट्रीय उद्यान (लद्दाख) • भारत का प्रथम जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र → नीलगिरि (1986) • प्रथम यूनेस्को जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र → नीलगिरि • राष्ट्रीय उद्यान → सबसे कठोर संरक्षण • वन्यजीव अभयारण्य → सीमित मानवीय गतिविधियाँ संभव • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र → संरक्षण + अनुसंधान + सतत विकास • कोर क्षेत्र → मानव गतिविधियाँ पूर्णतः निषिद्ध • बफ़र क्षेत्र → अनुसंधान एवं शिक्षा • संक्रमण क्षेत्र → सतत विकास एवं स्थानीय समुदाय की सहभागिता • सामुदायिक रिज़र्व → निजी/सामुदायिक भूमि पर #Prelims #PCS2026 #PYQFacts #PrelimsModeActivated_ThePCSHub

2
० जैव विविधता (Biodiversity:- • जैव विविधता से तात्पर्य पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीवों, उनकी प्रजातियों, आनुवंशिक विविधता तथा पारितंत्रों की विविधता से है। • 'जैव विविधता' शब्द का प्रथम प्रयोग Walter G. Rosen ने 1986 में किया था। • जैव विविधता को लोकप्रिय बनाने का श्रेय Edward O. Wilson को दिया जाता है। • जैव विविधता के तीन स्तर हैं— • आनुवंशिक विविधता • प्रजातीय विविधता • पारितंत्रीय विविधता • भारत विश्व के 17 मेगा जैव-विविधता वाले देशों में शामिल है। • भारत में विश्व की लगभग 8% ज्ञात जैव विविधता पाई जाती है। • भारत के चार जैव विविधता हॉटस्पॉट हैं— • हिमालय • इंडो-बर्मा • पश्चिमी घाट एवं श्रीलंका • सुंडालैंड (निकोबार द्वीप समूह) • जैव विविधता हॉटस्पॉट की अवधारणा Norman Myers ने 1988 में दी थी। • हॉटस्पॉट बनने की दो प्रमुख शर्तें हैं— • कम-से-कम 1500 स्थानिक (Endemic) पादप प्रजातियाँ हों। • मूल प्राकृतिक वनस्पति का 70% से अधिक नष्ट हो चुका हो। • स्थानिक (Endemic) प्रजातियाँ केवल एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में ही पाई जाती हैं। • विदेशी (Exotic) प्रजातियाँ अन्य क्षेत्रों से लाई गई प्रजातियाँ होती हैं। • आक्रामक विदेशी प्रजातियाँ स्थानीय जैव विविधता के लिए खतरा उत्पन्न करती हैं। • की-स्टोन (Keystone) प्रजाति के विलुप्त होने से पूरा पारितंत्र प्रभावित हो सकता है। • फ्लैगशिप (Flagship) प्रजाति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतीक के रूप में उपयोग की जाती है। उदाहरण: बाघ। • अम्ब्रेला (Umbrella) प्रजाति के संरक्षण से अनेक अन्य प्रजातियों का भी संरक्षण हो जाता है। • रेड डाटा बुक संकटग्रस्त प्रजातियों की जानकारी प्रदान करती है। • International Union for Conservation of Nature (IUCN) प्रजातियों की संरक्षण स्थिति निर्धारित करता है। • IUCN की प्रमुख श्रेणियाँ हैं— • विलुप्त (EX) • वन्य अवस्था में विलुप्त (EW) • अति संकटग्रस्त (CR) • संकटग्रस्त (EN) • असुरक्षित (VU) • संकट के निकट (NT) • कम चिंता (LC) • जैव विविधता संरक्षण दो प्रकार का होता है— • यथास्थल (In-situ) संरक्षण – राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य, बायोस्फीयर रिज़र्व। • बहिःस्थल (Ex-situ) संरक्षण – चिड़ियाघर, वनस्पति उद्यान, बीज बैंक, जीन बैंक। • जैव विविधता पर अभिसमय (CBD) को 1992 के United Nations Conference on Environment and Development (रियो पृथ्वी सम्मेलन) में अपनाया गया। • CBD के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं— • जैव विविधता का संरक्षण। • जैव संसाधनों का सतत उपयोग। • आनुवंशिक संसाधनों से प्राप्त लाभों का न्यायसंगत एवं समान वितरण। ० महत्त्वपूर्ण तथ्य:- • विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून • अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस – 22 मई • भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान – Jim Corbett National Park (1936) • भारत का पहला बायोस्फीयर रिज़र्व – Nilgiri Biosphere Reserve (1986) • भारत में सर्वाधिक राष्ट्रीय उद्यान – Madhya Pradesh • भारत में सर्वाधिक वन क्षेत्र – Madhya Pradesh • भारत में सर्वाधिक वन प्रतिशत – Mizoram • सुन्दरवन विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है। • रेड डाटा बुक संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची प्रकाशित करती है। • IUCN का मुख्यालय Gland में स्थित है। #PYQFacts #Prelims #PCS2026 #PrelimsModeActivated_ThePCsHub@ThePCSHub1
199
3
० पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी की मूल अवधारणाएँ:- • पर्यावरण (Environment) – जीवों तथा उन्हें चारों ओर से घेरने वाले जैविक (Biotic) एवं अजैविक (Abiotic) घटकों का समग्र समूह है। • पारिस्थितिकी (Ecology) – जीवों एवं उनके पर्यावरण के बीच पारस्परिक संबंधों का अध्ययन है। • 'पारिस्थितिकी (Ecology)' शब्द का प्रतिपादन 1866 में Ernst Haeckel ने किया था। • 'पारितंत्र (Ecosystem)' शब्द 1935 में Arthur Tansley ने दिया था। • पारितंत्र (Ecosystem) जैविक एवं अजैविक घटकों तथा उनके बीच होने वाली पारस्परिक क्रियाओं से मिलकर बना एक क्रियाशील तंत्र है। • पारितंत्र के जैविक घटक – उत्पादक, उपभोक्ता एवं अपघटक। • पारितंत्र के अजैविक घटक – जल, वायु, मिट्टी, प्रकाश, तापमान, आर्द्रता एवं खनिज। • आवास (Habitat) किसी जीव का प्राकृतिक निवास स्थान होता है। • निश (Niche) पारितंत्र में किसी जीव की भूमिका, कार्य एवं स्थान को कहते हैं। • इकोटोन (Ecotone) दो पारितंत्रों के बीच का संक्रमण क्षेत्र होता है। • एज प्रभाव (Edge Effect) इकोटोन में पाया जाता है, जिसके कारण यहाँ जैव विविधता अधिक होती है। • बायोम (Biome) समान जलवायु एवं समान वनस्पति वाला विशाल पारिस्थितिक क्षेत्र होता है। • जीवमंडल (Biosphere) पृथ्वी का वह भाग है जहाँ जीवन संभव है। • जीवमंडल का निर्माण स्थलमंडल, जलमंडल एवं वायुमंडल के परस्पर संपर्क से होता है। • उत्पादक (Producers) स्वपोषी जीव होते हैं जो प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं। उदाहरण: हरे पौधे एवं शैवाल। • उपभोक्ता (Consumers) वे जीव हैं जो भोजन के लिए अन्य जीवों पर निर्भर रहते हैं। • अपघटक (Decomposers) मृत पौधों एवं जीवों को सरल पदार्थों में परिवर्तित करते हैं। उदाहरण: जीवाणु एवं कवक। • डिट्रिटिवोर (Detritivores) मृत जैव पदार्थों को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ते हैं। उदाहरण: केंचुआ। • खाद्य श्रृंखला (Food Chain) ऊर्जा प्रवाह का सरल एवं रैखिक मार्ग है। • खाद्य जाल (Food Web) अनेक खाद्य श्रृंखलाओं का परस्पर जुड़ा हुआ जाल है। खाद्य जाल, खाद्य श्रृंखला की अपेक्षा अधिक स्थिर होता है। • ऊर्जा का अंतिम एवं प्रमुख स्रोत सूर्य है। • ऊर्जा प्रवाह सदैव एकदिशीय (Unidirectional) होता है। • 10% नियम के अनुसार एक ट्रॉफिक स्तर से अगले ट्रॉफिक स्तर तक औसतन केवल 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है। • 10% नियम का प्रतिपादन Raymond Lindeman ने किया था। • पारिस्थितिक पिरामिड (Ecological Pyramid) तीन प्रकार के होते हैं। संख्या पिरामिड, जैवभार पिरामिड एवं ऊर्जा पिरामिड। • ऊर्जा पिरामिड सदैव सीधा (Upright) होता है। ऊर्जा पिरामिड कभी भी उल्टा नहीं होता। • जलीय पारितंत्र में जैवभार पिरामिड उल्टा हो सकता है। #PCS2026 #PYQFacts #Prelims #PrelimsModeActivated_ThePCsHub@ThePCSHub1
152
4
० जलवायु परिवर्तन (Climate Change) :- • जलवायु परिवर्तन से आशय पृथ्वी की जलवायु में होने वाले दीर्घकालिक परिवर्तनों से है। • वर्तमान जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ती सांद्रता है। • प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), मीथेन (CH₄), नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O), जलवाष्प, ओज़ोन एवं CFCs हैं। • ग्रीनहाउस प्रभाव एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो पृथ्वी का औसत तापमान जीवन के अनुकूल बनाए रखती है। • ग्रीनहाउस गैसों की अत्यधिक वृद्धि से वैश्विक तापवृद्धि (Global Warming) होती है। • वैश्विक तापवृद्धि से हिमनदों का पिघलना, समुद्र-स्तर में वृद्धि, सूखा, बाढ़ एवं चरम मौसमी घटनाएँ बढ़ती हैं। • कार्बन पदचिह्न (Carbon Footprint) किसी व्यक्ति, उद्योग, संस्था या देश द्वारा उत्सर्जित कुल ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा को कहते हैं। • कार्बन सिंक (Carbon Sink) वायुमंडल से CO₂ को अवशोषित करते हैं, जैसे– वन, महासागर एवं आर्द्रभूमियाँ। • वनों की कटाई से कार्बन सिंक घटते हैं और जलवायु परिवर्तन की गति बढ़ती है। • कार्बन क्रेडिट (Carbon Credit) 1 टन CO₂ अथवा उसके समतुल्य ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन में कमी का प्रमाणपत्र होता है। • कार्बन ट्रेडिंग का उद्देश्य उद्योगों को उत्सर्जन कम करने के लिए प्रोत्साहित करना है। • नेट ज़ीरो (Net Zero) का अर्थ है जितना उत्सर्जन हो, उतनी ही मात्रा को अवशोषित या कम करके शुद्ध उत्सर्जन शून्य करना। • नेट ज़ीरो का अर्थ शून्य उत्सर्जन नहीं, बल्कि शुद्ध उत्सर्जन शून्य होता है। • भारत ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। • भारत ने वर्ष 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य निर्धारित किया है। • पेरिस समझौता (2015) का उद्देश्य वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से कम तथा 1.5°C तक सीमित रखने का प्रयास करना है। • UNFCCC जलवायु परिवर्तन से संबंधित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अभिसमय है। ० क्विक रिवीजन :- • जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण → ग्रीनहाउस गैसों में वृद्धि • सबसे अधिक उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैस → कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) • सबसे प्रभावी प्राकृतिक ग्रीनहाउस गैस → जलवाष्प • कार्बन सिंक → वन, महासागर एवं आर्द्रभूमियाँ • कार्बन क्रेडिट → 1 टन CO₂ समतुल्य उत्सर्जन में कमी • नेट ज़ीरो → शुद्ध उत्सर्जन = शून्य • भारत का नेट ज़ीरो लक्ष्य → 2070 • पेरिस समझौता → 2015 • UNFCCC → 1992 #Prelims #PCS2026 #PYQFacts #PrelimsModeActivated_ThePCSHub
154
5
० ओजोन परत (Ozone Layer) :- • ओजोन परत समतापमंडल (Stratosphere) में स्थित ओजोन (O₃) गैस की एक परत है। • ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से सुरक्षा प्रदान करती है। • ओजोन परत मुख्यतः 15 से 35 किमी की ऊँचाई पर पाई जाती है। • ओजोन का रासायनिक सूत्र O₃ है। • ओजोन का निर्माण सूर्य की पराबैंगनी किरणों की उपस्थिति में ऑक्सीजन (O₂) से होता है। • समतापमंडल की ओजोन लाभदायक, जबकि क्षोभमंडल (Troposphere) की ओजोन हानिकारक प्रदूषक मानी जाती है। • ओजोन क्षय (Ozone Depletion) से आशय ओजोन परत की मोटाई में कमी से है। • ओजोन क्षय का प्रमुख कारण क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs), हैलॉन, कार्बन टेट्राक्लोराइड एवं मिथाइल क्लोरोफॉर्म जैसी गैसें हैं। • CFCs का उपयोग रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, एयरोसोल स्प्रे एवं फोम उद्योग में किया जाता था। • ओजोन परत के क्षय से त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद, प्रतिरक्षा तंत्र की कमजोरी तथा फसलों एवं समुद्री जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। • अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन छिद्र (Ozone Hole) सबसे अधिक विकसित होता है। • ओजोन परत के संरक्षण हेतु मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) अपनाया गया। • मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का उद्देश्य ओजोन-क्षयकारी पदार्थों (ODS) के उत्पादन एवं उपयोग को समाप्त करना है। • 16 सितंबर को प्रत्येक वर्ष विश्व ओजोन दिवस (World Ozone Day) मनाया जाता है। • भारत मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का हस्ताक्षरकर्ता देश है। • ओजोन परत का संरक्षण जलवायु एवं जैव विविधता की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। ० क्विक रिवीजन :- • ओजोन का सूत्र → O₃ • ओजोन परत का स्थान → समतापमंडल (15–35 किमी) • सबसे अधिक ओजोन छिद्र → अंटार्कटिका • ओजोन क्षय का प्रमुख कारण → CFCs • ओजोन संरक्षण संधि → मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) • विश्व ओजोन दिवस → 16 सितंबर • समतापमंडल की ओजोन → लाभदायक • क्षोभमंडल की ओजोन → हानिकारक प्रदूषक #Prelims #PCS2026 #PYQFacts #PrelimsModeActivated_ThePCSHub @ThePCSHub1
168
6
० भारत की जलवायु:- • मानसून का निवर्तन (Retreating Monsoon) सितंबर से उत्तर-पश्चिम भारत से प्रारंभ होकर दिसंबर के मध्य तक पूरे भारत से समाप्त हो जाता है। • लौटती मानसूनी पवनें बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर उत्तर-पूर्वी मानसून के रूप में तमिलनाडु में वर्षा कराती हैं। • तमिलनाडु में मुख्य वर्षा अक्टूबर–दिसंबर के दौरान उत्तर-पूर्वी मानसून से होती है। • AS (शुष्क ग्रीष्म मानसूनी जलवायु) – कोरोमंडल तट (तमिलनाडु) में पाई जाती है। • Amw (लघु शुष्क ऋतु वाली मानसूनी जलवायु) – गोवा के दक्षिण के पश्चिमी तट पर पाई जाती है। • Dfc (शीत आर्द्र जलवायु) – अरुणाचल प्रदेश के उच्च पर्वतीय भागों में पाई जाती है। • AW (उष्ण कटिबंधीय सवाना) जलवायु कर्क रेखा के दक्षिण स्थित प्रायद्वीपीय भारत में मिलती है। • BShw (अर्द्ध-शुष्क स्टेपी) जलवायु पश्चिमी राजस्थान, उत्तर-पश्चिम गुजरात एवं पंजाब के कुछ भागों में पाई जाती है। • E (ध्रुवीय) जलवायु लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मिलती है। • 50 सेमी से कम वर्षा – लद्दाख, पश्चिमी राजस्थान तथा प्रायद्वीपीय भारत के कुछ आंतरिक भागों में होती है। • 200 सेमी से अधिक वर्षा – पश्चिमी घाट, पश्चिमी तट, मेघालय एवं उप-हिमालयी क्षेत्रों में होती है। • ग्रीष्म ऋतु में उत्तर-पश्चिम भारत में 'लू' नामक गर्म एवं शुष्क हवाएँ चलती हैं। • अक्टूबर–नवंबर में बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न उष्णकटिबंधीय चक्रवात पूर्वी तट पर भारी वर्षा कराते हैं। • गोदावरी, कृष्णा, कावेरी के डेल्टाई क्षेत्र चक्रवातों से सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। • कोरोमंडल तट की अधिकांश वर्षा लौटते मानसून एवं चक्रवातों से होती है। • "कार्तिक मास की ऊष्मा" (October Heat) मानसून निवर्तन के समय उच्च तापमान एवं अधिक आर्द्रता के कारण अनुभव होती है। • मानसून निवर्तन के समय उत्तर भारत शुष्क, जबकि तमिलनाडु एवं दक्षिण-पूर्वी तट वर्षायुक्त रहते हैं। • मानसून विच्छेद (Break in Monsoon) वर्षा ऋतु के दौरान कुछ दिनों या सप्ताह तक वर्षा रुक जाने की स्थिति है। • उत्तर भारत में मानसून विच्छेद का कारण ITCZ की स्थिति में परिवर्तन एवं चक्रवातों की कमी है। • राजस्थान में मानसून विच्छेद तापमान विलोमता (Temperature Inversion) के कारण होता है। • दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय तमिलनाडु तट अपेक्षाकृत शुष्क रहता है, क्योंकि यह वर्षाछाया क्षेत्र में स्थित है। • मानसून के आगमन पर वर्षा में अचानक वृद्धि को मानसून प्रस्फोट (Burst of Monsoon) कहते हैं। • पूर्वी जेट प्रवाह (Easterly Jet Stream) को मानसून प्रस्फोट का प्रमुख कारण माना जाता है। • ITCZ (अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र) विषुवतीय निम्न दाब का क्षेत्र है, जहाँ व्यापारिक पवनें अभिसरित होती हैं। • पश्चिमी विक्षोभ का उद्गम भूमध्य सागर क्षेत्र में होता है। • पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी जेट प्रवाह द्वारा भारत में प्रवेश करते हैं। • पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में शीतकालीन वर्षा तथा रात्रि तापमान में वृद्धि होती है। #PCS2026 #PYQFacts #Prelims #PrelimsModeActivated_ThePCSHub
196
7
० पश्चिमी घाट:- • पश्चिमी घाट को सह्याद्रि पर्वतमाला भी कहा जाता है। • यह ताप्ती नदी के दक्षिण से प्रारंभ होकर कन्याकुमारी तक लगभग 1,600 किमी तक फैली है। • यह गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु – कुल 6 राज्यों में विस्तृत है। • पश्चिमी घाट को 2012 में UNESCO विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया गया। • पश्चिमी घाट की औसत ऊँचाई 900–1600 मीटर है। • अनैमुडी (Anamudi – 2695 मी.) पश्चिमी घाट तथा दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी है। • नल्लामलाई, नीलगिरि, अन्नामलाई और कार्डमम (इलायची) (उत्तर से दक्षिण) पहाड़ियाँ पश्चिमी घाट की प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ हैं। • पालघाट दर्रा (Palghat Gap) पश्चिमी घाट का सबसे प्रसिद्ध प्राकृतिक दर्रा है, जो केरल और तमिलनाडु को जोड़ता है। • भोर घाट तथा थाल घाट महाराष्ट्र के प्रमुख दर्रे हैं। • दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा सबसे पहले पश्चिमी घाट से टकराती है। • पश्चिमी ढाल पर अधिक वर्षा तथा पूर्वी ढाल पर वृष्टि-छाया (Rain Shadow) की स्थिति बनती है। • पश्चिमी घाट में अगुम्बे अत्यधिक वर्षा वाला क्षेत्र है। • कस्तूरीरंगन समिति – पश्चिमी घाट संरक्षण हेतु। • गाडगिल समिति – पश्चिमी घाट को पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने की सिफारिश। • पश्चिमी घाट में भारत की लगभग 30% पादप, 50% उभयचर, 60% सरीसृप तथा अनेक स्थानिक (Endemic) प्रजातियाँ पाई जाती हैं। • नीलगिरि तहर और सिंहपुच्छ मकाक पश्चिमी घाट की प्रमुख स्थानिक एवं संरक्षित प्रजातियाँ हैं। • नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व (1986) है। #PCS2026 #PYQFacts #Prelims #PrelimsModeActivated_ThePCSHub
237
8
world Geography pcs 2026.pdf
319
9
🟧 विश्व के प्रमुख घास के मैदान (Quick Revision) 🟧 विश्व के प्रमुख घास के मैदान (Quick Revision) 🔳 शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान पम्पास – अर्जेंटीना एवं उरुग्वे अल्फाल्फा घास, पशुपालन व गेहूँ उत्पादन प्रेयरीज – कनाडा एवं संयुक्त राज्य अमेरिका चिनूक हवाएँ, गेहूँ की व्यापक खेती डाउन्स – ऑस्ट्रेलिया (मर्रे–डार्लिंग बेसिन) मेरीनो भेड़, बड़े स्टेशन (Sheep Stations), कंगारू वेल्ड – दक्षिण अफ्रीका अंगोरा बकरी, मेरीनो भेड़, गाय-भैंस पालन स्टेपीज – यूरोप एवं एशिया गेहूँ उत्पादन के लिए प्रसिद्ध पुस्टाज – हंगरी शीतोष्ण घास का मैदान कैन्टरबरी – न्यूज़ीलैंड पशुपालन एवं डेयरी के लिए प्रसिद्ध ग्रान चाको – अर्जेंटीना एवं पराग्वे घास का मैदान एवं वन प्रदेश, क्वेब्रेको (Quebracho) की कठोर लकड़ी 🔳 उष्णकटिबंधीय घास के मैदान सवाना – मध्य अफ्रीका (सहारा के दक्षिण) लंबी घास, वन्यजीवों की अधिकता लानोस – वेनेजुएला ओरिनोको नदी बेसिन में विस्तृत काम्पोस – दक्षिणी ब्राज़ील प्राकृतिक चरागाह सेल्वास – ब्राज़ील (अमेज़न बेसिन) ध्यान दें: सेल्वास घास का मैदान नहीं, बल्कि विश्व का सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षावन (Equatorial Rainforest) है। 🎯 परीक्षा हेतु ट्रिक पम्पास → अर्जेंटीना प्रेयरीज → अमेरिका–कनाडा डाउन्स → ऑस्ट्रेलिया वेल्ड → दक्षिण अफ्रीका स्टेपीज → यूरोप–एशिया पुस्टाज → हंगरी कैन्टरबरी → न्यूज़ीलैंड सवाना → अफ्रीका लानोस → वेनेजुएला काम्पोस → ब्राज़ील सेल्वास → अमेज़न वर्षावन (घास का मैदान नहीं) ✅ https://t.me/EternalCivilAcademy
606
10
चिल्का झील - भारत की पहली रामसर साईट सबसे बड़ी खारे पानी की झील
चिल्का झील - भारत की पहली रामसर साईट सबसे बड़ी खारे पानी की झील
973
11
🔲 आठ कोर उद्योग (Eight Core Industries) ▪️ कोयला (Coal) ▪️ कच्चा तेल (Crude Oil) ▪️ प्राकृतिक गैस (Natural Gas) ▪️ रिफाइनरी उत्पाद (Refinery Products) ▪️ उर्वरक (Fertilizers) ▪️ इस्पात (Steel) ▪️ सीमेंट (Cement) ▪️ विद्युत (Electricity) 💡 महत्वपूर्ण तथ्य (UPPCS/PCS Pre): ▪️ ये आठ कोर उद्योग भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) का महत्वपूर्ण आधार हैं। ▪️ इनका संयुक्त भार (Weight) 40.27% है।
895
12
यूरोजोन का 21वा सदस्य बना बुल्गारिया 👍✅
यूरोजोन का 21वा सदस्य बना बुल्गारिया 👍✅
830
13
भारत-वियतनाम रणनीतिक साझेदारी
भारत-वियतनाम रणनीतिक साझेदारी
1 067
14
🔴 पर्यावरण से संबंधित प्रमुख प्रोटोकॉल 1️⃣ क्योटो प्रोटोकॉल (Kyoto Protocol) 🔹 अपनाया गया – 11 दिसम्बर 1997 🔹 भारत द्वारा हस्ताक्षर – 26 अगस्त 2002 🔹 आधिकारिक रूप से लागू – 16 फरवरी 2005 🎯 उद्देश्य ग्रीनहाउस गैसों (GHGs) के उत्सर्जन को कम करना। ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटना। ✨ प्रमुख तथ्य ✔️ यह United Nations Framework Convention on Climate Change (UNFCCC) के अंतर्गत बनाया गया समझौता है। ✔️ कार्बन क्रेडिट (Carbon Credit) की अवधारणा को बढ़ावा दिया गया। ✔️ विकसित देशों (Developed Countries) के लिए उत्सर्जन घटाने के बाध्यकारी (Binding) लक्ष्य निर्धारित किए गए। ✔️ विकासशील देशों, जैसे भारत, पर बाध्यकारी लक्ष्य नहीं थे। 2️⃣ मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (Montreal Protocol) 🔹 अपनाया गया – 16 सितम्बर 1987 🔹 लागू – 1 जनवरी 1989 🔹 भारत द्वारा हस्ताक्षर – 19 जून 1992 🎯 उद्देश्य ओजोन परत (Ozone Layer) का संरक्षण। ओजोन को नुकसान पहुँचाने वाले CFCs (Chlorofluorocarbons) एवं अन्य रसायनों के उत्पादन और उपयोग को चरणबद्ध रूप से समाप्त करना। ✨ प्रमुख तथ्य ✔️ ओजोन परत संरक्षण हेतु विश्व का सबसे सफल पर्यावरणीय समझौता माना जाता है। ✔️ इसके कारण ओजोन-क्षयकारी पदार्थों के उपयोग में भारी कमी आई। ✔️ बाद में Kigali Amendment (2016) के माध्यम से HFCs को भी नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया। 🎯 परीक्षा हेतु ट्रिक 🔹 क्योटो = Climate Change + Carbon Credit 🔹 मॉन्ट्रियल = Ozone Layer + CFCs 📌 One Liner Revision ✅ क्योटो प्रोटोकॉल (1997) → जलवायु परिवर्तन एवं ग्रीनहाउस गैसों में कमी। ✅ मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) → ओजोन परत संरक्षण एवं CFCs का उन्मूलन। UPPCS / RO-ARO / UPSC / SSC हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण। 📚✍️
984
15
✅ G-7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit) 2026 52वाँ G-7 शिखर सम्मेलन 15–17 जून 2026 को एवियन-ले-बैंस, फ्रांस में आयोजित हुआ। G-7 विश्व की 7 प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का एक अनौपचारिक समूह है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करता है। सदस्य देश: संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा। स्थापना: 1975 में वैलेरी गिस्कार्ड डी'एस्टिंग की पहल पर। प्रारम्भ में यह G-6 था; 1976 में कनाडा के शामिल होने पर G-7 बना। रूस 1997 में शामिल हुआ, जिससे यह G-8 बना; किंतु 2014 में क्रीमिया संकट के बाद रूस की सदस्यता निलंबित कर दी गई और समूह पुनः G-7 बन गया। भारत G-7 का सदस्य नहीं है, लेकिन उसे अक्सर आमंत्रित (Guest) देश के रूप में बुलाया जाता है। 2026 शिखर सम्मेलन में भी नरेन्द्र मोदी ने भाग लिया। याद रखने योग्य: G-6 (1975) → G-7 (1976, कनाडा) → G-8 (1997, रूस) → G-7 (2014, रूस बाहर).
810
16
🟥 वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) : 🔹 स्थापना – वर्ष 1989 में पेरिस में आयोजित G-7 शिखर सम्मेलन की पहल पर। 🔹 मुख्यालय – Paris 🔹 प्रकृति – धन शोधन (Money Laundering), आतंकवाद वित्तपोषण (Terror Financing) तथा सामूहिक विनाश के हथियारों (WMD) के प्रसार के वित्तपोषण पर निगरानी रखने वाली वैश्विक संस्था। 🔹 भारत की सदस्यता ▪️ वर्ष 2006 – पर्यवेक्षक (Observer) बना। ▪️ जून 2010 – FATF का 34वाँ सदस्य बना। 🔹 उद्देश्य ▪️ धन शोधन (Money Laundering) की रोकथाम। ▪️ आतंकवाद वित्तपोषण (Terror Financing) पर नियंत्रण। ▪️ WMD के प्रसार के वित्तपोषण की रोकथाम। 🔹 जनादेश का विस्तार ▪️ 2001 – आतंकवाद वित्तपोषण को शामिल किया गया। ▪️ 2012 – WMD प्रसार वित्तपोषण को शामिल किया गया। 🔹 महत्वपूर्ण तथ्य ▪️ भारत पहली बार FATF की उपाध्यक्षता ग्रहण करेगा। ▪️ विवेक अग्रवाल Vivek Agrawal को जुलाई 2026 से जून 2027 तक FATF का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 📌 FATF = Financial Action Task Force (वित्तीय कार्रवाई कार्य बल) – वैश्विक वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा हेतु मानक निर्धारित करने वाली प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्था।
814
17
21 जून को भारत समेत पूरे उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन है। इस परिघटना को 'समर सॉल्सटिस' कहते हैं और यह तब घटती है ज
21 जून को भारत समेत पूरे उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन है। इस परिघटना को 'समर सॉल्सटिस' कहते हैं और यह तब घटती है जब सूर्य कर्क रेखा (23.5°उत्तरी अक्षांश) के ऊपर होता है जिसके चलते पृथ्वी का उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य के करीब होता है। वहीं, दक्षिणी गोलार्द्ध में यह परिघटना 21-23 दिसंबर के बीच घटती है।
745
18
भारत के राष्ट्रीय जलमार्ग
भारत के राष्ट्रीय जलमार्ग
973
19
🔴 भारत के 13 महापत्तन (Major Ports):- 🔘 कांडला – नाम परिवर्तित कर दीनदयाल बंदरगाह 🔘 मुंबई – देश का सबसे बड़ा बंदरगाह 🔘 न्हावा शेवा – नया नामकरण जवाहर लाल नेहरू बंदरगाह 🔘 मॉर्मुगाओ – देश का सबसे बड़ा निर्यात् आधारित बंदरगाह 🔘 न्यू मंगलौर – आकार की दृष्टि से अपेक्षाकृत छोटा 🔘 कोचीन – अरब सागर की रानी के नाम से लोकप्रिय 🔘 तूतीकोरिन – इसका नया नाम बी.ओ. चिदम्बरनार 🔘 चेन्नई – कृत्रिम तथा दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह 🔘 विशाखपत्तनम – सबसे गहरा बंदरगाह 🔘 पारद्वीप – इसका पोताश्रय सबसे गहरा 🔘 कोलकाता-हल्दिया – यह एक नदीय पत्तन भी है। 🔘 एन्नोर – सबसे बड़ा कम्प्यूटराइज्ड बंदरगाह 🔘 वधावन (महाराष्ट्र) – देश का पहला मेगा पोर्ट Join 👉https://t.me/EternalCivilAcademy
1 019
20
आर्द्रभूमि (वेटलैंड्स) पृथ्वी के सबसे उत्पादक और पर्यावरणीय रूप से महत्वपूर्ण प्राकृतिक परिवेश में से हैं। इनमें झीलें, दलदल, बाढ़ के मैदान, मैंग्रोव और तटीय लैगून शामिल हैं, जो पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आर्द्रभूमि भूजल को पुनर्भरण करती हैं, पानी की गुणवत्ता में सुधार करती हैं, बाढ़ के जोखिम को कम करती हैं, समृद्ध जैव-विविधता का समर्थन करती हैं और जलवायु के प्रति सहनक्षमता को बढ़ाती हैं। वे कृषि, मत्स्य पालन और करोड़ों लोगों की आजीविका का भी मुख्य आधार हैं।
1 045