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### दुनिया में सात वार कैसे उपयोग होते हैं?
| धर्म / परंपरा | सात दिनों का उपयोग |
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| हिंदू धर्म | रविवार से शनिवार तक वारों के नाम, पूजा, व्रत और पंचांग में उपयोग होते हैं। |
| इस्लाम | सातों दिन उपयोग होते हैं; शुक्रवार (जुमे) को सामूहिक नमाज़ का विशेष महत्व है। |
| ईसाई धर्म | रविवार को चर्च की प्रार्थना का विशेष महत्व है; बाकी दिन भी सामान्य कैलेंडर में उपयोग होते हैं। |
| यहूदी धर्म | शनिवार (शब्बात) विश्राम और धार्मिक आचरण का विशेष दिन है। |
| बौद्ध धर्म | सातों दिन कैलेंडर में उपयोग होते हैं; कुछ देशों में विशेष दिनों के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व हैं। |
| जैन धर्म | सातों दिन दैनिक जीवन और कैलेंडर में उपयोग होते हैं; व्रत और धार्मिक अनुष्ठान भी होते हैं। |
| सिख धर्म | सातों दिन सामान्य कैलेंडर में उपयोग होते हैं; गुरुद्वारे में संगत और कीर्तन के लिए रविवार सहित अलग-अलग दिन चुने जाते हैं। |
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पूरी दुनिया
ब्राह्मणों ने दिए जीरो (०) और सात वार रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरुवार शुक्रवार शनिवार का उपयोग करता है
आर्यभट्ट
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# 🌍 पूरी दुनिया इस्तेमाल करती है भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा!
## 1. शून्य (०) और भारतीय गणित का योगदान
आज पूरी दुनिया गणित, विज्ञान, व्यापार, बैंकिंग और कंप्यूटर में शून्य (०) का उपयोग करती है। भारतीय गणितज्ञों ने शून्य की अवधारणा और दशमलव स्थान-मूल्य पद्धति के विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया।
आर्यभट्ट का योगदान
आर्यभट्ट प्राचीन भारत के महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री थे। उन्होंने लगभग 499 ईस्वी में अपनी प्रसिद्ध पुस्तक *आर्यभटीय* की रचना की। उन्होंने गणित, खगोल विज्ञान, ग्रहों की गति और गणना की विधियों पर महत्वपूर्ण कार्य किया।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि आर्यभट्ट का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण था, लेकिन शून्य के अंक (०) के विकास का पूरा श्रेय केवल उन्हें देना ऐतिहासिक रूप से सही नहीं है। भारतीय गणित में शून्य और दशमलव पद्धति का विकास कई विद्वानों के योगदान से हुआ।
## 2. सातों वारों की व्यवस्था
आज भारत ही नहीं, दुनिया के अनेक देशों में सात दिनों वाला सप्ताह प्रचलित है।
- रविवार
- सोमवार
- मंगलवार
- बुधवार
- गुरुवार
- शुक्रवार
- शनिवार
भारतीय परंपरा में इन दिनों का संबंध सूर्य, चंद्रमा और पाँच ग्रहों से जोड़ा गया है। संस्कृत और भारतीय ज्योतिष-परंपरा में इन ग्रहों के नामों का विशेष महत्व रहा है।
हालाँकि, सात दिनों के सप्ताह की परंपरा प्राचीन बेबीलोनिया, रोमन दुनिया और अन्य संस्कृतियों में भी विकसित हुई। इसलिए यह कहना कि सातों वारों की व्यवस्था केवल ब्राह्मणों ने पूरी दुनिया को दी, ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित नहीं है।
## 3. भारत की प्राचीन वैज्ञानिक विरासत
प्राचीन भारतीय विद्वानों ने गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा, दर्शन और भाषा के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और भास्कराचार्य जैसे विद्वानों ने ज्ञान-विज्ञान की परंपरा को समृद्ध किया।
हमारी विरासत का संदेश:
भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा पर गर्व करें, महान विद्वानों के योगदान को जानें और इतिहास को प्रमाणों के आधार पर समझें।
भारतीय ज्ञान — मानवता की अमूल्य धरोहर!
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रोजगार कैसे उत्पन्न होता है?
एक किसान है, कहता है अपनी कोई उपज बाज़ार में नहीं बेचेगा। वामपंथी का चेला हो गया है व इसलिए बाज़ार शब्द से ही घृणा है उसे।
तो हल तो चलाएगा। हल बनाने वाले को काम देगा। हल भी ख़ुद ही बना रहा है तो उसके फाल को लूहार से लेगा ही। फाल भी स्वयं बना रहा है तो लोहा तो ख़रीदेगा ही। या लोह खनिज की खान भी है व लोहा भी स्वयं बना रहा है? दस साल में एक बार फाल बनाने के लिए खान व भट्टी रखना? उसकी मर्ज़ी। फिर तो वो Sentinelese हो गया। वे तो जंगल में रहते है व भारतीय नौ सेना द्वारा रक्षित है। भाग्यशाली है कि भारत में है।
तो Sentinelese के अतिरिक्त कोई भी अन्य मनुष्य जब अपने लिए काम करता है तो दस लोगों के लिए रोज़गार भी पैदा करता है। जैसे कोई अगर घर पर ही लेकिन बेचने के लिए जुते बनाता है तो सुये वाले के लिए, धागे वाले के लिए, Anvil वाले के लिए काम पैदा करता है।
यही अर्थव्यवस्था होती है। जो भी मनुष्य अपनी आजीविका कमाने के लिए काम करता है वह दुनिया के किसी अन्य भाग में उस मनुष्य के लिए काम पैदा करता है जिससे वह कभी मिला नहीं। दूध का व्यापार करने वाला व्यक्ति भेंस पालने वाले के लिए काम पैदा करता है।
और इस जाल में जो जितना सम्पन्न है वह उतने ही अधिक लोगों के लिए रोज़गार पैदा करता है। ब्यूटी पार्लर के कर्मचारी को सम्पन्न महिलाये ही रोज़गार दे सकती है।
और मुफ़्तखोर?
मुफ़्तखोर वामपंथी के अतिरिक्त अन्य किसी को रोज़गार नहीं देता। वह तो आपकी बचत भी खाता है उलटे। बचत न हो तो आपकी आय कभी बढ़ नहीं सकती। अतः मुफ़्तखोर आपको उसी स्तर पर रखेगा जहाँ है। बल्कि मुफ़्तखोर संख्या में बढ़ने लगते है, इसलिए आप उलटे ग़रीब होने लगते है।
अतः आप यदि maid भी न रखे, केवल आजीविका कमायें, तब भी आप सैकड़ों, हज़ारों, लाखों लोगों को रोज़गार देते है।
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Doctor wonderful session for girls in Navratri for girls
#navratri #durgapuja #insta #viralvideo
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ये है हुडा जरीवाला खुद को कभी पत्रकार तो कभी सामाजिक कार्यकर्ता बताती है हाल में यूपी में गैर कानूनी मस्जित को तोड़ा गया था कोर्ट के आदेश पे तो इसने योगी आदित्यनाथ को काफी उल्टा सीधा कहा था फिर यूपी पुलिस इनको पकड़ ली थी फिर रो पीट के निकली बाहर
अब खातून ने ऐसी बात कर दी जिस से मोमिना लोगों में खुशी की लहर आ जाएगी इनके मुताबिक जन्नत में मुस्लिम महिलाओं को 72 मर्द हूर मिलेंगे
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👆🎥
*चेन्नई में राहुल गांधी के मंच पर* एक मुस्लिम लड़की आई
और उसने तमिल भाषा में काफी कुछ बोला
*फिर जब ट्रांसलेटर ने उसे ट्रांसलेट किया कि यह कह रही है कि* मैं मुस्लिम लड़की हूं हमारे धर्म में पूरी तरह से पितृसत्तात्मक व्यवस्था है *हमें पढ़ने नहीं दिया जाता* हमें आगे बढ़ने नहीं दिया जाता *हमें तमाम बंदिशों में रखा जाता है* और दूसरी तमाम बातें चुपचाप राहुल गांधी सुने और कुछ नहीं बोले 😷
राहुल गांधी एक शब्द तक नहीं बोले 🤫 *और उस लड़की को मंच से उतार दिया गया*
*🔹अब सीन बदल देते हैं*
*अगर कोई हिंदू लड़की आई होती और राहुल गांधी से कहती कि* वह हिंदू है उसके धर्म में पितृसत्तात्मक व्यवस्था है *उसे बंदिशें में रखा जाता है*
*फिर राहुल गांधी 1 घंटे तक* हिंदू धर्म पर हिंदुओं पर हिंदू किताबों पर जहर उगलते🤬 और पूर्व में कई बार राहुल गांधी जहर उगल चुका है
*इसीलिए हिंदुओं से हम बार-बार कहते है कि* विदेशियों का औलाद कभी तुम्हारा नहीं हो सकता
*यह कभी हिंदुओं का तो क्या भारत देश का भी नहीं हो सकता 🤷🤷*
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मेरी सिख भाइयों से प्रार्थना है कि इन जिहादियों से सावधान रहे
ये जो दिख रहा है ये कोई सिख नहीं बल्कि मोहम्मद नासिर है जो कि एक सिख के भेष में नफरत फैलाने आया था लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से पकड़ में आ गया
ये जेहादी मौका ढूंढते है बस किसी तरह भारत में आग लगे
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क्या नेहरू परिवार की इस बड़ी भूल के कारण अभी राहुल गाँधी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे?
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