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सूखती 🌼स्याही*༺♥️༻

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माना कि जायज नहीं इश्क तुमसे बेपनाह करना.. ɭ๏שє ץ๏ย ๒คςςђค ✓ मगर तुम अच्छे लगे तो ठान लिया ये गुनाह करना. 。゚゚・。・゚゚。 ゚。しᨵᥳᥱ♡𝕪ᦞᥙ ㅤ゚・。・ Owner.𝐦@𝐬𝐮𝐦 ●ஜ۩۞۩ஜ●

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Ego और attitude जैसा कुछ नहीं है मेरे अंदर ,, *कोई प्यार से बात करै तो बहुत बोलती हूं ✌️❤️*

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जिनके जेब में भरपूर गांधी है उनको गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं,,,, बाकी सब को दशहरा की अग्रिम शुभकामनाएं...🥳
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सुप्रभातम् देवियों और सज्जनों 🌄🌅😊🤗💐🌸🪷🌼🌹🤗 🫂🌸🪷💐🌺😊 जय जय श्री राधे गोविंद 🙏🏼 🌸 🤗 💓 🪷 🌸 ♥️ 🫂 ♥️ 🥰 हे माधव 🪷 🌹 हम दीनन् पर अपनी करूणा रखना नाथ 💐🌺🌼🪷🫂🌸🥰🌸😊🌹♥️

GOOD MORNING HAVE A GREAT DAY
GOOD MORNING HAVE A GREAT DAY

🥹🙂🥹
"मर्द हूँ ना............"

क्या करूँ, किसे कहूँ, कुछ समझ नहीं आता, दिल में बहुत कुछ है, मगर कहा नहीं जाता ।। सब पूछते हैं “ठीक हो?” मैं हँसकर कह देता हूँ, कौन पढ़े मेरी ख़ामोशी, मैं ख़ुद भी कहाँ कह पाता हूँ ।। कुछ अपने दूर हो गए, कुछ ख़्वाब अधूरे रह गए, और हम… सबके बीच रहकर भी अकेले रह गए ।। अब ख़ामोशी ही मेरा पता है ।।
चंदन…✍🏼
~शब्द_श्रृंगार🖋️

“एक कचौड़ी, दो समोसा, मर्द जात का क्या भरोसा..!!”
तुकबंदी है… सुनने में मज़ेदार भी लगती है, तालियाँ भी मिल जाती हैं ।। लेकिन ज़रा ठहरकर सोचिए..
जिन मर्दों ने नारी को सिर्फ और सिर्फ लक्ष्मी कहां और जिसने कहानियों में, कविताओं में, नज़्म और ग़ज़लों में सिर्फ और सिर्फ नारी को खुबसूरत ही लिखा...😊
क्या हर मज़ेदार बात न्यायपूर्ण भी होती है? हाँ, हमारा समाज पितृसत्तात्मक रहा है। हाँ, सदियों से स्त्रियों ने भेदभाव, हिंसा, असमानता और बंधनों का सामना किया है ।। हाँ, स्त्री की आज़ादी, सम्मान और बराबरी की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जानी चाहिए ।। लेकिन एक सवाल फिर भी है किसी एक पुरुष के अपराध का दोष हर पुरुष के माथे पर क्यों...? अगर कोई पुरुष अपराध करता है, तो उसे कठघरे में खड़ा कीजिए... उसके अपराध पर सवाल उठाइए उसे सज़ा दिलाने की लड़ाई लड़िए ।। लेकिन उसके अपराध को पूरे पुरुष समाज की पहचान मत बनाइए। क्योंकि यह लड़ाई स्त्री बनाम पुरुष की नहीं होनी चाहिए ।। यह लड़ाई होनी चाहिए... अपराध बनाम इंसानियत की, अन्याय बनाम न्याय की, हिंसा बनाम सम्मान की ।। और एक बात… जिस पुरुष को आप सिर्फ इसलिए कठघरे में खड़ा कर रहे हैं क्योंकि वह पुरुष है, वही किसी घर में बेटा है, किसी का भाई है, किसी का पिता है, किसी का पति है... और शायद वही किसी स्त्री की लड़ाई में उसके साथ खड़ा भी है ।। इसलिए स्त्री के अधिकारों की लड़ाई कम मत कीजिए, लेकिन उस लड़ाई को नफ़रत की लड़ाई भी मत बनाइए ।। बराबरी का मतलब यह नहीं कि एक को ऊपर उठाने के लिए दूसरे को नीचे गिराया जाए ।। अपराधी का कोई लिंग नहीं होता, अपराध की कोई जाति नहीं होती, और इंसानियत की कोई सीमा नहीं होती ।। इसलिए अगली बार कोई नारा लगाने से पहले बस एक पल ठहरकर सोचिएगा..... हम न्याय मांग रहे हैं, या अनजाने में किसी पूरे वर्ग को दोषी ठहरा रहे हैं? क्योंकि आवाज़ ऐसी होनी चाहिए जो अपराधी को डराए, लेकिन निर्दोष को शर्मिंदा न करे ।। न्याय चाहिए.... नफ़रत नहीं। बराबरी चाहिए.... बदला नहीं। सम्मान चाहिए..... किसी और का अपमान नहीं ।।
चंदन...✍🏼
~शब्द_श्रृंगार🖋️

🥀✨ थक कर जो लौटते हैं मंज़िलों की तलाश से, उन्हें परिवार का साया ही सुकून-ए-ज़मीन लगता है। बाहर की रौनकें तो बस एक दिखावा हैं 'दोस्त', माँ-बाप की दुआओं में ही रब का यकीन लगता है।... 💗🌹 प्रियांशु 🌷

मुझे कंगाल होता देख किसी और से दिल मत लगा लेना बाबू, मैं धड़कन का सुनील शेट्टी हूं लौट कर जरूर आऊंगा..!!🤧🥲 ~कलम क्रेज़ी (Vaishonit)