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💔 सूखती 🌼स्याही*༺♥️༻

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माना कि जायज नहीं इश्क तुमसे बेपनाह करना.. ɭ๏שє ץ๏ย ๒คςςђค ✓ मगर तुम अच्छे लगे तो ठान लिया ये गुनाह करना. 。゚゚・。・゚゚。 ゚。しᨵᥳᥱ♡𝕪ᦞᥙ ㅤ゚・。・ Owner.𝐦@𝐬𝐮𝐦 ●ஜ۩۞۩ஜ●

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आज फिर उसकी याद आ गई जब पान वाले ने पुछा कितना चूना लगाऊ...😔 @khalnayakji92

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न उड़ाओ मखौल लोगों मेरे आँसुओ का किसी ने मेरी मोहब्बत ठुकराई है, हर तरफ बिखरे पडे है खून के कतरे मेरे दिल ने जबरदस्त चोट खाई है।।। कभी मैंने भी की थी किसी से मोहब्बत इबादत की तरह, मगर किसी से सच्ची मोहब्बत करने की मैंने आज सजा पाई है।।। कभी मैंने भी बनाया था किसी को अपनी ज़िंदगी इस ज़िंदगी मे, किसी को ज़िंदगी बनाने की सौगात मैंने मौत के रूप मे पाई है।।।। कभी मैं भी हर पल गुजारा करता था किसी की यादों मे, उस बेवफ़ा ने किसी और की खातिर मेरी हर इक याद मिटाई है।।।। कभी बहुत हँसता मुस्कुराता था मैं किसी की मोहब्बत मे, मगर उसकी बेवफ़ाई की वजह से मेरी सारे जग मे हुई जग हसाई है।।।। दूर दूर तक नजर नही आता खुशियो का जर्रा, मेरे चारों ओर मौजूद बेहिसाव गमो की परछाई है।।। दूर दूर तक नजर नही आता आबादियों का नामोनिशान, किसी के बीच सफर मे साथ छोड़ने से मंजील की हुई तबाही है।।।। @khalnayakji92

αиѕυ иιкαℓ ααує тσ кнυ∂ρσ¢нιуєgα... ℓσg ρσυ¢нєиgє тσ ѕυ∂αα кαяєиgє... #𝘩𝘦𝘦𝘳_𝘸𝘳𝘪𝘵𝘦𝘴

“मैंने पूछा चांदनी  से की देखा है कहीं मेरे यार सा हसीं, चांदनी  ने कहा .. इश्क़ में अंधी तू है बे साली मैं नहीं...😟 @khalnayakji92

𝐀𝐝𝐮𝐥𝐭𝐢𝐧𝐠 𝐡𝐢𝐭𝐬 𝐰𝐡𝐞𝐧... जिस्म नींद मांग रही है, दिमाग दौलत, दिल प्यार और रूह सुकून... #𝘩𝘦𝘦𝘳_𝘸𝘳𝘪𝘵𝘦𝘴

मे बद्दुआ तो नही दे रहा हुँ उसको,  मगर दुआ बस यही है,कि उसे मुझ जैसा फिर कोई ना मिले.  @khalnayakji92

वो बोली I Hate You khalnayak मेरी कसम खाकर बोलने को कहा तो           पगली रोने लग गयी।" @khalnayakji92

तेरे तकिये ने शिकायत की है मुझसे, कई रातों से तुम उधर मुँह करके सो रहे हो।

किसी ने जिस्म का पिंजरा बनाया है यहाँ, मगर परिंदे-सा दिल अब भी उड़ा है यहाँ। ये कैद ख़ानों की दुनिया, ये रस्मों की दीवार, हर
किसी ने जिस्म का पिंजरा बनाया है यहाँ, मगर परिंदे-सा दिल अब भी उड़ा है यहाँ। ये कैद ख़ानों की दुनिया, ये रस्मों की दीवार, हर एक शख़्स किसी ग़म में क़ैद है यहाँ। मैं अपने ख़्वाब को सीने में छुपाए फिरता, ज़माना कहता रहा, "क्या बचा है यहाँ?" खुली फ़िज़ाओं की चाहत तो आज भी दिल में, मगर नसीब का दरवाज़ा बंद-सा है यहाँ। वो जिसके हाथ में थी मेरी रिहाई की कुंजी, उसी के नाम का ताला लगा है यहाँ। न जाने कितनी सदाएँ दम तोड़ देती हैं, हर एक लब पे ख़ामोशी का पहरा है यहाँ। "पिंजरा" तो टूट भी जाए किसी सुबह शायद, मगर परों में कहाँ पहले-सा हौसला है यहाँ
~शब्द_श्रृंगार🖋️

हमें पता है, हम उनके लिए कुछ नहीं हैं, हम फिर भी उनको अपना सबकुछ मान कर बैठे हैं। वो बेख़बर हैं हमारी मोहब्बत की इंतिहा से, ह
हमें पता है, हम उनके लिए कुछ नहीं हैं, हम फिर भी उनको अपना सबकुछ मान कर बैठे हैं। वो बेख़बर हैं हमारी मोहब्बत की इंतिहा से, हम उनके नाम दिल की हर धड़कन कर के बैठे हैं। न कोई वादा, न कोई उम्मीद उनके दिल से, फिर भी हज़ारों ख़्वाब आँखों में भर कर बैठे हैं। वो पूछते भी नहीं हाल-ए-दिल कभी हमारा, हम उनके ग़म को अपना मुकद्दर मानकर बैठे हैं। उनकी एक झलक पे सिमट जाती है दुनिया सारी, हम कैसी दीवानगी का सफ़र लेकर बैठे हैं। जिसे ख़बर नहीं हमारी तड़प, हमारी चाहत की, उसी के इश्क़ में ख़ुद को बिखेर कर बैठे हैं। कभी तो पढ़ेगी वो मेरी ख़ामोश निगाहों को, यही सोचकर उम्र भर का इंतज़ार लेकर बैठे हैं। ये जानते हुए भी कि नहीं हैं हम उनके, उनके नाम हम अपनी पूरी ज़िंदगी कर के बैठे हैं। ~शब्द_श्रृंगार 🖋️....✍️💔

वो काली लिबास, काली बिंदी वो कोई अप्सरा लगती है जैसे... मेरे हर ख्वाब में उतर आए चुपके से रातों की दुआ लगती है जैसे उसके कदमो
वो काली लिबास, काली बिंदी वो कोई अप्सरा लगती है जैसे... मेरे हर ख्वाब में उतर आए चुपके से रातों की दुआ लगती है जैसे उसके कदमों की आहट से जागे सुकून दिल को कोई सज़ा लगती है जैसे वो पास हो तो वक़्त ठहर सा जाए हर साँस भी इबादत लगती है जैसे उसकी मुस्कान में खो जाए ये दुनिया जन्नत की हवा लगती है जैसे मैं खो जाऊँ उसकी आँखों के सागर में हर डूब भी रिहाई लगती है जैसे वो मिले तो अधूरी सी हर दास्ताँ पूरी हो मोहब्बत की पहली दुआ लगती है जैसे
~शब्द_श्रृंगार🖋️

लहजा दायरे में होना चाहिए, धरती पर अमीर हो सकते हैं अमर नहीं...!!

🍁 🌿💞 ▪️..फिजाओं में रंग सा भर गया है,...▪️ ◦•●◉🌹◉●•◦ ▪️...दिल किसी के संग सा जुड़ गया है,..▪️ ◦•●◉🌹◉●•◦ •❅──────✧❅ 🌿💞
🍁 🌿💞 ▪️..फिजाओं में रंग सा भर            गया है,...▪️        ◦•●◉🌹◉●•◦ ▪️...दिल किसी के संग सा जुड़             गया है,..▪️        ◦•●◉🌹◉●•◦ •❅──────✧❅ 🌿💞 ❅✧──────❅• ▪️..हर दिन अब नया सा           लगता है,..▪️       ◦•●◉🌹◉●•◦ ▪️..जैसे प्यार फिर से हो             गया है।..▪️       ◦•●◉🌹◉●•◦ 🌿💞 ❤️❣ शुभ संध्या ❣❤️

"मैं महीनो लगाती हूँ उसे भूलाने मे,     वो बस एक बार मिलता है और फिर.... महीनों याद आता है...!!" #heer_writes

फ़िज़ूल दौड़ में शामिल नहीं हुए हम भी, हमें सुकून की मंज़िल अज़ीज़ थी यारो।

तेरी बाहों की पनाहों में जो इक शाम ठहर जाए, ये बिखरा हुआ दिल फिर से मुकम्मल सा नज़र आए। तेरी आँखों में जब-जब देखा तो दुआओं का
तेरी बाहों की पनाहों में जो इक शाम ठहर जाए, ये बिखरा हुआ दिल फिर से मुकम्मल सा नज़र आए। तेरी आँखों में जब-जब देखा तो दुआओं का असर देखा, मेरे सूखे हुए मौसम में मोहब्बत का शहर आए। लबों पर नाम तेरा हो, ख़यालों में तेरा चेहरा, मेरी हर एक धड़कन को बस तेरा ही हुनर आए। तू हँस दे तो मेरी दुनिया में उजालों की किरन उतरे, तू रूठे तो मेरे हिस्से में तन्हाई का सफ़र आए। न कोई शर्त, न वादा, न किसी रिश्ते का बंधन हो, बस इतना हो कि हर मुश्किल में मेरा हमसफ़र आए। तेरी बाँहों में सिमट कर ये दुआ माँगी है रब से, जहाँ भी ज़िक्र मोहब्बत का हो, मेरे लबों पर तेरा ही ज़िक्र आए। ❤️🥀
~शब्द_श्रृंगार🖋️

हम तो आदी है सह लेंगे तेरा दिया हुआ हर जख्म ऐ दोस्त, लेकिन सोचते है अगर तुझे किसी ने ठुकराया तो तेरा क्या होगा। ? @khalnayakji92

©लौटती कविता....💗 जब-जब मैं तुम्हें भूलने की कोशिश करता हूँ, एक कविता लौट आती है। वो चुपचाप बैठ जाती है मेरी मेज़ पर रखी अधू
©लौटती कविता....💗 जब-जब मैं तुम्हें भूलने की कोशिश करता हूँ, एक कविता लौट आती है। वो चुपचाप बैठ जाती है मेरी मेज़ पर रखी अधूरी किताबों के बीच, और तुम्हारा नाम लिख देती है मेरे हर खाली पन्ने पर। मैं उसे मिटाना चाहता हूँ, पर शब्द फिर उग आते हैं, जैसे सूखी धरती पर बरसात की पहली बूंदें। वो कविता लौटती है कभी तुम्हारी हँसी बनकर, कभी तुम्हारी ख़ामोशी बनकर, और कभी एक ऐसे दर्द की तरह जिसका कोई इलाज नहीं होता। समय बहुत आगे निकल आया है, मगर कुछ एहसास आज भी वहीं खड़े हैं, जहाँ तुमने आख़िरी बार मुड़कर देखा था। और तब समझ आता है— कुछ लोग नहीं लौटते, मगर उनकी यादों से जन्मी कविताएँ उम्र भर लौटती रहती हैं।॥
~शब्द_श्रृंगार🖋️

💧 जिनकी *आंखें* आंसू से *नम नहीं*, *क्या* समझते हो उसे कोई *गम नहीं*...!! 🙂 तुम *तड़प* कर रो दिए तो *क्या हुआ*, गम छुपा के *हंसने* वाले भी *कम नहीं*....!!

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