सूखती 🌼स्याही*༺♥️༻
الذهاب إلى القناة على Telegram
माना कि जायज नहीं इश्क तुमसे बेपनाह करना.. ɭ๏שє ץ๏ย ๒คςςђค ✓ मगर तुम अच्छे लगे तो ठान लिया ये गुनाह करना. 。゚゚・。・゚゚。 ゚。しᨵᥳᥱ♡𝕪ᦞᥙ ㅤ゚・。・ Owner.𝐦@𝐬𝐮𝐦 ●ஜ۩۞۩ஜ●
إظهار المزيد3 608
المشتركون
-724 ساعات
-427 أيام
-13830 أيام
أرشيف المشاركات
3 608
क्या करूँ, किसे कहूँ,
कुछ समझ नहीं आता,
दिल में बहुत कुछ है,
मगर कहा नहीं जाता ।।
सब पूछते हैं “ठीक हो?”
मैं हँसकर कह देता हूँ,
कौन पढ़े मेरी ख़ामोशी,
मैं ख़ुद भी कहाँ कह पाता हूँ ।।
कुछ अपने दूर हो गए,
कुछ ख़्वाब अधूरे रह गए,
और हम…
सबके बीच रहकर भी
अकेले रह गए ।।
अब ख़ामोशी ही मेरा पता है ।।
चंदन…✍🏼~शब्द_श्रृंगार🖋️
3 608
“एक कचौड़ी, दो समोसा, मर्द जात का क्या भरोसा..!!”तुकबंदी है… सुनने में मज़ेदार भी लगती है, तालियाँ भी मिल जाती हैं ।। लेकिन ज़रा ठहरकर सोचिए..
जिन मर्दों ने नारी को सिर्फ और सिर्फ लक्ष्मी कहां और जिसने कहानियों में, कविताओं में, नज़्म और ग़ज़लों में सिर्फ और सिर्फ नारी को खुबसूरत ही लिखा...😊क्या हर मज़ेदार बात न्यायपूर्ण भी होती है? हाँ, हमारा समाज पितृसत्तात्मक रहा है। हाँ, सदियों से स्त्रियों ने भेदभाव, हिंसा, असमानता और बंधनों का सामना किया है ।। हाँ, स्त्री की आज़ादी, सम्मान और बराबरी की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जानी चाहिए ।। लेकिन एक सवाल फिर भी है किसी एक पुरुष के अपराध का दोष हर पुरुष के माथे पर क्यों...? अगर कोई पुरुष अपराध करता है, तो उसे कठघरे में खड़ा कीजिए... उसके अपराध पर सवाल उठाइए उसे सज़ा दिलाने की लड़ाई लड़िए ।। लेकिन उसके अपराध को पूरे पुरुष समाज की पहचान मत बनाइए। क्योंकि यह लड़ाई स्त्री बनाम पुरुष की नहीं होनी चाहिए ।। यह लड़ाई होनी चाहिए... अपराध बनाम इंसानियत की, अन्याय बनाम न्याय की, हिंसा बनाम सम्मान की ।। और एक बात… जिस पुरुष को आप सिर्फ इसलिए कठघरे में खड़ा कर रहे हैं क्योंकि वह पुरुष है, वही किसी घर में बेटा है, किसी का भाई है, किसी का पिता है, किसी का पति है... और शायद वही किसी स्त्री की लड़ाई में उसके साथ खड़ा भी है ।। इसलिए स्त्री के अधिकारों की लड़ाई कम मत कीजिए, लेकिन उस लड़ाई को नफ़रत की लड़ाई भी मत बनाइए ।। बराबरी का मतलब यह नहीं कि एक को ऊपर उठाने के लिए दूसरे को नीचे गिराया जाए ।। अपराधी का कोई लिंग नहीं होता, अपराध की कोई जाति नहीं होती, और इंसानियत की कोई सीमा नहीं होती ।। इसलिए अगली बार कोई नारा लगाने से पहले बस एक पल ठहरकर सोचिएगा..... हम न्याय मांग रहे हैं, या अनजाने में किसी पूरे वर्ग को दोषी ठहरा रहे हैं? क्योंकि आवाज़ ऐसी होनी चाहिए जो अपराधी को डराए, लेकिन निर्दोष को शर्मिंदा न करे ।। न्याय चाहिए.... नफ़रत नहीं। बराबरी चाहिए.... बदला नहीं। सम्मान चाहिए..... किसी और का अपमान नहीं ।।
चंदन...✍🏼~शब्द_श्रृंगार🖋️
3 608
🥀✨
थक कर जो लौटते हैं
मंज़िलों की तलाश से,
उन्हें परिवार का साया ही
सुकून-ए-ज़मीन लगता है।
बाहर की रौनकें तो बस
एक दिखावा हैं 'दोस्त',
माँ-बाप की दुआओं में ही
रब का यकीन लगता है।... 💗🌹
प्रियांशु 🌷
3 608
मुझे कंगाल होता देख किसी और से दिल मत लगा लेना बाबू, मैं धड़कन का सुनील शेट्टी हूं लौट कर जरूर आऊंगा..!!🤧🥲 ~कलम क्रेज़ी (Vaishonit)
3 608
एक कचोरी दो समोसा
इन मर्दों का क्या भरोसा...!!
ये वही मर्द है जो अपने सपनों को मारके दूसरों के सपनों को पूरा करने में लग जाते हैं ये वही मर्द है जो अपनी खुशियों का गला घोट के दूसरे की खुशियों में खुश रहते है ।। ये वही मर्द है जो अपना नहीं सोचते हुए पहले घर का सोचता है ।। ये वही मर्द है जो अपने घर के लिए एक छाया ओर फल देने वाला वृक्ष बन जाता है।। ये वही मर्द है जो अपना निवाला भी बीवी, बच्चों के लिए बचा के रखता है ओर ये लड़कियां कहती है कि इन मर्दों का क्या भरोसा...!! ये वही मर्द है जो पूरे दिन काम करने के बाद भी नहीं थकते ओर लड़कियां खाना बनाते बनाते कहने लग जाती है कि पांव दर्द कर रहे हैं ।।। #𝙱𝚁𝙰𝙽𝙳𝙴𝙳_𝚂𝙷𝙰𝚈𝙰𝚁.....
3 608
मोहब्बत को मोहब्बत से संभाल कर देखो,
कभी किसी को अपना बना कर देखो ।।
बहुत आसान है दुनिया में पत्थर बन जाना,
कभी आँसू किसी के पोंछ कर देखो ।।
जो दिल में है, उसे लफ़्ज़ों में कह भी देना,
कभी ख़ामोशी को भी समझ कर देखो ।।
हर रिश्ते में ज़रूरी नहीं जीत ही हो,
कभी अपने अहं को हार कर देखो ।।
वो शख़्स जो तुम्हें बेवजह याद करता है,
कभी उसके ख़्वाबों में जाकर देखो ।।
बिछड़ना अगर मुक़द्दर में लिखा भी हो,
मोहब्बत को मगर आख़िरी साँस तक निभाकर देखो ।।
किसी की कमी जब रातों में रुलाए तुम्हें,
उसकी तस्वीरों को दिल से लगा कर देखो ।।
मोहब्बत सिर्फ़ पाने का नाम नहीं होता,
कभी किसी को खोकर भी प्यार करके देखो ।।
जो मिल जाए उसके दामन को शिद्दत से थाम लो,
जो दूर हो उसे दुआ में रख कर देखो ।।
ये ज़िंदगी फिर इतनी हसीन लगेगी,
किसी के दर्द को अपना बनाकर देखो ।।
मोहब्बत को मोहब्बत से संभाल कर देखो,
कभी किसी को दिल से चाह कर देखो ।।
चंंदन…✍🏼~शब्द_श्रृंगार🖋️
3 608
✍🏻उसने बोला प्यार है,, तो चांद तोड़ के लाओ मैने उसका मुंह ही तोड़ दिया मेरा चांद तो वही है ना
कुछ गलत किया क्या मैने 🤔
✍🏻
3 608
✍🏻Uska आखरी मैसेज था, बात नहीं करनी मुझे,,,,, और हम लिखते ही रह गये हुआ क्या,,, हुआ क्या....!!
✍🏻
