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अकबर के विरुद्ध चित्तौड़गढ़ आक्रमण के समय (1567-68 ई.) के समय कौन से लोक देवता युद्ध करते हुए मारे गए ab
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वीर कल्ला जी चित्तौड़ के तिसरे साके में अकबर के विरुद्ध लडते हुए ये वीरगति को प्राप्त हुएं।
वीर कल्ला जी को नागराज का अवतार माना जाता है।
चित्तौड़गढ़ दुर्ग में भैरव पोल पर कल्लाजी राठौड़ की एक छतरी बनी हुई है।
कल्लाजी राठौड़ के प्रसिद्ध योगी भैरवनाथ गुरु थे।
सामलिया (डूंगरपुर) में इनके काले पत्थर की प्रतिमा स्थापित हैं।
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सांथू गाँव (जालोर) में किस लोकदेवता का विशाल मन्दिर है जहाँ प्रतिवर्ष भादवा सुदी नवमी को मेला लगता है
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रामदेव जी ने एक संत मत का प्रारंभ किया जो आगे चलकर कामड़िया पंथ कहलाता है।
इनके प्रसिद्ध अनुयायी दलियाबाई,डालीबाई,हरजी राजपूत हैं।
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रामदेव जी के मंदिरों (देवरा) पर लगीं पंच रंगी पताका (रामदेव जी की ध्वजा) को नेजा कहा जाता है।
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रामदेव जी ने जैसलमेर के पोकरण के नजदीक रामदेवरा में राम सरोवर के किनारे 1458 ई. में जीवित समाधि ली।
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राजस्थानी लोकगीतों में गाए जाने वाला नेतल का भरतार किस लोक देवता के संदर्भ में है
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देवनारायण जी के पूजा स्थल आसींद (भीलवाड़ा) , जोधपुरिया गांव (टोंक) , देहमाली (पुष्कर) में स्थित है।
