1 012
Obunachilar
-124 soatlar
-47 kun
-2830 kun
Postlar arxiv
1 012
अकबर के विरुद्ध चित्तौड़गढ़ आक्रमण के समय (1567-68 ई.) के समय कौन से लोक देवता युद्ध करते हुए मारे गए ab
1 012
वीर कल्ला जी चित्तौड़ के तिसरे साके में अकबर के विरुद्ध लडते हुए ये वीरगति को प्राप्त हुएं।
वीर कल्ला जी को नागराज का अवतार माना जाता है।
चित्तौड़गढ़ दुर्ग में भैरव पोल पर कल्लाजी राठौड़ की एक छतरी बनी हुई है।
कल्लाजी राठौड़ के प्रसिद्ध योगी भैरवनाथ गुरु थे।
सामलिया (डूंगरपुर) में इनके काले पत्थर की प्रतिमा स्थापित हैं।
1 012
सांथू गाँव (जालोर) में किस लोकदेवता का विशाल मन्दिर है जहाँ प्रतिवर्ष भादवा सुदी नवमी को मेला लगता है
1 012
रामदेव जी ने एक संत मत का प्रारंभ किया जो आगे चलकर कामड़िया पंथ कहलाता है।
इनके प्रसिद्ध अनुयायी दलियाबाई,डालीबाई,हरजी राजपूत हैं।
1 012
रामदेव जी के मंदिरों (देवरा) पर लगीं पंच रंगी पताका (रामदेव जी की ध्वजा) को नेजा कहा जाता है।
1 012
रामदेव जी ने जैसलमेर के पोकरण के नजदीक रामदेवरा में राम सरोवर के किनारे 1458 ई. में जीवित समाधि ली।
1 012
राजस्थानी लोकगीतों में गाए जाने वाला नेतल का भरतार किस लोक देवता के संदर्भ में है
1 012
देवनारायण जी के पूजा स्थल आसींद (भीलवाड़ा) , जोधपुरिया गांव (टोंक) , देहमाली (पुष्कर) में स्थित है।
