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360 Degrees

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📈 Аналітичний огляд Telegram-каналу 360 Degrees

Канал 360 Degrees (@threesixtydegrees) у мовному сегменті Хінді є активним учасником. На даний момент спільнота об'єднує 16 492 підписників, посідаючи 13 100 місце в категорії Новини і ЗМІ та 24 453 місце у регіоні Індія.

📊 Показники аудиторії та динаміка

З моменту свого створення невідомо, проект продемонстрував стрімке зростання, зібравши аудиторію у 16 492 підписників.

За останніми даними від 09 жовтня, 2026, канал демонструє стабільну активність. Хоча за останні 30 днів спостерігається зміна кількості учасників на -178, а за останні 24 години на 0, загальне охоплення залишається високим.

  • Статус верифікації: Не верифікований
  • Рівень залученості (ER): Середній показник залученості аудиторії становить 16.01%. Протягом перших 24 годин після публікації контент зазвичай збирає 12.19% реакцій від загальної кількості підписників.
  • Охоплення публікацій: В середньому кожен допис отримує 2 638 переглядів. Протягом першої доби публікація в середньому набирає 2 008 переглядів.
  • Реакції та взаємодія: Аудиторія активно підтримує контент: середня кількість реакцій на один пост – 156.
  • Тематичні інтереси: Контент зосереджений навколо ключових тем, таких як भारत, चुनाव, बात, बंगाल, लोग.

📝 Опис та контентна політика

Автор описує ресурс як майданчик для висловлення суб'єктивної думки:
“News Views and Analysis Our Youtube Channel - https://youtube.com/@360degreesNVA Channel Owner FB profile - https://www.facebook.com/manishsharma4u?mibextid=ZbWKwL Twitter - https://twitter.com/360Degreesnva?t=dgTt_r-GthjyH_4-U5lEuA&s=09”

Завдяки високій частоті оновлень (останні дані отримано 10 жовтня, 2026), канал підтримує актуальність та високий рівень охоплення публікацій. Аналітика показує, що аудиторія активно взаємодіє з контентом, що робить його важливою точкою впливу в категорії Новини і ЗМІ.

16 492
Підписники
Немає даних24 години
-157 днів
-17830 днів
Архів дописів
The Cockroaches and Congress miscalculated this time. Cockroaches thought they could get any resignation when Pradhan resigned. The reality was that there was genuine anger in the society, including BJP supporters on NEET paper leak. This time, there is no public anger on SIR. You can't manufactue anger!

ये लीजिये... किसी रिपोर्टर ने दीपके के मुँह पर माइक ही मार दिया. पक्का कोई गोदी media वाला होगा 🤣🤣

दीपके, रांका, दास, राठी, वृंदा करात सहित अन्य कई नेता पकडे गए. एक बच कर भागा है.... वो राहुल गाँधी है... जो आज चेन्नई भाग गया 🤣🤣

भारतीय सेना सिलीगुड़ी 18 की जगह 3 घंटे में पहुंचेगी:डोकलाम विवाद के बाद 4 सुरक्षा-इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स शुरू, 2029 में
भारतीय सेना सिलीगुड़ी 18 की जगह 3 घंटे में पहुंचेगी:डोकलाम विवाद के बाद 4 सुरक्षा-इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स शुरू, 2029 में पूरे होंगे

बौना कौव्वा सोच रहा था कि क्रांति करूंगा... पुलिस से हवाई जहाज से ही उठवा लिया बेचारे को. CJP के अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को प्लेन से हिरासत में लिया गया 🤣🤣🤣

CJP के अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को प्लेन से हिरासत में लिया गया

अब इसकी गाँव का बनेगा गुड़गांवा। यो गुड़गांवा स प्रधान, यहाँ अच्छे अच्छे का मोर बना देते है
अब इसकी गाँव का बनेगा गुड़गांवा। यो गुड़गांवा स प्रधान, यहाँ अच्छे अच्छे का मोर बना देते है

चलिए एक खबर और लीजिये 😁 यूरोप में भी इस समय तेल की किल्लत है... पेट्रोल डीजल आदि के rates All Time High हैं.... यूक्रेन और इरान के युद्ध के कारण ग्लोबल Supply चैन वैसे ही बर्बाद हो चुकी है. ऐसे में यूरोप भला क्या करे अब क्या है... कि गरीब लोग, किसान, ट्रक ड्राइवर... Industries... और टेम्परेचर control systems तो यूरोप में भी हैं... सभी के लिए तेल चाहिए ऐसे में यूरोप का सबसे बड़ा सप्लायर बना है भारत. यूरोप में मिलने वाला 60% Refined तेल भारत ही भेजता है.... और उसमे भी सबसे बड़ा हिस्सा अम्बानी साहब के रिलायंस द्वारा भेजा जाता है. अरे वही अम्बानी... The Prime Minister अम्बानी... As per Elon Musk 😂😂 Reliance की कमाई में जबरदस्त उछाल आया है.... 38% का.. इस क्वार्टर में. यूरोप को भारत के Oil Export इस समय all Time High पर है. रिलायंस वाले अरबों कमा रहे हैं. थोड़ा बहुत Nayara वालों को भी मिल रहा है... क्यूंकि उन पर अमेरिकी प्रतिबन्ध लगे थे. अब रिलायंस पर प्रतिबन्ध लगाने की हिम्मत अमेरिका में है नहीं... वैसे भी अम्बानी साहब ही अमेरिका की मदद करेंगे... वेनेजुएला से तेल निकालने में.... ऐसे में ट्रम्प की हिम्मत नहीं जो अम्बानी को कुछ बोल दे. अब थोड़ा चमचों के हिसाब से सोचते हैं. इस तेल के खेल में Net Profit हो रहा है मोदी जी के परम मित्र अम्बानी जी का. तो क्या यह कहा जा सकता है.... कि अमेरिका रूस ने यूक्रेन वाला युद्ध... और फिर अमेरिका और इरान ने इरान वाला युद्ध इसलिए शुरू किया था... कि जिससे अम्बानी जी को अरबो का मुनाफा हो सके? ऐसे ही लॉजिक तो देते हैं यह लोग वैसे अगर इसमें 1% भी सच है... तो यह भारत के बढ़ते प्रभुत्व का एक बड़ा सबूत है. है ना चमचों 🤣🤣😂😂

Diplomacy का एक ही मूलमन्त्र होता है....अपना और अपने देश का फायदा या Interests देखना. ना इससे 1% इधर ना उधर कुछ होता है..... और ना यहाँ कोई Permanent दोस्त या दुश्मन ही होता है. यह post वैसे तो सभी के लिए है.... लेकिन वह लोग जरूर पढ़ें, जो हर बात में inchtape ले आते हैं... 56 इंच की छाती नापने... या फिर Surrender मोदी का नारा लगा कर जिन्हे Orgasm मिलता है. रूस और अमेरिका के बीच यूक्रेन के मुद्दे पर एक अघोषित युद्ध चल ही रहा है.... पिछले डेढ़ साल से अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबन्ध लगा रखा है... जो भी देश (भारत सहित) रूस से तेल खरीद रहे थे... सब पर Tariff लगा देता था अमेरिका. उधर इरान से युद्ध चल रहा है... जिस कारण Global Oil Supply हिली पड़ीहै... और इसका असर अमेरिका पर भी पड़ रहा है..... वहां भी तेल की कीमत आसमान छू रही है. अब ऐसे में ट्रम्प क्या करें... जिससे अमेरिका के किसानों, ट्रक चलाने वालों, और तेल का उपयोग करने वाले Industrialists का भला हो सके?? सोचिये. कुछ नहीं सोचना है.... सीधे रूस से डीजल खरीदना है. ट्रम्प ने लगाया पुतिन को फ़ोन... और अमेरिका ने रूस स डीजल Import करने की डील final कर ली. रूस अमेरिका को 3,00,000 टन डीजल अभी तुरंत देगा..... अगले महीने 5,00,000 टन और उसके बाद 1,00,000 टन डीजल देगा. इस डीजल से अमेरिकी लोगों का भला होगा तो क्या हम कह सकते हैं.... कि ट्रम्प ने पुतिन के सामने surrender कर दिया? या अमेरिका खुद पर ही रूसी तेल लेने के लिए Tariff लगाएगा? खैर.... इतना सोचने की जरूरत नहीं है.... जैसे भारत ने हमेशा कहा है... वह अपने देशवासियो की जरूरत को पूरा करने के लिए कहीं से भी तेल खरीदेगा... वैसे ही अमेरिका को भी अधिकार है. यह बात उन्हें समझनी चाहिए.... जो इन मुद्दों को morality का मुद्दा मान कर विधवा विलाप करने लगते हैं. हाँ... अमेरिका दोगला है... इसमें कोई शक नहीं. अब बात आती है... इस डील के असल Beneficiary की. रूस डीजल देगा अमेरिका को.... ठीक है लेकिन रूस के पास तो डीजल की कमी है. रूस को डीजल कहाँ से मिलता है?? भारत से 🤣🤣 जी हाँ.... रूस की जरूरत का 70% Refined Oil.. जिसमे डीजल पेट्रोल सब कुछ आता है... वह भारत से ही जाता है. भारत और रूस की संयुक्त रूप से बनाई गई कंपनी Nayara द्वारा यह वही कंपनी है.. जिस पर अमेरिका ने प्रतिबन्ध भी लगाए थे कुछ समय पहले..... आज उसी कंपनी का तेल अमेरिका के किसान, ट्रक ड्राइवर्स, और Industrialists उपयोग करेंगे. Nayara वही कंपनी है... जिसके सारे systems माइक्रोसॉफ्ट ने बंद कर दिए थे..... आज अमेरिकी उसी कंपनी द्वारा Refine किये गए डीज़ल पर निर्भर होंगे. है ना कमाल की बात. कमाल की बात एक और है... यह डील करने के साथ ही अमेरिका ने ग्लोबल Market में रूस के डीज़ल पर लगी रोक हटा दी है.... अब सभी देश रूस से डीजल खरीद सकते हैं. इसका फायदा रूस को होगा और भारत को भी होगा... क्यूंकि डीजल तो भारत ही बना कर देगा.... क्यूंकि रूस की refinery इस समय बंद हैं... यूक्रेन ने रूस की कई refineries पर हमला करके उन्हें बंद करवा दिया है. और रही बात भारत और रूस के बीच क्रूड oil के धंधे की.... तो एक साल पहले तक भारत हर महीने रूस से 1 मिलियन बैरल per day import किया करता था..... आज यह आंकड़ा 2.5 मिलियन बैरल per day के आस पास है. गजब surrender किया है मोदी ने... है ना चमचों 😂😂 उधर जोकर जेलिंस्की का रोना धोना शुरू हो गया है.... हाय अमेरिका ने धोखा दे दिया.. हाय अमेरिका रूस को fund कर रहा है. ट्रम्प उसके मुँह पर कुछ बिलियन डॉलर मारेगा....ज़ेलिंस्की चुप हो जायेगा.... यही तो करता आया है वो 😂😂

फ्रांस में एक पखवाड़े से हाई स्कूल (भारत के इंटर कॉलेज के समकक्ष) छात्रों के विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। संभव है कि छात्रों की मांगे वास्तविक हो; संभव है कुछ वास्तविक, कुछ अतिश्योक्ति। लेकिन विषय यह नहीं है। महत्वपूर्ण यह है सरकारी अधिकारियों ने कट्टर वामपंथी जां-ल्यूक मेलांशों पर छात्रों को भड़काने एवं अशांति फैलाने का आरोप लगाया है। मेलांशों स्वयं तीन बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ चुके है और अगले वर्ष चौथी बार चुनाव लड़ेंगे। पूर्व में वह कह चुके है कि कि फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान, कोई "गंभीर घटना या हत्या" होगी जिसका प्रयोग "मुसलमानों पर उंगली उठाने और गृहयुद्ध भड़काने" के लिए किया जाएगा। और राष्ट्रपति चुनावो के पूर्व ऐसी आतंकी घटनाओं को उन्होंने सत्तारूढ़ पक्ष द्वारा चुनाव को अपने फेवर में करने से लिंक किया था। मेलांशों एक सीमा से अधिक आय कमाने वालो पर 100 प्रतिशत आयकर लगाना चाहते है। एक सीमा से अधिक चल-अचल संपत्ति पर 100 प्रतिशत inheritance tax या उत्तराधिकार कर के पक्षधर है। इजराइल के कट्टर विरोधी है। फ्रांस के प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने फाइनेंसियल टाइम्स को बताया कि इंटेलिजेंस सर्विस का आंकलन है कि छात्र आंदोलन मेलांशों की पार्टी "और उसके कट्टर वामपंथी प्रॉक्सी" द्वारा आयोजित "एक चाल" है, जो अब शहरी हिंसा में कन्वर्ट हो गयी है। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण है कि राष्ट्रपति एमानुएल माक्रों की मुख्य प्रतिद्वंदी, मरीन ल्यो पैं ने भी अशांति के लिए मेलांशों को जिम्मेवार ठहराया है। फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव में ल्यो पैं ओपिनियन पोल में निकटतम प्रतिद्वंदी से दोगुना बढ़त बनाये हुए है और राष्ट्रीय असेंबली में उनकी पार्टी के सबसे अधिक सांसद है। ल्यो पैं ने एक नए "दंगा-रोधी" कानून की मांग करते हुए कहा, "ये अब स्टूडेंट विरोध प्रदर्शन नहीं हैं। ये प्रोफेशनल लोगों द्वारा आयोजित और मेलांशों के संसद सदस्यों की देखरेख में किए जाने वाले दंगे हैं।" ध्यान दीजिये, मरीन ल्यो पैं फ्रेंच राष्ट्रपति एमानुएल माक्रों की मुख्य प्रतिद्वंदी ही नहीं, बल्कि उनका मानना है कि माक्रों के कारण उन्हें चुनावी फंडिंग में तथाकथित अनियमितता के लिए चार साल की जेल और पांच साल तक किसी भी राजनीतिक पद के लिए चुनाव लड़ने पर रोक की सज़ा सुनाई गई थी, जिससे वह 2027 के फ्रांसीसी राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गई थीं। अपील की सुनवाई के बाद, उन्हें दोषी तो माना गया, लेकिन सज़ा को सस्पेंड कर दिया गया या कम कर दिया गया, जिससे उन्हें 2027 में चुनाव लड़ने की अनुमति मिल गई है। इतनी कड़वी प्रतिद्वंद्विता के बाद भी मरीन ल्यो पैं इस हिंसक प्रदर्शन के विरोध में खड़ी है। माक्रों सरकार का समर्थन कर रही है। क्योकि यह चुनाव जीतने का विषय नहीं है; यह फ्रांस को कट्टर वामपंथी हिंसा से बचाने का प्रश्न है। यह फ्रांस की सुरक्षा, एकता एवं अर्थव्यस्था को अक्षुण्ण रखने का संकल्प है। क्योंकि मरीन ल्यो पैं राष्ट्रवादी है। यही अंतर है मरीन ल्यो पैं एवं राहुल-कजरी में। यही अंतर है राष्ट्रवादियों एवं तिलचट्टों में। जब राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता एवं अर्थव्यस्था को अक्षुण्ण बनाये रखने का गंभीर काल होता है, तब नक्सली लोग तिलचट्टों के साथ खड़े हो जाते है। - अमित सिंघल जी

Starlink बेशक़ बहुत अच्छी तकनीक है. लेकिन भारत में इसको लाने के लिए कुछ Compliances पूरे करने जरूरी हैं... उनके बिना Starlink भारत में नहीं चलने वाला. Elon Musk कह रहे हैं कि Starlink भारत के गरीबों के लिए है...यह बहुत बड़ा झूठ है 34000 रूपए का One Time Installation चार्ज और 8600 रूपए का हर महीने का Rental कितने गरीब भारतीय दे पाएंगे?? शायद कोई नहीं. यहाँ Jio एयरटेल के रिचार्ज में 10 रूपए बढ़ने पर बवाल हो जाता है.... यहाँ साल के लाख रूपए कौन देगा.. Internet services के?? अमेरिका जैसे बेहद अमीर देश... जहाँ Per Capita Income भारत से कहीं ज्यादा है.. वहां भी Starlink के subscriber 2% से भी कम हैं. ऐसे में भारत में कोई गरीब क्यों Starlink की service लेगा?? मध्यम वर्ग और अमीरो के लिए तो वैसे ही 5G और High Speed Broadband या Lease Lines हैं.... उन्हें Starlink की जरूरत नहीं. ऐसे में Starlink के बजाय भारत की ही BSNL या Jio ही ना इस्तेमाल करेंगे लोग? ऐसे में Starlink के Potential Customers कौन हैं भारत में? कुछ Professionals हो सकते हैं... कुछ कंपनियां हो सकती हैं.. जो रिमोट एरिया में Operate करती हैं. या फिर? आतंकवादी संगठन..... नक्सल संगठन... शहरी नक्सली आदि. यही उपयोग करेंगे.... और करते भी हैं. दुनिया में कई बड़े आतंकी संगठनों के पास Starlink Terminals मिले हैं. और यह कोई Whatsapp ज्ञान नहीं है.... आप गूगल करके खुद पता लगा लीजिये. भारत सरकार की दो ही मांग हैं.... starlink के भारतीय customers का data भारत में रहे... और जरूरत पढ़ने पर भारत सरकार के पास Starlink की सेवाओं को रोकने के लिए Kill Switch हो. और इन्ही दोनों शर्तों पर बात अटकी है.... हालांकि भारत सरकार ने Initial लाइसेंस दे दिया है Starlink को. लेकिन ऊपर बताई दोनों शर्तों पर भारत सरकार अडिग हो गई है.... और Elon Musk को इसी से समस्या है. खैर... Musk अपनी समस्या देखें.. भारत को अपनी समस्याओं से लड़ना और निबटना आता है.

Detailed Post Below

ये Elon Musk तो बिलकुल ही पगला गया है 🤣🤣
ये Elon Musk तो बिलकुल ही पगला गया है 🤣🤣

कल कया होगा, देखा जाऐगा। पर एक दो बातें पक्की हैं ■ ये तिलचिट्टे भाजपा समरथकों के लिए फैवीकोल का काम करेंगे। इनकी अश्लीलता, अभद्रता इतनी बढती जा रही के आम जनता स्वीकार नहीं करेगी....,इनके विरोध में भाजपा और मोदी के पीछे खङी हो जाऐगी। ■ मोदी और मोटा भाई तिलचिटटों का भूत बङा बना कर दिखा रहे......जरूरत से ज्यादा हाईप कर रहे हैं....इससे राहुल गांधी की तिलमिलाहट और बङेगी..वो और पगलाऐगा ■ दिवाली से पहले सफाई होती है.....कीङे मकौङे निपट जाते हैं........ये भी निपट जाऐंगे।

'सिर्फ ज्ञानेश नहीं, सरकार को बर्खास्त करना होगा...', बोले राहुल गांधी, विपक्षी सांसदों संग राष्ट्रपति भवन के लिए निकले ये कत
'सिर्फ ज्ञानेश नहीं, सरकार को बर्खास्त करना होगा...', बोले राहुल गांधी, विपक्षी सांसदों संग राष्ट्रपति भवन के लिए निकले ये कतई पप्पू ही है.... कैसे बर्खास्त होगी सरकार? कोई हलवा है क्या? सड़क पर लेटने, पुलिस वालों को कोहनी मारने, barricade पर चढ़ कर pose देने से सरकारें नहीं बदलती. बाकि कांग्रेस की हालत तो आज चुनाव के results ने पता लग गई.... इन्हे लगता है social मीडिया पर हल्ला और तमाशा करने से सरकारें बदल जाती हैं.... बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं बेचारे 😂😂

BIG EMBARRASSMENT FOR CONGRESS JNU officially DISMISSES Congress MP & Professor Angomcha Bimol Akoijam with IMMEDIATE EFFECT.
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BIG EMBARRASSMENT FOR CONGRESS JNU officially DISMISSES Congress MP & Professor Angomcha Bimol Akoijam with IMMEDIATE EFFECT. – 11 students had lodged formal complaints over SEXUAL remarks & seeking FAVORS for marks post-viva exams against Congress MP.

Rahul! Surrender!
Rahul! Surrender!

नाना पाटेकर जी खुल कर और बेबाक बोलते थे...... उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था कि कोई उन्हें क्या कहेगा

Supreme Court ask Centre to take an appropriate decision on reconsidering Jantar Mantar as the designated protest venue, and re-designate another location. SC passes this direction after Solicitor General said Centre will consider re-designating another site. #Judiciary

Welcome to South Asia Compass 🌏 Your Daily Dose of South Asia News🧨 🔥 From politics to markets to security - South Asia Co
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