ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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Архів дописів
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ढलते दिसंबर से हो तुम
एक और पुरानी यादों को छोड़ने का जी नहीं चाहता
तो दूसरी और सामने हाथ थामने वाली ज़िंदगी से उम्मीदें ..... 🍂
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..... और तुम आसमान का वो नूर हो मेरी खातिर
जिसकी तलाश जाने कितने सितारों को है ।। 🌙
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खामोशी मेरी , बातें तुम्हारी
शामें मेरी , रातें तुम्हारी
सबसे महंगी लगती है मुझे
फुर्सतें मेरी , और मुलाकातें तुम्हारी 😌1 123
रोने से कहां मिलता है जीत का स्वर्णिम ताज यहां
किसकी मेहनत सच्ची है, रब सब जानता है
जाने कैसा है विजयी आसमान यहां
पहले एक उम्र की कैद मांगता है ।।।🔥🌈
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काश ! उस वक्त संभाल लिया होता , हमे ये मलाल आज भी है
नादान थी मैं तुम तो समझदार हुआ करते थे ,फिर कैसे टूट जाने दिया , ये सवाल आज भी है
रोज़ जाने कितने नए चेहरों से मिलते हैं हम
किसी रोज़ टकरा जाऊं तुमसे भी
हाए ! दिल को तेरा खयाल आज भी है 🥺❤️🍂
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You are so careless
Nohhh.... instead of this say -
तेरी नादान लापरवाहियों के मारे हैं
के हमे खयाल तुम्हारा , रखना पड़ता है।। 😌🩷
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बदनाम करती है ये दुनिया जिसके नाम से
खुदा कसम
उसे कभी जी भर कर देखा तक नहीं है ।।🥲❤️
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And when he says ..
Tujhe pasand hey dheema lahja
Or bas khamoshiyan
Me teri khatir apni khud ki saansen thaam lunga 🥹❤️
🎶🎶🎵🎵🎸
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दिल—ए—आरज़ू है कि
जब भी ये मेरे अल्फाज़ सांचे में ढले
मुझे किरदार देर से ही सही मगर
उनसे खूबसूरत मिले ❤️
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और मैं शीशे में देखूं ही क्यूं
तुम अल्फाजों से यकीन दिलाओ की मैं खूबसूरत हूं।। 🐣💕
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दिल की पहली पसंद की बात है
मां की पायल मुझे अब भी उसके दिए झुमकों से ज़्यादा सुकून देती हैं ।। ❤️
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तुम्हारे अल्फाज़ पढ़कर दिल जानने वाला मुश्किल से मिलता है
जी हां ! जी हां ! हर बात में कहने वाला
मुश्किल से मिलता है
और वो कहता है , मेरी जान
यूं नखरे न किया करो
मेरी तरह चाहने वाला मुश्किल से मिलता है 👀🐣
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