ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
رفتن به کانال در Telegram
1 123
مشترکین
-124 ساعت
-37 روز
+430 روز
آرشیو پست ها
1 123
ढलते दिसंबर से हो तुम
एक और पुरानी यादों को छोड़ने का जी नहीं चाहता
तो दूसरी और सामने हाथ थामने वाली ज़िंदगी से उम्मीदें ..... 🍂
1 123
..... और तुम आसमान का वो नूर हो मेरी खातिर
जिसकी तलाश जाने कितने सितारों को है ।। 🌙
1 123
खामोशी मेरी , बातें तुम्हारी
शामें मेरी , रातें तुम्हारी
सबसे महंगी लगती है मुझे
फुर्सतें मेरी , और मुलाकातें तुम्हारी 😌1 123
रोने से कहां मिलता है जीत का स्वर्णिम ताज यहां
किसकी मेहनत सच्ची है, रब सब जानता है
जाने कैसा है विजयी आसमान यहां
पहले एक उम्र की कैद मांगता है ।।।🔥🌈
1 123
काश ! उस वक्त संभाल लिया होता , हमे ये मलाल आज भी है
नादान थी मैं तुम तो समझदार हुआ करते थे ,फिर कैसे टूट जाने दिया , ये सवाल आज भी है
रोज़ जाने कितने नए चेहरों से मिलते हैं हम
किसी रोज़ टकरा जाऊं तुमसे भी
हाए ! दिल को तेरा खयाल आज भी है 🥺❤️🍂
1 123
You are so careless
Nohhh.... instead of this say -
तेरी नादान लापरवाहियों के मारे हैं
के हमे खयाल तुम्हारा , रखना पड़ता है।। 😌🩷
1 123
बदनाम करती है ये दुनिया जिसके नाम से
खुदा कसम
उसे कभी जी भर कर देखा तक नहीं है ।।🥲❤️
1 123
And when he says ..
Tujhe pasand hey dheema lahja
Or bas khamoshiyan
Me teri khatir apni khud ki saansen thaam lunga 🥹❤️
🎶🎶🎵🎵🎸
1 123
दिल—ए—आरज़ू है कि
जब भी ये मेरे अल्फाज़ सांचे में ढले
मुझे किरदार देर से ही सही मगर
उनसे खूबसूरत मिले ❤️
1 123
और मैं शीशे में देखूं ही क्यूं
तुम अल्फाजों से यकीन दिलाओ की मैं खूबसूरत हूं।। 🐣💕
1 123
दिल की पहली पसंद की बात है
मां की पायल मुझे अब भी उसके दिए झुमकों से ज़्यादा सुकून देती हैं ।। ❤️
1 123
तुम्हारे अल्फाज़ पढ़कर दिल जानने वाला मुश्किल से मिलता है
जी हां ! जी हां ! हर बात में कहने वाला
मुश्किल से मिलता है
और वो कहता है , मेरी जान
यूं नखरे न किया करो
मेरी तरह चाहने वाला मुश्किल से मिलता है 👀🐣
اکنون در دسترس! پژوهش تلگرام ۲۰۲۵ — مهمترین بینشهای سال 
