Riseup Classes [RAJASTHAN]
REET, RPSC एवं RSMSSB द्वारा विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों का विषय वार एवं टॉपिक वाइज संकलन Riseup Classes App पर उपलब्ध है।
Показати більше📈 Аналітичний огляд Telegram-каналу Riseup Classes [RAJASTHAN]
Канал Riseup Classes [RAJASTHAN] (@riseupclasses) у мовному сегменті Хінді є активним учасником. На даний момент спільнота об'єднує 12 255 підписників, посідаючи 16 529 місце в категорії Освіта та 34 518 місце у регіоні Індія.
📊 Показники аудиторії та динаміка
З моменту свого створення невідомо, проект продемонстрував стрімке зростання, зібравши аудиторію у 12 255 підписників.
За останніми даними від 15 червня, 2026, канал демонструє стабільну активність. Хоча за останні 30 днів спостерігається зміна кількості учасників на 64, а за останні 24 години на -3, загальне охоплення залишається високим.
- Статус верифікації: Не верифікований
- Рівень залученості (ER): Середній показник залученості аудиторії становить 32.00%. Протягом перших 24 годин після публікації контент зазвичай збирає 12.14% реакцій від загальної кількості підписників.
- Охоплення публікацій: В середньому кожен допис отримує 3 922 переглядів. Протягом першої доби публікація в середньому набирає 1 488 переглядів.
- Реакції та взаємодія: Аудиторія активно підтримує контент: середня кількість реакцій на один пост – 8.
- Тематичні інтереси: Контент зосереджений навколо ключових тем, таких як #riseup_classes, अभ्यर्थी, भर्ती, राजस्थान, अपडेट.
📝 Опис та контентна політика
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“REET, RPSC एवं RSMSSB द्वारा विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों का विषय वार एवं टॉपिक वाइज संकलन Riseup Classes App पर उपलब्ध है।”
Завдяки високій частоті оновлень (останні дані отримано 16 червня, 2026), канал підтримує актуальність та високий рівень охоплення публікацій. Аналітика показує, що аудиторія активно взаємодіє з контентом, що робить його важливою точкою впливу в категорії Освіта.
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| Дата | Залучення підписників | Згадування | Канали | |
| 15 червня | 0 | |||
| 14 червня | +1 | |||
| 13 червня | +4 | |||
| 12 червня | 0 | |||
| 11 червня | 0 | |||
| 10 червня | +5 | |||
| 09 червня | +9 | |||
| 08 червня | +1 | |||
| 07 червня | +2 | |||
| 06 червня | +11 | |||
| 05 червня | +13 | |||
| 04 червня | +5 | |||
| 03 червня | +14 | |||
| 02 червня | +10 | |||
| 01 червня | +23 |
| 2 | 📢 RSSB LDC भर्ती परीक्षा 2026 (10,644 पद)
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने LDC एवं कनिष्ठ सहायक भर्ती परीक्षा 2026 का कार्यक्रम और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
🗓️ परीक्षा तिथि: 5 जुलाई 2026 (रविवार)
⏰ प्रथम पारी: 9:30 बजे से 12:30 बजे तक
⏰ द्वितीय पारी: 3:00 बजे से 6:00 बजे तक
अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचे, पहचान पत्र एवं प्रवेश पत्र साथ रखें तथा OMR भरते समय विशेष सावधानी बरतें। बोर्ड ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से बचने और केवल आधिकारिक वेबसाइट की जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी है।
⚠️ नकल एवं अनुचित साधनों के प्रयोग पर कड़ी कानूनी कार्रवाई, भारी जुर्माना, कारावास तथा भविष्य की परीक्षाओं से डिबार किए जाने का प्रावधान है।
सफलता का मंत्र — अंतिम दिनों में अफवाहों से दूर रहें, निर्देशों का पालन करें और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें। ✨ | 847 |
| 3 | पीपराली (धोरीमन्ना) के सवाईराम माचरा की सफलता केवल सरकारी नौकरी पाने की कहानी नहीं, बल्कि एक माँ के संघर्ष और बेटे के संस्कारों की मिसाल है।
बचपन में पिता का साया उठ गया। माँ ने विद्यालय में पोषाहार बनाकर परिवार संभाला और बेटे की पढ़ाई जारी रखी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। सवाईराम ने भी माँ के त्याग को समझा और मात्र 20 वर्ष की आयु में सरकारी अध्यापक बनकर उनका सपना पूरा कर दिया।
परिणाम के बाद का दृश्य बेहद भावुक था। सवाईराम घर पहुँचते ही माँ के चरणों में नतमस्तक हो गए और सम्मान में मिली मालाएँ भी उन्हें पहनाईं। यह एक बेटे द्वारा अपनी सफलता का श्रेय माँ को देने का सुंदर उदाहरण था।
यह कहानी बताती है कि संघर्ष चाहे कितना भी बड़ा हो, यदि माँ का आशीर्वाद, अच्छे संस्कार और मेहनत साथ हों तो सफलता निश्चित है।
ऐसी संघर्षशील माँ और संस्कारी बेटे को ढेरों शुभकामनाएं। | 1 617 |
| 4 | सर, कमी स्वीकार करना और उसे सुधारने का प्रयास करना अच्छी बात है।
लेकिन जब कोई प्रश्न डिलीट होता है, तो उसका असर सीधे अभ्यर्थियों पर पड़ता है। जिसने सही उत्तर दिया और जिसने गलत उत्तर दिया, दोनों को समान अंक मिल जाते हैं। ऐसे में मेहनत करने वाले विद्यार्थी का नुकसान होता है।
भर्ती परीक्षाओं में एक-एक अंक बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए जरूरत इस बात की है कि प्रश्नपत्र निर्माण में ऐसी गलतियां कम से कम हों, ताकि किसी अभ्यर्थी के सपनों पर असर न पड़े।
— पुष्पेंद्र बेनिवाल (स्कूल व्याख्याता) | 1 918 |
| 5 | "एक गलत प्रश्न, हजारों सपनों पर भारी — गलती किसी की, सजा किसी और को क्यों ?"
प्रतियोगी परीक्षाओं की दुनिया में सबसे बड़ा भ्रम यह है कि हर बार परिणाम केवल मेहनत तय करती है। यदि ऐसा होता, तो शायद हजारों अभ्यर्थियों के मन में व्यवस्था को लेकर इतने प्रश्न न होते।
एक विद्यार्थी वर्षों तक किताबों के बीच अपना वर्तमान भूलकर भविष्य गढ़ने की कोशिश करता है। वह त्यौहार छोड़ देता है, दोस्तों से दूरी बना लेता है और अपने सपनों को साकार करने के लिए दिन-रात संघर्ष करता है। लेकिन कई बार परीक्षा के बाद होने वाली छोटी-सी प्रशासनिक त्रुटि उसकी पूरी यात्रा को प्रभावित कर देती है।
भर्ती परीक्षाओं में जब प्रश्नों पर आपत्तियाँ आती हैं और बाद में उन्हें हटाया जाता है, तब केवल प्रश्न नहीं हटते, बल्कि कई अभ्यर्थियों की बढ़त भी समाप्त हो जाती है। जिसने सही उत्तर दिया और जिसने गलत उत्तर दिया, दोनों एक ही स्थिति में खड़े हो जाते हैं। ऐसे में मेहनत और योग्यता के बीच का अंतर धुंधला पड़ने लगता है।
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि गलती किसी और की होती है, लेकिन उसका असर उस विद्यार्थी पर पड़ता है जिसने कोई गलती नहीं की। वह अपने हिस्से का संघर्ष पूरी ईमानदारी से करता है, फिर भी परिणाम पर उसका नियंत्रण नहीं रहता। कई बार कुछ अंकों का अंतर किसी को सरकारी सेवा तक पहुँचा देता है और किसी को वर्षों की तैयारी के बाद भी प्रतीक्षा में छोड़ देता है।
प्रतियोगी परीक्षा केवल प्रश्नों और उत्तरों का खेल नहीं है। यह लाखों परिवारों की उम्मीदों, युवाओं के आत्मविश्वास और उनके जीवन की दिशा से जुड़ा विषय है। इसलिए परीक्षा की शुद्धता और गुणवत्ता केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी है।
एक अभ्यर्थी हार को स्वीकार कर सकता है, यदि वह अपनी कमी से मिली हो। लेकिन जब निराशा का कारण व्यवस्था की चूक बन जाए, तब मन में प्रश्न उठना स्वाभाविक है। आखिर एक मेहनती विद्यार्थी से उसकी मेहनत का पूरा मूल्य क्यों छीन लिया जाए?
सफलता और असफलता के बीच की दूरी कभी-कभी केवल एक अंक की होती है, और वही एक अंक किसी के सपनों का भविष्य लिख सकता है। इसलिए भर्ती प्रक्रिया में हर प्रश्न, हर उत्तर और हर निर्णय उतना ही जिम्मेदार होना चाहिए, जितनी जिम्मेदारी से एक अभ्यर्थी अपनी तैयारी करता है।
- पुष्पेंद्र बेनिवाल (स्कूल व्याख्याता) | 2 205 |
| 6 | 30 दिन बाद वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) परीक्षा शुरू होने जा रही है। ऐसे में यह समय घबराने का नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तैयारी का है। हाल ही में आयोजित स्कूल व्याख्याता परीक्षा के प्रश्नपत्रों को देखने के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि RPSC अब रटने की बजाय अवधारणात्मक समझ, समसामयिक घटनाओं और तथ्यात्मक सटीकता पर अधिक ध्यान दे रही है।
वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह है कि करंट अफेयर्स पर विशेष ध्यान दें। द्वितीय श्रेणी परीक्षा में राजस्थान से संबंधित समसामयिक घटनाएँ पूछी जाती हैं। इसलिए मार्च, अप्रैल और मई 2026 के राजस्थान करंट अफेयर्स का गहन अध्ययन करें। सरकारी योजनाएँ, नियुक्तियाँ, पुरस्कार, खेल, बजट, महत्वपूर्ण उद्घाटन, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा राज्य सरकार की प्रमुख घोषणाएँ अच्छी तरह तैयार करें।
अगले 30 दिनों की रणनीति इस प्रकार होनी चाहिए—
• पहले 20 दिन विषयवार अध्ययन एवं कमजोर टॉपिक्स को मजबूत करने में लगाएँ।
• राजस्थान सामान्य ज्ञान एवं शिक्षा मनोविज्ञान को प्रतिदिन समय दें।
• पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और RPSC के हालिया प्रश्नों का विश्लेषण करें।
• प्रतिदिन 1–2 घंटे केवल करंट अफेयर्स के लिए निर्धारित करें।
• अंतिम 10 दिन केवल रिवीजन और मॉक टेस्ट को दें।
• परीक्षा के समय प्रबंधन और प्रश्न चयन की रणनीति पर विशेष ध्यान दें।
याद रखें, इस समय नई किताबें शुरू करने की बजाय पहले से पढ़े हुए विषयों का बार-बार पुनरावर्तन अधिक लाभदायक रहेगा। नियमित अध्ययन, मॉक टेस्ट और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी हैं।
आप सभी अभ्यर्थियों को आगामी वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा के लिए शुभकामनाएँ। पूरी मेहनत और सही रणनीति के साथ तैयारी करें, सफलता अवश्य मिलेगी। Best of Luck! 🌹📚
- पुष्पेंद्र बेनिवाल | 2 240 |
| 7 | हिंदी_2ndग्रेड_फाइनल_कट_ऑफ.pdf | 2 396 |
| 8 | set_notification.pdf | 2 373 |
| 9 | "रोज़ की रोज़ अस्तित्व की खोज"
आज परिचित शब्द ‘बेरोज़गारी’ पर मन ने कुछ सोचा। वह कुछ ऐसा है कि बेरोज़गार व्यक्ति की जीवनचर्या कैसी होती है और वह किस प्रकार स्वयं को साबित करने की जद्दोजहद में अपने अस्तित्व को बचाने के लिए कठिन कड़ियों से गुज़रता है।
इस कालखंड के दौरान वह समाज, परिवार और मित्रों के लिए अनुपयोगी समझा जाता है। साथ ही, किसी भी सामूहिक कार्यक्रम, मित्र-गोष्ठी या लॉजिकल डिबेट( तार्किक बहस) में उसकी उपस्थिति को नगण्य समझा जाता है। भले ही वह किसी विषय की गहरी जानकारी रखता हो, फिर भी उसके स्टेटमेंट्स को अपेक्षित महत्त्व नहीं मिलता तथा उसके प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया बरकरार रहता है। समाज का लगभग हर वर्ग उससे गुरेज़ करता है।
इन दिनों में सम्मान का एक तिनका भी उसे किसी सागर से कम नहीं लगता; परंतु दूर-दूर तक उसकी भावनाओं (feelings) को न तो कोई सम्मान देने वाला होता है और न ही समझने वाला। फिर भी उसमें धैर्य, संयम, सहनशीलता और आशा का अद्भुत समन्वय होता है। वह प्रत्येक व्यक्ति के साथ बड़े अदब और सलीके से व्यवहार करता है।
इस प्रकार स्वयं को कुंदन की तरह तपाकर वह यह दहलीज़ पार करता है और अपने अस्तित्व में निखार लाता है। "किंतु एक वास्तविक पहलू यह भी है कि अर्थप्रधान समाज में, जब तक आप अपने आर्थिक पक्ष को मज़बूत नहीं करेंगे और बेरोज़गारी में जीते रहेंगे, तब तक आपका कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं होगा। केवल साँसों का सिलसिला जारी रहेगा और आप मात्र ऑक्सीजन ग्रहणकर्ता बनकर रह जाएँगे।
ऐसी स्थिति में घर-परिवार, पड़ोसियों, मित्रों और रिश्तेदारों से अपार स्नेह की उम्मीद न पालें। वास्तविकता यह है कि आपकी उपयोगिता ही आपको सम्मान और शान से जीने का हक दिलाती है। अतः समय रहते अपनी उपयोगिता सिद्ध कीजिए।"
— हनुमान विश्नोई | 2 694 |
| 10 | ग्रेड_सेकंड_इंग्लिश_final_result_and_cut_off.pdf | 2 666 |
| 11 | level-1 cutoff.pdf | 2 729 |
| 12 | आचार्य रामचंद्र शुक्ल के ग्रंथ हिंदी साहित्य का इतिहास में उल्लेखित कुछ महत्वपूर्ण पत्र पत्रिकाएं | 3 381 |
| 13 | *राजस्थान प्री डीएलएड बीएसटीसी प्रवेश परीक्षा 2026 का परिणाम आज 3:00 बजे शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर घोषित करेंगे ✅*
◾Team Riseup Classes ◾ | 3 343 |
| 14 | ग्रेड_2nd_साइंस_अंतिम_कटऑफ_.pdf | 3 671 |
| 15 | 1st_Grade_भर्ती_2025_संशोधित_विज्ञप्ति.pdf | 3 846 |
| 16 | विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस हर वर्ष 7 जून को मनाया जाता है।
7 जून 2026 को मनाए गए विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की थीम "बोझ से समाधान तक – हर जगह सुरक्षित भोजन" (From burden to solutions – safe food everywhere) थी
इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर लोगों को खाद्य सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना है।
यह दिन यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक वैश्विक प्रयास है कि खाद्य प्रणाली अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और न्यायसंगत हो।
यह दिन यह भी याद दिलाता है कि असुरक्षित भोजन से गंभीर बीमारियां, मौतें और आर्थिक नुकसान हो सकते हैं।
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस का इतिहास:
इस दिवस को मनाने का निर्णय 2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा लिया गया था।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के संयुक्त प्रयासों से 2019 में पहली बार इसे वैश्विक स्तर पर मनाया गया।
◼️Team Riseup Classes ◼️ | 4 520 |
| 17 | group.A. ans key.pdf | 4 497 |
| 18 | प्राध्यापक_भर्ती_2025_मास्टर_प्रश्न_पत्र_Paper_01_ग्रुप_A.pdf | 4 481 |
| 19 | hindi ans key.pdf | 4 584 |
| 20 | प्राध्यापक_भर्ती_2025_मास्टर_प्रश्न_पत्र_विषय_Hindi_.pdf | 4 775 |
Вже доступно! Дослідження Telegram за 2025 — головні інсайти року 
