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Civil Services Study

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📈 Аналітичний огляд Telegram-каналу Civil Services Study

Канал Civil Services Study (@civilservices_study) у мовному сегменті Хінді є активним учасником. На даний момент спільнота об'єднує 11 270 підписників, посідаючи 17 434 місце в категорії Освіта та 34 768 місце у регіоні Індія.

📊 Показники аудиторії та динаміка

З моменту свого створення невідомо, проект продемонстрував стрімке зростання, зібравши аудиторію у 11 270 підписників.

За останніми даними від 27 серпня, 2026, канал демонструє стабільну активність. Хоча за останні 30 днів спостерігається зміна кількості учасників на -144, а за останні 24 години на -7, загальне охоплення залишається високим.

  • Статус верифікації: Не верифікований
  • Рівень залученості (ER): Середній показник залученості аудиторії становить 15.96%. Протягом перших 24 годин після публікації контент зазвичай збирає N/A% реакцій від загальної кількості підписників.
  • Охоплення публікацій: В середньому кожен допис отримує 0 переглядів. Протягом першої доби публікація в середньому набирає 0 переглядів.
  • Реакції та взаємодія: Аудиторія активно підтримує контент: середня кількість реакцій на один пост – 0.
  • Тематичні інтереси: Контент зосереджений навколо ключових тем, таких як प्रशांत, मृदा, तटरेखा, निर्माण, कारक.

📝 Опис та контентна політика

Автор описує ресурс як майданчик для висловлення суб'єктивної думки:
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Завдяки високій частоті оновлень (останні дані отримано 28 серпня, 2026), канал підтримує актуальність та високий рівень охоплення публікацій. Аналітика показує, що аудиторія активно взаємодіє з контентом, що робить його важливою точкою впливу в категорії Освіта.

11 270
Підписники
-724 години
-407 днів
-14430 день
Архів дописів
Application Form Start : 25/06/2026 Fee Last Date : 27/07/2026 Form Submission Last Date : 03/08/2026

UPPSC PCS 2026 Notification.pdf6.54 KB

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उत्तराखंड में स्थित इन पंच प्रयागों (उत्तर से दक्षिण के क्रम में) को याद रखने की आसान ट्रिक है: "विष्णु नन्द कर्ण, रुद्र देव
उत्तराखंड में स्थित इन पंच प्रयागों (उत्तर से दक्षिण के क्रम में) को याद रखने की आसान ट्रिक है: "विष्णु नन्द कर्ण, रुद्र देव के चरण" क्रमवार विवरण: विष्णु – विष्णुप्रयाग नन्द – नंदप्रयाग कर्ण – कर्णप्रयाग रुद्र – रुद्रप्रयाग देव – देवप्रयाग नदियों के संगम की जानकारी (अतिरिक्त संदर्भ के लिए): विष्णुप्रयाग: अलकनंदा और धौलीगंगा का संगम। नंदप्रयाग: अलकनंदा और नंदाकिनी का संगम। कर्णप्रयाग: अलकनंदा और पिंडर नदी का संगम। रुद्रप्रयाग: अलकनंदा और मंदाकिनी का संगम। देवप्रयाग: अलकनंदा और भागीरथी (यहाँ से आगे यह नदी गंगा कहलाती है) का संगम।

5. निम्नलिखित में से कौन सी नदी हिमाचल प्रदेश के लाहुल-स्पीति क्षेत्र में 'स्पीति नदी' (Spiti River) की मुख्य सहायक नदी है, जो बाद में सतलुज में मिल जाती है?
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4. सतलुज नदी तिब्बत से भारत में प्रवेश करते समय किस दर्रे (Pass) से होकर गुजरती है?
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3. रावी नदी (Ravi River) के उद्गम और प्रवाह के संबंध में कौन सा कथन सही है?
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2. किशनगंगा (Kishanganga) नदी, जो भारत और पाकिस्तान के बीच भू-राजनीतिक विवाद का कारण रही है, निम्नलिखित में से किसकी मुख्य सहायक नदी है?
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1. सिंधु नदी भारत में प्रवेश करने के बाद किन दो पर्वत श्रेणियों के मध्य से होकर बहती है?
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Q. 1928 में पहली बार प्रकाशित पुस्तक "गढ़वाल का इतिहास" के लेखक कौन हैं?
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Explanation : पर्वतीय कस्तूरी मृग (अल्पाइन कस्तूरी मृग) उत्तराखंड का राज्य पशु है। यह मुख्यतः पिथौरागढ़ (अस्कोट वन्यजीव अभयारण्य), चमोली (केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य और कांचुला खर्क) और उत्तरकाशी (गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान) के 2,500 से 4,500 मीटर ऊंचे अल्पाइन क्षेत्रों में पाया जाता है।

Q. उत्तराखंड में कुल कितने वन्य जीव अभ्यारण (Wildlife Sanctuaries) हैं?
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Ok, mill gaya.

किसी के पास UPSC CSE Prelims 2026 GS Paper-1 प्रारंभिक परीक्षा का हिंदी में प्रश्न पत्र हो तो व्हाट्सएप पर सेंड करिए। 9560112583

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भारतीय संविधान ने अध्यादेश (Ordinance) जारी करने की शक्ति मुख्य रूप से दो प्रमुख अधिकारियों को प्रदान की है राष्ट्रपति (President): अनुच्छेद 123 के तहत, जब संसद (लोकसभा/राज्यसभा) के दोनों सदन सत्र में न हों और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता हो, तो राष्ट्रपति अध्यादेश जारी कर सकते हैं। यह केंद्र सरकार की सिफारिश पर होता है। राज्यपाल (Governor): अनुच्छेद 213 के तहत, जब राज्य विधानसभा (या विधान परिषद) सत्र में न हो, तो राज्यपाल संबंधित राज्य के लिए अध्यादेश जारी कर सकते हैं।