uk
Feedback
Study with देव

Study with देव

Відкрити в Telegram

Tag line:- "Actions Speak Louder Than Words". Public Health Nursing Officer (Level-8)

Показати більше

📈 Аналітичний огляд Telegram-каналу Study with देव

Канал Study with देव (@studywithdev978) у мовному сегменті Англійська є активним учасником. На даний момент спільнота об'єднує 10 833 підписників, посідаючи 18 375 місце в категорії Освіта та 37 200 місце у регіоні Індія.

📊 Показники аудиторії та динаміка

З моменту свого створення невідомо, проект продемонстрував стрімке зростання, зібравши аудиторію у 10 833 підписників.

За останніми даними від 02 липня, 2026, канал демонструє стабільну активність. Хоча за останні 30 днів спостерігається зміна кількості учасників на -23, а за останні 24 години на -3, загальне охоплення залишається високим.

  • Статус верифікації: Не верифікований
  • Рівень залученості (ER): Середній показник залученості аудиторії становить 21.68%. Протягом перших 24 годин після публікації контент зазвичай збирає 13.20% реакцій від загальної кількості підписників.
  • Охоплення публікацій: В середньому кожен допис отримує 2 350 переглядів. Протягом першої доби публікація в середньому набирає 1 431 переглядів.
  • Реакції та взаємодія: Аудиторія активно підтримує контент: середня кількість реакцій на один пост – 5.
  • Тематичні інтереси: Контент зосереджений навколо ключових тем, таких як nursing, officer, आयोग, अध्यक्ष, rrb.

📝 Опис та контентна політика

Автор описує ресурс як майданчик для висловлення суб'єктивної думки:
Tag line:- "Actions Speak Louder Than Words". Public Health Nursing Officer (Level-8)

Завдяки високій частоті оновлень (останні дані отримано 03 липня, 2026), канал підтримує актуальність та високий рівень охоплення публікацій. Аналітика показує, що аудиторія активно взаємодіє з контентом, що робить його важливою точкою впливу в категорії Освіта.

10 833
Підписники
-324 години
+97 днів
-2330 день
Архів дописів
NHM STAFF NURSE वालो आप सभी को ALL THE BEST आज के पेपर का सोल्यूशन सबसे पहले आपको मिलेगा अपने टेलीग्राम चैनल पर ज्वाइन कर लेना https://t.me/DEVNURSINGOFFICER

KGMU+SGPGI NON NURSING ONLY RS 139 (OFFER TILL 16 JUNE) BUY COMBO KGMU PACK SGPGI AUTOMATIC ADD THIS BATCH

जिनको चाहिए था रिएक्शन दो अब

photo content

All the best All champions कल का पेपर सोल्यूशन अपन टेलीग्राम पर ही करेंगे बिना किसी टाइम को खराब करे Join कर लो टेलीग्राम को https://t.me/DEVNURSINGOFFICER

नमस्कार दोस्तों कल आप सभी लोग राजस्थान एनएचएम स्टाफ नर्स या राजमेश नर्स ग्रेड सेकंड का एग्जाम देने जा रहे हो तो आप सभी लोग एग्जाम देते वक्त प्रश्न को सही तरीके से और धैर्य पूर्ण जरूर पड़े क्योंकि राजस्थान CHO परीक्षा में कॉपी क्वेश्चन ऐसे आए हैं जिनमें NOT की वजह से कॉफी क्वेश्चंस के आंसर्स बदल गए हैं कुछ छात्रों ने नोट को सही तरीके से पढ़ा नहीं और डायरेक्ट आंसर ठीक कर दिया बिना क्वेश्चन को अच्छे से पढ़े तो अब आप एचएम की इस परीक्षा में मुझे उम्मीद है ऐसी दोबारा से गलती नहीं करोगे अगर आप एक छोटी सी गलती करते हो तो ऐसी वैकेंसी आपको दोबारा देखने को नहीं मिलेगी सभी छात्रों को आपके एग्जाम के लिए अग्रिम शुभकामनाएं आप अपना बेस्ट दीजिए रिजल्ट वही आएगा जो आपने मेहनत करी है ALL THE BEST EVERYONE

प्रश्न 106: मानव में गुणसूत्रों की संख्या है: (A) 23 जोड़े (B) 23 (C) 46 जोड़े (D) 46 (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) 23 जोड़े या (D) 46 व्याख्या: मानव शरीर की सामान्य कोशिकाओं (सोमैटिक कोशिकाएँ) में 46 गुणसूत्र होते हैं। ये गुणसूत्र 23 जोड़े में व्यवस्थित होते हैं। 22 जोड़े ऑटोसोम (अलैंगिक गुणसूत्र) होते हैं। 1 जोड़ा लिंग गुणसूत्र होते हैं (महिलाओं में XX और पुरुषों में XY)।

प्रश्न 105: निकोटीनिक अम्ल की कमी से होता है: (A) पेलाग्रा (B) बेरी-बेरी (C) स्कर्वी (D) रिकेट्स (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) पेलाग्रा व्याख्या: निकोटीनिक अम्ल (Nicotinic acid), जिसे नियासिन (Niacin) या विटामिन B3 भी कहा जाता है, एक आवश्यक विटामिन है। इसकी कमी से पेलाग्रा (Pellagra) नामक रोग होता है। पेलाग्रा के मुख्य लक्षण "3 D's" के रूप में जाने जाते हैं: Dermatitis (डर्मेटाइटिस): त्वचा की सूजन, विशेष रूप से सूर्य के संपर्क वाले क्षेत्रों में। Diarrhea (डायरिया): दस्त। Dementia (डिमेंशिया): मानसिक भ्रम या संज्ञानात्मक हानि। यदि अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो यह मृत्यु (4th D) का कारण भी बन सकता है। अन्य विकल्प: (B) बेरी-बेरी (Beriberi): विटामिन B1 (थायमिन) की कमी से होता है। (C) स्कर्वी (Scurvy): विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) की कमी से होता है। (D) रिकेट्स (Rickets): विटामिन D की कमी से होता है।

प्रश्न 104: निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें: (A) a-1, b-3, c-4, d-2 (B) a-2, b-4, c-1, d-3 (C) a-3, b-1, c-2, d-4 (D)
प्रश्न 104: निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें: (A) a-1, b-3, c-4, d-2 (B) a-2, b-4, c-1, d-3 (C) a-3, b-1, c-2, d-4 (D) a-4, b-2, c-3, d-1 (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) a-1, b-3, c-4, d-2 व्याख्या: आइए प्रत्येक रोग को उसके प्रमुख लक्षण से मिलाएं: a. डिप्थीरिया (Diphtheria): यह एक गंभीर जीवाणु संक्रमण है जो गले और टॉन्सिल को प्रभावित करता है। इसका एक विशिष्ट लक्षण टॉन्सिल और गले में एक भूरे रंग की झिल्ली (pseudomembrane) (1) का निर्माण है, जो सांस लेने में कठिनाई पैदा कर सकती है। b. टिटनेस (Tetanus): यह जीवाणु संक्रमण मांसपेशियों में गंभीर ऐंठन का कारण बनता है। इसका एक प्रमुख लक्षण मांसपेशियों में ऐंठन और कठोरता (3) है, विशेष रूप से जबड़े की मांसपेशियों में, जिसे "लॉकजॉ" भी कहा जाता है। c. काली खांसी (Pertussis/Whooping Cough): यह एक अत्यधिक संक्रामक श्वसन संक्रमण है। इसका नाम खाँसी के बाद आने वाली विशिष्ट गहरी 'हूप' ध्वनि (4) के कारण पड़ा है। d. हैजा (Cholera): यह एक तीव्र अतिसार रोग है। इसका मुख्य लक्षण दस्त और उल्टी (2) है, जो तेजी से निर्जलीकरण (dehydration) का कारण बन सकता है।

45 Question का सोल्यूशन करवाऊं या रहने दु क्योंकि आपका रिस्पॉन्स नहीं आ रहा

प्रश्न 103: 'बैठक नियोजन' के विभिन्न चरणों का सही क्रम है: (A) विज्ञापन देना → भौतिक व्यवस्था → स्थान का चयन → वक्ता का चयन (B) वक्ता का चयन → विषय व स्थान का चयन → विज्ञापन देना → भौतिक व्यवस्था (C) भौतिक व्यवस्था → विषय व स्थान का चयन → वक्ता का चयन → विज्ञापन देना (D) विषय व स्थान का चयन → विज्ञापन देना → वक्ता का चयन → भौतिक व्यवस्था (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (D) विषय व स्थान का चयन → विज्ञापन देना → वक्ता का चयन → भौतिक व्यवस्था व्याख्या: एक प्रभावी बैठक नियोजन में निम्नलिखित तार्किक क्रम का पालन किया जाता है: विषय व स्थान का चयन (Selection of Topic and Venue): किसी भी बैठक को आयोजित करने से पहले, यह तय करना महत्वपूर्ण है कि बैठक का उद्देश्य या विषय क्या होगा और यह कहाँ आयोजित की जाएगी। विज्ञापन देना (Advertising): एक बार जब विषय और स्थान तय हो जाता है, तो बैठक के बारे में जानकारी का विज्ञापन करके प्रतिभागियों को सूचित किया जाता है। वक्ता का चयन (Selection of Speaker): विज्ञापन के बाद, बैठक के विषय के लिए उपयुक्त वक्ताओं का चयन किया जाता है। भौतिक व्यवस्था (Physical Arrangements): अंत में, बैठक के लिए आवश्यक भौतिक व्यवस्थाएं (जैसे बैठने की व्यवस्था, उपकरण, जलपान आदि) की जाती हैं।

प्रश्न 102: फेफड़ों को घेरने वाली दोहरी सीरस झिल्ली कहलाती है: (A) प्लूरा (B) वायुकोशीय केशिका झिल्ली (C) इनफन्डिबुला (D) श्वसनी (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) प्लूरा व्याख्या: फेफड़ों को घेरने वाली दोहरी सीरस झिल्ली को प्लूरल झिल्ली (Pleura) या केवल प्लूरा (Pleura) कहा जाता है। इसमें दो परतें होती हैं: आंतरिक (Visceral Pleura): जो सीधे फेफड़ों की सतह से जुड़ी होती है। बाहरी (Parietal Pleura): जो छाती गुहा की आंतरिक दीवार से जुड़ी होती है। इन दोनों परतों के बीच एक पतली गुहा होती है जिसे प्लूरल कैविटी (pleural cavity) कहते हैं, जिसमें थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थ होता है जो साँस लेते समय फेफड़ों को आसानी से फिसलने में मदद करता है। (B) वायुकोशीय केशिका झिल्ली (Alveolar-capillary membrane) फेफड़ों में वह स्थान है जहाँ गैसों का आदान-प्रदान होता है। (C) इनफन्डिबुला (Infundibula) शरीर के अन्य अंगों में भी पाए जा सकते हैं, लेकिन फेफड़ों से सीधे संबंधित नहीं। (D) श्वसनी (Bronchi) वे नलिकाएँ हैं जो ट्रेकिया (श्वास नली) से फेफड़ों में हवा ले जाती हैं।

प्रश्न 101: महिला प्रजनन तंत्र के बाह्य अंगों को सामूहिक रूप से क्या कहा जाता है? (A) पेरिटोनियम (B) योनि (C) श्रोणि (D) वुल्वोवजाइनल प्लेक्सस (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (B) योनि व्याख्या: महिला प्रजनन तंत्र के बाह्य अंगों को सामूहिक रूप से योनि (Vulva) कहा जाता है। वुल्वा में लेबिया मेजोरा (labia majora), लेबिया मिनोरा (labia minora), क्लिटोरिस (clitoris) और योनि छिद्र (vaginal opening) शामिल होते हैं। (A) पेरिटोनियम (Peritoneum) उदर गुहा को अस्तर करने वाली झिल्ली है। (C) श्रोणि (Pelvis) शरीर के निचले धड़ का वह हिस्सा है जो रीढ़ को पैरों से जोड़ता है। (D) वुल्वोवजाइनल प्लेक्सस (Vulvovaginal Plexus) रक्त वाहिकाओं और तंत्रिकाओं का एक नेटवर्क है।

प्रश्न 100: चिकित्सीय गर्भपात अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया था? (A) 1968 (B) 1970 (C) 1971 (D) 1978 (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (C) 1971 व्याख्या: भारत में चिकित्सकीय गर्भपात अधिनियम (M.T.P. - Medical Termination of Pregnancy Act) वर्ष 1971 में पारित किया गया था। इस अधिनियम का उद्देश्य कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में पंजीकृत चिकित्सकों द्वारा गर्भपात की कानूनी अनुमति देना है। हाल ही में, इस अधिनियम में 2021 में संशोधन किए गए हैं।

प्रश्न 99: डायफ्राम को वर्गीकृत किया गया है: (A) मांस्पेशी के रूप में में (B) उपास्थि के रूप में में (C) हड्डी के रूप में (D) ऊतक के रूप में (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) मांस्पेशी के रूप में में व्याख्या: डायाफ्राम (Diaphragm) एक बड़ी, गुंबद के आकार की मांसपेशी (muscle) है जो छाती गुहा (thoracic cavity) को उदर गुहा (abdominal cavity) से अलग करती है। यह श्वसन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब डायफ्राम सिकुड़ता है, तो यह नीचे की ओर बढ़ता है, जिससे फेफड़ों में हवा भर जाती है। जब यह शिथिल होता है, तो यह ऊपर की ओर बढ़ता है, जिससे फेफड़ों से हवा बाहर निकल जाती है।

प्रश्न 98: गर्भावस्था के तीसरे सप्ताह से आठवें सप्ताह तक की अवधि को क्या कहा जाता है? (A) ओव्यूलर (अंड) काल (B) सेलुलर (कोशिकीय) काल (C) भ्रूणीय काल (D) युग्मनज काल (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (C) भ्रूणीय काल व्याख्या: मानव विकास में गर्भावस्था की अवधि को विभिन्न चरणों में विभाजित किया जाता है: युग्मनज काल (Zygotic/Germinal Period): निषेचन से लेकर लगभग 2 सप्ताह तक। यह वह अवधि है जब युग्मनज (zygote) बनता है और गर्भाशय की दीवार में आरोपण (implantation) होता है। भ्रूणीय काल (Embryonic Period): यह गर्भावस्था के तीसरे सप्ताह से आठवें सप्ताह तक होता है। इस दौरान प्रमुख अंगों और शरीर प्रणालियों का तेजी से विकास होता है। इस अवधि में भ्रूण विशेष रूप से पर्यावरणीय कारकों के प्रति संवेदनशील होता है। गर्भावस्था काल (Fetal Period): यह नौवें सप्ताह से जन्म तक होता है। इस दौरान अंगों और ऊतकों का परिपक्वन और वृद्धि होती है।

प्रश्न 97: दुर्बलता (इम्पेयरमेंट), विकलांगता (डिसएबिलिटी) और अपंगताओं का अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण (ICIDH) पहली बार WHO द्वारा किस वर्ष में प्रकाशित किया गया था? (A) 1980 (B) 1985 (C) 1990 (D) 1995 (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) 1980 व्याख्या: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार विकलांगता के वर्गीकरण के लिए दुर्बलता, विकलांगता और अपंगता का अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण (International Classification of Impairments, Disabilities and Handicaps - ICIDH) को 1980 में प्रकाशित किया था। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के परिणामों को वर्गीकृत करने के लिए एक ढाँचा प्रदान करना था। बाद में, 2001 में इसे और अधिक व्यापक और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्यात्मकता, विकलांगता और स्वास्थ्य का अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण (International Classification of Functioning, Disability and Health - ICF) द्वारा प्रतिस्थापित किया गया।

प्रश्न 96: गर्भपात का प्रकार जिसमें गर्भाशय अपने अंदर के पदार्थ को स्वयं ही बाहर निकाल देता है? (A) सेप्टिक गर्भपात (B) इनड्यूस्ड (प्रेरित) गर्भपात (C) अनिवार्य गर्भपात (D) अधूरा गर्भपात (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (C) अनिवार्य गर्भपात व्याख्या: जब गर्भाशय अपने अंदर के भ्रूण और संबंधित ऊतकों को बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के स्वतः ही बाहर निकाल देता है, तो इसे अनिवार्य गर्भपात (Inevitable Abortion) कहा जाता है। यह अक्सर तब होता है जब योनि से रक्तस्राव होता है, गर्भाशय ग्रीवा फैल जाती है, और गर्भपात की प्रक्रिया शुरू हो चुकी होती है जिसे रोका नहीं जा सकता। (A) सेप्टिक गर्भपात (Septic Abortion) एक गर्भपात है जिसमें गर्भाशय में संक्रमण होता है, जो स्वतः निष्कासन का प्रकार नहीं है। (B) इनड्यूस्ड (प्रेरित) गर्भपात (Induced Abortion) वह गर्भपात होता है जो जानबूझकर चिकित्सा हस्तक्षेप द्वारा किया जाता है। (D) अधूरा गर्भपात (Incomplete Abortion) वह स्थिति है जहाँ गर्भधारण के सभी उत्पाद गर्भाशय से बाहर नहीं निकलते हैं, कुछ ऊतक अंदर रह जाते हैं। निष्कासन स्वतः होता है, लेकिन अधूरा होता है।

प्रश्न 95: बच्चे के जन्म के बाद योनि मार्ग, मूत्र मार्ग, स्तन या श्वसनली के संक्रमण को कहा जाता है? (A) प्री-एक्लेम्पसिया (B) सेप्टीसीमिया (C) वेजिनोसिस (D) प्यूरपेरल सेप्सिस (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (D) प्यूरपेरल सेप्सिस व्याख्या: बच्चे के जन्म के बाद (प्रसवोत्तर अवधि) माँ को होने वाले संक्रमण को प्यूरपेरल सेप्सिस (Puerperal Sepsis) कहा जाता है। यह प्रसव के बाद 24 घंटे से लेकर 6 सप्ताह तक योनि मार्ग, गर्भाशय, मूत्र मार्ग या अन्य प्रजनन अंगों में होने वाले किसी भी संक्रमण को संदर्भित करता है। यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है। (A) प्री-एक्लेम्पसिया (Pre-eclampsia) गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप और अंगों की क्षति की स्थिति है, संक्रमण नहीं। (B) सेप्टीसीमिया (Septicemia) रक्त में जीवाणुओं की उपस्थिति है जो पूरे शरीर में गंभीर संक्रमण का कारण बनता है, हालांकि प्यूरपेरल सेप्सिस सेप्टीसीमिया का कारण बन सकता है, यह सामान्यीकृत संक्रमण का नाम है। (C) वेजिनोसिस (Vaginosis) योनि का एक जीवाणु संक्रमण है, जो प्रसवोत्तर संक्रमणों में से एक हो सकता है लेकिन यह सामान्य शब्द नहीं है जो सभी उल्लिखित संक्रमणों को कवर करता है।