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Dabra Classes Jaipur

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📈 Аналітичний огляд Telegram-каналу Dabra Classes Jaipur

Канал Dabra Classes Jaipur (@dabraclasses) у мовному сегменті Хінді є активним учасником. На даний момент спільнота об'єднує 51 263 підписників, посідаючи 3 390 місце в категорії Освіта та 6 972 місце у регіоні Індія.

📊 Показники аудиторії та динаміка

З моменту свого створення невідомо, проект продемонстрував стрімке зростання, зібравши аудиторію у 51 263 підписників.

За останніми даними від 08 жовтня, 2026, канал демонструє стабільну активність. Хоча за останні 30 днів спостерігається зміна кількості учасників на 965, а за останні 24 години на -11, загальне охоплення залишається високим.

  • Статус верифікації: Не верифікований
  • Рівень залученості (ER): Середній показник залученості аудиторії становить 12.98%. Протягом перших 24 годин після публікації контент зазвичай збирає 5.99% реакцій від загальної кількості підписників.
  • Охоплення публікацій: В середньому кожен допис отримує 6 658 переглядів. Протягом першої доби публікація в середньому набирає 3 071 переглядів.
  • Реакції та взаємодія: Аудиторія активно підтримує контент: середня кількість реакцій на один пост – 35.
  • Тематичні інтереси: Контент зосереджений навколо ключових тем, таких як 2026, मेरिस्टेम, डाबरा, प्रश्न, ncert.

📝 Опис та контентна політика

Автор описує ресурс як майданчик для висловлення суб'єктивної думки:
“🙏Most welcome Dabra Classes jaipur 🙏Free Live Class SSC/RAILWAY /POLICE/SI/CET/CTET & All Competition Exam’s Subscribe Dabra Classes YouTube Channel ✅https://youtube.com/@dabraclassesjaipurscienceb7791”

Завдяки високій частоті оновлень (останні дані отримано 09 жовтня, 2026), канал підтримує актуальність та високий рівень охоплення публікацій. Аналітика показує, що аудиторія активно взаємодіє з контентом, що робить його важливою точкою впливу в категорії Освіта.

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📌 त्वरित पुनरावृत्ति: 🔹 द्विविस्थापन → आयनों का आदान-प्रदान 🔹 अवक्षेप → अघुलनशील ठोस पदार्थ 🔹 बेरियम सल्फेट → सफेद अवक्षेप 🔹 लेड आयोडाइड → पीला अवक्षेप 🔹 सोडियम क्लोराइड → विलयन में घुला रहता है 🔹 क्रियाकलाप 1.10 → द्विविस्थापन एवं अवक्षेपण अभिक्रिया 📲 Download Dabra Classes Jaipur Application 👨‍🏫 Science By–डाबरा सर

☑ सही उत्तर: (A) इसमें आयनों का आदान-प्रदान होता है और अघुलनशील बेरियम सल्फेट बनता है। 📖 व्याख्या: इस अभिक्रिया का वर्गीकरण दो आधारों पर किया जाता है: • आयनों के आदान-प्रदान के कारण यह द्विविस्थापन अभिक्रिया है। • अघुलनशील ठोस बनने के कारण यह अवक्षेपण अभिक्रिया है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) 🧾 पदार्थों के नाम: सोडियम सल्फेट + बेरियम क्लोराइड → बेरियम सल्फेट + सोडियम क्लोराइड ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–57. निम्नलिखित दो अभिक्रियाओं में बनने वाले अवक्षेपों के रंगों का सही मिलान कौन-सा है? अभिक्रिया–1: लेड नाइट्रेट का विलयन + पोटैशियम आयोडाइड का विलयन अभिक्रिया–2: सोडियम सल्फेट का विलयन + बेरियम क्लोराइड का विलयन A) अभिक्रिया–1: सफेद; अभिक्रिया–2: पीला B) अभिक्रिया–1: पीला; अभिक्रिया–2: सफेद C) अभिक्रिया–1: नीला; अभिक्रिया–2: भूरा D) अभिक्रिया–1: भूरा; अभिक्रिया–2: हरा ☑ सही उत्तर: (B) अभिक्रिया–1: पीला; अभिक्रिया–2: सफेद। 📖 व्याख्या: पहली अभिक्रिया में पीला लेड आयोडाइड तथा दूसरी में सफेद बेरियम सल्फेट बनता है। ⚗️ अभिक्रिया–1: Pb(NO₃)₂(aq) + 2KI(aq) → PbI₂(s) + 2KNO₃(aq) 🧾 नाम: लेड नाइट्रेट + पोटैशियम आयोडाइड → लेड आयोडाइड + पोटैशियम नाइट्रेट ⚗️ अभिक्रिया–2: Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) 🧾 नाम: सोडियम सल्फेट + बेरियम क्लोराइड → बेरियम सल्फेट + सोडियम क्लोराइड दोनों द्विविस्थापन एवं अवक्षेपण अभिक्रियाएँ हैं। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–58. निम्नलिखित में से किस विकल्प में पहली अभिक्रिया विस्थापन तथा दूसरी अभिक्रिया द्विविस्थापन की है? A) पहली: लोहे की कॉपर सल्फेट से अभिक्रिया; दूसरी: सोडियम सल्फेट की बेरियम क्लोराइड से अभिक्रिया B) पहली: कैल्सियम कार्बोनेट का ऊष्मीय वियोजन; दूसरी: मैग्नीशियम का दहन C) पहली: सोडियम सल्फेट की बेरियम क्लोराइड से अभिक्रिया; दूसरी: लोहे की कॉपर सल्फेट से अभिक्रिया D) पहली: जल का विद्युत अपघटन; दूसरी: सिल्वर क्लोराइड का प्रकाशीय वियोजन ☑ सही उत्तर: (A) पहली: लोहे की कॉपर सल्फेट से अभिक्रिया; दूसरी: सोडियम सल्फेट की बेरियम क्लोराइड से अभिक्रिया। 📖 व्याख्या: पहली अभिक्रिया में आयरन, कॉपर को उसके यौगिक से हटाता है। दूसरी में दो यौगिकों के आयनों का आदान-प्रदान होता है। ⚗️ विस्थापन: Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s) 🧾 नाम: आयरन + कॉपर सल्फेट → फेरस सल्फेट + कॉपर ⚗️ द्विविस्थापन: Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) 🧾 नाम: सोडियम सल्फेट + बेरियम क्लोराइड → बेरियम सल्फेट + सोडियम क्लोराइड ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔥 Q–59. कठिन प्रश्न — समीकरण संतुलन एक विद्यार्थी सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड की अभिक्रिया में बेरियम सल्फेट तथा सोडियम क्लोराइड बनना लिखता है। Na₂SO₄, BaCl₂, BaSO₄ और NaCl के आगे क्रमशः कौन-से न्यूनतम पूर्णांक गुणांक लगाने से समीकरण संतुलित होगा? A) 1, 1, 1, 1 B) 1, 1, 1, 2 C) 2, 1, 2, 1 D) 1, 2, 1, 2 ☑ सही उत्तर: (B) 1, 1, 1, 2। 📖 व्याख्या: Na₂SO₄ में सोडियम के 2 परमाणु तथा BaCl₂ में क्लोरीन के 2 परमाणु हैं। इसलिए उत्पादों में NaCl के आगे 2 लगाना आवश्यक है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) 🧾 पदार्थों के नाम: सोडियम सल्फेट + बेरियम क्लोराइड → बेरियम सल्फेट + सोडियम क्लोराइड 🔍 परमाणुओं की जाँच: • Na: 2 = 2 • S: 1 = 1 • O: 4 = 4 • Ba: 1 = 1 • Cl: 2 = 2 NaCl का सूत्र बदलकर Na₂Cl₂ लिखना सही नहीं है। संतुलन के लिए सूत्र के आगे गुणांक लगाया जाता है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔥 Q–60. कठिन प्रश्न — कथन एवं कारण कथन (A): सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड के विलयनों को मिलाने पर बनने वाले सभी उत्पाद अवक्षेप के रूप में अलग हो जाते हैं। कारण (R): इस अभिक्रिया में बेरियम सल्फेट जल में अघुलनशील है, जबकि सोडियम क्लोराइड जल में घुला रहता है। सही विकल्प चुनिए। A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है। B) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है। C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है। D) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है। ☑ सही उत्तर: (D) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है। 📖 व्याख्या: अभिक्रिया के सभी उत्पाद अवक्षेप नहीं बनते। केवल बेरियम सल्फेट अघुलनशील होने के कारण सफेद अवक्षेप के रूप में अलग होता है। सोडियम क्लोराइड जल में घुला रहता है। इसलिए कथन गलत और कारण सही है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) 🧾 पदार्थों के नाम: सोडियम सल्फेट + बेरियम क्लोराइड → बेरियम सल्फेट + सोडियम क्लोराइड 📌 समीकरण में: • BaSO₄(s) → ठोस अवक्षेप • NaCl(aq) → जलीय विलयन में घुला पदार्थ ━━━━━━━━━━━━━━━━━━

📚 Dabra Classes Jaipur 👨‍🏫 Science By–डाबरा सर 🧪 NCERT कक्षा–10 विज्ञान 📘 अध्याय–1: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 📝 सेट–6 | प्रश्न 51–60 🎯 स्तर: 8 मध्यम + 2 कठिन प्रश्न 🚂 Railway • SSC • CET • CTET • Board Exams 📌 विषय: द्विविस्थापन अभिक्रिया, अवक्षेपण अभिक्रिया, क्रियाकलाप 1.10 तथा बेरियम सल्फेट के अवक्षेप का निर्माण। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–51. किसी अभिक्रिया को द्विविस्थापन अभिक्रिया के रूप में पहचानने का सही आधार क्या है? A) एक तत्व किसी यौगिक से दूसरे तत्व को विस्थापित करता है। B) एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक उत्पाद बनाता है। C) दो अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है। D) दो तत्व मिलकर अनिवार्य रूप से एक ही उत्पाद बनाते हैं। ☑ सही उत्तर: (C) दो अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है। 📖 व्याख्या: द्विविस्थापन अभिक्रिया में अभिकारकों के आयनों का आदान-प्रदान होता है और नए यौगिक बनते हैं। ⚗️ संतुलित उदाहरण: Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) 🧾 पदार्थों के नाम: सोडियम सल्फेट + बेरियम क्लोराइड → बेरियम सल्फेट + सोडियम क्लोराइड यहाँ बेरियम आयन सल्फेट आयन से तथा सोडियम आयन क्लोराइड आयन से जुड़ते हैं। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–52. NCERT के क्रियाकलाप 1.10 में सोडियम सल्फेट के विलयन में बेरियम क्लोराइड का विलयन मिलाया जाता है। इसका सही प्रेक्षण कौन-सा है? A) भूरे रंग की गैस निकलती है। B) सफेद रंग का अवक्षेप बनता है। C) नीले रंग का अवक्षेप बनता है। D) धात्विक कॉपर की परत बनती है। ☑ सही उत्तर: (B) सफेद रंग का अवक्षेप बनता है। 📖 व्याख्या: दोनों विलयनों को मिलाने पर बेरियम सल्फेट बनता है। यह जल में अघुलनशील सफेद पदार्थ है, जो अवक्षेप के रूप में अलग होता है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) 🧾 पदार्थों के नाम: सोडियम सल्फेट + बेरियम क्लोराइड → बेरियम सल्फेट + सोडियम क्लोराइड अवक्षेप का बनना रासायनिक अभिक्रिया होने का संकेत है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–53. सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड के विलयनों की अभिक्रिया में कौन-सा उत्पाद विलयन में घुला रहता है? A) बेरियम सल्फेट B) सोडियम क्लोराइड C) बेरियम धातु D) सोडियम धातु ☑ सही उत्तर: (B) सोडियम क्लोराइड। 📖 व्याख्या: अभिक्रिया में बेरियम सल्फेट और सोडियम क्लोराइड बनते हैं। • बेरियम सल्फेट अघुलनशील होने के कारण अवक्षेप बनाता है। • सोडियम क्लोराइड जल में घुला रहता है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) 🧾 पदार्थों के नाम: सोडियम सल्फेट + बेरियम क्लोराइड → बेरियम सल्फेट + सोडियम क्लोराइड यहाँ BaSO₄ के साथ (s) ठोस अवस्था तथा NaCl के साथ (aq) जलीय विलयन दर्शाता है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–54. निम्नलिखित में से अवक्षेप की सही परिभाषा कौन-सी है? A) अभिक्रिया में निकलने वाली प्रत्येक गैस B) विलयन में पूरी तरह घुल जाने वाला पदार्थ C) अभिक्रिया के दौरान विलयन से अलग होने वाला अघुलनशील ठोस D) अभिक्रिया के दौरान उत्पन्न होने वाली ऊष्मा ☑ सही उत्तर: (C) अभिक्रिया के दौरान विलयन से अलग होने वाला अघुलनशील ठोस। 📖 व्याख्या: जब विलयनों की अभिक्रिया से कोई अघुलनशील ठोस पदार्थ बनता है, तो उसे अवक्षेप कहते हैं। ऐसी अभिक्रिया अवक्षेपण अभिक्रिया कहलाती है। ⚗️ संतुलित उदाहरण: Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) 🧾 पदार्थों के नाम: सोडियम सल्फेट + बेरियम क्लोराइड → बेरियम सल्फेट + सोडियम क्लोराइड इस अभिक्रिया में अवक्षेप BaSO₄ है। विलयन में घुला NaCl अवक्षेप नहीं है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–55. बेरियम सल्फेट के अवक्षेप का निर्माण किन आयनों के मिलने से होता है? A) Na⁺ और Cl⁻ B) Ba²⁺ और SO₄²⁻ C) Na⁺ और Ba²⁺ D) Cl⁻ और SO₄²⁻ ☑ सही उत्तर: (B) Ba²⁺ और SO₄²⁻। 📖 व्याख्या: बेरियम क्लोराइड का विलयन बेरियम आयन तथा सोडियम सल्फेट का विलयन सल्फेट आयन उपलब्ध कराता है। बेरियम और सल्फेट आयनों के मिलने पर अघुलनशील बेरियम सल्फेट बनता है। ⚗️ संतुलित आयनिक समीकरण: Ba²⁺(aq) + SO₄²⁻(aq) → BaSO₄(s) 🧾 नाम: बेरियम आयन + सल्फेट आयन → बेरियम सल्फेट ⚗️ पूर्ण संतुलित अभिक्रिया: Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) 🧾 नाम: सोडियम सल्फेट + बेरियम क्लोराइड → बेरियम सल्फेट + सोडियम क्लोराइड ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–56. सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड की अभिक्रिया को द्विविस्थापन तथा अवक्षेपण, दोनों अभिक्रियाएँ क्यों कहा जाता है? A) इसमें आयनों का आदान-प्रदान होता है और अघुलनशील बेरियम सल्फेट बनता है। B) इसमें एक अभिकारक टूटता है और ऑक्सीजन निकलती है। C) इसमें बेरियम धातु, सोडियम धातु को विस्थापित करती है। D) इसमें दो अभिकारकों से केवल एक उत्पाद बनता है।

लेड + कॉपर क्लोराइड → लेड क्लोराइड + कॉपर ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 📌 त्वरित पुनरावृत्ति: 🔹 अधिक क्रियाशील धातु → कम क्रियाशील धातु का विस्थापन 🔹 कॉपर सल्फेट का विलयन → नीला 🔹 फेरस सल्फेट का विलयन → हल्का हरा 🔹 लोहे की कील पर भूरी परत → कॉपर 🔹 आयरन, जिंक एवं लेड → कॉपर से अधिक क्रियाशील 🔹 कॉपर → फेरस सल्फेट से आयरन को विस्थापित नहीं करता 📲 Download Dabra Classes Jaipur Application 👨‍🏫 Science By–डाबरा सर

आयरन द्वारा कॉपर सल्फेट के विलयन से कॉपर का विस्थापन किस निष्कर्ष का समर्थन करता है? A) कॉपर, आयरन से अधिक क्रियाशील है। B) आयरन और कॉपर की क्रियाशीलता समान है। C) आयरन, कॉपर से अधिक क्रियाशील है। D) धातुओं की क्रियाशीलता का विस्थापन से कोई संबंध नहीं है। ☑ सही उत्तर: (C) आयरन, कॉपर से अधिक क्रियाशील है। 📖 व्याख्या: अधिक क्रियाशील धातु कम क्रियाशील धातु को उसके यौगिक से विस्थापित कर सकती है। आयरन, कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित करता है। इससे स्पष्ट होता है कि आयरन की क्रियाशीलता कॉपर से अधिक है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s) 🧾 पदार्थों के नाम: आयरन + कॉपर सल्फेट → फेरस सल्फेट + कॉपर ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–47. जिंक को कॉपर सल्फेट के विलयन में डालने पर होने वाली अभिक्रिया के उत्पादों का सही युग्म कौन-सा है? A) जिंक सल्फेट एवं कॉपर B) जिंक ऑक्साइड एवं सल्फर C) कॉपर ऑक्साइड एवं जिंक सल्फाइड D) जिंक सल्फेट एवं हाइड्रोजन ☑ सही उत्तर: (A) जिंक सल्फेट एवं कॉपर। 📖 व्याख्या: जिंक, कॉपर से अधिक क्रियाशील है। इसलिए वह कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित करके जिंक सल्फेट बनाता है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s) 🧾 पदार्थों के नाम: जिंक + कॉपर सल्फेट → जिंक सल्फेट + कॉपर यह विस्थापन अभिक्रिया है। इसमें हाइड्रोजन गैस नहीं बनती। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–48. निम्नलिखित अभिक्रिया के संबंध में कौन-सा कथन सही है? Pb(s) + CuCl₂(aq) → PbCl₂(s) + Cu(s) 🧾 पदार्थों के नाम: लेड + कॉपर क्लोराइड → लेड क्लोराइड + कॉपर A) कॉपर, लेड को उसके यौगिक से विस्थापित करता है। B) लेड, कॉपर क्लोराइड से कॉपर को विस्थापित करता है। C) एक अभिकारक टूटकर दो उत्पाद बनाता है। D) लेड और कॉपर मिलकर केवल एक उत्पाद बनाते हैं। ☑ सही उत्तर: (B) लेड, कॉपर क्लोराइड से कॉपर को विस्थापित करता है। 📖 व्याख्या: लेड, कॉपर से अधिक क्रियाशील है। इसलिए वह कॉपर क्लोराइड से कॉपर को विस्थापित करता है। दिया गया समीकरण संतुलित है। 🔍 परमाणुओं की जाँच: • Pb: 1 = 1 • Cu: 1 = 1 • Cl: 2 = 2 यह विस्थापन अभिक्रिया है, वियोजन या संयोजन अभिक्रिया नहीं। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔥 Q–49. कठिन प्रश्न — प्रयोग आधारित दो अलग-अलग परखनलियों में प्रयोग किए जाते हैं: प्रयोग–1: साफ लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में रखा जाता है। प्रयोग–2: कॉपर के टुकड़े को फेरस सल्फेट के विलयन में रखा जाता है। सामान्य परिस्थितियों में कौन-सा परिणाम सही होगा? A) दोनों प्रयोगों में धातु दूसरे तत्व को विस्थापित करेगी। B) प्रयोग–1 में अभिक्रिया होगी, लेकिन प्रयोग–2 में कॉपर, आयरन को विस्थापित नहीं करेगा। C) प्रयोग–1 में अभिक्रिया नहीं होगी, लेकिन प्रयोग–2 में होगी। D) दोनों प्रयोगों में हाइड्रोजन गैस निकलेगी। ☑ सही उत्तर: (B) प्रयोग–1 में अभिक्रिया होगी, लेकिन प्रयोग–2 में कॉपर, आयरन को विस्थापित नहीं करेगा। 📖 व्याख्या: आयरन, कॉपर से अधिक क्रियाशील है। इसलिए वह कॉपर को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर सकता है। ⚗️ प्रयोग–1 की संतुलित अभिक्रिया: Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s) 🧾 पदार्थों के नाम: आयरन + कॉपर सल्फेट → फेरस सल्फेट + कॉपर प्रयोग–2 में कॉपर कम क्रियाशील होने के कारण फेरस सल्फेट से आयरन को विस्थापित नहीं कर सकता। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में विस्थापन अभिक्रिया नहीं होती। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔥 Q–50. कठिन प्रश्न — निष्कर्ष आधारित तीन प्रयोगों में निम्नलिखित अभिक्रियाएँ होती हैं: • आयरन, कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित करता है। • जिंक, कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित करता है। • लेड, कॉपर क्लोराइड से कॉपर को विस्थापित करता है। केवल इन प्रेक्षणों के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष निश्चित रूप से सही है? A) जिंक, लेड और आयरन का क्रियाशीलता क्रम निश्चित रूप से Zn > Pb > Fe है। B) आयरन, जिंक और लेड, तीनों कॉपर से अधिक क्रियाशील हैं। C) कॉपर, तीनों धातुओं से अधिक क्रियाशील है। D) आयरन, जिंक और लेड की क्रियाशीलता समान है। ☑ सही उत्तर: (B) आयरन, जिंक और लेड, तीनों कॉपर से अधिक क्रियाशील हैं। 📖 व्याख्या: तीनों धातुएँ कॉपर को उसके यौगिक से विस्थापित करती हैं। इसलिए तीनों कॉपर से अधिक क्रियाशील हैं। लेकिन इन प्रयोगों में आयरन, जिंक और लेड की आपस में तुलना नहीं की गई है। इसलिए केवल इन प्रेक्षणों से इन तीनों का आपसी क्रियाशीलता क्रम निर्धारित नहीं किया जा सकता। ⚗️ संतुलित अभिक्रियाएँ: Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s) 🧾 नाम: आयरन + कॉपर सल्फेट → फेरस सल्फेट + कॉपर Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s) 🧾 नाम: जिंक + कॉपर सल्फेट → जिंक सल्फेट + कॉपर Pb(s) + CuCl₂(aq) → PbCl₂(s) + Cu(s) 🧾 नाम:

📚 Dabra Classes Jaipur 👨‍🏫 Science By–डाबरा सर 🧪 NCERT कक्षा–10 विज्ञान 📘 अध्याय–1: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 📝 सेट–5 | प्रश्न 41–50 🎯 स्तर: 8 मध्यम + 2 कठिन प्रश्न 🚂 Railway • SSC • CET • CTET • Board Exams 📌 विषय: विस्थापन अभिक्रिया, क्रियाकलाप 1.9, लोहे की कील एवं कॉपर सल्फेट, विलयन के रंग में परिवर्तन तथा जिंक और लेड द्वारा कॉपर का विस्थापन। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–41. किसी अभिक्रिया को विस्थापन अभिक्रिया के रूप में पहचानने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति आवश्यक है? A) एक अभिकारक टूटकर अनेक उत्पाद बनाए। B) दो अभिकारक मिलकर केवल एक उत्पाद बनाएँ। C) एक तत्व किसी यौगिक में उपस्थित दूसरे तत्व को विस्थापित करे। D) दो विलयन मिलाने पर अनिवार्य रूप से गैस निकले। ☑ सही उत्तर: (C) एक तत्व किसी यौगिक में उपस्थित दूसरे तत्व को विस्थापित करे। 📖 व्याख्या: विस्थापन अभिक्रिया में अधिक क्रियाशील तत्व किसी यौगिक से कम क्रियाशील तत्व को हटाकर उसका स्थान लेता है। ⚗️ संतुलित उदाहरण: Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s) 🧾 पदार्थों के नाम: आयरन (लोहा) + कॉपर सल्फेट → फेरस सल्फेट + कॉपर यहाँ आयरन, कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित करता है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–42. NCERT के क्रियाकलाप 1.9 में लोहे की कीलों को कॉपर सल्फेट के विलयन में डालने से पहले रेगमाल से साफ किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य क्या है? A) कीलों को कॉपर की कीलों में बदलना B) कीलों की सतह से जंग एवं अन्य अशुद्धियाँ हटाना C) कीलों की लंबाई बढ़ाना D) लोहे की क्रियाशीलता को कॉपर से कम करना ☑ सही उत्तर: (B) कीलों की सतह से जंग एवं अन्य अशुद्धियाँ हटाना। 📖 व्याख्या: सतह पर उपस्थित जंग या अशुद्धियाँ लोहे और कॉपर सल्फेट के विलयन के सीधे संपर्क में बाधा डाल सकती हैं। रेगमाल से साफ करने पर लोहे की स्वच्छ सतह विलयन के संपर्क में आती है और अभिक्रिया का प्रेक्षण स्पष्ट होता है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s) 🧾 पदार्थों के नाम: आयरन + कॉपर सल्फेट → फेरस सल्फेट + कॉपर ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–43. साफ लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के नीले विलयन में लगभग 20 मिनट रखने के बाद कौन-सा परिवर्तन दिखाई देगा? A) कील पर भूरे रंग की परत जमती है और विलयन का नीला रंग फीका पड़कर हल्का हरा दिखाई देने लगता है। B) कील पर सफेद परत जमती है और विलयन लाल हो जाता है। C) कील पूरी तरह सोने में बदल जाती है और विलयन रंगहीन हो जाता है। D) कील पर कोई परिवर्तन नहीं होता और विलयन का नीला रंग अधिक गहरा हो जाता है। ☑ सही उत्तर: (A) कील पर भूरे रंग की परत जमती है और विलयन हल्का हरा दिखाई देने लगता है। 📖 व्याख्या: आयरन, कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित करता है। मुक्त कॉपर कील पर भूरे रंग की परत के रूप में जमता है। विलयन में फेरस सल्फेट बनने के कारण कॉपर सल्फेट का नीला रंग फीका पड़ता है और हल्का हरा रंग दिखाई देता है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s) 🧾 पदार्थों के नाम: आयरन + कॉपर सल्फेट → फेरस सल्फेट + कॉपर ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–44. कॉपर सल्फेट के विलयन में रखी लोहे की कील की सतह पर बनने वाली भूरे रंग की परत किस पदार्थ की होती है? A) फेरस सल्फेट B) कॉपर C) आयरन ऑक्साइड D) सल्फर ☑ सही उत्तर: (B) कॉपर। 📖 व्याख्या: आयरन की अभिक्रिया कॉपर सल्फेट से होने पर कॉपर मुक्त होता है। यही कॉपर लोहे की कील की सतह पर जमता है। फेरस सल्फेट विलयन में रहता है। इस क्रियाकलाप में बनने वाली भूरे रंग की परत को जंग समझना गलत है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s) 🧾 पदार्थों के नाम: आयरन + कॉपर सल्फेट → फेरस सल्फेट + कॉपर ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–45. क्रियाकलाप 1.9 में दो परखनलियों A और B में कॉपर सल्फेट का विलयन लिया जाता है। केवल परखनली B में साफ लोहे की कीलें डाली जाती हैं। परखनली A रखने का मुख्य उद्देश्य क्या है? A) परखनली B की अभिक्रिया के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराना B) अभिक्रिया के बाद विलयन के रंग की मूल विलयन से तुलना करना C) परखनली B में कॉपर की मात्रा बढ़ाना D) दोनों परखनलियों में अलग-अलग गैसें एकत्र करना ☑ सही उत्तर: (B) अभिक्रिया के बाद विलयन के रंग की मूल विलयन से तुलना करना। 📖 व्याख्या: परखनली A में लोहे की कीलें नहीं डाली जातीं। इसलिए उसका विलयन मूल नीला रंग बनाए रखता है। परखनली B में अभिक्रिया होने से रंग बदलता है। दोनों की तुलना करके विद्यार्थी स्पष्ट रूप से पहचान सकता है कि परिवर्तन लोहे की कीलों के संपर्क के कारण हुआ है। ⚗️ परखनली B में संतुलित अभिक्रिया: Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s) 🧾 पदार्थों के नाम: आयरन + कॉपर सल्फेट → फेरस सल्फेट + कॉपर ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–46.

पहली अभिक्रिया में प्रकाश ऊर्जा तथा दूसरी में विद्युत ऊर्जा का उपयोग होता है। दोनों में एक अभिकारक का वियोजन होता है, इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 📌 त्वरित पुनरावृत्ति: 🔹 जल का विद्युत अपघटन → H₂ और O₂ 🔹 ऋणात्मक इलेक्ट्रोड → हाइड्रोजन 🔹 धनात्मक इलेक्ट्रोड → ऑक्सीजन 🔹 गैसों का आयतन अनुपात → H₂ : O₂ = 2 : 1 🔹 हाइड्रोजन की पहचान → ‘पॉप’ ध्वनि 🔹 ऑक्सीजन → दहन में सहायक 🔹 सिल्वर क्लोराइड → सफेद 🔹 प्रकाश में बना सिल्वर → धूसर रंग का कारण 🔹 सिल्वर हैलाइड की प्रकाशीय अभिक्रियाएँ → श्वेत-श्याम फोटोग्राफी 📲 Download Dabra Classes Jaipur Application 👨‍🏫 Science By–डाबरा सर

B) सिल्वर क्लोराइड का वियोजन होकर सिल्वर बनना C) सिल्वर क्लोराइड द्वारा जल का अवशोषण D) सिल्वर क्लोराइड का सोडियम क्लोराइड में बदलना ☑ सही उत्तर: (B) सिल्वर क्लोराइड का वियोजन होकर सिल्वर बनना। 📖 व्याख्या: सूर्य के प्रकाश में सिल्वर क्लोराइड का वियोजन होता है। इससे सिल्वर तथा क्लोरीन गैस बनती है। बने हुए सिल्वर के कारण सफेद सिल्वर क्लोराइड धूसर दिखाई देने लगता है। यह प्रकाशीय वियोजन अभिक्रिया है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: 2AgCl(s) —सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl₂(g) 🧾 पदार्थों के नाम: सिल्वर क्लोराइड → सिल्वर + क्लोरीन ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–37. सिल्वर क्लोराइड और सिल्वर ब्रोमाइड की प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता से संबंधित अभिक्रियाओं का उपयोग किस कार्य में किया जाता है? A) श्वेत-श्याम फोटोग्राफी में B) दीवारों की सफेदी में C) बिना बुझा चूना बनाने में D) जल की विद्युत चालकता बढ़ाने में ☑ सही उत्तर: (A) श्वेत-श्याम फोटोग्राफी में। 📖 व्याख्या: सिल्वर क्लोराइड और सिल्वर ब्रोमाइड प्रकाश के प्रभाव से वियोजित होकर सिल्वर बनाते हैं। NCERT में इन अभिक्रियाओं का उपयोग श्वेत-श्याम फोटोग्राफी में बताया गया है। ⚗️ अभिक्रिया–1: 2AgCl(s) —सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl₂(g) 🧾 नाम: सिल्वर क्लोराइड → सिल्वर + क्लोरीन ⚗️ अभिक्रिया–2: 2AgBr(s) —सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Br₂ 🧾 नाम: सिल्वर ब्रोमाइड → सिल्वर + ब्रोमीन दोनों समीकरण संतुलित हैं। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–38. निम्नलिखित अभिक्रियाओं और उनके लिए आवश्यक ऊर्जा के स्रोत का कौन-सा मिलान सही है? A) जल का विद्युत अपघटन — प्रकाश; सिल्वर क्लोराइड का वियोजन — विद्युत B) कैल्सियम कार्बोनेट का वियोजन — ऊष्मा; जल का विद्युत अपघटन — विद्युत; सिल्वर क्लोराइड का वियोजन — प्रकाश C) कैल्सियम कार्बोनेट का वियोजन — विद्युत; सिल्वर क्लोराइड का वियोजन — ऊष्मा D) जल का विद्युत अपघटन — ऊष्मा; कैल्सियम कार्बोनेट का वियोजन — प्रकाश ☑ सही उत्तर: (B) कैल्सियम कार्बोनेट — ऊष्मा; जल — विद्युत; सिल्वर क्लोराइड — प्रकाश। 📖 व्याख्या: वियोजन अभिक्रियाओं में अभिकारक को तोड़ने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा अलग-अलग रूपों में दी जा सकती है। ⚗️ ऊष्मा द्वारा: CaCO₃(s) —ऊष्मा→ CaO(s) + CO₂(g) 🧾 नाम: कैल्सियम कार्बोनेट → कैल्सियम ऑक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड ⚗️ विद्युत द्वारा: 2H₂O(l) —विद्युत धारा→ 2H₂(g) + O₂(g) 🧾 नाम: जल → हाइड्रोजन + ऑक्सीजन ⚗️ प्रकाश द्वारा: 2AgCl(s) —सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl₂(g) 🧾 नाम: सिल्वर क्लोराइड → सिल्वर + क्लोरीन ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔥 Q–39. कठिन प्रश्न — क्रियाकलाप आधारित संख्यात्मक प्रश्न एक विद्यार्थी अम्लीकृत जल का विद्युत अपघटन करता है। समान ताप तथा दाब पर दोनों परखनलियों में एकत्र गैसों का कुल आयतन 60 mL है। गैसों का कोई नुकसान नहीं होता है। ऋणात्मक तथा धनात्मक इलेक्ट्रोड पर एकत्र गैसों के आयतन क्रमशः कितने होंगे? A) 30 mL तथा 30 mL B) 20 mL तथा 40 mL C) 40 mL तथा 20 mL D) 45 mL तथा 15 mL ☑ सही उत्तर: (C) 40 mL तथा 20 mL। 📖 व्याख्या: ऋणात्मक इलेक्ट्रोड पर हाइड्रोजन तथा धनात्मक इलेक्ट्रोड पर ऑक्सीजन बनती है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: 2H₂O(l) —विद्युत धारा→ 2H₂(g) + O₂(g) 🧾 नाम: जल → हाइड्रोजन + ऑक्सीजन 🧮 गणना: V(H₂) : V(O₂) = 2 : 1 V(total) = 60 mL V(H₂) = (2/3) × 60 = 40 mL V(O₂) = (1/3) × 60 = 20 mL अतः ऋणात्मक इलेक्ट्रोड पर 40 mL हाइड्रोजन और धनात्मक इलेक्ट्रोड पर 20 mL ऑक्सीजन एकत्र होगी। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔥 Q–40. कठिन प्रश्न — कथन एवं कारण कथन (A): सिल्वर क्लोराइड का सूर्य के प्रकाश में वियोजन तथा जल का विद्युत अपघटन, दोनों वियोजन अभिक्रियाएँ हैं। कारण (R): दोनों अभिक्रियाओं में ऊर्जा की सहायता से एक अभिकारक टूटकर दो प्रकार के उत्पाद बनाता है। सही विकल्प चुनिए। A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है। B) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है। C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है। D) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है। ☑ सही उत्तर: (A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है। 📖 व्याख्या: वियोजन अभिक्रिया की पहचान एक अभिकारक से दो या अधिक उत्पाद बनने से होती है। ऊर्जा का स्रोत बदलने से यह मूल विशेषता नहीं बदलती। ⚗️ प्रकाशीय वियोजन: 2AgCl(s) —सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl₂(g) 🧾 नाम: सिल्वर क्लोराइड → सिल्वर + क्लोरीन ⚗️ विद्युत द्वारा वियोजन: 2H₂O(l) —विद्युत धारा→ 2H₂(g) + O₂(g) 🧾 नाम: जल → हाइड्रोजन + ऑक्सीजन

📚 Dabra Classes Jaipur 👨‍🏫 Science By–डाबरा सर 🧪 NCERT कक्षा–10 विज्ञान 📘 अध्याय–1: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 📝 सेट–4 | प्रश्न 31–40 🎯 स्तर: 8 मध्यम + 2 कठिन प्रश्न 🚂 Railway • SSC • CET • CTET • Board Exams 📌 विषय: विद्युत द्वारा जल का वियोजन, क्रियाकलाप 1.7, गैसों की पहचान, प्रकाशीय वियोजन, क्रियाकलाप 1.8 तथा सिल्वर हैलाइड। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–31. NCERT के क्रियाकलाप 1.7 में जल में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें मिलाकर विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है। तनु सल्फ्यूरिक अम्ल मिलाने का मुख्य उद्देश्य क्या है? A) जल की विद्युत चालकता बढ़ाना B) जल को सिल्वर क्लोराइड में बदलना C) बनने वाली हाइड्रोजन को अवशोषित करना D) जल का तापमान अनिवार्य रूप से घटाना ☑ सही उत्तर: (A) जल की विद्युत चालकता बढ़ाना। 📖 व्याख्या: शुद्ध जल विद्युत का बहुत कमजोर चालक होता है। तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें मिलाने से विलयन में आयन उपलब्ध होते हैं और उसकी विद्युत चालकता बढ़ जाती है। विद्युत धारा प्रवाहित करने पर जल का वियोजन होकर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन बनती हैं। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: 2H₂O(l) —विद्युत धारा→ 2H₂(g) + O₂(g) 🧾 पदार्थों के नाम: जल → हाइड्रोजन + ऑक्सीजन ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–32. अम्लीकृत जल के विद्युत अपघटन में बैटरी के ऋणात्मक तथा धनात्मक टर्मिनलों से जुड़े इलेक्ट्रोडों पर क्रमशः कौन-सी गैसें एकत्र होती हैं? A) ऑक्सीजन तथा हाइड्रोजन B) हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन C) हाइड्रोजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड D) ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन ☑ सही उत्तर: (B) हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन। 📖 व्याख्या: ऋणात्मक टर्मिनल से जुड़े इलेक्ट्रोड पर हाइड्रोजन और धनात्मक टर्मिनल से जुड़े इलेक्ट्रोड पर ऑक्सीजन गैस निकलती है। इन इलेक्ट्रोडों के ऊपर रखी उलटी, जल से भरी परखनलियों में गैसें एकत्र होती हैं। गैस एकत्र होने पर परखनलियों का जल स्तर नीचे जाता है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: 2H₂O(l) —विद्युत धारा→ 2H₂(g) + O₂(g) 🧾 पदार्थों के नाम: जल → हाइड्रोजन + ऑक्सीजन ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–33. जल के विद्युत अपघटन में समान ताप तथा दाब पर एकत्र हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के आयतनों का अनुपात कितना होता है? A) 1 : 1 B) 1 : 2 C) 2 : 1 D) 3 : 1 ☑ सही उत्तर: (C) 2 : 1। 📖 व्याख्या: जल के विद्युत अपघटन में हाइड्रोजन का आयतन ऑक्सीजन के आयतन का दोगुना होता है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: 2H₂O(l) —विद्युत धारा→ 2H₂(g) + O₂(g) 🧾 पदार्थों के नाम: जल → हाइड्रोजन + ऑक्सीजन समीकरण में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के गुणांक क्रमशः 2 और 1 हैं। समान ताप तथा दाब पर इनके गैसीय आयतनों का अनुपात भी 2 : 1 होता है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–34. एक विद्यार्थी जल के विद्युत अपघटन से प्राप्त दोनों गैसों की पहचान करता है। कौन-सा प्रेक्षण सही है? A) हाइड्रोजन जलती तीली के संपर्क में ‘पॉप’ ध्वनि से जलती है और ऑक्सीजन दहन में सहायता करती है। B) ऑक्सीजन ‘पॉप’ ध्वनि से जलती है और हाइड्रोजन दहन में सहायता करती है। C) दोनों गैसें जलती तीली को तुरंत बुझा देती हैं। D) दोनों गैसें स्वयं समान रूप से जलती हैं। ☑ सही उत्तर: (A) हाइड्रोजन ‘पॉप’ ध्वनि से जलती है और ऑक्सीजन दहन में सहायता करती है। 📖 व्याख्या: हाइड्रोजन ज्वलनशील गैस है। थोड़ी मात्रा में हाइड्रोजन की जाँच जलती तीली से करने पर ‘पॉप’ ध्वनि सुनाई देती है। ऑक्सीजन स्वयं ज्वलनशील नहीं है, लेकिन दहन में सहायता करती है। सुलगती तीली ऑक्सीजन में फिर से प्रज्वलित हो सकती है। ⚗️ हाइड्रोजन के दहन की संतुलित अभिक्रिया: 2H₂(g) + O₂(g) → 2H₂O(l) 🧾 पदार्थों के नाम: हाइड्रोजन + ऑक्सीजन → जल ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–35. जल के विद्युत अपघटन तथा कैल्सियम कार्बोनेट के ऊष्मीय वियोजन में कौन-सी समानता है? A) दोनों में एक अभिकारक से दो या अधिक उत्पाद बनते हैं। B) दोनों में केवल हाइड्रोजन गैस बनती है। C) दोनों में दो अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं। D) दोनों अभिक्रियाएँ केवल सूर्य के प्रकाश में होती हैं। ☑ सही उत्तर: (A) दोनों में एक अभिकारक से दो या अधिक उत्पाद बनते हैं। 📖 व्याख्या: दोनों वियोजन अभिक्रियाएँ हैं। इनमें अंतर वियोजन के लिए प्रयुक्त ऊर्जा के स्रोत का है। ⚗️ विद्युत द्वारा वियोजन: 2H₂O(l) —विद्युत धारा→ 2H₂(g) + O₂(g) 🧾 नाम: जल → हाइड्रोजन + ऑक्सीजन ⚗️ ऊष्मीय वियोजन: CaCO₃(s) —ऊष्मा→ CaO(s) + CO₂(g) 🧾 नाम: कैल्सियम कार्बोनेट → कैल्सियम ऑक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड पहली अभिक्रिया के लिए विद्युत ऊर्जा और दूसरी के लिए ऊष्मा आवश्यक है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–36. NCERT के क्रियाकलाप 1.8 में सफेद सिल्वर क्लोराइड को सूर्य के प्रकाश में रखने पर वह धूसर हो जाता है। इसका सही कारण क्या है? A) सिल्वर क्लोराइड का पिघलना

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2FeSO₄(s) —ऊष्मा→ Fe₂O₃(s) + SO₂(g) + SO₃(g) 🧾 नाम: फेरस सल्फेट → फेरिक ऑक्साइड + सल्फर डाइऑक्साइड + सल्फर ट्राइऑक्साइड पदार्थ Y से निकलने वाले भूरे धुएँ नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के हैं। इसलिए Y लेड नाइट्रेट है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: 2Pb(NO₃)₂(s) —ऊष्मा→ 2PbO(s) + 4NO₂(g) + O₂(g) 🧾 नाम: लेड नाइट्रेट → लेड ऑक्साइड + नाइट्रोजन डाइऑक्साइड + ऑक्सीजन ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 📌 त्वरित पुनरावृत्ति: 🔹 वियोजन → एक अभिकारक से दो या अधिक उत्पाद 🔹 ऊष्मीय वियोजन → ऊष्मा देने पर वियोजन 🔹 फेरस सल्फेट के क्रिस्टल → हरे 🔹 फेरिक ऑक्साइड → भूरा ठोस 🔹 लेड नाइट्रेट से भूरे धुएँ → NO₂ 🔹 चूना पत्थर → CaCO₃ 🔹 बिना बुझा चूना → CaO 📲 Download Dabra Classes Jaipur Application 👨‍🏫 Science By–डाबरा सर

कैल्सियम ऑक्साइड को बिना बुझा चूना कहते हैं। यह सीमेंट निर्माण में भी उपयोग किया जाता है। 🧾 पदार्थों के नाम: कैल्सियम कार्बोनेट → कैल्सियम ऑक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड यह ऊष्मीय वियोजन अभिक्रिया है। विकल्प (D) इस परिवर्तन की विपरीत दिशा में संयोजन दर्शाता है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–26. NCERT के क्रियाकलाप 1.6 में लेड नाइट्रेट को क्वथन नली में गर्म करने पर भूरे धुएँ दिखाई देते हैं। इन भूरे धुएँ के लिए कौन-सी गैस उत्तरदायी है? A) सल्फर डाइऑक्साइड B) कार्बन डाइऑक्साइड C) नाइट्रोजन डाइऑक्साइड D) हाइड्रोजन ☑ सही उत्तर: (C) नाइट्रोजन डाइऑक्साइड। 📖 व्याख्या: लेड नाइट्रेट को गर्म करने पर उसका वियोजन होता है। इससे लेड ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन बनते हैं। भूरे धुएँ नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के कारण दिखाई देते हैं। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: 2Pb(NO₃)₂(s) —ऊष्मा→ 2PbO(s) + 4NO₂(g) + O₂(g) 🧾 पदार्थों के नाम: लेड नाइट्रेट → लेड ऑक्साइड + नाइट्रोजन डाइऑक्साइड + ऑक्सीजन ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–27. लेड नाइट्रेट के ऊष्मीय वियोजन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन–1: लेड ऑक्साइड ठोस अवशेष के रूप में बनता है। कथन–2: नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन गैसें बनती हैं। कथन–3: लेड धातु और नाइट्रोजन गैस बनती हैं। सही विकल्प चुनिए। A) केवल कथन–1 सही है। B) केवल कथन–1 और कथन–2 सही हैं। C) केवल कथन–2 और कथन–3 सही हैं। D) तीनों कथन सही हैं। ☑ सही उत्तर: (B) केवल कथन–1 और कथन–2 सही हैं। 📖 व्याख्या: लेड नाइट्रेट के वियोजन में लेड ऑक्साइड बनता है, लेड धातु नहीं। इसी प्रकार नाइट्रोजन डाइऑक्साइड बनती है, नाइट्रोजन गैस नहीं। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: 2Pb(NO₃)₂(s) —ऊष्मा→ 2PbO(s) + 4NO₂(g) + O₂(g) 🧾 पदार्थों के नाम: लेड नाइट्रेट → लेड ऑक्साइड + नाइट्रोजन डाइऑक्साइड + ऑक्सीजन इस अभिक्रिया में एक अभिकारक से तीन प्रकार के उत्पाद बनते हैं। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–28. निम्नलिखित में से किस विकल्प में दोनों अभिक्रियाएँ ऊष्मीय वियोजन की हैं? A) कैल्सियम ऑक्साइड की जल से अभिक्रिया और मैग्नीशियम का दहन B) कैल्सियम कार्बोनेट को गर्म करना और लेड नाइट्रेट को गर्म करना C) कोयले का दहन और मीथेन का दहन D) कैल्सियम ऑक्साइड की जल से अभिक्रिया और कोयले का दहन ☑ सही उत्तर: (B) कैल्सियम कार्बोनेट को गर्म करना और लेड नाइट्रेट को गर्म करना। 📖 व्याख्या: ऊष्मीय वियोजन में ऊष्मा देने पर एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक उत्पाद बनाता है। ⚗️ अभिक्रिया–1: CaCO₃(s) —ऊष्मा→ CaO(s) + CO₂(g) 🧾 नाम: कैल्सियम कार्बोनेट → कैल्सियम ऑक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड ⚗️ अभिक्रिया–2: 2Pb(NO₃)₂(s) —ऊष्मा→ 2PbO(s) + 4NO₂(g) + O₂(g) 🧾 नाम: लेड नाइट्रेट → लेड ऑक्साइड + नाइट्रोजन डाइऑक्साइड + ऑक्सीजन दोनों में एक अभिकारक का ऊष्मा द्वारा वियोजन होता है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔥 Q–29. कठिन प्रश्न — समीकरण संतुलन लेड नाइट्रेट के ऊष्मीय वियोजन में Pb(NO₃)₂, PbO, NO₂ और O₂ के आगे क्रमशः कौन-से न्यूनतम पूर्णांक गुणांक लगाए जाएँगे? A) 1, 1, 2, 1 B) 2, 2, 4, 1 C) 2, 1, 4, 2 D) 1, 2, 4, 1 ☑ सही उत्तर: (B) 2, 2, 4, 1। 📖 व्याख्या: 2Pb(NO₃)₂ में: • Pb के 2 परमाणु • N के 4 परमाणु • O के 12 परमाणु होते हैं। उत्पादों में: • 2PbO से Pb = 2 और O = 2 • 4NO₂ से N = 4 और O = 8 • O₂ से O = 2 इस प्रकार उत्पादों में कुल O = 2 + 8 + 2 = 12 होते हैं। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: 2Pb(NO₃)₂(s) —ऊष्मा→ 2PbO(s) + 4NO₂(g) + O₂(g) 🧾 पदार्थों के नाम: लेड नाइट्रेट → लेड ऑक्साइड + नाइट्रोजन डाइऑक्साइड + ऑक्सीजन 🔍 अंतिम जाँच: • Pb: 2 = 2 • N: 4 = 4 • O: 12 = 12 ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔥 Q–30. कठिन प्रश्न — प्रेक्षण आधारित दो अलग-अलग शुष्क क्वथन नलियों में पदार्थ X और Y को गर्म किया जाता है। • पदार्थ X के हरे क्रिस्टल पहले अपना क्रिस्टलन जल खोते हैं। अधिक गर्म करने पर भूरा ठोस अवशेष तथा सल्फर डाइऑक्साइड और सल्फर ट्राइऑक्साइड बनते हैं। • पदार्थ Y को गर्म करने पर भूरे धुएँ, ऑक्सीजन और लेड ऑक्साइड बनते हैं। पदार्थ X और Y की सही पहचान कौन-सी है? A) X: जलयोजित फेरस सल्फेट; Y: लेड नाइट्रेट B) X: लेड नाइट्रेट; Y: जलयोजित फेरस सल्फेट C) X: कैल्सियम कार्बोनेट; Y: लेड नाइट्रेट D) X: जलयोजित फेरस सल्फेट; Y: कैल्सियम कार्बोनेट ☑ सही उत्तर: (A) X: जलयोजित फेरस सल्फेट; Y: लेड नाइट्रेट। 📖 व्याख्या: पदार्थ X के हरे क्रिस्टल और क्रिस्टलन जल का निकलना जलयोजित फेरस सल्फेट की पहचान बताते हैं। आगे बनने वाला भूरा अवशेष फेरिक ऑक्साइड है। ⚗️ जल निकलने का चरण: FeSO₄·7H₂O(s) —ऊष्मा→ FeSO₄(s) + 7H₂O(g) 🧾 नाम: जलयोजित फेरस सल्फेट → निर्जल फेरस सल्फेट + जलवाष्प ⚗️ आगे का वियोजन:

📚 Dabra Classes Jaipur 👨‍🏫 Science By–डाबरा सर 🧪 NCERT कक्षा–10 विज्ञान 📘 अध्याय–1: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 📝 सेट–3 | प्रश्न 21–30 🎯 स्तर: 8 मध्यम + 2 कठिन प्रश्न 🚂 Railway • SSC • CET • CTET • Board Exams 📌 विषय: वियोजन अभिक्रिया, ऊष्मीय वियोजन, क्रियाकलाप 1.5 एवं 1.6, फेरस सल्फेट, लेड नाइट्रेट और कैल्सियम कार्बोनेट का वियोजन। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–21. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता किसी अभिक्रिया को वियोजन अभिक्रिया के रूप में पहचानने का सही आधार है? A) दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं। B) एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक सरल उत्पाद बनाता है। C) प्रत्येक अभिक्रिया में दो तत्वों के बीच स्थान परिवर्तन होता है। D) प्रत्येक अभिक्रिया में केवल एक गैसीय उत्पाद बनता है। ☑ सही उत्तर: (B) एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक सरल उत्पाद बनाता है। 📖 व्याख्या: वियोजन अभिक्रिया में एक पदार्थ टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थ बनाता है। वियोजन के लिए ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत के रूप में ऊर्जा की आवश्यकता हो सकती है। ⚗️ संतुलित उदाहरण: CaCO₃(s) —ऊष्मा→ CaO(s) + CO₂(g) 🧾 पदार्थों के नाम: कैल्सियम कार्बोनेट → कैल्सियम ऑक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड यहाँ एक अभिकारक से दो उत्पाद बनते हैं। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–22. NCERT के क्रियाकलाप 1.5 में फेरस सल्फेट के क्रिस्टलों को शुष्क क्वथन नली में गर्म किया जाता है। प्रारंभिक अवस्था में उनके हरे रंग में परिवर्तन का मुख्य कारण क्या है? A) क्रिस्टलों का क्रिस्टलन जल निकल जाना B) आयरन धातु का बनना C) ऑक्सीजन गैस का अवशोषण होना D) फेरस सल्फेट का कॉपर सल्फेट में बदलना ☑ सही उत्तर: (A) क्रिस्टलों का क्रिस्टलन जल निकल जाना। 📖 व्याख्या: फेरस सल्फेट के हरे क्रिस्टलों में क्रिस्टलन जल होता है। गर्म करने पर पहले यह जल निकल जाता है और क्रिस्टल अपना हरा रंग खो देते हैं। इसके बाद अधिक गर्म करने पर निर्जल फेरस सल्फेट का वियोजन होता है। जल निकलना और आगे वियोजन होना अलग-अलग चरण हैं। ⚗️ प्रारंभिक परिवर्तन: FeSO₄·7H₂O(s) —ऊष्मा→ FeSO₄(s) + 7H₂O(g) 🧾 पदार्थों के नाम: जलयोजित फेरस सल्फेट → निर्जल फेरस सल्फेट + जलवाष्प ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–23. फेरस सल्फेट को पर्याप्त गर्म करने पर बनने वाले ठोस अवशेष तथा गैसों का सही समूह कौन-सा है? A) फेरिक ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड एवं सल्फर ट्राइऑक्साइड B) आयरन धातु, हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन C) फेरिक ऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड एवं हाइड्रोजन D) फेरस ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड एवं ऑक्सीजन ☑ सही उत्तर: (A) फेरिक ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड एवं सल्फर ट्राइऑक्साइड। 📖 व्याख्या: गर्म करने पर फेरस सल्फेट का वियोजन होता है। इससे फेरिक ऑक्साइड ठोस अवशेष के रूप में तथा सल्फर डाइऑक्साइड और सल्फर ट्राइऑक्साइड गैसें बनती हैं। यह ऊष्मीय वियोजन अभिक्रिया है क्योंकि वियोजन ऊष्मा देने पर होता है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: 2FeSO₄(s) —ऊष्मा→ Fe₂O₃(s) + SO₂(g) + SO₃(g) 🧾 पदार्थों के नाम: फेरस सल्फेट → फेरिक ऑक्साइड + सल्फर डाइऑक्साइड + सल्फर ट्राइऑक्साइड ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–24. फेरस सल्फेट के हरे क्रिस्टलों को पहले हल्का और फिर अधिक गर्म किया जाता है। परिवर्तनों का सही क्रम कौन-सा है? A) पहले आयरन धातु बनती है, फिर क्रिस्टलन जल निकलता है। B) पहले क्रिस्टलन जल निकलता है, फिर फेरस सल्फेट का वियोजन होकर भूरा फेरिक ऑक्साइड बनता है। C) पहले कॉपर ऑक्साइड बनता है, फिर सल्फर डाइऑक्साइड निकलती है। D) पहले हाइड्रोजन निकलती है, फिर फेरस सल्फेट के हरे क्रिस्टल बनते हैं। ☑ सही उत्तर: (B) पहले क्रिस्टलन जल निकलता है, फिर वियोजन से भूरा फेरिक ऑक्साइड बनता है। 📖 व्याख्या: पहले गर्म करने पर फेरस सल्फेट के क्रिस्टल जल खोते हैं। आगे गर्म करने पर निर्जल फेरस सल्फेट का वियोजन होता है और भूरा फेरिक ऑक्साइड बनता है। ⚗️ चरण–1: FeSO₄·7H₂O(s) —ऊष्मा→ FeSO₄(s) + 7H₂O(g) 🧾 नाम: जलयोजित फेरस सल्फेट → निर्जल फेरस सल्फेट + जलवाष्प ⚗️ चरण–2: 2FeSO₄(s) —ऊष्मा→ Fe₂O₃(s) + SO₂(g) + SO₃(g) 🧾 नाम: फेरस सल्फेट → फेरिक ऑक्साइड + सल्फर डाइऑक्साइड + सल्फर ट्राइऑक्साइड ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–25. चूना पत्थर को गर्म करके बिना बुझा चूना प्राप्त किया जाता है। इस प्रक्रिया का सही संतुलित समीकरण कौन-सा है? A) CaCO₃(s) —ऊष्मा→ CaO(s) + CO₂(g) B) CaCO₃(s) —ऊष्मा→ Ca(s) + CO₂(g) C) CaCO₃(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + CO₂(g) D) CaO(s) + CO₂(g) → CaCO₃(s) ☑ सही उत्तर: (A) CaCO₃(s) —ऊष्मा→ CaO(s) + CO₂(g)। 📖 व्याख्या: चूना पत्थर का प्रमुख घटक कैल्सियम कार्बोनेट है। गर्म करने पर यह कैल्सियम ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड में टूटता है।

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☑ सही उत्तर: (B) चरण–1 संयोजन एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है; चरण–2 संयोजन अभिक्रिया नहीं है। 📖 व्याख्या: किसी अभिक्रिया में केवल दो अभिकारक होने से वह संयोजन अभिक्रिया नहीं बन जाती। संयोजन अभिक्रिया में एक ही प्रकार का उत्पाद बनना आवश्यक है। ⚗️ चरण–1: CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + ऊष्मा 🧾 पदार्थों के नाम: कैल्सियम ऑक्साइड + जल → कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड यहाँ एक उत्पाद बनता है और ऊष्मा निकलती है। ⚗️ चरण–2: Ca(OH)₂(aq) + CO₂(g) → CaCO₃(s) + H₂O(l) 🧾 पदार्थों के नाम: कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्सियम कार्बोनेट + जल यहाँ कैल्सियम कार्बोनेट और जल, दो प्रकार के उत्पाद बनते हैं। इसलिए यह संयोजन अभिक्रिया नहीं है। दोनों समीकरण संतुलित हैं। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 📌 त्वरित पुनरावृत्ति: 🔹 बिना बुझा चूना → CaO 🔹 बुझा हुआ चूना → Ca(OH)₂ 🔹 सफेदी के बाद बनने वाला पदार्थ → CaCO₃ 🔹 संयोजन अभिक्रिया → दो या अधिक अभिकारकों से एक उत्पाद 🔹 ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया → ऊर्जा निकलती है 🔹 ऊष्माशोषी अभिक्रिया → ऊर्जा अवशोषित होती है 📲 Download Dabra Classes Jaipur Application 👨‍🏫 Science By–डाबरा सर

Ca(OH)₂(aq) + CO₂(g) → CaCO₃(s) + H₂O(l) 🧾 पदार्थों के नाम: कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्सियम कार्बोनेट + जल ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–16. कोयले के दहन को दर्शाने वाली निम्नलिखित अभिक्रिया का सही वर्गीकरण कौन-सा है? C(s) + O₂(g) → CO₂(g) + ऊष्मा 🧾 पदार्थों के नाम: कार्बन + ऑक्सीजन → कार्बन डाइऑक्साइड A) संयोजन एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया B) संयोजन एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया C) वियोजन एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया D) द्विविस्थापन एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया ☑ सही उत्तर: (A) संयोजन एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया। 📖 व्याख्या: कार्बन और ऑक्सीजन मिलकर एक उत्पाद, कार्बन डाइऑक्साइड, बनाते हैं। इसलिए यह संयोजन अभिक्रिया है। अभिक्रिया में ऊष्मा निकलती है, इसलिए यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया भी है। दिया गया समीकरण संतुलित है क्योंकि दोनों ओर एक कार्बन तथा दो ऑक्सीजन परमाणु हैं। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–17. प्राकृतिक गैस के प्रमुख घटक मीथेन का ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में दहन होता है। निम्नलिखित में से कौन-सा समीकरण इस अभिक्रिया को सही तथा संतुलित रूप में दर्शाता है? A) CH₄ + O₂ → CO₂ + H₂O B) CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O C) 2CH₄ + O₂ → 2CO₂ + H₂O D) CH₄ + 2O₂ → 2CO₂ + H₂O ☑ सही उत्तर: (B) CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O। 📖 व्याख्या: मीथेन के पूर्ण दहन से कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनते हैं तथा ऊष्मा निकलती है। इसलिए यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: CH₄(g) + 2O₂(g) → CO₂(g) + 2H₂O(g) + ऊष्मा 🧾 पदार्थों के नाम: मीथेन + ऑक्सीजन → कार्बन डाइऑक्साइड + जलवाष्प 🔍 परमाणुओं की जाँच: • C: 1 = 1 • H: 4 = 4 • O: 4 = 4 अन्य विकल्पों में इन्हीं पदार्थों के समीकरण असंतुलित हैं। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–18. श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया मानने का सही कारण क्या है? A) इसमें ग्लूकोज़ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके ऊर्जा मुक्त करता है। B) इसमें कार्बन डाइऑक्साइड और जल से ग्लूकोज़ बनता है। C) इसमें ऊर्जा अवशोषित होने के बाद ही ऑक्सीजन बनती है। D) इसमें ग्लूकोज़ का केवल भौतिक अवस्था परिवर्तन होता है। ☑ सही उत्तर: (A) इसमें ग्लूकोज़ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके ऊर्जा मुक्त करता है। 📖 व्याख्या: पाचन के दौरान भोजन में उपस्थित कार्बोहाइड्रेट सरल पदार्थों, जैसे ग्लूकोज़, में टूटते हैं। कोशिकाओं में ग्लूकोज़ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके ऊर्जा मुक्त करता है। शरीर इस ऊर्जा का उपयोग विभिन्न कार्यों में करता है। ऊर्जा मुक्त होने के कारण श्वसन ऊष्माक्षेपी प्रक्रम है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: C₆H₁₂O₆(aq) + 6O₂(g) → 6CO₂(g) + 6H₂O(l) + ऊर्जा 🧾 पदार्थों के नाम: ग्लूकोज़ + ऑक्सीजन → कार्बन डाइऑक्साइड + जल ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔥 Q–19. कठिन प्रश्न — कथन आधारित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन–1: प्रत्येक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया में केवल एक ही उत्पाद बनता है। कथन–2: कुछ संयोजन अभिक्रियाएँ ऊष्माक्षेपी भी होती हैं। कथन–3: जिस अभिक्रिया में ऊर्जा अवशोषित होती है, उसे ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं। सही विकल्प चुनिए। A) केवल कथन–1 और कथन–2 सही हैं। B) केवल कथन–2 और कथन–3 सही हैं। C) केवल कथन–1 और कथन–3 सही हैं। D) तीनों कथन सही हैं। ☑ सही उत्तर: (B) केवल कथन–2 और कथन–3 सही हैं। 📖 व्याख्या: कथन–1 गलत है। ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया की पहचान ऊर्जा निकलने से होती है, उत्पादों की संख्या से नहीं। ⚗️ उदाहरण: CH₄(g) + 2O₂(g) → CO₂(g) + 2H₂O(g) + ऊष्मा 🧾 पदार्थों के नाम: मीथेन + ऑक्सीजन → कार्बन डाइऑक्साइड + जलवाष्प यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है, लेकिन इसमें दो प्रकार के उत्पाद बनते हैं। कथन–2 सही है। उदाहरण: CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + ऊष्मा 🧾 पदार्थों के नाम: कैल्सियम ऑक्साइड + जल → कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड यह संयोजन तथा ऊष्माक्षेपी, दोनों अभिक्रियाएँ हैं। कथन–3 भी सही है क्योंकि ऊर्जा अवशोषित करने वाली अभिक्रियाएँ ऊष्माशोषी होती हैं। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔥 Q–20. कठिन प्रश्न — क्रियाकलाप आधारित एक विद्यार्थी सफेदी से संबंधित परिवर्तन दो चरणों में लिखता है: चरण–1: कैल्सियम ऑक्साइड में जल मिलाकर कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड बनाना। चरण–2: कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड की वायु की कार्बन डाइऑक्साइड से अभिक्रिया द्वारा कैल्सियम कार्बोनेट तथा जल बनना। इन दोनों चरणों के संबंध में कौन-सा कथन सही है? A) दोनों चरण संयोजन अभिक्रियाएँ हैं क्योंकि दोनों में दो अभिकारक हैं। B) चरण–1 संयोजन एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है; चरण–2 संयोजन अभिक्रिया नहीं है क्योंकि उसमें दो प्रकार के उत्पाद बनते हैं। C) चरण–1 वियोजन अभिक्रिया है; चरण–2 में कैल्सियम ऑक्साइड बनता है। D) चरण–1 ऊष्माशोषी अभिक्रिया है; चरण–2 में कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है।

📚 Dabra Classes Jaipur 👨‍🏫 Science By–डाबरा सर 🧪 NCERT कक्षा–10 विज्ञान 📘 अध्याय–1: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 📝 सेट–2 | प्रश्न 11–20 🎯 स्तर: 8 मध्यम + 2 कठिन प्रश्न 🚂 Railway • SSC • CET • CTET • Board Exams 📌 विषय: संयोजन अभिक्रिया, ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ, बिना बुझा चूना, बुझा हुआ चूना, सफेदी, कोयले का दहन और श्वसन। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–11. निम्नलिखित में से कौन-सी परिस्थिति किसी अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के रूप में पहचानने का सही आधार है? A) एक अभिकारक से दो या अधिक उत्पाद बनते हैं। B) दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक ही उत्पाद बनाते हैं। C) अभिक्रिया में अनिवार्य रूप से अवक्षेप बनता है। D) अभिक्रिया में अनिवार्य रूप से गैस निकलती है। ☑ सही उत्तर: (B) दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक ही उत्पाद बनाते हैं। 📖 व्याख्या: संयोजन अभिक्रिया में दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं। इसकी पहचान उत्पादों की संख्या और अभिकारकों के संयोजन से होती है। गैस या अवक्षेप बनना आवश्यक नहीं है। ⚗️ संतुलित उदाहरण: 2Mg(s) + O₂(g) → 2MgO(s) 🧾 पदार्थों के नाम: मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड यहाँ दो अभिकारकों से केवल एक प्रकार का उत्पाद बनता है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–12. NCERT के क्रियाकलाप 1.4 में एक बीकर में कैल्सियम ऑक्साइड लेकर उसमें धीरे-धीरे जल मिलाया जाता है। इस क्रियाकलाप का सही प्रेक्षण कौन-सा है? A) बीकर ठंडा होता है और कैल्सियम कार्बोनेट बनता है। B) बीकर गर्म होता है और कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड बनता है। C) बीकर गर्म होता है और कैल्सियम धातु बनती है। D) बीकर ठंडा होता है और ऑक्सीजन गैस निकलती है। ☑ सही उत्तर: (B) बीकर गर्म होता है और कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड बनता है। 📖 व्याख्या: कैल्सियम ऑक्साइड जल से तीव्र अभिक्रिया करके कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड बनाता है। अभिक्रिया में पर्याप्त ऊष्मा निकलती है, इसलिए बीकर गर्म हो जाता है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + ऊष्मा 🧾 पदार्थों के नाम: कैल्सियम ऑक्साइड + जल → कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड दो अभिकारकों से एक उत्पाद बनने के कारण यह संयोजन अभिक्रिया भी है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–13. बिना बुझा चूना और बुझा हुआ चूना के रासायनिक नाम तथा सूत्रों का कौन-सा युग्म सही है? A) बिना बुझा चूना: कैल्सियम कार्बोनेट, CaCO₃; बुझा हुआ चूना: कैल्सियम ऑक्साइड, CaO B) बिना बुझा चूना: कैल्सियम ऑक्साइड, CaO; बुझा हुआ चूना: कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड, Ca(OH)₂ C) बिना बुझा चूना: कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड, Ca(OH)₂; बुझा हुआ चूना: कैल्सियम कार्बोनेट, CaCO₃ D) बिना बुझा चूना: कैल्सियम ऑक्साइड, CaO; बुझा हुआ चूना: कैल्सियम क्लोराइड, CaCl₂ ☑ सही उत्तर: (B) बिना बुझा चूना: CaO; बुझा हुआ चूना: Ca(OH)₂। 📖 व्याख्या: कैल्सियम ऑक्साइड को बिना बुझा चूना कहते हैं। इसमें जल मिलाने पर कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड बनता है, जिसे बुझा हुआ चूना कहते हैं। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + ऊष्मा 🧾 पदार्थों के नाम: बिना बुझा चूना + जल → बुझा हुआ चूना ध्यान रखें कि कैल्सियम कार्बोनेट का सूत्र CaCO₃ है। यह बुझा हुआ चूना नहीं है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–14. कैल्सियम ऑक्साइड की जल से होने वाली अभिक्रिया को संयोजन तथा ऊष्माक्षेपी, दोनों अभिक्रियाएँ क्यों कहा जाता है? A) इसमें एक अभिकारक टूटता है और ऊष्मा अवशोषित होती है। B) इसमें दो उत्पाद बनते हैं और ऊष्मा अवशोषित होती है। C) इसमें दो अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं और ऊष्मा निकलती है। D) इसमें कैल्सियम धातु बनती है और प्रकाश अवशोषित होता है। ☑ सही उत्तर: (C) इसमें दो अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं और ऊष्मा निकलती है। 📖 व्याख्या: अभिक्रियाओं का वर्गीकरण अलग-अलग आधारों पर किया जा सकता है। • उत्पाद बनने के आधार पर यह संयोजन अभिक्रिया है। • ऊर्जा परिवर्तन के आधार पर यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + ऊष्मा 🧾 पदार्थों के नाम: कैल्सियम ऑक्साइड + जल → कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड इसलिए एक ही अभिक्रिया एक से अधिक श्रेणियों में आ सकती है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 Q–15. दीवारों की सफेदी में प्रयुक्त कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड वायु के किस पदार्थ से अभिक्रिया करके कैल्सियम कार्बोनेट की परत बनाता है? A) ऑक्सीजन B) नाइट्रोजन C) कार्बन डाइऑक्साइड D) हाइड्रोजन ☑ सही उत्तर: (C) कार्बन डाइऑक्साइड। 📖 व्याख्या: सफेदी के बाद कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड वायु की कार्बन डाइऑक्साइड से धीरे-धीरे अभिक्रिया करता है। इससे कैल्सियम कार्बोनेट बनता है, जो दीवारों को चमकदार रूप देता है। यह परिवर्तन सफेदी के लगभग दो से तीन दिनों के बाद स्पष्ट होता है। ⚗️ संतुलित अभिक्रिया: