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ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜

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अगली ज़िंदगी आऊंगी मैं तेरी मनपसंद बन कर , इस ज़िंदगी अब फिर मुझे पहाड़ ही बन जाने दे ... 😌

मैं वो हूँ जो कहता था कि इश्क में क्या रखा है, कुछ अरसे से एक हीर ने मुझे राँझा बना रखा है। ~❤️

ना शामें है रंगीन सी , बग़ैर उसके तो मेरी सहर भी मजबूर है , ठंड लगना लाज़मी है मुझे , उसकी बाहें जो एक शहर दूर है...❤️

तुझसे बिछड़ के तेरी वफ़ा के बग़ैर भी, मैं सांस ले रहा हूं हवा के बग़ैर भी, मैं जी गया जो तेरे बिना तो अजब है क्या, ज़िन्दा हैं कितने लोग ख़ुदा के बग़ैर भी । ~🤏

Hugs are a powerful way to express love, comfort, and support. They can convey emotions that words sometimes fail to capture, offering a sense of warmth and connection.  ~Good morning 🌼

जो हर पल रहे आँखों के सामने ऐसी हीर बना रहा हूँ,                          वो न मिले तो न सही मैं उसकी तस्वीर बना रहा हूँ! ~🌼

एक अरसा गुज़ारा है मैंने तेरे बगैर अब तेरे साथ का सिलसिला यूं चले , एक मौसम रहूं मैं तेरी बाहों में और वो मौसम कभी न ढले ।।❤️🫠

जिस दिन तुझे गले लगायेंगे , हम नया साल तभी मनायेंगे ... 😤🙈

Wishing you a very happy and prosperous new year everyone 🎁❤️

ये सुर्ख लब, ये रुखसार, ये मदहोश नजरें , ये नाक की नथनी और ये कानों के झुमके...! इतने कम फासलों पर तो मयखाने भी नहीं होते! ~🧣

बेजान आईने का दखल गवारा नहीं हमें ! हम खुद को तेरी आँखों में देखना चाहते हैं ! ~🔐

अगर कोई आप पर मरता है तो कोशिश करें कि वो ज़िंदा रहे... 😌❤️

मिज़ाज हुआ बेपरवाह सा , मगर दिल में एक सादगी आयी... मुझे कहां थी तलब दो चार शख़्स जानने की मुझमें तो उसके बाद आवारगी आयी ... 🍂

उसूल-ए-मुहब्बत तो यही कहता है के , एक ही शख़्स पे दास्तान ख़त्म हो जाये।

खैरियत नहीं पूछते मेरी, मगर ख़बर रखते हैं.. मैंने सुना है कि वो, मुझ पर ही नज़र रखते हैं! ~🌟

ख्वाहिश ही रह गयी उसके साथ डूबता सूरज और सांझ का सितारा देखने की मेरी , ना उसे प्यार की कद्र रही ना इंतज़ार की .... 🍂

तड़पने का सलिका जिसे आता है हक़-ऎ-इश्क पर हक़ सिर्फ उसी का है! ~🌟

खुदगर्ज़ बना देती है शिद्दत की तलब भी... प्यासे को कोई दूसरा प्यासा नहीं लगता...!!

जब भी टकरायेगी सर्द हवाएँ तुमसे , तुम्हें गरमाहट याद आयेंगीं , तुम्हें मैं याद आऊंगी .. बूंदे सूनी ही रह जायेंगी छत की , जब बरसात आयेगी , तुम्हें मैं याद आऊंगी ... बिन बातों की रह जायेंगी वो चार दीवारें , जब मुस्कुराहट यादों के साथ आयेंगी , तुम्हें मैं याद आऊंगी... लगे रहना दिन भर दुनियादारी के कामों में तुम , रात को बंद कमरे में शराब आयेगी , फिर तुम्हें मैं याद आऊंगी... एक पल में भुला दूंगा तुम्हें मैं , तुमने कहा ... तुम आज़मा लेना , मैं दिल से नहीं जाऊंगी तुम्हें मैं याद आऊंगी ... ❤️

मैं कैसे सर्द हाथों से तुम्हारे गाल छूता था! दिसम्बर में तुम्हें मेरी शरारत याद आयेगी! ~🌼💙