ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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थक जाना दुनियां की महफ़िलों से तो!
आवाज देना मैं अकसर अकेला ही रहता हूँ!
~अभिराइट्स
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बेनाम से मोहब्बत भरे खत पड़े हैं संदूक में ,
जो तू हां करदे , तो
नाम लिख दूं ।। 🪄
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वो इतना मिला ही नहीं कि मुझे ग़ुरूर हो जाये ,
उसने मुझे छुआ ही नहीं कि कोई सुरूर हो जाये ,
आरज़ू मेरी भी थी उसे सीने से लगाने की ,
मगर किस्मत चाहती थी कि वो बस दिखे और दूर हो जाये ... 🌸🎀🩷
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अभी जो हम जुदा हुए तो बस ख्वाबों में मिलेंगे
रह जायेंगे सारे सवाल ठहरे हुए, हम रूठे रूठे जवाबों में मिलेंगे
पहना मैंने रंग तुम्हारी पसंद का और ले आई कुछ फूल
गुस्सा कम नहीं होता तुम्हारा
कि जान ! तुम जैसे लड़के तो नवाबों में मिलेंगे
भूलो ये नाराज़गी और हमे गले लगाओ
इसके बाद हम तुम्हें ना मयखाने की शराबों में मिलेंगे
मोहब्बत निभाना तुम आसमान की जैसे चांद से हो ,
इस ज़िंदगी के बाद हम तुम किताबों में मिलेंगे
ये रात बरसात और महक गुलमोहर सी
लौट जाओ घर जल्दी
हम सुबह सुबह ख्वाबों में मिलेंगे
~🦋
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रिश्ते दोनो ही बेह्तरीन हैं
बस मोहब्बत और दोस्ती में ये फर्क़ होता है ,
प्यार आंसू पोंछता हैं ,
और यार साथ रोता है....💜
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Hugs are a powerful way to express love, comfort, and support. They can convey emotions that words sometimes fail to capture, offering a sense of warmth and connection.
~Good morning ☀️☕️
~Abhiwrites ❤️🫂
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Repost from 💓सुकूँन 🍁
अपने सिवा किसी की तरफ़ मैं नहीं गया,
घबरा के खुदकुशी की तरफ़ मैं नहीं गया,
यूँ है कि ज़िंदगी नहीं आई मेरी तरफ,
यूँ है कि ज़िंदगी की तरफ़ मैं नहीं गया,
जिसमें न तेरे नाम से मुझको पुकारा जाय,
ऐसी किसी गली की तरफ़ मैं नहीं गया,
वो यार है और उस की ये ख़ूबी ही ख़ूब है,
उसकी किसी कमी की तरफ़ मैं नहीं गया,
इक साँस की तरह है इबादत मिरे लिए,
पाबंद बंदगी की तरफ़ मैं नहीं गया,
अरसा हुआ है आईना देखे हुए मुझे,
कबसे उस अजनबी की तरफ़ मैं नहीं गया,
वो प्यास थी कि सात समुंदर भी कम पड़ें,
फिर भी किसी नदी की तरफ़ मैं नहीं गया।
~⭐️🏃♂️
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कुछ फिकर , कुछ यादें लिए शामें गमगीन रो बैठेगा
एक अनजान सी सुबह के लिए रातें जहीन सो बैठेगा
और वो इंसान हैं , हर मोड़ पे,
बेहतर की तलाश में बेहतरीन खो बैठेगा 💫
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तारीफ़ हमारी भी करेगा ये ज़माना ,
कोई महफ़िल में हमारी मौत की अफवाह फैलाओ तो सही.... 🙌
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जो मैं पूछूं तुम्हारी पसंदीदा चीज़ें
तुम्हे मेरा नाम लेते कितना वक्त लगेगा ?
❤️✍
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नायब उलझनों की किताब सा मैं,
अब एक खुले एकांत की तलाश में हूँ!
सुप्रभात
~अभिwrites✔️
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