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बजरंग दल द्वारा संचालित बाबा बूढ़ा अमरनाथ जी की यात्रा हेतु विहिप सह संगठन महामंत्री श्री विनायक राव देशपांडे जी का समाज से आह्वाहन । यात्रा में जुड़ने के लिए वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करें । budhaamarnath.org https://x.com/i/status/2064555034634080325

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक व विश्व हिंदू परिषद के संस्थापक प.पू. माधवराव सदाशिव गोलवलकर 'गुरुजी' की पुण्यति
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक व विश्व हिंदू परिषद के संस्थापक प.पू. माधवराव सदाशिव गोलवलकर 'गुरुजी' की पुण्यतिथि पर कोटि कोटि नमन्। https://x.com/i/status/2062796960378327483

प्रेस विज्ञप्ति: सूर्या चौहान हत्याकांड की विश्व हिंदू परिषद द्वारा घोर निंदा, सभी दोषियों पर त्वरित व कठोर कार्रवाई की मांग गाजियाबाद। मई 31, 2026। विश्व हिंदू परिषद द्वारा, गाजियाबाद के खोड़ा में , ईद के दिन एक हिंदू युवक सूर्या चौहान की निर्मम हत्या की घटना की घोर निंदा करता है। विश्व हिन्दू परिषद शासन एवं प्रशासन से मांग करती है कि जिस प्रकार त्वरित जांच कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उसी प्रकार इस जघन्य अपराध में संलिप्त शेष सभी दोषियों की भी शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा उन्हें कठोरतम दंड दिलाया जाए। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री श्री बजरंग बागड़ा आज खोड़ा स्थित मृतक सूर्य के निवास पर पहुंचे और परिवारजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने सूर्य की माता, बहन एवं अन्य परिजनों को इस कठिन समय में सांत्वना दी तथा विश्वास दिलाया कि पूरा हिंदू समाज इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा स्वेच्छा से धन संग्रह कर एक सहयोग राशि भी परिवार को प्रदान की गई। परिषद ने आश्वस्त किया कि परिवार को हर संभव सहयोग किया जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान श्री बजरंग बागड़ा ने कहा कि यह एक अत्यंत जघन्य, कायराना एवं निंदनीय अपराध है, जिसकी त्वरित जांच और कठोरतम सजा आवश्यक है। मुस्लिम समाज ऐसे आपराधिक तत्वों पर नियंत्रण करने की ज़िम्मेदारी से बच नही सकता । श्री बागड़ा ने ऐसे अपराधी जिहादी मानसिकता पर अंकुश लगाने हेतु मुस्लिम नेतृत्व को तत्काल कार्यवाही करने के लिए आगाह किया ताकि देश में शांति और सौहार्द से साथ रहने का वातावरण विकसित हो सके । साथ ही प्रशासन न्यायिक प्रक्रिया के तहत कठोरतम सजा दिलाने की व्यवस्था करे जिससे असामाजिक आपराधिक तत्वों को यह स्पष्ट संदेश जाए कि वे बच नहीं सकते । इस दौरान विश्व हिन्दू परिषद के गाजियाबाद विभाग मंत्री अजय शर्मा,विभाग संगठन मंत्री साहिल वालिया, हरनंदी महानगर के अध्यक्ष बी के गुप्ता, नवीन गोतम,सौरभ तिवारी, राजेश तंवर, अमित पराशर,राजू पंडित, ललित जायसवाल भी उपस्थित रहे। जारी कर्ता: विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिंदू परिषद https://x.com/VHPDigital/status/2060998948366721038?s=20

गाजियाबाद के खोड़ा में नावालिग हिंदू युवक की जिहादियों द्वारा ईद पर कुर्बानी के नाम पर की गई नृशंस हत्या पर विहिप अध्यक्ष श्री आलोक कुमार जी का मैंनपुरी में दिया गया वक्तव्य। https://x.com/i/status/2060709535292301761

प्रेस वक्तव्य: गौहत्या व सनातन प्रतीकों का अपमान असहनीय; गौ रक्षार्थ किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है हिंदू समाज : डॉ. सुरेन्द्र जैन नई दिल्ली, 27 मई 2026। बकरीद के अवसर पर मुस्लिम समाज के एक वर्ग द्वारा गौहत्या की जिद पर अड़े रहने और इसके पक्ष में कुतर्क गढ़ने पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेन्द्र जैन ने आज तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण हिंदू समाज गाय को माता मानकर पूजता है। इसके बावजूद इस तरह की जिद पकड़े रहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। अपने कुकर्मों पर पर्दा डालने के लिए रोज नए तर्क गढ़कर हिंदू समाज की भावनाओं को आहत किया जा रहा है। सनातन और राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान पर उठाए सवाल: हाल ही में गौ माता को 'राष्ट्रीय पशु' घोषित करने की मांग वाले नए कुतर्क पर कड़ी आपत्ति जताते हुए विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री ने कहा कि गौ माता को मात्र एक 'पशु' कहकर संबोधित करना, गौ माता और संपूर्ण हिंदू समाज का अपमान है। उन्होंने जिहादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्र और सनातन के प्रतीकों के प्रति उनका रवैया जगजाहिर है। अदालती व सरकारी आदेश जारी होने के बावजूद 'वंदे मातरम' का अपमान किया जाता है और आज भी कई मदरसों में राष्ट्रगान नहीं गाया जाता। ऐसे में इस कट्टरपंथी वर्ग की बातों पर कोई विश्वास नहीं कर सकता। विगत घटनाओं और कानून उल्लंघन का दिया हवाला: डॉ. सुरेन्द्र जैन ने 2017 के पशु वध नियमन निर्देशों का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि जब सरकार ने नियम बनाए, तब केरल और बंगाल जैसे राज्यों में (जहाँ गौ हत्यारों के अनुकूल सरकारें थीं) सरेआम गायें काटी गईं। गौ माता का कटा हुआ सिर हाथ में लेकर देश भर में जो भौंडे और बेहूदे प्रदर्शन किए गए, वे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय थे। हिंदू समाज किसी भी सीमा तक जा सकता है: विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि देश के आधे से अधिक क्षेत्रफल में गौहत्या विरोधी कानून लागू होने के बावजूद इस तरह की जिद करना गलत है। हिंदू समाज गौहत्या को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने इतिहास का स्मरण कराते हुए कहा कि हिंदू समाज ने गौ माता की रक्षा के लिए ही 1857 की क्रांति की थी। डॉ. सुरेन्द्र जैन ने दृढ़तापूर्वक चेतावनी देते हुए कहा कि अपनी आस्था और गौ माता की रक्षा के लिए हिंदू समाज किसी भी सीमा तक जा सकता है। सह-अस्तित्व के लिए सम्मान आवश्यक : बयान के अंत में डॉ. सुरेन्द्र जैन ने संदेश दिया कि यदि समाज में शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व बनाए रखना है, तो दूसरे समाज की धार्मिक भावनाओं और आस्था का सम्मान करना भी कट्टरपंथियों को सीखना होगा। जिहादी जिद छोड़कर दूसरों की भावनाओं का सम्मान ही उन के हित में है। जारी कर्ता: विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिंदू परिषद https://x.com/i/status/2059537924233019808

नमामि गंगे तव पाद पंकजं, सुरासुरैः वंदित दिव्यरूपं। भुक्तिचं मुक्तिचं ददासनित्यं, भावानुसारें न सारे न सदा स्मरानाम।। पतित पा
नमामि गंगे तव पाद पंकजं, सुरासुरैः वंदित दिव्यरूपं। भुक्तिचं मुक्तिचं ददासनित्यं, भावानुसारें न सारे न सदा स्मरानाम।। पतित पावनी, मोक्षदायनी मां गंगा के अवतरण दिवस 'गंगा दशहरा' की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। हर हर गंगे! #GangaDussehra #गंगा_दशहरा https://x.com/vhpdigital/status/2058785239766609964?s=46

प्रेस वक्तव्य: गौ हत्या असंवैधानिक व अक्षम्य अपराध; हिंदू समाज इसे बर्दास्त नहीं करेगा: डॉ सुरेंद्र जैन नई दिल्ली। मई 23, 2026। विश्व हिंदू परिषद ने कोलकाता उच्च न्यायालय के उस निर्णय का स्वागत किया है जिसमें बकरीद के अवसर पर गौहत्या पर लगाए गए प्रतिबंधों को उचित ठहराते हुए कहा गया है कि गाय काटना मुस्लिम समाज का धार्मिक अधिकार नहीं है। विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने कहा है कि कोलकाता उच्च न्यायालय ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस संबंध में दिए गए एक निर्णय का संदर्भ भी दिया है जिसमें गौहत्या पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकारों द्वारा बनाए गए अधिनियमों को उचित ठहराया था। अब यह स्पष्ट हो गया है कि भारत में गौहत्या करना कानूनी अपराध है और हिंदू समाज इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि भारत के अधिकांश राज्यों में गौ हत्या निषेध का कानून पहले से है। शेष राज्य सरकारों को भी न्यायपालिका व हिंदू समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए अपने-अपने राज्यों में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहिए। इन राज्यों को भी स्पष्ट कर देना चाहिए कि वे भारतीय संविधान के साथ हैं या गौहत्यारों के। डॉ जैन ने कहा कि बंगाल व दिल्ली की सरकारों ने अपने ताजा आदेशों में बकरीद के अवसर पर होने वाली गौहत्या ही नहीं रोकी अपितु उस के लिए ऐसी व्यवस्था भी बनाई है जो पर्यावरण को खतरा पैदा ना कर सके और बर्बर रक्तपात के सार्वजनिक प्रदर्शन द्वारा शांतिप्रिय समाज को भी आहत न करे। विहिप इन दोनों सरकारों का अभिनंदन करती है और शेष राज्य सरकारों से आग्रह करती है कि वे भी न्यायपालिका, पर्यावरण व शांतिप्रिय समाज की भावनाओं का सम्मान करें तथा गोवंश हत्या रोकने तथा कथित कुर्बानी को व्यवस्थित करने के लिए शीघ्र ही आवश्यक आदेश जारी करें । गौहत्या के लिए भड़काने वाले मुस्लिम नेताओं व मुल्ला मौलवियों से उन्होंने पूछा कि भारत के अलावा कहीं और का मुसलमान गौहत्या के लिए जिद क्यों नहीं करता? क्या केवल हिंदू समाज को चिढ़ाने के लिए वे सर्व कल्याणकारी गौ माता की हत्या करवाते हैं? ऐसा कर वे न केवल हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करते हैं अपितु संविधान विरोधी कुकृत्य भी करते हैं। सड़क पर नमाज के बाद अब गौ हत्या के लिए उकसा कर वे मुस्लिम समाज के मन में हिंदुओं और न्यायपालिका के प्रति घृणा निर्माण कर रहे हैं जो कि उन के हित में नहीं है। कानून व हिंदू समाज की भावनाओं का सम्मान करके ही वे शांतिपूर्ण सह अस्तित्व में सहभागी बन सकते हैं। गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने के एक फेक नैरेटिव फैलाने वाले मुल्ले मौलवी बताएं कि जब वे राष्ट्र गीत वंदेमातरम् का ही खुल्ले में विरोध करते हैं तो भला वे कथित राष्ट्रीय पशु का सम्मान कैसे करेंगे? वे सब इस माध्यम से गौ हत्या के सजा से बचने का सिर्फ एक आसान मार्ग ढूंढ रहे हैं। गौ हत्यारों को कठोर सजा ही सही समाधान है। गोहत्या के महापाप को रोकना हिंदू का हमेशा से संकल्प रहा है। विहिप के गौरक्षा विभाग और बजरंग दल की गौरक्षा समितियां पूरे देश में निगरानी करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि सब न्यायपालिका के आदेश और संविधान का पालन करें। जारी कर्ता: विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिंदू परिषद https://x.com/i/status/2058077428443152749

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*प्रेस वक्तव्य: बजरंग दल की साहसिक बूढ़ा अमरनाथ यात्रा से हिंदू आबादी में 4% बढ़ोत्तरी; इस वर्ष यह यात्रा 17 अगस्त से: मिलिंद परांडे* नई दिल्ली। मई 21, 2026। भारतीय सीमा से सटे कश्मीर घाटी के पुंछ में बिराजमान श्री बाबा बूढा अमरनाथ के दर्शन पूजन हेतु बजरंग दल गत 21 वर्षों से लगातार एक साहसिक यात्रा का संचालन कर रहा है। इस बारे में बताते हुए विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री मिलिंद परांडे ने बताया है कि 90 के दशक में घाटी में जिहादी आतंकवाद और सीमापार से लगातार होने वाली गोलाबारी के चलते सदियों पुरानी यह महान यात्रा मृत प्राय: हो गयी थी। अब श्री बाबा बूढा अमरनाथ साहसिक यात्रा के नाम से प्रति वर्ष चलने वाली इस यात्रा के सहभागी श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बृद्धि हो रही है। इतना ही नहीं, वहाँ से निरंतर होने वाले हिंदुओं के पलायन पर भी विराम लगा है। हमें यह बताते हुए खुशी है कि वहाँ की स्थानीय हिन्दू जनसंख्या में लगभग 4% बृद्धि भी हुई है। उन्होंने कहा कि बजरंग दल द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली यह यात्रा का धार्मिक तो है ही, राष्ट्रीय एकात्मता में भी इसका एक महत्त्वपूर्ण योगदान है। यह सीमा पर प्रहरी के रूप में खड़े सेना के जवानों के प्रति सम्मान और गौरव के दर्शन की भी यात्रा है। इस यात्रा के परिणामस्वरूप यात्रा मार्ग में आने वाले सभी हिन्दू धर्मस्थलों का संरक्षण हुआ है तथा पाकिस्तान से लगी भारत की सीमा पर रहने वाले अल्पसंख्यक हिन्दुओं में ‘‘पलायन नहीं पराक्रम’’ का भाव जागृत हुआ है। यात्रा में बजरंग दल के देशभर के सभी प्रांतों के कार्यकर्ता भाग लेते हैं। इस बार यह यात्रा 16 अगस्त से 27 अगस्त तक चलेगी। विस्तृत ब्योरा देते हुए श्री परांडे ने बताया कि यात्रा का उद्घाटन 16 अगस्त 2026 को सायं 4 बजे भगवती नगर बेस कैम्प जम्मू में होगा। 17 अगस्त को प्रातः 5 बजे जम्मू से बाबा बूढ़ा अमरनाथजी के दर्शन हेतु पुंछ के लिए प्रस्थान करेगा। 18 अगस्त को प्रातः 6 बजे पुंछ से प्रस्थान कर दो घंटे बाद दर्शन और वहाँ से 10 बजे यात्रा की वापसी होगी। वापसी में राजौरी होते हुये सुन्दरबनी में रात्रि विश्राम और अगले दिन सुबह 5 बजे यात्रा शिवखोड़ी दर्शन के लिए प्रस्थान करेगी। तत्पश्चात यात्रा कटरा जाकर सम्पन्न होगी। यात्रा का यही क्रम प्रतिदिन रहेगा और हर दिन 4-5 प्रांतों के जत्थे दर्शन करेंगे। वर्ष 2005 में बजरंगदल द्वारा पुन: प्रारंभ की गई इस यात्रा में अब देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आने लगे हैं। उनकी सुविधा और व्यवस्था की दृष्टि से आज budhaamarnath.org पर एक वेब पोर्टल भी लॉन्च किया गया जिसके माध्यम से दुनिया में कहीं भी बैठा कोई श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है। दिल्ली में हुई इस प्रेस वार्ता में बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक श्री किशन प्रजापत भी उपस्थित थे। जारी कर्ता : विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिन्दू परिषद https://x.com/i/status/2057421573905420301

प्रेस वक्तव्य: सड़कों पर नमाज - नमाज़ नहीं फ़साद है; यह शक्ति प्रदर्शन बंद हो: विहिप नई दिल्ली। मई 20, 2026। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने आज कहा है कि सड़कों पर नमाज, नमाज नहीं फसाद है। यह केवल संविधान विरोधी ही नहीं है अपितु, मानवता और इस्लाम विरोधी भी है। इसके दुष्परिणामों को देखते हुए ही सात उच्च न्यायालयों ने सड़कों पर नमाज रोकने के आदेश दिए थे। माननीय सर्वोच्च न्यायालय भी ऐसे संकेत दे चुकी है। इसका अर्थ है सड़क पर नमाज पढ़ने की जिद न्यायपालिका की अवमानना भी है। उन्होंने कहा कि यह केवल 5 मिनट का मामला नहीं है। दिल्ली के सभी महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर घंटे ट्रेन बाधित हो जाती थी, जब पटरियों पर बैठकर नमाज पढ़ी जाती थी। गुरुग्राम से गुजरने वाले जयपुर हाईवे पर 8-8 घंटे ट्रैफिक जाम होता था। स्कूल बसें जाम में फंस जाती थी। मासूम बच्चे बिलखते रहते थे। एंबुलेंस के फंसने के कारण मरीजों की जान पर भी बन जाती थी लेकिन, किसी नमाज़ी का दिल नहीं पिघलता था। डॉ जैन ने कहा कि कई हदीसों में भी सड़क पर नमाज पढ़ने के लिए मना किया है। इसलिए कई मुस्लिम देशों में भी इस पर प्रतिबंध है। किसी भी सभ्य समाज में इसको अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने पूछा कि भारत में वे यह जिद क्यों करना चाहते हैं? वे कहते हैं कि हमें मस्जिदों में जगह नहीं मिलती तो हम सड़क पर उतरते हैं। जब गुरुग्राम में 38 जगह सड़के रोक कर नमाज पढ़ी जाती थी तब, समाज को गुस्सा आया और इसे रोकने के लिए आंदोलन हुए। उस समय पत्रकार बंधुओं ने दिखाया था कि गुरुग्राम से 40 किलोमीटर दूर से ट्रकों में चटाइयां लाई जा रही हैं, लोग लाए जा रहे हैं। रास्ते में पड़ने वाली बीसियों मस्जिदें खाली रहती थीं। इससे स्पष्ट है कि यह तर्क केवल धोखा देने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं है। वास्तव में तो यह एक शक्ति प्रदर्शन है। वे प्रशासन और हिंदू समाज को अपना संख्या बल दिखाकर आतंकित करना चाहते हैं। यह आतंकवाद का ही एक प्रकार है। विश्व हिंदू परिषद सभी राज्य सरकारों से अपील करती है कि वे सख्ती से सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगा न्यायपालिका और संविधान का पालन करने के लिए सबको प्रेरित करें। किसी भी तरह से सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मुल्ला - मौलवियों को भी चाहिए कि वे मुस्लिम समाज को कानून का पालन करने की प्रेरणा दें, ना कि उन्हें आतंकवाद के एक और मार्ग पर धकेलें। जारीकर्ता: विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिंदू परिषद https://x.com/VHPDigital/status/2056984920267079913?s=20

VHP's Reactions on Udhayanidhi Stalin’s Anti-Sanatan Statement : Dr Surender Jain https://x.com/i/status/2054506049693167735

उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान पर विहिप की प्रतिक्रिया: डा. सुरेंद्र जैन https://x.com/i/status/2054500487014367282

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𝐏𝐫𝐞𝐬𝐬 𝐒𝐭𝐚𝐭𝐞𝐦𝐞𝐧𝐭 : 𝐔𝐝𝐚𝐢𝐧𝐢𝐝𝐡𝐢'𝐬 𝐀𝐧𝐭𝐢-𝐒𝐚𝐧𝐚𝐭𝐚𝐧 𝐑𝐞𝐦𝐚𝐫𝐤𝐬 𝐌𝐮𝐬𝐭 𝐁𝐞 𝐄𝐱𝐩𝐮𝐧𝐠𝐞𝐝 𝐟𝐫𝐨𝐦 𝐀𝐬𝐬𝐞𝐦𝐛𝐥𝐲 𝐏𝐫𝐨𝐜𝐞𝐞𝐝𝐢𝐧𝐠𝐬: 𝐀𝐥𝐨𝐤 𝐊𝐮𝐦𝐚𝐫 (@AlokKumarLIVE ), 𝐕𝐇𝐏 New Delhi, May 13, 2026: Senior Advocate and International President of the Vishva Hindu Parishad, Shri Alok Kumar, strongly condemned the anti-Sanatan remarks made by Udhayanidhi Stalin in the Tamil Nadu Legislative Assembly. He questioned whether such a statement could ever be made by him against any other religion. He stated that the repeated insult and denigration of Sanatan Hindu Dharma and Hindu beliefs are contrary to democratic and constitutional values. The remarks made by the Leader of the Opposition should be immediately expunged from the Assembly proceedings. He further stated that it is extremely ironic that the very families and political parties which directly or indirectly derive benefits from Sanatan traditions, temples, and Hindu society are themselves speaking about eliminating Sanatan. The Government of Tamil Nadu receives substantial revenue from the state’s renowned temples and religious institutions associated with the Sanatan tradition. Despite this, displaying an anti-Sanatan mindset amounts to undermining the very source from which they benefit. Shri Alok Kumar also said that the new Chief Minister of Tamil Nadu should clearly state his government’s position on whether it stands for the respect of Sanatan traditions and Hindu beliefs, or it supports such divisive, malicious, and anti-Hindu statements. He demanded that such highly objectionable and divisive remarks be immediately removed from the Assembly records and that necessary measures be taken to prevent the recurrence of such incidents in the future. The VHP President also stated that Sanatan Hindu Dharma is the cultural soul of not only Tamil Nadu but the entire nation of India. History bears witness that many ideologies which attempted to eradicate Sanatan have themselves disappeared, while Sanatan continues to guide society with the same strength, faith, and universality, and will continue to do so in the future as well. 𝐈𝐬𝐬𝐮𝐞𝐝 𝐛𝐲: Vinod Bansal National Spokesperson Vishva Hindu Parishad https://x.com/i/status/2054426264711373071

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प्रेस वक्तव्य: सनातन विरोधी बयान दुर्भाग्यपूर्ण, विधानसभा की कार्यवाही से हटाया जाए : आलोक कुमार नई दिल्ली। मई 13, 2026। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आलोक कुमार ने तमिलनाडु विधानसभा में में दिए गए उदय निधि स्टालिन के सनातन विरोधी वक्तव्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि क्या वे इस प्रकार का वक्तव्य किसी अन्य मज़हब के विरुद्ध भी देने का साहस कर सकते हैं? सनातन हिंदू धर्म और उसकी आस्थाओं को निरंतर अपमानित करना लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के भी विपरीत है। नेता विपक्ष के इस बयान को अविलंब विधानसभा की कार्रवाई से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अत्यंत विडंबनापूर्ण स्थिति है कि जिन परिवारों और राजनीतिक दलों को स्वयं सनातन परंपराओं, मंदिरों और हिंदू समाज से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष लाभ प्राप्त होता है, वही लोग सनातन को समाप्त करने की बातें कर रहे हैं। तमिलनाडु सरकार को राज्य के प्रसिद्ध मंदिरों और सनातन परंपरा से जुड़े धार्मिक स्थलों से पर्याप्त राजस्व प्राप्त होता है, इसके बावजूद सनातन विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन करना उसी थाली में छेद करने जैसा है। श्री आलोक कुमार ने कहा कि तमिलनाडु के नवीन मुख्यमंत्री को भी इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि उनकी सरकार सनातन परंपरा और हिंदू आस्थाओं के सम्मान के पक्ष में है अथवा वह ऐसे विभाजनकारी और दुर्भावनापूर्ण हिंदूद्रोही वक्तव्यों का समर्थन करती है। श्री आलोक कुमार ने मांग की कि इस प्रकार के घोर आपत्तिजनक और विभाजनकारी वक्तव्य को विधानसभा की कार्यवाही से तत्काल हटाया जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएँ। विहिप अध्यक्ष ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म तमिलनाडु सहित पूरे भारत की सांस्कृतिक आत्मा है। इतिहास साक्षी है कि सनातन को समाप्त करने का प्रयास करने वाली अनेक विचार धाराएँ स्वयं समाप्त हो गईं, किंतु सनातन आज भी उतनी ही शक्ति, श्रद्धा और व्यापकता के साथ समाज का मार्गदर्शन कर रहा है और आगे भी करता रहेगा। जारीकर्ता: विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिंदू परिषद https://x.com/i/status/2054415093430186305