संविधान एवं राजव्यवस्था & समसामयिकी
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🔴 नए राज्यों का गठन
👉 आन्ध्र प्रदेश – 1953 👉 महाराष्ट्र – 1960 👉 गुजरात – 1960 👉 नगालैंड – 1962 (13वां संशोधन) 👉 हरियाणा – 1966 👉 हिमाचल प्रदेश – 1971 👉 मेघालय – 1972 👉 मणिपुर – 1972 👉 त्रिपुरा – 1972 👉 सिक्किम – 1975 (36वां संशोधन) 👉 मिजोरम – 1987 (53वां संशोधन) 👉 अरुणाचल प्रदेश – 1987 (55वां संशोधन) 👉 गोवा – 1987 (56वाँ संशोधन) 👉 छत्तीसगढ़ – 1 नवम्बर, 2000 👉 उत्तराखंड – 9 नवम्बर, 2000 👉 झारखंड – 15 नवम्बर, 2000 👉 तेलंगाना – 2 जून, 2014Join 👉https://t.me/EternalCivilAcademy
🔴 संघ एवं इसके राज्य क्षेत्रों से सम्बंधित अनुच्छेद –
👉 अनुच्छेद 1– संघ के क्षेत्र का नाम 👉 अनुच्छेद 2 – नये राज्यों के प्रवेश अथवा स्थापना का संसद का अधिकार 👉 अनुच्छेद 3 – नये राज्यों की स्थापना तथा वर्तमान राज्यों के क्षेत्रफल, सीमा अथवा नामों में परिवर्तन 👉 अनुच्छेद 4 – अनुच्छेद 2 एवं 3 के अंतर्गत बनाए गए कानून जिनके द्वारा पहली तथा चौथी अनुसूची एवं पूरक, अनुषांगिक एवं अनुवर्ती (Consequential) मामलों में संशोधन किया जा सके।Join 👉https://t.me/EternalCivilAcademy
🔘 संवैधानिक निकाय
▪️अनुच्छेद-76- महान्यायवादी ▪️अनुच्छेद-148-नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ▪️अनुच्छेद-165-महाधिवक्ता ▪️अनुच्छेद - 243I - राज्य वित्त आयोग ▪️अनुच्छेद - 243K- राज्य निर्वाचन आयोग ▪️अनुच्छेद 243ZD- जिला योजना समिति ▪️ अनुच्छेद 263- अंतरराज्यीय परिषद ▪️ अनुच्छेद 280- वित्त आयोग ▪️ अनुच्छेद 279ए- जीएसटी परिषद ▪️ अनुच्छेद 315- लोक सेवा आयोग ▪️ अनुच्छेद 324- निर्वाचन आयोग ▪️अनुच्छेद 338- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ▪️अनुच्छेद 338A- राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ▪️अनुच्छेद 338B- राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ▪️अनुच्छेद 350B- भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी Join 👉https://t.me/EternalCivilAcademy
केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) (Central Vigilance Commission) 👆
📚 Uniform Civil Code (UCC) Notes | UPSC CSE / State PCS Mains
✅ असम UCC बिल पारित करने वाला भारत का तीसरा राज्य बना।
🔹 1st State – उत्तराखंड (2024)
🔹 2nd State – गुजरात (2026)
🔹 3rd State – असम (2026)
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📌 UCC क्या है?
Uniform Civil Code (समान नागरिक संहिता) का अर्थ है—
सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेना, भरण-पोषण आदि मामलों में समान नागरिक कानून लागू होना, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।
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📖 Constitutional Basis
🔹 Article 44 (DPSP)
“राज्य पूरे भारत में नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।”
➡️ यह Directive Principles of State Policy (DPSP) में है।
➡️ Non-justiciable है।
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📌 UCC किन विषयों से संबंधित है?
• Marriage
• Divorce
• Inheritance
• Adoption
• Maintenance
• Guardianship
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📌 UCC के पक्ष में तर्क
✅ Equality before law (Art. 14)
✅ Gender Justice
✅ National Integration
✅ Secularism को मजबूती
✅ अलग-अलग personal laws की जटिलता समाप्त
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📌 UCC के विरोध में तर्क
❌ Religious Freedom (Art. 25) पर प्रभाव
❌ Cultural Diversity को खतरा
❌ Minority concerns
❌ Tribal customs प्रभावित होने की आशंका
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📌 Important Judgments
⚖️ Shah Bano Case (1985)
➡️ Supreme Court ने UCC की आवश्यकता बताई।
⚖️ Sarla Mudgal Case (1995)
➡️ Personal laws के misuse पर चिंता व्यक्त।
⚖️ Shayara Bano Case (2017)
➡️ Triple Talaq unconstitutional घोषित।
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📌 Assam UCC Bill 2026 – Key Features
🔹 Polygamy ban
🔹 Marriage registration compulsory
🔹 Live-in relationship registration
🔹 Equal inheritance rights
🔹 Women & child rights protection
🔹 ST communities को कुछ छूट
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📝 UPSC/PCS Mains Questions
“Uniform Civil Code भारतीय संविधान के समानता एवं धर्मनिरपेक्षता के आदर्शों को सुदृढ़ करती है।” विवेचना कीजिए।
भारत में UCC लागू करने के पक्ष एवं विपक्ष में दिए गए तर्कों का परीक्षण कीजिए।
धार्मिक स्वतंत्रता और समान नागरिक संहिता के मध्य संतुलन की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।
शाह बानो एवं सरला मुद्गल मामलों के संदर्भ में UCC की आवश्यकता का परीक्षण कीजिए।
“UCC केवल कानूनी सुधार नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का विषय है।” टिप्पणी कीजिए।
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✍️ Essay Topics
🖋️ “समान नागरिक संहिता : संवैधानिक आदर्श या सामाजिक चुनौती?”
🖋️ “धर्मनिरपेक्ष भारत में Uniform Civil Code की आवश्यकता”
🖋️ “लैंगिक न्याय की दिशा में समान नागरिक संहिता का महत्व”
🖋️ “विविधता में एकता : क्या भारत UCC के लिए तैयार है?”
🖋️ “धार्मिक स्वतंत्रता और समान नागरिक संहिता के मध्य संतुलन”
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📌 Answer Writing Keywords
• Constitutional Morality
• Gender Justice
• Secularism
• Legal Uniformity
• Inclusive Reform
• Social Harmony
• Pluralism
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✅ Ready-made Conclusion
“Uniform Civil Code का उद्देश्य केवल विधिक समानता स्थापित करना नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक न्याय एवं सांस्कृतिक विविधता के मध्य संतुलन स्थापित करना भी है।”
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निम्नलिखित में से किस समिति में राज्य सभा का प्रतिनिधित्व नहीं होता है?
किस अनुच्छेद को युद्ध या बाह्य आक्रमण के आधार पर घोषित आपातकाल के दौरान भी निलंबित नहीं किया जा सकता है?
Which Articles of the Indian Constitution CANNOT be suspended even during an emergency declared on the grounds of war or external aggression?
1892 के के भारतीय परिषद अधिनियम ने विधान परिषद के कार्यों में वृद्धि की। इसके तहत बजट पर बहस करने की शक्ति दी गई, परंतु मतदान का अधिकार नहीं था। इस अधिनियम के तहत 6 दिन की पूर्व नोटिस पर कार्यपालिका से प्रश्न पूछने की अनुमति दी गई, परंतु पूरक प्रश्न पूछने का अधिकार नहीं था।
निम्नलिखित में से किस अधिनियम के अंतर्गत भारतीय विधान परिषद को बजट पर बहस करने की शक्ति प्राप्त हुई?
उपर्युक्त में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं?
भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 के संबंध में निम्न कथनों को पढ़कर सही विकल्प चुनें-
(i) इसे 3 फरवरी 1893 को लागू किया गया।
(ii) सदस्यों को वार्षिक बजट पर बहस करने तथा सरकार से 6 दिन की पूर्व नोटिस पर प्रश्न पूछने का अधिकार दिया गया।
(iii) कुल 24 सदस्यों में से गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या 5 थी।।
भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 के द्वारा भारत के गवर्नर जनरल की कार्यकारी परिषद को पोर्टफोलियो प्रणाली पर कार्य करने वाली कैबिनेट में बदल दिया गया था, जिसमें राजस्व, सैन्य, कानून, वित्त और गृह विभागों के प्रमुख के रूप में पांच सदस्य शामिल थे। 1874 ई. में इसमें छठा सदस्य (लोक निर्माण विभाग हेतु) जुड़ा। इस अधिनियम के द्वारा विधायी कार्य के लिए अतिरिक्त सदस्यों की संख्या न्यूनतम 6 और अधिकतम 12 कर दी गई थी, जिन्हें गवर्नर जनरल द्वारा 2 वर्ष की अवधि हेतु नामित किया जाता था। इन अतिरिक्त सदस्यों में से कम-से-कम आधे गैर-सरकारी होने थे। इस अधिनियम के तहत केंद्रीय और प्रांतीय विषयों के बीच कोई भेद नहीं किया गया था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं?
भारतीय परिषद अधिनियम (1861) के संबंध में निम्न कथनों को पढ़कर सही विकल्प चुनें-
(i) इस अधिनियम के फलस्वरूप गवर्नर जनरल की कार्यपालिका परिषद में कुल सदस्यों की संख्या 7 हो गई।
(ii) विधि निर्माण के लिए अतिरिक्त सदस्यों की संख्या कम-से-कम 6 और अधिक-से-अधिक 12 कर दी गई।
(iii) प्रांतीय और केंद्रीय विषयों में किसी तरह का भेदभाव नहीं रखा गया।
1988 → 61st Amendment
Voting Age 21 → 18 (Article 326)
1992 → 73rd Amendment
Panchayati Raj (Part IX)
1992 → 74th Amendment
Municipalities (Part IX-A)
2002 → 86th Amendment
Right to Education (Article 21A)
2003 → 91st Amendment
Limit on Council of Ministers (15%)
2011 → 97th Amendment
Cooperative Societies (Part IX-B)
2016 → 101st Amendment
GST – One Nation One Tax
2018 → 102nd Amendment
Constitutional Status to NCBC
2019 → 103rd Amendment
10% EWS Reservation
2020 → 104th Amendment
Extended SC/ST Reservation
Removed Anglo-Indian Nomination
2023 → 106th Amendment
33% Women Reservation in
Lok Sabha & State Assemblies
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