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संविधान एवं राजव्यवस्था & समसामयिकी

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🔲इंटरनेट का अधिकार : बच्चों का मौलिक अधिकार ◼️सर्वोच्च न्यायालय ऐतिहासिक फैसला: संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्
🔲इंटरनेट का अधिकार : बच्चों का मौलिक अधिकार
◼️सर्वोच्च न्यायालय ऐतिहासिक फैसला: संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) और अनुच्छेद 19(1)(a) (वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) के तहत बच्चों सहित प्रत्येक व्यक्ति को इंटरनेट तक पहुंच और उसके इस्तेमाल का मौलिक अधिकार प्राप्त है। ◼️केस का नाम: जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलायंस बनाम एस. हरीश और अन्य ◼️न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि उम्र की परवाह किए बिना बच्चों को भी ये संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं। ◼️न्यायालय ने पूर्ण प्रतिबंध के बजाय उम्र के अनुरूप और संतुलित सुरक्षा उपाय अपनाने पर जोर दिया।
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राज्यसभा सीटों की संख्या राज्यवार.
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संवैधानिक उपचारों के अधिकार को किसने 'संविधान की आत्मा' कहा है?
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संवैधानिक उपचारों का अधिकार किस अनुच्छेद के अंतर्गत आते है?
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किस अनुच्छेद में अल्पसंख्यकों की शिक्षा का संरक्षण किया गया है?
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ब्रिटिश काल में गठित महत्वपूर्ण आयोग एवं समिति:- 1. इनाम आयोग (1852):- उद्देश्य: इनाम एवं कर-मुक्त भूमि अनुदानों की जाँच करना। • बंबई प्रेसीडेंसी में इनाम आयोग ने भूमि अनुदानों की जाँच की। • कई भूमि अनुदानों को अमान्य घोषित किए जाने से भारतीय भू-स्वामियों में असंतोष बढ़ा। 2. हंटर शिक्षा आयोग (1882) अध्यक्ष: विलियम विल्सन हंटर। गठन: लॉर्ड रिपन के समय। उद्देश्य: 1854 के वुड्स डिस्पैच के बाद शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना। प्रमुख सिफारिशें: • प्राथमिक शिक्षा के विकास पर बल। • प्राथमिक शिक्षा का दायित्व स्थानीय निकायों को सौंपने की सिफारिश। • माध्यमिक शिक्षा में निजी प्रयासों को प्रोत्साहन। 3. अफीम आयोग (1893) गठन: लॉर्ड लैंसडाउन के समय। उद्देश्य: भारत में अफीम उत्पादन, उपभोग और व्यापार की स्थिति की जाँच करना। • आयोग ने भारत में अफीम की खेती और उसके औपनिवेशिक राजस्व में योगदान से जुड़े प्रश्नों की समीक्षा की। 4. सिंचाई आयोग (1901) गठन: लॉर्ड कर्जन के समय। उद्देश्य: भारत में सिंचाई व्यवस्था की स्थिति और उसके विकास की संभावनाओं की समीक्षा करना। • कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर बल दिया गया। 5. विश्वविद्यालय आयोग (1902) अध्यक्ष: सर थॉमस रैले। गठन: लॉर्ड कर्जन के समय। उद्देश्य: भारतीय विश्वविद्यालयों की स्थिति एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा करना। • इसकी सिफारिशों के आधार पर भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904 पारित किया गया.। 6. ली आयोग (1924) पूरा नाम: रॉयल कमीशन ऑन द सुपीरियर सिविल सर्विसेज इन इंडिया। अध्यक्ष: लॉर्ड ली ऑफ फेयरहैम। उद्देश्य: भारत में उच्च सिविल सेवाओं की संरचना एवं भारतीयकरण की समीक्षा करना। प्रमुख सिफारिशें: • उच्च सेवाओं में भारतीयों की भागीदारी बढ़ाना। • भारत में लोक सेवा आयोग की स्थापना की दिशा में कदम उठाना। परीक्षा तथ्य: ली आयोग की सिफारिशों के आधार पर 1926 में केंद्रीय लोक सेवा आयोग की स्थापना हुई। 7. बटलर समिति (1927) अध्यक्ष: सर हारकोर्ट बटलर। गठन: लॉर्ड इरविन के समय। उद्देश्य: ब्रिटिश सरकार और भारतीय देशी रियासतों के संबंधों की जाँच करना। प्रमुख तथ्य:- इसने ब्रिटिश क्राउन की सर्वोच्चता और देशी रियासतों के साथ उसके संबंधों पर विचार किया। समिति ने सुझाव दिया कि देशी रियासतों से संबंधित मामलों में ब्रिटिश भारतीय सरकार की भूमिका के बजाय सीधे क्राउन के प्रतिनिधि की भूमिका महत्त्वपूर्ण होनी चाहिए। परीक्षा तथ्य: बटलर समिति का संबंध देशी रियासतों से था। 8. साइमन आयोग (1927) • अध्यक्ष: सर जॉन साइमन। गठन: 8 नवंबर 1927। भारत आगमन: 3 फरवरी 1928। • उद्देश्य: भारत शासन अधिनियम, 1919 के कार्यान्वयन की समीक्षा करना और संवैधानिक सुधारों पर सुझाव देना। • इसमें कुल सात सदस्य थे और सभी ब्रिटिश थे। • भारतीयों की अनुपस्थिति के कारण इसका व्यापक विरोध हुआ। • प्रमुख नारा: “साइमन वापस जाओ।” • लाला लाजपत राय ने लाहौर में इसके विरोध का नेतृत्व किया और पुलिस लाठीचार्ज में घायल होने के बाद 17 नवंबर 1928 को उनकी मृत्यु हो गई। 9. व्हिटले आयोग (1929) • पूरा नाम: रॉयल कमीशन ऑन लेबर इन इंडिया। • अध्यक्ष: जे. एच. व्हिटले। गठन: 1929। • उद्देश्य: भारत में श्रमिकों की स्थिति, मजदूरी, कार्य परिस्थितियों और श्रम कानूनों की समीक्षा करना। • इसने औद्योगिक श्रमिकों की दशा सुधारने और श्रम कल्याण से जुड़े उपायों पर बल दिया। परीक्षा तथ्य: व्हिटले आयोग का संबंध श्रमिकों से था। 10. क्रिप्स मिशन (1942) प्रमुख: सर स्टैफर्ड क्रिप्स। भारत आगमन: मार्च 1942। उद्देश्य: द्वितीय विश्वयुद्ध में भारतीय सहयोग प्राप्त करने के लिए संवैधानिक प्रस्ताव प्रस्तुत करना। प्रमुख प्रस्ताव: • युद्ध के बाद भारत को डोमिनियन स्टेटस देने का प्रस्ताव। • युद्ध के बाद संविधान निर्माण के लिए संविधान सभा गठित करने की योजना। • प्रांतों को प्रस्तावित भारतीय संघ से बाहर रहने का विकल्प। • कांग्रेस और मुस्लिम लीग ने अलग-अलग कारणों से इसके प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए। परीक्षा तथ्य: क्रिप्स मिशन की विफलता के बाद अगस्त 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ। #UPPCS #The@ThePCSHub1 #The@ThePCSHub1

किस दौरान शोक दिवस व राखी दिवस का आयोजन किया गया था ?
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विविध तथ्य (Quick Facts)
Pivot to Asia: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) की नीति। ​विदेश में प्रथम भारत महोत्सव: 1982 (ब्रिटेन)। ​ ​बर्बर भाषी समुदाय: उत्तर अफ़्रीकी देशों (मोरक्को आदि) में। ​चकमा शरणार्थी: बांग्लादेश से भारत आए शरणार्थी। ​Yellow Book: फ्रांस की सरकारी रिपोर्ट/दस्तावेज। ​संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence): पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकती है। ​एयर इंडिया का राष्ट्रीयकरण: 1953 | SBI (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया): 1955। ​व्यापार की स्वतंत्रता: अनुच्छेद 301-307 (भारत के राज्य क्षेत्र के भीतर व्यापार व वाणिज्य)। ​UIDAI (2009): प्रथम अध्यक्ष - नंदन नीलेकणि | प्रथम महानिदेशक - आर. एस. शर्मा।

​शपथ प्रारूप (तीसरी अनुसूची):
​राष्ट्रपति: संविधान के प्रति निष्ठा व संरक्षण (अनुच्छेद 60)। ​SC जज: संविधान व विधि की मर्यादा बनाए रखने की शपथ। ​संसद सदस्य: कर्तव्य निष्ठापूर्वक निर्वहन। ​संघ के मंत्री: गोपनीयता की शपथ (Secrecy)।

महत्वपूर्ण अधिनियम व संगठन (Key Acts & Organizations)
​बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम: 1986
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राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग: 1992 (अधिनियम 1992)
​
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम: 1995
​
अल्पसंख्यक आयोग: यह एक सांविधिक (Statutory) निकाय है, संवैधानिक नहीं।
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ST जनसंख्या क्रम: सर्वाधिक ST आबादी - मध्य प्रदेश > महाराष्ट्र > ओडिशा > बिहार

संवैधानिक आयोग एवं आरक्षण (Constitutional Commissions & Reservation) ​
अनुच्छेद 330 व 332: लोकसभा (330) तथा विधानसभाओं (332) में SC/ST के लिए सीटों का आरक्षण। ​अनुच्छेद 331 व 333: लोकसभा (331) तथा विधानसभाओं (333) में एंग्लो-इंडियन का प्रतिनिधित्व (अब निष्प्रभावी)। ​आयोग (Articles): SC आयोग (338), ST आयोग (338A), और पिछड़ा वर्ग/OBC आयोग (338B - 102वां संशोधन)। ​अनुच्छेद 341 व 342: राष्ट्रपति राज्यपाल से परामर्श के बाद किसी राज्य में जाति को SC (341) या ST (342) के रूप में विनिर्दिष्ट करते हैं। ​प्रथम पिछड़ा वर्ग आयोग: अनुच्छेद 340 के तहत गठित, अध्यक्ष - काका कालेलकर (1953)।

प्रमुख अध्यक्ष (Important Chairmen)
​प्रथम (1st Head): के. सी. नियोगी (K. C. Neogy) ​12वें: सी. रंगराजन ​13वें: विजय केलकर ​14वें: वाई. वी. रेड्डी ​15वें: एन. के. सिंह ​16वें: अरविंद पनगढ़िया

महत्वपूर्ण तिथियां एवं तथ्य
​अधिवेशन / बैठकें: कुल 11 अधिवेशन (अंतिम बैठक: 24 जनवरी 1950)। ​अंगीकृत (Adopted): 26 नवंबर 1949 (नागरिकता, चुनाव, और अस्थायी उपबंध लागू)। ​पूर्ण रूप से लागू: 26 जनवरी 1950। ​डॉ. अम्बेडकर का निर्वाचन: पहले बंगाल (पूर्वी भाग) से, विभाजन के बाद बॉम्बे (पुणे सीट) से उपचुनाव द्वारा ​वयस्क मताधिकार पर रोक: मौलाना आजाद ने वयस्क मताधिकार को 15 वर्षों के लिए स्थगित करने की बात कही थी।

​महत्वपूर्ण व्यक्ति एवं पद
​संविधान सभा के सलाहकार: B.N. राव (इन्होंने ही प्रथम प्रारूप तैयार किया था)। ​अस्थायी अध्यक्ष: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (9 दिसंबर 1946)। ​स्थायी अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद (11 दिसंबर 1946)। ​प्रारूप समिति के अध्यक्ष: डॉ. बी. आर. अम्बेडकर (कांग्रेस के एकमात्र मूल सदस्य: K.M. मुंशी)। ​संघ संविधान समिति के अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू। ​प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष: सरदार वल्लभभाई पटेल।

​संविधान सभा की संरचना एवं चुनाव
​कुल सदस्य संख्या: 389 (296 ब्रिटिश भारत से + 93 देशी रियासतों से)। ​चुनाव परिणाम: जुलाई-अगस्त 1946 में 296 सीटों पर चुनाव (208 कांग्रेस, 73 मुस्लिम लीग)। ​विशेष बिंदु: देशी रियासतों ने इसमें भाग नहीं लिया। ​मताधिकार: 1935 के अधिनियम अनुसार कर, शिक्षा एवं संपत्ति के आधार पर सीमित था। ​महिला सदस्य: संविधान सभा में कुल 15 महिला सदस्य थीं।

​संविधान सभा का गठन एवं मांग
सर्वप्रथम मांग: स्वराज्य पार्टी द्वारा (1934)। ​आधिकारिक मांग: INC (कांग्रेस) के स्तर पर पहली बार 1935 में। ​क्रिप्स मिशन (1942): निर्वाचित संविधान सभा द्वारा संविधान निर्माण का प्रस्ताव दिया। ​कैबिनेट मिशन (1946): इसके तहत अप्रत्यक्ष निर्वाचन (Indirectly Elected) के आधार पर संविधान सभा का गठन हुआ।