संविधान एवं राजव्यवस्था & समसामयिकी
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भारतीय संविधान में निम्नलिखित में से कहां पर सामाजिक, आर्थिक व राजनेतिक न्याय का उल्लेख है?
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अनुच्छेद ..में प्रावधान हैं कि राज्य,आय की असमानताओं को कम करने का प्रयास करेगा और व्यष्टियों व विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले और विभिन्न व्यवसायों में लगे हुए लोगों के समूहों के बीच भी प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानता समाप्त करने का प्रयास करेगा
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अनुच्छेद 38 के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं हैं?
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संविधान के किस अनुच्छेद में प्रावधान किया गया है कि राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्यवस्था बनाएगा??
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निम्नलिखित में से संविधान के किस अनुच्छेद में "राज्य का कर्तव्य" शब्दावली का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है??
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भारत के संविधान के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा देश के शासन के लिए आधारभूत है?
(l.A.S pre 2013)
Consider the following statements regarding the Government of India Act.pdf
🔳 18वीं लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर
✅ 20 जून 2024 को भर्तृहरि महताब को 18वीं लोकसभा का प्रोटेम स्पीकर (अस्थायी अध्यक्ष) नियुक्त किया गया। ✅ प्रोटेम स्पीकर का मुख्य कार्य: नवनिर्वाचित लोकसभा सदस्यों को शपथ दिलाना। लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया का संचालन करना। नए अध्यक्ष के चुने जाने तक सदन की अध्यक्षता करना। 🔳 संविधान में प्रोटेम स्पीकर से संबंधित प्रावधान ✅ संविधान में 'Pro Tem Speaker' शब्द का कहीं भी स्पष्ट उल्लेख नहीं है। ✅ इसकी व्यवस्था संवैधानिक परंपरा (Constitutional Convention) के आधार पर की जाती है। ✅ अनुच्छेद 95(1) के अंतर्गत राष्ट्रपति लोकसभा के किसी सदस्य को अध्यक्ष के कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त कर सकते हैं। इसी आधार पर प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति की जाती है। ✅ प्रोटेम स्पीकर को भारत के राष्ट्रपति पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं। ✅ लोकसभा के नए अध्यक्ष के चुने जाने के बाद प्रोटेम स्पीकर का कार्यकाल स्वतः समाप्त हो जाता है। 📌 परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य ✅ स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रोटेम स्पीकर – जी. वी. मावलंकर ✅ स्वतंत्र भारत के प्रथम लोकसभा अध्यक्ष – जी. वी. मावलंकर > याद रखें: जी. वी. मावलंकर पहले प्रोटेम स्पीकर भी थे और बाद में प्रथम लोकसभा अध्यक्ष भी बने। यही तथ्य अक्सर परीक्षाओं में पूछा जाता है।
🔳 राज्य के नीति निदेशक तत्वों में गाँधीवादी सिद्धान्त को प्रतिबिम्बित करने वाले प्रावधान
▪️अनुच्छेद 40: राज्य ग्राम पंचायतों को स्वशासन की इकाइयों के रूप में संगठित करने के लिये कदम उठाएगा।
▪️अनुच्छेद 43: राज्य ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत या सहकारी आधार पर कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा।
▪️अनुच्छेद 43B: सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कामकाज, लोकतांत्रिक नियंत्रण और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देना।
▪️अनुच्छेद 46: राज्य समाज के कमज़ोर वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और अन्य कमज़ोर वर्गों के शैक्षिक और आर्थिक हितों को बढ़ावा देगा।
▪️अनुच्छेद 47: राज्य सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार के लिये कदम उठाएगा और नशीले पेय तथा स्वास्थ्य के लिये हानिकारक नशीले पदार्थों के सेवन पर रोक लगाएगा।
▪️अनुच्छेद 48: गायों, बछड़ों और अन्य दुधारू पशुओं के वध पर रोक लगाने तथा मवेशियों को पालने एवं उनकी नस्लों में सुधार करने के लिए
#Imp
संविधान हत्या दिवस' भारत में हर साल 25 जून को मनाया जाने वाला एक राष्ट्रीय स्मरण दिवस है, जिसकी घोषणा केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल (Emergency) की याद में की गई थी। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने जुलाई 2024 में इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी।
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फुटपाथ पर पैदल चलना अब मौलिक अधिकारसर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में पैदल चलने और सुरक्षित फुटपाथ का उपयोग करने को नागरिकों का मौलिक अधिकार माना है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि सड़कों पर मोटर वाहनों से ज्यादा अधिकार पैदल चलने वालों का है।
मौलिक अधिकारों का आधारअनुच्छेद 19(1)(d): इसके तहत देश में स्वतंत्र रूप से आने-जाने और घूमने की आजादी मिलती है, जिसमें सुरक्षित फुटपाथ पर चलना भी शामिल है। अनुच्छेद 21: यह 'जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार' है, जो पैदल यात्रियों को सुरक्षित माहौल प्रदान करता है।
🔴🔴 लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee - PAC)
➡️ गठन: भारत सरकार अधिनियम, 1919 के तहत पहली बार 1921 में गठन।
➡️ कुल सदस्य: 22
🔹 15 सदस्य – लोकसभा से
🔹 7 सदस्य – राज्यसभा से
➡️ लोकसभा एवं राज्यसभा के सदस्यों का निर्वाचन अपने-अपने सदन द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation) के अंतर्गत एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote) से किया जाता है।
➡️ अध्यक्ष (Chairperson) की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष द्वारा की जाती है।
➡️ परंपरानुसार समिति का अध्यक्ष विपक्ष के सदस्य को बनाया जाता है।
➡️ कार्यकाल: 1 वर्ष
🔹 प्रमुख कार्य
✅ भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टों की जांच करना।
✅ संसद द्वारा स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुसार हुआ या नहीं, इसकी समीक्षा करना।
✅ सरकारी व्ययों में अनियमितता, अपव्यय एवं वित्तीय त्रुटियों की जांच करना।
✅ सार्वजनिक व्यय पर संसदीय नियंत्रण सुनिश्चित करना।
✅ प्राक्कलन समिति (Estimates Committee) के साथ मिलकर सरकारी खर्चों पर निगरानी रखना।
📌 परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
🔸 स्थापना: 1921
🔸 कुल सदस्य: 22 (15 लोकसभा + 7 राज्यसभा)
🔸 कार्यकाल: 1 वर्ष
🔸 अध्यक्ष: लोकसभा अध्यक्ष द्वारा नियुक्त
🔸 परंपरा: अध्यक्ष विपक्ष से
🔸 मुख्य कार्य: CAG रिपोर्टों की जांच एवं सरकारी व्यय की समीक्षा
✨ ट्रिक:
"PAC = Public Accounts Committee = सरकारी खर्चों की संसद द्वारा जांच" 📊🏛️
🔴 नए राज्यों का गठन
👉 आन्ध्र प्रदेश – 1953 👉 महाराष्ट्र – 1960 👉 गुजरात – 1960 👉 नगालैंड – 1962 (13वां संशोधन) 👉 हरियाणा – 1966 👉 हिमाचल प्रदेश – 1971 👉 मेघालय – 1972 👉 मणिपुर – 1972 👉 त्रिपुरा – 1972 👉 सिक्किम – 1975 (36वां संशोधन) 👉 मिजोरम – 1987 (53वां संशोधन) 👉 अरुणाचल प्रदेश – 1987 (55वां संशोधन) 👉 गोवा – 1987 (56वाँ संशोधन) 👉 छत्तीसगढ़ – 1 नवम्बर, 2000 👉 उत्तराखंड – 9 नवम्बर, 2000 👉 झारखंड – 15 नवम्बर, 2000 👉 तेलंगाना – 2 जून, 2014Join 👉https://t.me/EternalCivilAcademy
🔴 संघ एवं इसके राज्य क्षेत्रों से सम्बंधित अनुच्छेद –
👉 अनुच्छेद 1– संघ के क्षेत्र का नाम 👉 अनुच्छेद 2 – नये राज्यों के प्रवेश अथवा स्थापना का संसद का अधिकार 👉 अनुच्छेद 3 – नये राज्यों की स्थापना तथा वर्तमान राज्यों के क्षेत्रफल, सीमा अथवा नामों में परिवर्तन 👉 अनुच्छेद 4 – अनुच्छेद 2 एवं 3 के अंतर्गत बनाए गए कानून जिनके द्वारा पहली तथा चौथी अनुसूची एवं पूरक, अनुषांगिक एवं अनुवर्ती (Consequential) मामलों में संशोधन किया जा सके।Join 👉https://t.me/EternalCivilAcademy
🔘 संवैधानिक निकाय
▪️अनुच्छेद-76- महान्यायवादी ▪️अनुच्छेद-148-नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ▪️अनुच्छेद-165-महाधिवक्ता ▪️अनुच्छेद - 243I - राज्य वित्त आयोग ▪️अनुच्छेद - 243K- राज्य निर्वाचन आयोग ▪️अनुच्छेद 243ZD- जिला योजना समिति ▪️ अनुच्छेद 263- अंतरराज्यीय परिषद ▪️ अनुच्छेद 280- वित्त आयोग ▪️ अनुच्छेद 279ए- जीएसटी परिषद ▪️ अनुच्छेद 315- लोक सेवा आयोग ▪️ अनुच्छेद 324- निर्वाचन आयोग ▪️अनुच्छेद 338- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ▪️अनुच्छेद 338A- राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ▪️अनुच्छेद 338B- राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ▪️अनुच्छेद 350B- भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी Join 👉https://t.me/EternalCivilAcademy
केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) (Central Vigilance Commission) 👆
📚 Uniform Civil Code (UCC) Notes | UPSC CSE / State PCS Mains
✅ असम UCC बिल पारित करने वाला भारत का तीसरा राज्य बना।
🔹 1st State – उत्तराखंड (2024)
🔹 2nd State – गुजरात (2026)
🔹 3rd State – असम (2026)
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📌 UCC क्या है?
Uniform Civil Code (समान नागरिक संहिता) का अर्थ है—
सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेना, भरण-पोषण आदि मामलों में समान नागरिक कानून लागू होना, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।
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📖 Constitutional Basis
🔹 Article 44 (DPSP)
“राज्य पूरे भारत में नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।”
➡️ यह Directive Principles of State Policy (DPSP) में है।
➡️ Non-justiciable है।
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📌 UCC किन विषयों से संबंधित है?
• Marriage
• Divorce
• Inheritance
• Adoption
• Maintenance
• Guardianship
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📌 UCC के पक्ष में तर्क
✅ Equality before law (Art. 14)
✅ Gender Justice
✅ National Integration
✅ Secularism को मजबूती
✅ अलग-अलग personal laws की जटिलता समाप्त
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📌 UCC के विरोध में तर्क
❌ Religious Freedom (Art. 25) पर प्रभाव
❌ Cultural Diversity को खतरा
❌ Minority concerns
❌ Tribal customs प्रभावित होने की आशंका
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📌 Important Judgments
⚖️ Shah Bano Case (1985)
➡️ Supreme Court ने UCC की आवश्यकता बताई।
⚖️ Sarla Mudgal Case (1995)
➡️ Personal laws के misuse पर चिंता व्यक्त।
⚖️ Shayara Bano Case (2017)
➡️ Triple Talaq unconstitutional घोषित।
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📌 Assam UCC Bill 2026 – Key Features
🔹 Polygamy ban
🔹 Marriage registration compulsory
🔹 Live-in relationship registration
🔹 Equal inheritance rights
🔹 Women & child rights protection
🔹 ST communities को कुछ छूट
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📝 UPSC/PCS Mains Questions
“Uniform Civil Code भारतीय संविधान के समानता एवं धर्मनिरपेक्षता के आदर्शों को सुदृढ़ करती है।” विवेचना कीजिए।
भारत में UCC लागू करने के पक्ष एवं विपक्ष में दिए गए तर्कों का परीक्षण कीजिए।
धार्मिक स्वतंत्रता और समान नागरिक संहिता के मध्य संतुलन की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।
शाह बानो एवं सरला मुद्गल मामलों के संदर्भ में UCC की आवश्यकता का परीक्षण कीजिए।
“UCC केवल कानूनी सुधार नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का विषय है।” टिप्पणी कीजिए।
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✍️ Essay Topics
🖋️ “समान नागरिक संहिता : संवैधानिक आदर्श या सामाजिक चुनौती?”
🖋️ “धर्मनिरपेक्ष भारत में Uniform Civil Code की आवश्यकता”
🖋️ “लैंगिक न्याय की दिशा में समान नागरिक संहिता का महत्व”
🖋️ “विविधता में एकता : क्या भारत UCC के लिए तैयार है?”
🖋️ “धार्मिक स्वतंत्रता और समान नागरिक संहिता के मध्य संतुलन”
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📌 Answer Writing Keywords
• Constitutional Morality
• Gender Justice
• Secularism
• Legal Uniformity
• Inclusive Reform
• Social Harmony
• Pluralism
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✅ Ready-made Conclusion
“Uniform Civil Code का उद्देश्य केवल विधिक समानता स्थापित करना नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक न्याय एवं सांस्कृतिक विविधता के मध्य संतुलन स्थापित करना भी है।”
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निम्नलिखित में से किस समिति में राज्य सभा का प्रतिनिधित्व नहीं होता है?
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