2 829
订阅者
+524 小时
+137 天
+4330 天
帖子存档
विविध तथ्य (Quick Facts)
Pivot to Asia: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) की नीति। विदेश में प्रथम भारत महोत्सव: 1982 (ब्रिटेन)। बर्बर भाषी समुदाय: उत्तर अफ़्रीकी देशों (मोरक्को आदि) में। चकमा शरणार्थी: बांग्लादेश से भारत आए शरणार्थी। Yellow Book: फ्रांस की सरकारी रिपोर्ट/दस्तावेज। संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence): पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकती है। एयर इंडिया का राष्ट्रीयकरण: 1953 | SBI (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया): 1955। व्यापार की स्वतंत्रता: अनुच्छेद 301-307 (भारत के राज्य क्षेत्र के भीतर व्यापार व वाणिज्य)। UIDAI (2009): प्रथम अध्यक्ष - नंदन नीलेकणि | प्रथम महानिदेशक - आर. एस. शर्मा।
शपथ प्रारूप (तीसरी अनुसूची):
राष्ट्रपति: संविधान के प्रति निष्ठा व संरक्षण (अनुच्छेद 60)। SC जज: संविधान व विधि की मर्यादा बनाए रखने की शपथ। संसद सदस्य: कर्तव्य निष्ठापूर्वक निर्वहन। संघ के मंत्री: गोपनीयता की शपथ (Secrecy)।
महत्वपूर्ण अधिनियम व संगठन (Key Acts & Organizations)
बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम: 1986
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग: 1992 (अधिनियम 1992)
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम: 1995
अल्पसंख्यक आयोग: यह एक सांविधिक (Statutory) निकाय है, संवैधानिक नहीं।
ST जनसंख्या क्रम: सर्वाधिक ST आबादी - मध्य प्रदेश > महाराष्ट्र > ओडिशा > बिहार
संवैधानिक आयोग एवं आरक्षण (Constitutional Commissions & Reservation)
अनुच्छेद 330 व 332: लोकसभा (330) तथा विधानसभाओं (332) में SC/ST के लिए सीटों का आरक्षण। अनुच्छेद 331 व 333: लोकसभा (331) तथा विधानसभाओं (333) में एंग्लो-इंडियन का प्रतिनिधित्व (अब निष्प्रभावी)। आयोग (Articles): SC आयोग (338), ST आयोग (338A), और पिछड़ा वर्ग/OBC आयोग (338B - 102वां संशोधन)। अनुच्छेद 341 व 342: राष्ट्रपति राज्यपाल से परामर्श के बाद किसी राज्य में जाति को SC (341) या ST (342) के रूप में विनिर्दिष्ट करते हैं। प्रथम पिछड़ा वर्ग आयोग: अनुच्छेद 340 के तहत गठित, अध्यक्ष - काका कालेलकर (1953)।
प्रमुख अध्यक्ष (Important Chairmen)
प्रथम (1st Head): के. सी. नियोगी (K. C. Neogy) 12वें: सी. रंगराजन 13वें: विजय केलकर 14वें: वाई. वी. रेड्डी 15वें: एन. के. सिंह 16वें: अरविंद पनगढ़िया
महत्वपूर्ण तिथियां एवं तथ्य
अधिवेशन / बैठकें: कुल 11 अधिवेशन (अंतिम बैठक: 24 जनवरी 1950)। अंगीकृत (Adopted): 26 नवंबर 1949 (नागरिकता, चुनाव, और अस्थायी उपबंध लागू)। पूर्ण रूप से लागू: 26 जनवरी 1950। डॉ. अम्बेडकर का निर्वाचन: पहले बंगाल (पूर्वी भाग) से, विभाजन के बाद बॉम्बे (पुणे सीट) से उपचुनाव द्वारा वयस्क मताधिकार पर रोक: मौलाना आजाद ने वयस्क मताधिकार को 15 वर्षों के लिए स्थगित करने की बात कही थी।
महत्वपूर्ण व्यक्ति एवं पद
संविधान सभा के सलाहकार: B.N. राव (इन्होंने ही प्रथम प्रारूप तैयार किया था)। अस्थायी अध्यक्ष: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (9 दिसंबर 1946)। स्थायी अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद (11 दिसंबर 1946)। प्रारूप समिति के अध्यक्ष: डॉ. बी. आर. अम्बेडकर (कांग्रेस के एकमात्र मूल सदस्य: K.M. मुंशी)। संघ संविधान समिति के अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू। प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष: सरदार वल्लभभाई पटेल।
संविधान सभा की संरचना एवं चुनाव
कुल सदस्य संख्या: 389 (296 ब्रिटिश भारत से + 93 देशी रियासतों से)। चुनाव परिणाम: जुलाई-अगस्त 1946 में 296 सीटों पर चुनाव (208 कांग्रेस, 73 मुस्लिम लीग)। विशेष बिंदु: देशी रियासतों ने इसमें भाग नहीं लिया। मताधिकार: 1935 के अधिनियम अनुसार कर, शिक्षा एवं संपत्ति के आधार पर सीमित था। महिला सदस्य: संविधान सभा में कुल 15 महिला सदस्य थीं।
संविधान सभा का गठन एवं मांग
सर्वप्रथम मांग: स्वराज्य पार्टी द्वारा (1934)। आधिकारिक मांग: INC (कांग्रेस) के स्तर पर पहली बार 1935 में। क्रिप्स मिशन (1942): निर्वाचित संविधान सभा द्वारा संविधान निर्माण का प्रस्ताव दिया। कैबिनेट मिशन (1946): इसके तहत अप्रत्यक्ष निर्वाचन (Indirectly Elected) के आधार पर संविधान सभा का गठन हुआ।
किस अनुच्छेद के तहत उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश पर सेवानिवृत्ति के बाद वकालत पर रोक लगाई गई है ?
निम्नलिखित में से कौन एक राज्य का अनिवार्य तत्त्व है ?
'वंदे मातरम बिल'हाल ही में संसद द्वारा पारित राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026('वंदे मातरम बिल') लाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान कानूनी संरक्षण और दर्जा प्रदान करना है।
मुख्य प्रावधान और सजासमान कानूनी सुरक्षा: इस बिल के जरिए 1971 के पुराने 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम' में संशोधन किया गया है। अब राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान की तरह राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' का अपमान भी कानूनन अपराध माना जाएगा। सजा का प्रावधान: यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर 'वंदे मातरम्' के गायन को रोकता है, इसमें बाधा डालता है या इसका अपमान करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों की सजा मिल सकती है। दोबारा ऐसा अपराध करने पर कम से कम एक साल की जेल का प्रावधान है। नियम और निर्देश: गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, आधिकारिक कार्यक्रमों में जब राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों बजाए जाएं, तो 'वंदे मातरम्' को पहले गाया या बजाया जाना चाहिए तथा इसके सभी छह छंदों के सम्मान व गायन पर जोर दिया गया है।
'वंदे मातरम बिल'हाल ही में संसद द्वारा पारित राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026('वंदे मातरम बिल') लाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान कानूनी संरक्षण और दर्जा प्रदान करना है।
मुख्य प्रावधान और सजासमान कानूनी सुरक्षा: इस बिल के जरिए 1971 के पुराने 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम' में संशोधन किया गया है। अब राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान की तरह राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' का अपमान भी कानूनन अपराध माना जाएगा। सजा का प्रावधान: यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर 'वंदे मातरम्' के गायन को रोकता है, इसमें बाधा डालता है या इसका अपमान करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों की सजा मिल सकती है। दोबारा ऐसा अपराध करने पर कम से कम एक साल की जेल का प्रावधान है। नियम और निर्देश: गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, आधिकारिक कार्यक्रमों में जब राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों बजाए जाएं, तो 'वंदे मातरम्' को पहले गाया या बजाया जाना चाहिए तथा इसके सभी छह छंदों के सम्मान व गायन पर जोर दिया गया है।
