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Rayat Lectures & Notes

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रयत प्रबोधिनीचे क्लास नोट्स, सराव प्रश्न, विविध अभ्यास उपक्रम आणि रयतच्या विविध विषयाच्या लेक्चर्स साठी Dedicated चॅनेल..

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📈 Аналитический обзор Telegram-канала Rayat Lectures & Notes

Канал Rayat Lectures & Notes (@rayatnotes) языкового сегмента Маратхи является активным участником. Сейчас сообщество объединяет 105 919 подписчиков, занимая 1 280 место в категории Образование и 2 481 место в регионе Индия.

📊 Показатели аудитории и динамика

С момента создания невідомо проект демонстрирует стремительный рост, собрав аудиторию из 105 919 подписчиков.

Согласно последним данным от 05 июля, 2026, канал показывает стабильную активность. За последние 30 дней изменение числа участников составило 1 563, а за последние 24 часа — 23, при этом общий охват остаётся высоким.

  • Статус верификации: Не верифицирован
  • Уровень вовлечённости (ER): Средний показатель вовлечённости аудитории составляет 35.51%. В первые 24 часа после публикации контент обычно набирает 16.30% реакций от общего числа подписчиков.
  • Охват публикаций: В среднем каждый пост получает 37 606 просмотров. В течение первых суток публикация набирает 17 262 просмотров.
  • Реакции и взаимодействия: Аудитория активно поддерживает контент: среднее количество реакций на один пост — 68.

📝 Описание и контентная политика

Автор описывает ресурс как площадку для выражения субъективного мнения:
रयत प्रबोधिनीचे क्लास नोट्स, सराव प्रश्न, विविध अभ्यास उपक्रम आणि रयतच्या विविध विषयाच्या लेक्चर्स साठी Dedicated चॅनेल..

Благодаря высокой частоте обновлений (последние данные получены 06 июля, 2026) канал поддерживает актуальность и высокий уровень охвата публикаций. Аналитика показывает, что аудитория активно взаимодействует с контентом, что делает его важной точкой влияния в категории Образование.

105 919
Подписчики
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Архив постов
# प्राचीन इतिहास : - गुप्त साम्राज्य - इ.स. तिसऱ्या शतकाच्या शेवटी स्थापन. संस्थापक- श्रीगुप्त. @चंद्रगुप्त प्रथम :- हा गुप्त साम्राज्यातील पहिला पराक्रमी सम्राट.त्याने त्याच्या राज्यरोहणनिमित्त इ.स. 319 पासून गुप्त संवत सुरु केले.महाराजाधिराज ही उपाधी धारण केली. @समुद्रगुप्त :- लीच्छवी राणीपासून जन्माला आलेला म्हणून याला लीच्छवी दौहीत्र असे म्हणतात.अश्वमेधधकर्ता व विक्रमांक या उपाध्या धारण केल्या.कविराज या नावाने त्याने कविता लिहिल्या.व्हिन्सेंट स्मिथ त्याचा भारताचा नेपोलियन असा उल्लेख करतो. @चंद्रगुप्त द्वितीय:- वैवाहीक संबंध व युद्ध विजय याद्वारे त्याने साम्राज्य विस्तार केला.देवराज,देवगुप्त व शकारी ही अन्य नावे त्याने धारण केली.शकारी म्हणजे शकांचा शत्रू,हे नाव त्याने शकांवरील विजयनिमित्त धारण केले.त्याने चांदीची नाणी मोठ्या प्रमाणात वापरात आणली.फाहियान हा बौद्ध प्रवासी त्याच्या काळात भारतात आला.

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कनिष्कच्या काळातील विद्वान 👆

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# प्राचीन इतिहास : - कुषाण - संस्थापक - कुजल कडफिसेस. यूची व तोखरी टोळीशी संबंधित. कनिष्क- प्रमुख कुषाण राजा. देवपुत्र,राजाधिराज अशा उपाध्या घेतल्या. प्रथम राजधानी - पुरुषपूर (पेशावर). द्वितीय राजधानी-मथुरा. कनिष्क महायान संप्रदायाचा अनुयायी. त्याने रेशीम मार्गावर नियंत्रण ठेवले. चौथी बौद्ध सभा ,कुंडलवन येथे कनिष्कच्या काळात झाली.

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# प्राचीन इतिहास :- भारतावर झालेल्या परकीय आक्रमणाचा क्रम - इंडो ग्रीक,शक,पहलव,कुशाण. इंडो ग्रीक कला ही हेलेनेस्टिक आर्ट म्हणू सुद्धा ओळखली जाते. भारतात सर्वप्रथम सोन्याची नाणी इंडो ग्रीकांनी वापरली. मीनँडर हा प्रमुख इंडो ग्रीक शासक होता.त्याने नागसेन या बौद्ध गुरू कडून बौद्ध धर्माची दीक्षा घेतली. मीनँडरचे प्रश्न व त्याला नागसेन याने दिलेली उत्तरे Milindpanho या ग्रंथात मिळतात.

# प्राचीन इतिहास : सातवाहन वंश- संस्थापक -सिमुक राजधानी - प्रतिष्ठान (पैठण) सातकर्णी हा पहिला शक्तिशाली शासक. मातृसत्ताक पद्धत. ब्राम्हणांना भूमी दान देण्याची पद्धत सातवाहनांनी सुरू केली

# प्राचीन इतिहास : शुंग वंश - मौर्य वंशानंतर सत्तेवर. संस्थापक - पुष्यमित्र शुंग (ब्राम्हण) राजधानी - विदिशा( उज्जेन) पतंजली हा पुरोहित त्याच्या दरबारात. शुंग काळात मनुस्मृती,विष्णुस्मृती व याज्ञवल्क्यस्मृती यांची निर्मिती

मौर्यकालिन प्रशासन👆

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# प्राचीन इतिहास : सम्राट अशोक - सुरवातीस अवंतीचा राज्यपाल उपगुप्त कडून बौद्ध धर्माची दीक्षा. भारतात शिलालेखांचे प्रचालन सर्वप्रथम अशोकाने केले.शिलालेख 14 तर स्तंभलेख 7 होते. अशोकाचे शिलालेख वाचण्यात प्रथम यश -जेम्स प्रिन्सेप. कौशाँबी अभिलेखाला राणीचा अभिलेख म्हणतात

# प्राचीन इतिहास - बिंदूसार- उपनाम- अमित्रघात म्हणजे शत्रू विनाशक आजीवक या संप्रदायाचा अनुयायी. सीरियन राजा अँटीओकस चा राजदूत डायमेकस बिंदूसारच्या दरबारात.

# प्राचीन इतिहास :- चंद्रगुप्त मौर्य - जैन गुरू भद्रबाहुकडून जैन धर्माची दीक्षा घेतली. ग्रीक शासक सेल्युकस निकेटर ला पराजित करून काबुल ,कंधार,हेरात, व मकरान प्रांत मिळवले. सेल्युकस चा राजदूत मेगास्थनिज चंद्रगुप्तच्या दरबारात.इंडिका हे त्याचे पुस्तक. विशाखादत्तचे मु्द्राराक्षस हे नाटक चंद्रगुप्तविषयी.यात त्याचा वृषल म्हणजे नीच कुळातील असा उल्लेख. मृत्यू-श्रवणबेळगोळ ( संथारा प्रथा)

# प्राचीन इतिहास :- शासक व त्यांची उपनामें अजातशत्रू - कुणिक कालाशोक - काकवर्ण महापद्मनंद - उग्रसेंन,क्षात्राँतक,एकराट बिंदूसार - अमित्रघात, भद्रासार,सिंहसेन,अमित्रोचेट्स. समुद्रगुप्त - भारताचा नेपोलियन. नरसिंहन (1st) - वातापिकोड. नरसिंहवर्मन (2nd) - आगमप्रिय पुलकेशी (2nd) - परमेश्वर,दक्षिणा पथेश्वर

राज्यसेवा सुधारित जाहिरात.👆 Dyceo/ BDO च्या जागा add

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# बिंबिसार : - बुध्द समकालीन. बुद्धाच्या सेवेसाठी त्याने राजवैद्य जीवक यास पाठवले. वैवाहिक संबंध प्रस्थापित करून साम्राज्य विस्तार केला. राजगृह / गिरीब्रज ही त्याची राजधानी.

# प्राचीन इतिहास : वंश व संस्थापक हर्यक - बिंबिसार नागवंश - शिशुनाग नंद वंश - महापद्मनंद मौर्य वंश - चंद्रगुप्त मौर्य शुंग वंश - पुष्यमित्र शुंग कण्व वंश - वासुदेव