ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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महकता रहेगा हमेशा मेरा खयाल तुम्हारे मन में,
तेरे न चाहने पर भी हम तूझे याद आया करेगें!
🪶
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मौजूद रहा करो तुम मेरी हर सुबह शाम में,
चाय का मजा तुझ संग दोगुना हो जाता है!
~💎☕
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... और तेरे बाद मेरे नसीब में क्या बचता है ?
वही फ़िज़ूल से लोग , वही बेकार सी दुनिया 😒
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दिन , दुनिया और दास्तान के शोर में जो नज़र भी नहीं आता ,
आंखे बंद करते ही मेरे सीने से आ लगता है ... 🪄
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देखे आंखों से सिर्फ़ तो रोशनी चारों ओर ,
जो हाथ थाम ले , तो हर शाम सियाह है...
यूं तो जगह नहीं किसी तीसरे शख़्स की भी हम दोनों के दरमियां ,
यूं बीच में सारी दुनिया है .. 🫠🌻
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आसमान के हिस्से आ गया है वो ,
मगर सिरहाने उसकी तस्वीर रखना तो मना नहीं है ...
मैं जानती हूं दायरे , के चांद छूना नहीं हैं ,
मगर जितना चाहूं , उतना देखूं , उसे नज़रों में रखना तो गुनाह नहीं है...🌕🌻
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तेरी आहटों को, खबर है मेरे सब्र की!
तू कहाँ, गले लगाने को तड़पता है!
~Abhiwrites🫰
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रब ने जाने कैसी मुकद्दर की किताब लिख दी,
साँसे गिनती की और ख्वाहिशें बेहिसाब लिख दी!
~🥺
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तुम्हारे दीदार की तलब आख़िरी मुकाम पर है अब ,
मेरी नज़रें तरस गयी है किसी को मोहब्बत से देखने के लिए .... 🥺
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ज़िंदगी के सफ़र में मिले होंगे मुसाफ़िर कई तुम्हें ,
उम्र भर रह जाए जो ज़हन में , वो दो पल की मुलाकात हूं मैं ....🦋
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आखिरी बार हो , विध्वंशक प्रहार हो ।
परिणाम तेरे वश में है , बस तुझे स्वीकार हो ।।
तेज तेरी सूर्य सी ,न इसमें कोई विकार हो ।
इस बार के युद्ध में ,इस पार हो या उस पार हो ।।
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अलग अलग शहर , मानो ठहर गये.... सुकून का एक बसेरा नहीं होता ,
उलझे रह रहें हैं एक अरसे से , नई ज़िंदगी का भी सवेरा नहीं होता ,
कितना सब तो होता है इस कायनात में हर रोज़ ,
एक वो है कि मेरा नहीं होता ...👀
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ऐन मौके पर ये तस्वीर बदल सकती है,
एक लम्हे में ही तकदीर बदल सकती है,
खूब विश्वास पड़े तभी भगाना राँझे,
कटघरे में भी तेरी हीर बदल सकती है!
~💙
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इश्क़ की बड़ी बड़ी कहानियां हमसे नहीं लिखी जायेगी ,
तुम हर रोज मेरा पागलपन संभाल लेना...
मैं कभी कभी तुम्हारी समझदारी समझ लूंगी 😌
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