ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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रब ने जाने कैसी मुकद्दर की किताब लिख दी,
साँसे गिनती की और ख्वाहिशें बेहिसाब लिख दी!
~🩷
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एक रोज़ लायेगा कोई कायनात की सारी मोहब्बत समेट कर ,
एक रोज़ मैं आसमान से कहूंगी कि मैं सिर्फ़ सितारों पे चलती हूं... 🪻
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काश ! ज़िंदगी भी मां जैसी होती ,
किसी को कोई फ़र्क नही पड़ता कि दूसरों की कैसी है ,
बस सबको यही लगता कि मेरी सबसे अच्छी है।।🥺❤️
Happy Mother's Day 💐1 121
मैं कश हो जाऊं तुम्हारी सिगरेट का ,
तुम मेरे श्रृंगार में शामिल हो जाओ ,
ज़माने भर की ज़िद को बांधू मैं ज़ुल्फ़ों में ,
कुछ करो और तुम मुझे हासिल हो जाओ... 😮💨🔪
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कुछ इस तरह ज़ेहन में क़ैद है वो मेरे,
हर रोज़ रिहा करता हूँ उसे काग़ज़ पर थोड़ा थोड़ा!
~🪶
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उसका एक ख़्वाब आ जाय तो क्या कहने।
मेरी नींद में भी मुझे वो नज़र आए तो क्या कहने।
~🩷
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महकता रहेगा हमेशा मेरा खयाल तुम्हारे मन में,
तेरे न चाहने पर भी हम तूझे याद आया करेगें!
🪶
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मौजूद रहा करो तुम मेरी हर सुबह शाम में,
चाय का मजा तुझ संग दोगुना हो जाता है!
~💎☕
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... और तेरे बाद मेरे नसीब में क्या बचता है ?
वही फ़िज़ूल से लोग , वही बेकार सी दुनिया 😒
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दिन , दुनिया और दास्तान के शोर में जो नज़र भी नहीं आता ,
आंखे बंद करते ही मेरे सीने से आ लगता है ... 🪄
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