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ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜

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हमने कब कहा , वो ही हो , यहीं हो , मगर इतना तो हो , कोई तो हो , कहीं हो 🥱

जब कभी मैं दुबारा बनूँ, आरज़ू है तुम्हारा बनूँ! सुप्रभात ~🙂

उसका एक ख़्वाब आ जाय तो क्या कहने। मेरी नींद में भी मुझे वो नज़र आए तो क्या कहने। ~🩷

आओ लगो गले, और जी भर कर दिलासे दो! ~🧠

महकता रहेगा हमेशा मेरा खयाल तुम्हारे मन में, तेरे न चाहने पर भी हम तूझे याद आया करेगें! 🪶

❤️
❤️

जीवन एक यात्रा है , और तुम्हारा प्रेम , उस यात्रा में आया कोई मंदिर ...❤️

मौजूद रहा करो तुम मेरी हर सुबह शाम में, चाय का मजा तुझ संग दोगुना हो जाता है! ~💎☕

... और तेरे बाद मेरे नसीब में क्या बचता है ? वही फ़िज़ूल से लोग , वही बेकार सी दुनिया 😒

Ok but how can a book hug you better than any person... 😭
Ok but how can a book hug you better than any person... 😭

दिन , दुनिया और दास्तान के शोर में जो नज़र भी नहीं आता , आंखे बंद करते ही मेरे सीने से आ लगता है ... 🪄

तुम्हें बचाकर रखता हूँ खर्च नहीं करता, मन में रखता हूँ व्यक्त नहीं करता! ~⭐️

Hm.. ?
Hm.. ?

देखे आंखों से सिर्फ़ तो रोशनी चारों ओर , जो हाथ थाम ले , तो हर शाम सियाह है... यूं तो जगह नहीं किसी तीसरे शख़्स की भी हम दोनों के दरमियां , यूं बीच में सारी दुनिया है .. 🫠🌻

आसमान के हिस्से आ गया है वो , मगर सिरहाने उसकी तस्वीर रखना तो मना नहीं है ... मैं जानती हूं दायरे , के चांद छूना नहीं हैं , मगर जितना चाहूं , उतना देखूं , उसे नज़रों में रखना तो गुनाह नहीं है...🌕🌻

तेरी आहटों को, खबर है मेरे सब्र की! तू कहाँ, गले लगाने को तड़पता है! ~Abhiwrites🫰

रब ने जाने कैसी मुकद्दर की किताब लिख दी, साँसे गिनती की और ख्वाहिशें बेहिसाब लिख दी! ~🥺

तुम्हारे दीदार की तलब आख़िरी मुकाम पर है अब , मेरी नज़रें तरस गयी है किसी को मोहब्बत से देखने के लिए .... 🥺

ज़िंदगी के सफ़र में मिले होंगे मुसाफ़िर कई तुम्हें , उम्र भर रह जाए जो ज़हन में , वो दो पल की मुलाकात हूं मैं ....🦋

आखिरी बार हो , विध्वंशक प्रहार हो । परिणाम तेरे वश में है , बस तुझे स्वीकार हो ।। तेज तेरी सूर्य सी ,न इसमें कोई विकार हो । इस बार के युद्ध में ,इस पार हो या उस पार हो ।।