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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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संभोग तो सदा से रहा है..तुमसे पहले भी था,तुम्हारे साथ भी है, तुम्हारे बाद भी रहेगा।..तुम कितना विरोध करोगे थक कर मर जाओगे पर मिटा नहीं पाओगे।।
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पुरुषों की रुचि स्त्री शरीर के प्रति रहस्यवाद की तरह रही है वह सब जानना चाहता है जो गुप्त है जो छुपा है।वह चाहता है धीरे धीरे सब कुछ उसके समक्ष हो जितना होता है उससे आगे वह कल्पना में देख लेता है।
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स्त्री प्रेम की चाह में देह समर्पित करती है..
और पुरुष देह की चाह में प्रेम प्रदर्शित करता है।
-स्वामी देव कामुक द्वितीय
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संभोग में जरूरी है तुम्हारा आक्रामक होना क्युकी वही सबसे ज्यादा रस लेकर आता है रतिक्रिया में।
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कामना में डूबी स्त्री की आँखें लाल
और होंठ नीले होते हैं..
जब तुम इन नीले होंठों को चूमते हो
तो नाभि के पास खिंच जाती हैं दो लकीरें
एक होती है लज्जा
और एक अधैर्य की
तुम्हारे स्पर्श से उपजी कंपकपाहट
और श्वास की सित्कार से
स्त्री एक स्वप्न को जन्म देती है
उस स्वप्न में वो तुम्हारा हाथ पकड़
पानी पर चल रही है नंगे पांव..।।
सुनो पुरुष...
नदी पार करने के बाद
स्त्री के पैरों को भी चूम लेना
ये पैर तुम्हारे पास
सदियों की दूरी नापकर आये हैं...।।❤️🖤
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सुनो ना !
शरद हवाओं ने अपना असर दिखाया
हमें उनका दर्द याद आया
आओ मिलकर दर्द पर मलहम लगाएं
हर साल की तरह गर्म कपड़े का
इंतजाम करने का प्रण उठाएं
नए नहीं तो पुराने ही सही
साफ सुधरे ठीक-ठाक ही सही
प्रण है हम सबका पास के जरूरतमंदों की सर्द हवाओं से बचाने की हर मुमकिन कोशिश करेंगे 🙏🙏
अपने अपने स्तर पर नेकी काम करेंगे
जरुरत मंद के लिए कमल उपलब्ध कराएगे 🙏🙏
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पीछे से कोशिश करिए संभोग नही करने की क्योंकि पीछे का छेद बहुत सख्त होता है इससे स्त्री को दर्द होती है और बीमारी स्त्री को भी और आपको भी । बांकी आपकी मर्जी बीबी प्रेमिका आपकी है ,उसका पति या प्रेमी बनकर प्रेम लीजिए या गैंड में ठोककर गाली सुनिए ,आपका सम्मान आपके लैंड पर है ।
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सौंदर्य और पौरूषत्व का मिल जाना ही प्रेम और नव सृजन का कारण होता है इन दो गुणों में ही सब समाहित है।
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मर्दों के साथ हमेशा समाज मे दोयम दर्जे का व्यवहार हुआ है ।
हम लोक इस दुनिया के B कैटेगरी के C ग्रेड Citizen हैं ।
A ग्रेड 1st किलास नागरिक तो खबातीन हैं ।
मने सब सुख सुविधा उनके लिये ।
हमको साला समाज मे कुक्कुर नही पूछता ।
एक बार मैं और मेरे एक मित्र शहर वाराणसी में एक Saloon में दाढ़ी बार बनवा रहे थे । सिम्पुल नाई की दुकान नही थी बल्कि एकदम झक्कास वाला High End saloon था Unisex ......दाढ़ी बार बनवा के हम कहिन कि Arm Pits भी छील दो ....... Armpits का नाम सुन के ऊ नखरा चोdने लगा ....... अंग्रेजी बोलने लगा ...... सोरी sir , Armpits नही बनेगा .......
हम कहे काहें नही बनेगा बे ?????
अरे Sir ई कौनो शफीक हज्जाम का saloon थोड़े न है ........
हम कहे , हेतना बड़ा Unisex saloon खोले हो , अबहीं कौनो मोहतरमा आएंगी तो उनका Eyebrow लगायित दाढ़ी मोछ , Manicure , Padicure , एड़ी , नाखून सब पालिस हो जाएगा , उनका Armpits , हाथ पैर झांT सब चिक्कन कर दोगे ....... ई लोग जब झांT उपरवाने जाती हैं तो उसको बिकनी लाइन बोलती हैं ...... मने 400 रुपल्ली में उनका झांT तक नोचा जाएगा आ हम लोक ससुर Armpits तक नही बनवा सकते ??????
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स्त्रीणां द्विगुण आहारो लज्जा चापि चतुर्गुणा ।
साहसं षड्गुणं चैव कामश्चाष्टगुणः स्मृतः॥
पुरुषो की अपेक्षा स्त्रियों में भोजन करने की क्षमता दौगुनी, लज्जा चौगुनी, साहस छ:गुना और काम(संभोग) इच्छा आठ गुना होती है।
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संभोग में सीधे घुसने की जगह एक-दूसरे को चूमना, सहलाना और छेड़छाड़ करने से प्यार प्रगाढ़ होता है। फिर संभोग केवल एक वासना नहीं होकर, प्यार बन जाता है। कामसूत्र में प्यार में गहरे उतरने से पहले चुंबन की सलाह दी गई हैा ऊपरी होंठ व अधर (निचले होंठ) के चुंबन में एक नशा सा छाता जाता है और स्त्री पुरुष प्यार में सरोबार होते चले जाते हैं।
जब नशा धीरे-धीरे बढ़ने लगात है तो चुंबन का दायरा, होंठ, मस्तक, आंख और गाल से नीचे उतरते हुए स्तन, उसके चुचूक, बगलों, नाभी, जांघों के जोड़ और फिर उसके नीचे सरकता चला जाता है। बदन के हर हिस्से में किया गया चुंबन, प्रेमियों के अंदर प्यार की ज्वार उत्पन्न कर देता है जो आखिर में संभोग में स्खलन के बाद ही उतरता है।
वात्स्यायन ने लिखा है कि होंठों व मुख के अलावा किए जाने वाले चुंबन का चार भेद है
*सम- यह चुंबन दोनों जांघों के जोड़, नितंब, बगलों और स्त्री द्वारा पुरुष के सीने पर किया जाता है
*पीडि़त- यह चुंबन स्तनों, दोनों गालों, नाभी और नाभी के नीचे पेड़ू पर किया जाता है
*अंचित- यह स्तनों और दोनों बगलों(कांख) पर किया जाता है
*मृदु- यह ललाट एवं आंखों पर किया जाता है
चुंबन भड़काती है वासना की आग- यह स्त्री या पुरुष में से कोई सो रहा हो और उसके दूसरे साथी का मन प्यार के लिए मचल रहा हो तो वह सोते हुए साथी पर चुंबनों की बौछार करते हुए उसे जगाने की चेष्टा करता है। इससे सोए हुए साथी के अंदर भी वासना भड़क उठती है और दोनों प्यार में सराबोर हो जाते हैं।
काम में मशगुल साथी को रिझाए- जब एक साथी काम में मशगुल हो और दूसरे का मन प्यार करने के लिए तड़प रहा हो तो वह उस पर सवार होकर चुंबनों की बौझार कर सकता है। इससे दूसरा साथी समझ जाता है कि उसका साथी क्या चाह रहा है। आज के संदर्भ में लैपटॉप और फेसबुक पर व्यस्त साथी को बिस्तर पर लाने के लिए चुंबन से बेहतर कोई हथियार नहीं हो सकता। यह चुंबन हर तरह के मर्यादा को तोड़ने वाली हो तो कितना ही व्यस्त साथी हो, संभोग के लिए मचल उठेगा।
संभोग के प्रति उदासीन साथी में भी भरता है रोमांच- संभोग के प्रति यदि एक साथी काफी दिनों से उदासीनता भरा बर्ताव कर रहा हो तो उसके अंदर इच्छा जागृत करने के लिए पहले उसके शरीर की मालिश से शुरुआत करनी चाहिए। फिर मसाज के साथ-साथ एक-एक अनावृत अंग पर गर्म होठों की तपिश उसके अंदर चिंगारी भड़काना शुरू कर देता है।
ऐसे क्षण में जांघों पर किया जाने वाला चुंबन सीधे तीर की तरह सारे बदन में उतर जाता है और सिहरन पैदा कर देता है। फिर पैर, उसकी ऊंगलियों व उसके पोरों पर चुंबन और उसे मुंह में भरकर चूसने की प्रक्रिया उदासीन साथी को संभोग के लिए आतुर कर देगा।
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सभी माताओं, बहनों,भाभियों,बेटियों को करवाचौथ की शुभकामनाएं । भगवान आपको सुहागवती,प्रेमवती बनाएं । 🙏
जय श्री राम
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