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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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में शून्य पर सवार हु
बे अदब सा में खुमार हूं
अब मुश्किलों से क्या डरू
में खुद केहर हजार हूं
में शून्य पर सवार हु।
उच नीच से भरे
मजाल आंख में भरे
लड़ रहा हूं रात से
मशाल हाथ में लिए
न सूर्य मेरे साथ हे
तो क्या नई यह बात हे
वो शाम होते ढल गया
वो रात से था दर गया
में जुग्नुओ का यार हूं
में शून्य पे सवार हु
भावनाएं मर चुकी
संवेदनाएं खतम हे
अब दर्द से क्या डरू
जिंदगी ही जख्म हे।
में बीच रह की मात हूं
बेजान सयाह रात हूं
में काली श्रृंगार हूं
में शून्य पे सवार हु
ने शून्य पे सवार हु
हूं राम का सा तेज में
लंकापति सा ज्ञान हु
हूं राम का सा तेज में
लंकापति सा ज्ञान हु
किसकी करू में आराधना
सब से जो में महान हूं
ब्रह्माण्ड का में सार हूं
में जल प्रवाह निहार हूं
मे शून्य पे सवार हु
में शून्य पे सवार हु
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आज तक का रेकॉर्ड है जिस लड़की ने भी मुझसे दोस्ती की है उस के चेहरे पर निखार आ जाता है और खूबसूरती बढ़ जाती है।
दिल्विष
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केवल पा लेना
ही प्रेम नही
किसी को बिना पाए भी,
उसी का होकर रहना
प्रेम है..
जो समझाया ना जा सके,
वो प्रेम है..
जो महसूस हो बस,
रुह की गहराईयों तक
वो प्रेम है..
शब्दों से परे,
बंद आँखों से जो
महसूस हो,
वो सबसे सुन्दर अहसास
प्रेम है..
हर आहट मे
जिसके आने का,
विश्वास शामिल हो,
वो हर पल का इंतजार
प्रेम है..💕
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स्त्री_प्रेम की चाह में देह समर्पित करती है..
और पुरुष देह की चाह में प्रेम प्रदर्शित करता है।
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कामसूत्र प्राचीन भारतीय काम कला
_____________________
कामसूत्र का नाम आते ही लोगों के जेहन में जो पहला शब्द आता है,
सेक्स। लेकिन, शायद इस महान ग्रंथ को केवल सेक्स के संदर्भ में लेना गलत होगा। कामसूत्र न केवल सेक्स संबंधों के बारे में व्यावहारिक व उचित जानकारी देता है, बल्कि यह दाम्पत्य जीवन के समस्त पहलुओं पर भी विस्तृत और गहन जानकारी देता है।
महर्षि वात्सायन के लिखे गए इस ग्रंथ में काम और सूत्र शब्द को बाकायदा भली प्रकार वर्णित किया गया है। इसमें बताया गया है कि काम का अर्थ है इच्छा। और इच्छा कैसी भी हो सकती है, खासतौर पर सेक्सुअल इच्छा। और सूत्र से अर्थ जीवन के समस्त पहलुओं को एक सूत्र में पूरे करीने से पिरोने की बात कही गयी है।
कामसूत्र के बारे में यह कहना गलत नहीं होगा कि यह व्यक्ति के सामाजिक और निजी जीवन के हर भाग को समाहित करता है। यह वहां पहुंचता है जहां आमतौर पर व्यक्ति की दृष्टि नहीं पहुंचती। यह न केवल काम की बात करता है, बल्कि प्रेम की प्रवृत्ति, परिवार की भूमिका और परिवार की महत्ता आदि के बारे में भी विस्तृत चर्चा करता है। जीवन में आनंद कैसे पाया जाए, सेक्स लाइफ को बेहतर और सुखद कैसे बनाया जाए आदि बातों पर भी कामसूत्र में विस्तार से चर्चा की गयी है।
आज जबकि सेक्स को लेकर समाज में स्वच्छंदता का वातावरण है, इससे सेक्स संबंधी रोगों में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में कामसूत्र की महत्ता और भी बढ़ जाती है। कामसूत्र में सेक्सुअल समस्याओं को दूर करने और उनसे बचने के उपायों के विषय में भी वर्णन है।
किताब है पुरानी लेकिन आज भी है उपयोगी
हालांकि यह रचना 1500 से 2000 वर्ष पुरानी है, लेकिन मौजूदा दौर में भी इसकी उपयोगिता में कोई कमी नहीं आई है।
कामसूत्र में सात भागों को 36 अध्यायों में बांटा गया है। इनमें कुल 1250 श्लोक हैं। सात भाग में से एक भाग में प्रेम कला को 8 श्रेणियों में बांटा गया है जिनमें 8-8 भेद हैं। यानी सेक्स के लिए 64 पोजीशंस की बात की गई है।
कामसूत्र के 7 भाग इस प्रकार हैं, जिसमें पूरे ग्रंथ का समावेश है।
भाग 1
पहले भाग में, जीवन के लक्ष्य की बात कही गई है। इसमें जीवन की प्राथमिकताएं और ज्ञान के बारे में बातें की गई हैं। सुखी-संपन्न कैसे बनें इन सबके साथ कैसे आप प्रेम की दुनिया में प्रवेश करें इत्यादि बातों के बारे में बताया गया है।
भाग 2
इस भाग में मनुष्य की इच्छाओं का वर्णन किया गया है। इसमें संभोग के आयामों जैसे आलिंगन, चुंबन, नाखूनों का इस्तेमाल, दांतों का इस्तेमाल, संभोग काल, ओरल सेक्स,इंटरकोर्स, विपरीत लिंग रति इत्यादि चीजों का वर्णन हैं। इन इच्छाओं को कैसे 64 पोजीशंन के जरिए पूरा किया जा सकता है। ये सब इस भाग में वर्णित है जिसके कारण कामसूत्र ग्रंथ इतना मशहूर हुआ।
भाग 3
कितने प्रकार की होती है शादी, अच्छी लड़की कैसे पाएं, लड़की आरामदायक स्थिति में कब होती है, अकेले कैसे रहें, शादी कैसे दो लोगों का मिलन है इत्यादि विषयों पर इस भाग में चर्चा की गई है।
भाग 4
एक पत्नी का आचरण कैसा होना चाहिए। यदि एक से ज्यादा पत्नी हैं तो मुख्य पत्नी का आचरण कैसा हो और बाकी का आचरण कैसा हो, इन सब बातों के बारे में इस भाग में चर्चा की गई है।
भाग 5
इस भाग में पुरुष और महिला के आपसी व्यवहार के बारे में इस भाग में चर्चा की गई है। इसमें बताया गया है कि स्त्री-पुरुष एक दूसरे को कैसे जानें, किस प्रकार एक दूसरे की भावनाओं का मूल्यांकन करें, इसके साथ ही महिलाओं के व्यवहार के संदर्भ में भी इस भाग में चर्चा की गई है।
भाग 6
इस भाग में महिलाओं के लिए जानकारी दी गई है। इसमें महिलाओं को बताया गया है कि प्रेमी के चयन में किन बातों का ध्यान रखा जाए। अच्छा प्रेमी कैसे चुना जाए। पूर्व प्रेमी से निपटने के तरीके, दोस्ती को रिचार्ज करने के जरिए आदि पर इस भाग में विस्तार से चर्चा की गई है।
भाग 7
शारीरिक आकर्षण कैसे बढ़ाएं, सेक्स क्षमता की कमी को दूर करने के तरीके, इन सबके बारे में कामसूत्र के अंतिम भाग में चर्चा की गई है।
कामसूत्र इन सात चरणों में लिखा गया है। इन चरणों को पढ़ने से ही अंदाजा लग जाता है कि कामसूत्र केवल सेक्स ही नहीं है, इसमें काफी कुछ है। इसमें मनुष्य की रोजमर्रा की चिंताओं, परेशानियों और खुशी के बारे में बताया गया है। इसमें समझाया गया है कि अपनी इच्छाओं को कैसे नियंत्रित अथवा पूरा करें। इसमें महज स्त्री-पुरुष संबंधों पर ही नहीं, बल्कि दोस्त, परिवार और सहयोगियों आदि अन्य संबंधों पर भी खुलकर चर्चा की गई है। कामसूत्र इस नियम पर काम करता है कि सेक्स पर दैनिक कार्यकलापों का गहरा असर पड़ता है। इसलिए अगर व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ एवं प्रसन्न नहीं है, तो वह सेक्स के वास्तविक आनंद की अनुभूति भी नहीं ले सकता।
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सेक्स तनाव को कम करता है
आपके पार्टनर के करीब जाने से चिंता और तनाव में कमी आती है। अम्बरदार कहती हैं, गले लगाने या छूने से आपके शरीर से ख़ुशी का अनुभव कराने वाले हार्मोन (feel-good hormone) मुक्त होते हैं। कामोत्तेजना (Sexual arousal) के समय आपके मस्तिष्क से एक रसायन मुक्त होता है जिसके कारण आपके मस्तिष्क का ख़ुशी और प्रतिक्रिया का स्तर बढ़ जाता है। सेक्स और घनिष्ठता (intimacy) आपका आत्म सम्मान और ख़ुशी बढ़ाते हैं। अम्बरदार के अनुसार, यह न केवल स्वस्थ्य बल्कि खुश रहने का भी एक बेहतरीन नुस्खा है।
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डॉगी स्टाइल सेक्स लाइफ को स्पाइस अप करने के लिए शायद सबसे ज्यादा लोकप्रिय पोजीशन है। अधिकांश युगल डॉगी स्टाइल सेक्स को शरारती और हॉट पोजीशन मानते हैं, जबकि कुछ इसे बॉडी के ऐसे एंगल्स में हिट करने का एक शानदार तरीका मानते हैं, जहां वे सामान्य तौर पर आम सेक्स पोजीशन में हिट नहीं कर पाते हैं। यह पोजीशन बहुत सारे तरीकों से की जा सकती है जैसे की आप किसी चीज के सहारे (चेयर/दीवार/बेड आदि) इस पोजीशन में आ सकतें हैं जिसमें एक पार्टनर दूसरे पार्टनर की योनी या वेजाइना में प्रवेश करता है। इसमें एनाल सेक्स भी किया जा सकता है।
यह पोजीशन तब बहुत अच्छी है जब आप अपने मेल पार्टनर को पूरी तरह से सेक्स को कंट्रोल करने का मौका देतीं हैं जिससे वह अच्छे से आपको झटके (thrust) दे पाए। डॉगी स्टाइल में लड़की अपने दोनों हाथों और पेरों को घुटनों के बल टिकाकार बैठती है और लड़का पीछे से इंटरकोर्स करता है। इसमें वह चाहे तो आपके क्लिटोरिस को भी टच या फिंगर कर सकता है ताकि आपको और भी अच्छा लगे। इसमें डीप पेनीट्रेशन और लड़की का जी-स्पॉट उत्तेजित होता है। हालांकि या पोजीशन रिस्की है इसलिए दोनों पार्टनर ध्यान से और सही जगह पर ही इस पोजीशन में सेक्स करें।
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हस्तमैथुन करने के नुकसान लिंग में उत्तेजना का बंद हो जाना
एक आदमी के लिए अपने लिंग में उत्तेजना न होने से ज्यादा और क्या शर्म की बात हो सकती है। यह आपको मानसिक रूप से कमजोर कर सकता है। अधिक मात्रा में हस्तमैथुन करने से अक्सर लिंग के ऊतक (tissue of the penis) को नुकसान होता है और इसके कारण ये ऊतक नष्ट होने लगते हैं। जिसके कारण लिंग की उत्तेजना (stimulation) रुक जाती है। कई बार लिंग में उत्तेजना का आना हमेशा के लिए बंद हो जाता है।
एक दिन में कई बार मास्टरबेट करने से भी पेनिस पर भी बुरा असर पड़ता है। एक अध्ययन के अनुसार, जब ऐसा होता है, तो पेनिस की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे उसे खड़े होने में कठिनाई होती है।
अगर आपकी उत्तेजना खत्म हो जाती है, तो आपका सुकून भरा जीवन तबाह हो सकता है क्योंकि अगर आप अपनी पत्नी को संतुष्ट नहीं कर पा रहे हैं तो यह आपके रिलेशनशिप (relationship) को प्रभावित करेगा जिससे आपका रिश्तें खत्म हो जाएंगे। तो अब आपको तय करना है कि आपको कौन सा रास्ता चुनना है।
पोर्नोग्राफी (Pornography) व्यक्तियों को हस्तमैथुन करने के लिए प्रेरित कर सकती है, तथा हस्तमैथुन की लत का भी कारण बन सकती है।
परिवार या यौन जीवन में परेशानी या अशांति के कारण पुरुष और महिलाएं हस्तमैथुन को सामान्य यौन गतिविधि के रूप में अपना सकते हैं।
कुछ व्यक्तियों में यौन संतुष्टि के लिए आवश्यक हार्मोन के स्तर में कमी, मास्टरबेशन की लत का कारण बन सकती है। हस्तमैथुन इन हार्मोन की रिहाई को बढ़ावा देता है, जिससे व्यक्ति अधिक आनंद और संतुष्टि का अनुभव करता है। इस बजह से व्यक्ति वास्तविक सम्भोग के सापेक्ष हस्तमैथुन को अधिक पसंद कर सकता है।
कुछ व्यक्ति रोजमर्रा की चिंताओं को अस्थायी रूप से दूर करने और सुख प्राप्त करने के लिए अत्यधिक हस्तमैथुन की ओर प्रेरित हो सकते हैं। हस्तमैथुन के बाद होने वाली आनंद की अनुभूति व्यक्ति को हस्तमैथुन की लत से पीड़ित कर सकती है।
अकेलेपन की स्थिति में हस्तमैथुन करने की अचानक तीव्र इच्क्षा उत्पन्न होना।
आनंदमय शांत रातों में स्वयं के जननांगों के साथ खेलने के लिए इच्क्षा प्रगट होना।
मास्टरबेशन की लत प्रति दिन या दिन में एक से अधिक बार हस्तमैथुन करना।
रात के समय उठकर हस्तमैथुन करना मास्टरबेशन की लत की ओर संकेत हो सकता है।
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पावरफुल सेक्स लाइफ के लिए जूस Juice for powerful sex life
#गाजर_का_जूस
गाजर का जूस सेक्स से जुड़ी समस्याओं में बहुत कारगर साबित हुआ है। यह बहुत किफायती भी है। बहुत आसानी से बनाया जा सकता है। यह सेक्स से संबंधित समस्याओं के साथ-साथ सेक्स की इच्छा को जगाने में बहुत प्रभावी है।
गाजर बहुत आसानी से उपलब्ध हो जाती है, उसी तरह गर्मियों में तरबूज की उपलब्धता बहुत आसान है। इसमें अमीनो एसिड होता है, जिसे एल-सिट्रीलाइन कहा जाता है। यह तत्व हमारे यौन जीवन (Sex Life) के लिए बहुत उपयोगी है। तरबूज का जूस हमारे शरीर के कमर के हिस्से के नीचे रक्त के प्रवाह को भी बढ़ाता है, जिससे यौन शक्ति बढ़ती है। इसे प्राकृतिक वियाग्रा भी कहा जाता है।
#तरबूज_का_जूस
तरबूज में बीटा कैरोटीन, लाइकोपीन और सिट्रूलिन जैसे तत्व होते हैं जो आपको रिलेक्स महसूस कराएंगे और आप बिस्तर में अपने साथी के साथ अच्छा समय बिता पाएंगे।
#अनार_का_जूस
कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है। अनार में एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाता है और मर्दाना कमजोरी यानि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन में बहुत प्रभावी है। रोजाना एक गिलास अनार का जूस पीने से आप काफी रिफ्रेश महसूस करेंगे। साथ ही आपकी यौन क्षमता (Sexual ability) में भी काफी वृद्धि होगी।
#चुकंदर_का_जूस
मर्दाना कमजोरी को दूर करने या यौन शक्ति को बढ़ाने के लिए चुकंदर का जूस भी बहुत कारगर उपाय है। इसमें अन्य सब्जियों की तुलना में 20 गुना अधिक नाइट्रेट होता है। इसके साथ ही शरीर को एक खास तरह का मिनरल मिलता है, जो सेक्स हार्मोन के लिए बहुत जरूरी है। चकुंदर के जूस के सेवन से शरीर में रक्त का प्रवाह भी सुधरता है।
इन 4 प्रकार के जूस का सेवन कर आप अपनी सेक्स लाइफ को पावरफुल बना सकते हैं लेकिन एक बात का ध्यान रखें जरुरत से ज्यादा इनका सेवन न करें बरना आपको इनके नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं।
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#गर्भवती_होने_के_लिए_कब_करें_सेक्स?
ओव्यूलेशन के समय आप सबसे अधिक फर्टाइल (गर्भवती होने योग्य ) होती हैं। ओव्यूलेशन का समय, यानी वह समय जब अंडे आपके अंडाशय से निकलते हैं। आमतौर पर यह अगला पीरियड शुरू होने से 12 से 14 दिन पहले होता है। इस समय, सेक्स करने से प्रेग्नेंट होने की सबसे अधिक संभावना है।
गर्भवती होने के लिए कब करें सेक्स का उदाहरण 1:
आपका पीरियड 10 सितंबर को शुरू हुआ था, और आप जानती हैं कि आपकी एमसी की रेंज लगभग 28 दिन है, तो अब आप
10 तारीख से 28 दिन गिन लीजिये , अर्थात आपकी MC 7 अक्टूबर को समाप्त होगी।
और आपका अगला पीरियड 8 अक्टूबर को आएगा।
इसके मुताबिक, अगर आप 8 अक्टूबर से 12 से 14 दिन पहले यानी 24 से 26 सितंबर के बीच सेक्स करती हैं, तो आपके गर्भवती होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
गर्भवती होने के लिए कब करें सेक्स का उदाहरण 2:
आपका पीरियड 15 जून को शुरू हुआ और आपकी MC की रेंज 30 दिनों की है
15 जून से 30 दिनों को काउंट करिए, इसका मतलब है कि आपका मेंस्ट्रुअल साइकिल (MC) 14 जुलाई को समाप्त हो जाएगा और अब 15 जुलाई को अगला पीरियड (मासिक धर्म) आने की संभावना है।
तो इसका मतलब है कि आपके ओवुलेशन का समय लगभग से 1 से 3 जुलाई (15 15 जुलाई से 12 से 14 दिन पहले) है।
यानि प्रेग्नेंट (Pregnant) होने के लिए इन तीन दिनों के दौरान सेक्स करना बेहतर होगा।
गर्भवती होने के लिए कब करें सेक्स का उदाहरण 3:
आपका पीरियड शुरू हुआ 25 मई को और आपकी मेंस्ट्रुअल साइकिल (MC) की रेंज 23 दिनों की है
25 मई से 23 दिनों को काउंट करें, यानि आपका पीरियड 16 जून को समाप्त होगा और अगला मासिक धर्म 17 जून को शुरू होने की संभावना है।
तो इसका मतलब है कि आपका ओवुलेशन समय 3 जून से 5 जून के आसपास है।
गर्भवती होने के लिए, इन तीन दिनों के दौरान सेक्स करना बेहतर होगा।
पीरियड समाप्त होने के तुरंत बाद गर्भवती होने की बहुत कम संभावना होती है, हालांकि अभी भी कुछ गुंजाइश है की आप प्रेग्नेंट हो जाएँ। ऐसा इसलिए है क्योंकि पुरुष के शुक्राणु (male sperms) सेक्स करने के बाद 5-7 दिनों तक जीवित रह सकते हैं। इसका मतलब है कि यदि आपकी एमसी की रेंज (MC duration) बहुत कम है और आप अपने पीरियड के तुरंत बाद ओव्यूलेट (ovulate) करती हैं तो आप गर्भवती हो सकती हैं। ऐसे में जो कपल प्रेग्नेंट नहीं होना चाहते,
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हर कोई सेक्स करना चाहता है, लेकिन इसके बारे में बात नहीं करना चाहता। देश भर के हजारों पुरुषों और महिलाओं के यौन संबंध को जानें, जैसा कि हमने जाना है, और यह बहुत बड़ी विडंबना है। कि इसमें संचार की कमी शामिल है, रुचि की कमी नहीं, पुरुषों के लिए शीर्ष बेडरूम शिकायत है की उनकी महिला साथी उनके साथ फोरप्ले नहीं करती। महिलाओं के लिए, यह दूसरे स्थान पर है, जो कहतीं है की उनके पति बहुत कम फोरप्ले करते हैं या बिलकुल भी नहीं करते हैं।
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एक बार जब आप अपने गर्लफ्रेंड को छूना और उत्तेजित करना शुरू कर देंगे, तो फिर आपको सही समय पर उसे किस करना होगा। वह आप की ओर मुड़ती और आपकी आँखों में दिखती है, तो, यह चुंबन के लिए सही समय हो सकता है। यदि आप अपनी गर्लफ्रेंड को उत्तेजित करना चाहते हैं, तो आपको अपने चुंबन से उसकी इच्छा में वृद्धि करनी चाहिए। यहाँ जाने कैसे आपको अपनी गर्लफ्रेंड को उत्तेजित करने के लिए किस करना चाहिए:
अपनी जीभ का इस्तेमाल पहले से न करें: यहां तक कि अगर आप कुछ समय के लिए अपni गर्लफ्रेंड को चुंबन देने के बाद, आपको फ्रेंच किस सीधे नहीं लेना चाहिए इसमें आप बहुत ही आक्रामक दिखेगें।
अपनी गर्लफ्रेंड के होंठों को हल्के से स्पर्श करें और फिर धीरे से उसकी जीभ की नोक को अपने होंठों से स्पर्श करें। वह इसे पसंद करती है, तो आप एक पूर्ण फ्रेंच किस ले सकते है।
बार-बार ब्रेक लें: एक बार में पांच मिनट के लिए उसे चुंबन न करें – हर एक या दो मिनट के बाद एक ब्रेक लें और उसकी इच्छा को बढ़ाने के लिए उसकी आंखों में देखें।
उसके बालों में ऊँगली करना या उसके शरीर से हाथ फेरना जरी रखें जब आप उसे किस कर रहे होते हैं।
नए प्रयोग करो: आप उसके होंठ से दूर हैं तो उसकी गर्दन, उसके कान को चूमने का प्रयास करें, इससे वह उत्तेजित हो जाएगी।
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यौन स्वास्थ्य के लिए कच्चा प्याज एक आयुर्वेदिक औषधी का काम करता है। कच्ची प्याज में नपुंसकता और स्तंभन दोष जैसी समस्याओं को दूर करने की क्षमता होती है। यदि प्याज के रस में शहद को मिला कर सेवन किया जाए तो यह पुरुषों की प्रजनन क्षमता को बढ़ा सकती है। जो लोग नपुंसकता या यौन कमजोरी से ग्रसित है उनके लिए कच्चा प्याज का उपयोग फायदेमंद हो सकता है।
रजोनिवृत्ति के लक्षणों को कम करे
कच्चा प्याज
कच्चे प्याज का सेवन कैल्शियम की उपस्थिति के कारण पोस्टमेनोपॉज़ल लक्षणों को कम करने में मदद करता है। मासिक धर्म के समय होने वाली परेशानियों से बचने के लिए प्याज का सेवन लाभकारी होता है। मासिक धर्म (Menstrual) के समय कैल्शियम की ज्यादा आवश्यक्ता होती है। प्याज में कैल्शियम अच्छी मात्रा में होता है जो कैल्शियम की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है।
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शादीशुदा जिंदगी को खुश रखने के लिए पति और पत्नी में ज्यादा से ज्यादा संभोग होना जरूरी होता है, लेकिन जिंदगी में एक पल और एक उम्र ऐसी आ जाती है जिसमें सेक्स करने की बिल्कुल इच्छा नहीं होती है | तो हमेशा ही मूड में रहे
दिल्विश
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शुक्राणु की कमी का ईलाज
#गोक्षुरा
गोक्षुरा प्रजनन, तंत्रिका, श्वसन और मूत्र प्रणाली पर कार्य करती है। इसमें मूत्रवर्द्धक, दर्द-निवारक, ऊर्जादायक और कामोत्तेजक गुण होते हैं। जननमूत्रीय रोगों के लिए इस्तेमाल होने वाली बेहतरीन जड़ी बूटियों में गोक्षुरा का नाम भी शामिल है। ये यौन रोग और नपुंसकता के इलाज में भी उपयोगी है। गोक्षुरा शरीर से अमा को बाहर निकालने में भी मदद करती है। ये ल्यूटीनाइजिंग हार्मोन एवं गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हार्मोन के स्तर को बढ़ाकर टेस्टोस्टेरोन लेवल को बेहतर करती है। इस प्रकार शुक्राणुओं के उत्पादन में मदद मिलती है और पुरुषों की फर्टिलिटी बढ़ती है।
#अश्वगंधा
अश्वगंधा प्रजनन, तंत्रिका और श्वसन प्रणाली पर कार्य करती है। इसमें अनेक जैव सक्रिय तत्व होते हैं जो कि अश्वगंधा को नपुंसकता, त्वचा रोगों, आर्थराइटिस, अनिद्रा और प्रतिरक्षा तंत्र से संबंधित समस्याओं को नियंत्रित करने में उपयोगी बनाते हैं।
अश्वगंधा से शुक्राणु बनने लगते हैं। प्राचीन समय से ही पुरुषों में नपुसंकता को नियंत्रित करने के लिए अश्वगंधा का इस्तेमाल किया जा रहा है। अश्वगंधा तनाव-रोधी जड़ी बूटी के रूप में कार्य करती है और शारीरिक शक्ति में सुधार लाती है।
इस जड़ी बूटी से प्रतिरक्षा तंत्र भी उत्तेजित होता है जिससे संक्रमणों और बीमारियों से बचने में मदद मिलती है।
#कपिकच्छू
कपिकच्छू तंत्रिका और प्रजनन प्रणाली पर कार्य करती है एवं इसमें कामोत्तेजक (कामेच्छा बढ़ाने वाले), कृमिनाशक, ऊतकों को संकुचित करने वाले और ऊर्जादायक गुण होते हैं। ये कामेच्छा बढ़ाने और प्रजनन अंगों के लिए शक्तिवर्द्धक के रूप में कार्य करती है। इस प्रकार कपिकच्छू नपुसंकता के इलाज में उपयोगी है।
कपिकच्छू बदहजमी, कमजोरी और मेनोरेजिया (पीरियड्स ज्यादा आना) के इलाज में भी असरकारी है।
इसका इस्तेमाल पाउडर, काढ़े या अवलेह के रूप में किया जा सकता है।
#शतावरी
शतावरी, शरीर की सभी प्रणालियों पर कार्य करती है जिसमें प्रजनन तंत्र भी शामिल है। इसमें पोषक, कामोत्तेजक, शक्तिवर्द्धक, ऐंठन-रोधी, भूख बढ़ाने वाले और पाचक गुण मौजूद हैं।
इस जड़ी बूटी को इम्युनिटी बढ़ाने वाले गुणों के लिए भी जाना जाता है लेकिन ये नपुसंकता, बांझपन और खासतौर पर महिलाओं में यौन दुर्बलता को नियंत्रित करने में भी मदद करती है।
करती है।
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शास्त्रों में सम्भोग क्रिया को पाँच वगोॆं में विभाजित किया गया है.....
1) मूखपद्म मंथन सम्भोग (स्त्री व पूरुष का एक दूसरे की लिंग चूसन तथा योनि चाँटन)
2) स्तन मदॆन सम्भोग (पूरुषों का लिंग नारी स्तन मध्य प्रहार)
3) योनिकुंभ तपॆण ( पूरुष लिंग नारी योनि मध्य प्रवेश कर प्रचंड प्रहार व उत्तेजना
4) नितम्बीय समाधि ( पूरुष लिंग द्वारा नारी नितम्ब छिद्र का मदॆन)
5) हस्तमैथून ( पूरुष तथा नारी का स्वयं की जननांग में उँगली व हस्तचालन)
गूरु कृपाही केबलम्....शूभ रात्रि...राधे राधे🙏🙏🙏
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///ऑनलाइन प्रेम////
💜💜💜💜💜💜
बहुत आसान है कह देना कि ऑनलाइन वाला_प्यार बस टाइमपास होता है पर क्यों होता है किसी के पास इतना टाइम जो उसे ऐसे रिश्तों में गुज़ारना पड़ता है...जब साथ रहने वाले न समझ पाएं कि हम चाहते क्या हैं उनसे..जब मुश्किल लगने लगे अकेले ये भयावह सन्नाटा...तब मन चल पड़ता है किसी ऐसे रिश्ते की ओर जिसका कोई वजूद ही नही दुनिया की नज़र में....और ढूंढ लेता है अपने मन का सुकून...कितना मुश्किल है समाज में रहते हुए कोई ऐसा रिलेशन बनाना जो समाज स्वीकार न करता हो.... उस समाज की ख़ुशी के लिए दबानी पड़ती हैं अपनी भावनाएं...नही कर सकते न हम अपनी रियल लाइफ में किसी के साथ विश्वासघात..
चलते हैं इस आभासी दुनिया में....जहाँ मिल जाता है कोई ऐसा जिसे आपकी परवाह हो...जिसे फर्क पड़ता हो आपके खुश होने या आंसू बहाने से...जहाँ सिर्फ शब्दों से महसूस कर लिया जाता है एक दूसरे की आत्मा को...जहाँ किसी के साथ दिल खोल कर हंसने का मन कर जाये...कभी मन भारी हो तो बस कुछ शब्दों से उसके काँधे पर सर रख के रो लिया जाये....और उन्ही शब्दों में लिपटा प्यार एहसास दिलाये आपको कि आप अकेले नही हो...कोई है आपके साथ जो आपके मुस्कुराने की वजह बनना चाहता है...कोई है जो कुछ इमोजी के ज़रिये आपके और पास आने चाहता है...कोई है जिसे सोचकर आप मुस्कुरा सकते हैं बेवजह...कोई है जिसके कुछ शब्द आपकी आँखों में शर्माहट भरी मुस्कुराहट ले आते हैं ...कभी उसकी अनदेखी दुखा देती है दिल को....सिर्फ शब्दों से ही मना भी लिया जाता है....सिर्फ शब्दों का ही तो खेल है...न कभी देख सके एक दूसरे को न छू पाने की चाह....ना किसी के शरीर की लालसा...बस भावनाओं की डोर जो बांध ली जाती है बिन कहे बिन सुने बस यूँ ही अनजाने में....
और बन जाता है वो रिश्ता जिसे सभ्य समाज कभी स्वीकार नही कर सकता....बस कुछ शब्दों के जरिए ....पार्क में या होटल के रूम्स में मिलने वालों के लिए शायद ये बेवजह है बेमतलब...क्योंकि किसी को कुछ मिलता नही ...कोई फायदा नही होना..बस महसूस करना है कि वो है हमारे पास....हर रिश्ते का अंत शादी तो नही होता..
उनसे अच्छा है ये ऑनलाइन वाला प्यार..सिर्फ मन का रिश्ता....उतनी ही ख़ुशी मिलती है जितनी किसी के साथ असल में वक़्त गुज़ार कर मिलती है..अलग होने पर दुःख भी उतना ही होता है....टूट जाता है इंसान उतना ही जब दूसरा छोड़ कर चला जाता है...ये मन के रिश्ते नही समझ आने तन चाहने वालों को...
खूबसूरत है ये ऑनलाइन वाला प्यार...अगर सही इंसान से हो तो और भी ज्यादा खूबसूरत....😄😍
हमे तो हो गया ऑनलाइन वाला प्यार 😘💋
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हर पुरुष के मन में यह सवाल उठता है कि क्या वह अपने साथी को पूरी तरह संतुष्ट करने में सक्षम है. यह सवाल मन में इसलिए भी उठता है क्योंकि हम पोर्न फिल्मों में देखते हैं कि लोग 30-40 मिनट तक संभोग करते रहते हैं. इसलिए समय को लेकर हम चिंतित हो जाते हैं. आइए जानते हैं कितनी देर तक का संभोग अच्छा होता है...
साल 2008 में अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में कनाडा और अमेरिका के कई डॉक्टरों को बुलाया गया. यौन डॉक्टरों ने संभोग की सही अवधि के बारे में रोचक बातें बताईं थी. डॉक्टरों का मानना था कि पार्टनर के साथ संभोग की अवधि दोनों के मूड पर निर्भर करती है. हालांकि लोगों के मन में फिर भी समय को लेकर चिंता बनी रहती है.
डॉक्टर्स ने बताया कि अगर आप तीन मिनट तक संभोग करने में सक्षम हैं तो आप को चिंतित होने की जरूरत नहीं है. लेकिन अगर आप 3 मिनट से कम में ही स्खलित हो रहे हैं तो यह चिंताजनक हैं.
उनके अनुसार अगर आप 3-7 मिनट के बीच स्खलित हो रहे हैं तो हो सकता है कि आपका पार्टनर संतुष्ट ना हो.
डॉक्टर्स का इशारा साफ था कि अगर आपकी पार्टनर की सेक्शुअल ड्राइव आपसे ज्यादा है तो 3-7 मिनट की अवधि कम हो सकती है.
संभोग की समय सीमा अगर आप 13 मिनट तक खींचने में सफल रहते हैं तो आप सामान्य हैं. डॉक्टर्स के मुताबिक 3-13 मिनट की अवधि वाला संभोग, सामान्य संभोग की श्रेणी में आता है.
जिस व्यक्ति की सेक्शुअल ड्राइव अधिक होती है और वह पूरी तरह स्वस्थ हो तो संभोग की समय सीमा 30 मिनट तक जा सकती है. हालांकि 30 मिनट तक संभोग की क्षमता वाले पुरुष को इतनी ही सेक्शुअल ड्राइव की पार्टनर मिलनी चाहिए. अन्यथा संभोग कष्टकारी हो सकता है.
कुल मिलाकर कहा जाए तो संभोग दो लोगों का मधुर मिलन होता है. मिलन के दौरान दोनों पार्टनर्स की सहमति मूड, स्वास्थ्य, आहार, निद्रा इत्यादि पर भी निर्भर करता है. इसलिए समय के बारे में अधिक ना सोचें मिलन का भरपूर आनंद लें.
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