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Abhijeet Srivastava

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India First, Contributing My Small Capacity to Build the Dream "New INDIA" ❤️🇮🇳

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न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में भारत की एक और ऐतिहासिक छलांग! 🇮🇳⚛️ भारत के परमाणु रिएक्टर अब बिजली के साथ-साथ प्रदूषण-मुक्त हाइड्रोजन फ्यूल के उत्पादन में भी मदद करेंगे। तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित IGCAR में भारतीय वैज्ञानिकों ने Fast Breeder Test Reactor की गर्मी का इस्तेमाल कर कॉपर-क्लोरीन थर्मोकेमिकल साइकिल से हाइड्रोजन बनाने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। बिना फॉसिल फ्यूल और अतिरिक्त बिजली के यह नवाचार भारत के ऊर्जा-सुरक्षित, आत्मनिर्भर और हरित भविष्य की दिशा में बड़ा कदम है। 🌿

*मनुस्मृति से अधिक फेमिनिज्म और कहीं नहीं है। फ़िलहाल इस इकोसिस्टम के लिए तो लगता है फेमिनिज्म सिर्फ़ अश्लीलता और अंग-प्रदर्शन तथा पिता, भ्राता और पति से उन्मुक्त रहना ही है।*

मनुस्मृति पर ये लेख मुझे Whatsapp पर मिला है, राहुल विंची के मुंह पर यह एक थप्पड़ है - 🏵️*= मनुस्मृति =* 🏵️ जब मुद्दाविहीन हो जाओ तो मनुस्मृति को गाली दे दो, जब स्वयं को आधुनिक व बुद्धिजीवी दिखाना हो तो मनुस्मृति को गाली दे दो और जब वोक दिखना हो तो मनुस्मृति को गाली दे दो। मनुस्मृति कहती है कि कन्या का अविवाहित रह जाना बेहतर है, लेकिन उसका विवाह किसी गुणहीन पुरुष से नहीं किया जाना चाहिए। नारी-सशक्तिकरण के लिए इससे बेहतर समझ रखते हैं आप? मनुस्मृति कहती है कि शारीरिक परिपक्वता के बाद निर्धारित अवधि तक प्रतीक्षा करने के बाद ही लड़की का विवाह हो, उस समय के हिसाब से 17 वर्ष तक। बाल-विवाह के विरुद्ध इससे बेहतर कोई प्रमाण है आपके पास? मनुस्मृति कहती है - *विन्देत सदृशं पतिम्।* कन्या अपने योग्य पति का स्वयं वरण करे। यदि अभिभावक विवाह नहीं कराते और कन्या स्वयं पति चुन ले, तो न कन्या किसी पाप या अपराध की भागी होती है, और न वह पुरुष जिसे वह चुनती है। स्वेच्छा और कंसेंट को इससे बेहतर परिभाषित कर सकते हैं आप? *पुत्रेण दुहिता समा।* पुत्री पुत्र के समान है। स्त्री-पुरुष समानता के लिए मनुस्मृति से बेहतर कुछ ला सकते हैं आप? क़ुरान या बाइबिल लेकर आइए, देख लीजिए। स्वयं डॉ आंबेडकर ने बुढ़ापे में मनुस्मृति का लोहा माना है, उत्तराधिकार वाले विषय को लेकर। मनुस्मृति माता की निजी संपत्ति को अलग से मान्यता देती है और उसे अविवाहित पुत्री का भाग बताती है। परिवार में महिलाओं को सशक्त रखने के लिए इससे बेहतर कोई व्यवस्था अबतक लेकर आए आप? बल, दबाव या जबरन नियंत्रण से स्त्रियों को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता। विश्वसनीय पुरुष भी उन्हें क़ैद नहीं रख सकते। *आत्मानमात्मना यास्तु रक्षेयुस्ताः सुरक्षिताः।* मतलब, जो स्त्री अपने विवेक से अपनी रक्षा करती है, वही सुरक्षित है। बाहरी निगरानी से ऊपर विवेक को रखा गया है। स्त्रियों को विवेकी माना गया है। इससे अधिक सम्मान देते हैं आप? आपने तो अपनी बहन तक को चुनावी राजनीति में खुद के 2 दशक बाद उतारा। *धन के देखभाल एवं प्रबंधन के लिए मनुस्मृति ने स्त्रियों पर विश्वास जताया है। राजा को मनुस्मृति आदेश देती है कि ऐसी स्त्रियों की रक्षा करे जिनके पति बाहर हैं, जिनका परिवार प्रभावशाली नहीं है, जो बीमार हैं या जिनके पति या पुत्र नहीं हैं। अगर कोई संबंधी भी किसी स्त्री की संपत्ति हड़पता है तो उसे चोर मानकर दंड देने को कहा है। इससे अधिक परवाह है आपको स्त्रियों की?* पति को आदेश है कि बाहर जाने से पहले पत्नी की आजीविका की व्यवस्था करके जाए। अब ये मत कहिएगा कि पत्नी ख़ुद नहीं कर सकती क्या। *जीवेच्छिल्पैर गर्हितः।* आगे ये भी लिखा है कि पति न करे तो स्त्री ख़ुद सम्मानजनक कार्यों के जरिए कमाए। आत्मनिर्भरता के लिए इससे बेहतर नियम बना लेंगे आप? *तस्मात्साधारणो धर्मः श्रुतौ पत्न्या सहोदितः।* धार्मिक कार्य पति-पत्नी साथ मिलकर करें। पत्नी के बिना कोई अनुष्ठान पूरा नहीं होता है। हमारे यहाँ पत्नी को बेगम नहीं, अर्धांगिनी कहा गया है। यहीं से निकला है, *आधी आबादी*। पूरे पचास प्रतिशत - उतना ही, जितना पुरुष का हिस्सा। पचास-पचास। इससे अधिक सटीक तरीके से बराबरी का संदेश दे सकते हैं आप? *अन्योन्यस्य।* एक-दूसरे के प्रति। वैवाहिक जीवन में भी दोनों की जिम्मेदारियां हैं। मनुस्मृति कहती है कि न स्त्री और न ही पुरुष वैवाहिक मर्यादा का उल्लंघन करे। इसमें क्या जोड़ देंगे आप क्रांतिकारी कहलाने के लिए? कुछ बाक़ी है क्या? मनुस्मृति कहती है कि नियम दोनों पर हैं। *मनुस्मृति ने स्त्री को महाभागाः (सौभाग्य शालिनी और सौभाग्य लाने वाली) कहा। मनुस्मृति ने स्त्री को पूजार्हाः (सम्मान की अधिकारी) कहा। मनुस्मृति ने स्त्री को गृह दीप्तयः (घर को प्रकाशित और प्रसन्न रखने वाली) कहा। परिवार के सुख का आधार कहा। गृहस्थ-जीवन का प्रत्यक्ष आधार कहा।* अब जिसने परिवार नामक संस्था को ख़त्म करने का लक्ष्य ले रखा हो, उसे ये सब बुरा लगेगा ही। वो पूछेगा कि स्त्री परिवार के सुख के लिए तिनका भी क्यों हिलाए। वो ये नहीं पूछेगा कि मनुस्मृति ने पुरुष को भी स्त्री के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने को क्यों कहा है। *यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते…* रटा-रटाया है, इसीलिए इसे नहीं गिनाया। सबको पता है। इसी प्रसंग में ये भी लिखा है कि जिस घर में स्त्री दुखी रहती है वह परिवार शीघ्र नष्ट होता है। यानी, परिवार की स्थिति का पैमाना यह तय कर दिया गया है कि उसमें महिलाओं को प्रसन्न रखा जा रहा है या नहीं। लेकिन नहीं, गाली तो केवल मनुस्मृति को ही पड़ेगी। कुरान और बाइबिल का नाम नहीं लिया जाएगा। राहुल गांधी आज *स्त्रीवादी* बने हैं, काश मनुस्मृति पढ़ लिया होता कम से कम। पढ़ा तो हमने भी नहीं है, इसलिए जो कहा जाता है मान लेते हैं। सफाई देने लगते हैं कि ये उस समय की व्यवस्था थी।

हिन्दुओं में एक छोटा किन्तु वोकल वर्ग ऐसा है जिसे हर थोड़े थोड़े समय पर आरक्षण हटाने का चुल्ल जाग्रत होता रहता है। न कभी भाजपा ने इसे हटाने को कहा, न संघ ने कहा, न मोदी ने ऐसा वादा किया, और न ही योगी ने। दरअसल जिसके पास बुद्धि का लेशमात्र भी होगा, यह वादा नहीं करेगा। लेकिन यह वोकल वर्ग जैसे ही थोड़े दिन शांति और शकुन की जिंदगी जी लेता है, यह भाजपा संघ मोदी योगी शाह सब पर आरक्षण हटाने का प्रेशर बनाता है। अब कोई इनसे प्रश्न करे कि भाई ये काम तुम किसी अन्य से क्यों नहीं करा लेते हो, तो इसका कोई जवाब नहीं है। इनके इस कारनामे से बाकी समाज एकजुट होकर एक ऐसी सरकार लाता है जो इन्हे फिर से याद दिलाता है कि भाजपा और संघ बहुत अच्छे हैं तो ये फिर 5-10 साल शांत रहते हैं लेकिन फिर जैसे ही थोड़े अच्छे दिन गुजरे ये प्रक्रिया दोबारा चालू हो जाती है। आरक्षण की व्यवस्था ठीक नहीं है तो इसकी चिंता SC ST के गरीबों को नहीं है, लेकिन इन्हें बहुत ज्यादा है। EBC को आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा तो उसकी चिंता EBC को नहीं है, इन्हे सबसे ज्यादा है। जबकि इनके ऊपर न SC ST वालों को भरोसा है, न EBC को, न OBC को। ये भरोसा इसलिए नहीं है क्यूंकि ये छोटा किन्तु वोकल वर्ग अंदर से काले मन का है। वो कह कुछ और रहा है लेकिन उसके दिल में चल कुछ और रहा है। वह अंदर अंदर क्या चाहता है सबको सब पता है। इस पर कुछ लोग कहते हैं कि हम लोगों को विपक्षी सरकारों का डर न दिखाओ, मैं क्यों दिखाऊँ, आप तो उसी के एजेंट हो तो आपको कैसा भय? हां, आपके समाज को जरूर डरना चाहिए और आप जैसों से सावधान रहना चाहिए।

पहले UGC guideline और अब आरक्षण हटाओ आंदोलन! यदि हम भारत को शक्तिशाली, वैभवशाली, विकसित देखना चाहते हैं, यदि हम भारत विरोधी देशद्रोहीयों, जेहादियों, आतंकवादियों, दिमागी नक्सलवादीयों को यूं ही कलपते देखना चाहते हैं, यदि हम भारत को आत्मनिर्भर बनते देखना चाहते हैं, यदि हम कानूनों में व्यापक रिफॉर्म देखना चाहते हैं... तो... हम सभी राष्ट्रवादियों को राष्ट्रवादी खेमे में सेंधमारी कर चुके रंगे सियारों को पहचानना होगा, इन्हें राष्ट्रवादी खेमे से अलग करके देखना होगा! क्योंकि उपरोक्त दोनों ही मुद्दे बीजेपी के लिए राजनैतिक रूप से दो धारी तलवार की तरह हैं! कुछ लोग इस आग को हवा देने में लगे हैं! इससे नुकसान केवल देश का होगा! क्योंकि बीजेपी वोटर को ये रंगे सियार लगातार ऐसे मुद्दों द्वारा बीजेपी के खिलाफ भड़का रहे हैं, उनमें असंतोष का भाव पैदा कर रहे हैं! चुनाव में इसका सीधा फायदा देश विरोधी विपक्षी दलों को होगा! और विपक्षी दल एक बार सत्ता में आ गए तो क्या होगा ये हमने 2014 के पहले देखा है!

इस वीडियो में जानिये कौन होते हैं दिमागी नक्सल 🔥 https://www.instagram.com/reel/DcMASVBPc3q/?igsh=dWJjd3AzbThvODI5&igsi=dWJjd3AzbThvODI5

The Indian Army has signed ₹1,577 crore contracts for 840 long-range one-way attack drones from Tata Advanced Systems and NIBE Defence. 🔥 — Tata: 480 drones — NIBE: 360 drones => Deliveries are expected within 12 months. 🔥

मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया और 200 से अधिक गुर्गों को गिरफ्तार कर उसके विध्वंसक हमलों की साजिश को नाकाम कर दिया। भारतीय सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर समन्वित अभियान चलाकर इस नेटवर्क की कमर तोड़ दी। यह आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का शानदार उदाहरण है। ISI द्वारा वित्तपोषित इस समूह से बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया गया, जिसमें IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे शामिल हैं। यह नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था।

दिमागी नक्सल वह है, जिसको... • हाफिज़ में 'साहब' नज़र आता है, • याकूब मेमन में 'ज्यूडिशियल किलिंग' नज़र आती है, • ओसामा में 'जी' नज़र आता है, • ज़ाकिर नाइक में 'शांति का मसीहा' नज़र आता है, • इशरत जहाँ में 'बेटी' नज़र आती है, • बुरहान वानी में 'भटका हुआ नौजवान' नज़र आता है, • उमर खालिद, Sharjeel Imam Innocent नजर आता है, और भारत के सेना प्रमुख में ‘सड़क छाप गुंडा’ नज़र आता है. #DimagiNaxal

12 लाख परिवारों ने बिजली बेचकर कमाए ₹421 करोड़। 19 लाख परिवारों के बिजली बिल भी हुए 0 पीएम सूर्य घर योजना के तहत FY25 में 12 लाख से ज़्यादा परिवारों ने जरूरत से अधिक पैदा हुई बिजली बेचकर ₹421 करोड़ की कमाई की। वहीं, रूफटॉप सोलर अपनाने से करीब 19 लाख परिवारों के बिजली बिल शून्य हो गए हैं। बकौल रिपोर्ट्स, अबतक देशभर में 50 लाख से ज़्यादा घरों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं।

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कॉकरोच गैंग की खैर नहीं... सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के खिलाफ 'संसद चलो' अभियान के दौरान हुई हिंसा में आयोजको
कॉकरोच गैंग की खैर नहीं... सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के खिलाफ 'संसद चलो' अभियान के दौरान हुई हिंसा में आयोजकों की जवाबदेही तय करने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। यह याचिका एयर फोर्स के एक रिटायर अफसर की ओर से डाली गई है। ये कॉकरोच पेपर लीक पर सरकार से जवाबदेही चाहते हैं और इनके आंदोलन में जो हिंसा हुई उसकी जवाबदेही भी तो तय होनी ही चाहिए!

प्रधानमंत्री @narendramodi के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री @AmitShah के मार्गदर्शन में वर्ष 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 274 फरार अपराधियों को भारत वापस लाया गया। ✴️ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में भारत ने फरार अपराधियों से निपटने के लिए एकीकृत, खुफिया-आधारित और प्रौद्योगिकी-संचालित मॉडल विकसित किया है। ✴️ फरार अपराधियों के विरुद्ध सरकार की रणनीति तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित रही है: वैश्विक अभियान (Global Operations), सुदृढ़ समन्वय (Robust Coordination) और स्मार्ट कूटनीति (Smart Diplomacy)। ✴️ फरार अपराधियों का मुद्दा देश की संप्रभुता, आर्थिक स्थिरता, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है। ✴️ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में फरार अपराधियों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया मिशन मोड में चलाई गई। इसके लिए सरकार ने प्रत्यर्पण (Extradition) व्यवस्था को मजबूत करने हेतु कई कानूनी प्रावधान लागू किए। ✴️ मोदी सरकार के दौरान INTERPOL रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice) जारी करने में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले तीन वर्षों में 401 फरार अपराधियों के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए। ✴️ सरकार ने BHARATPOL की शुरुआत की, जिससे 1,400 से अधिक एजेंसियों को INTERPOL से जोड़ा गया। इसके परिणामस्वरूप सूचना साझा करने में लगने वाला समय घटकर 3 से 10 दिन रह गया। ✴️ नए तीन आपराधिक कानूनों में फरार अपराधियों से संबंधित विशेष प्रावधान जोड़े गए हैं। पहली बार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 355 और 356 के तहत अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने (Trial in Absentia) का प्रावधान किया गया है। ✴️ वर्ष 2019 से 2026 के बीच ₹18,762 करोड़ की सफल वसूली (Restitution) की गई, जिसमें देश छोड़कर भागे आर्थिक अपराधियों से बरामद धनराशि भी शामिल है। ✴️ ऑपरेशन त्रिशूल (Operation Trishul) के माध्यम से मोदी सरकार ने उपग्रह तकनीक (Satellite Technology) और डिजिटल फुटप्रिंट्स का उपयोग कर नाम और पहचान बदलकर विदेशों में छिपे फरार अपराधियों का पता लगाया।

जो अपराधी भारत छोड़कर भाग गए थे ऐसे 274 भगोड़े अपराधियों को 2019-2026 के दौरान 36 देशों से पकड़ कर भारत लाया गया है- गृह मंत्री अमित शाह भारत में घोटाला करके पैसे लेकर भागने वाले भगोड़े अपराधियों से 18762 करोड़ की recovery की गई है.

परीक्षा संशोधन बिल बन गया कानून, राष्ट्रपति ने लगाई मुहर। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं को पेपर लीक, नकल और अन्य गड़बड़ियों से मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2026' को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही यह संशोधित कानून पूरे देश में लागू हो गया है। नए कानून में पेपर लीक माफिया, संगठित नकल और परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ पहले से कहीं अधिक सख्त सजा, भारी जुर्माना और त्वरित सुनवाई का प्रावधान किया गया है।

कुछ बच्चों ने मुझे गाली दी, मेरी माँ को गाली दी। लेकिन ग़लतियाँ बच्चों से ही होती है, मैं उन्हें माफ़ करना चाहता हूँ। ये हमारे देश के भटके हुए नौजवान हैं इनको राह दिखाना हमारा काम है। जब कभी हमारे दाँत के बीच में जीभ कट जाती है तो हम दाँत को उखाड़ कर नहीं फेंक देते। इसलिए ये बच्चे भी हमारे हैं। : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

NEET पेपर लीक हुआ तो बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारे अचानक छात्रों के मसीहा बन गए...लंबे-लंबे पोस्ट लिखे गए, सरकार को घेरा गया, हैशटैग चलाए गए, कैमरे ऑन हो गए... लेकिन उसके बाद क्या हुआ? Anti-Paper Leak Bill संसद से पास हुआ… एक ऐसा कानून जिसका मकसद भविष्य में पेपर लीक रोकना था...CBI ने आरोपियों को गिरफ्तार किया, चार्जशीट दाखिल की...री-NEET कराया गया...परीक्षा सुधार के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनी। फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा हुई ताकि ऐसे मामलों में सालों तक न्याय न लटके। और तभी… पूरा बॉलीवुड गायब हो गया.. एक पोस्ट नहीं एक ट्वीट नहीं एक स्टोरी नहीं सवाल यह है कि अगर लड़ाई सचमुच छात्रों के भविष्य की थी, तो समाधान आने पर खुशी क्यों नहीं दिखी? अगर आपकी एक्टिविज़्म सिर्फ़ संकट तक सीमित है और समाधान आते ही ख़ामोश हो जाती है, तो लोग यह पूछेंगे कि आपकी प्राथमिकता छात्रों का भविष्य था… या सिर्फ़ सरकार के ख़िलाफ़ नैरेटिव बनाना? Aji हाँ

कल राहुल गांधी ने देश को तीन हिस्सों में बांटा:- 1. स्टूडेंट 2. इडियट्स 3. अंधभक्त राहुल गांधी समेत हम सभी जानते हैं कि राहुल, प्रियंका, सोनिया और उनके पिछलग्गू पीडीज नेता न तो स्टूडेंट है और ना ही अंधभक्त, वो इडियट हैं और ये पूरा देश पहले से ही जानता है। 😂

Please follow me on Instagram aslo 🙏 https://www.instagram.com/reel/DbXbKeiRWrg/?igsh=ZHk2Zmcyb2N4cGkz CJP is Scam 2026 🧐 पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने वाले कॉकरोच पूर्व शिक्षा मंत्री कपिल सिब्बल के साथ बैठे हैं जिसके कार्यकाल में 7 से ज्यादा पेपर लीक हुए थे! 😂 #CJP #paperleak #neet

https://www.instagram.com/reel/DbVA8PvxW2S/?igsh=MTBocXkybmo0MDU0OQ== सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में हुए छात्र आंदोलनों से जुड़े CCTV फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी-कैमरा वीडियो तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि प्रदर्शनकारियों का व्यक्तिगत डेटा सार्वजनिक न किया जाए तथा जिन हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें रिहा किया जाए। इसमें गिरफ्तार किए गए सभी नाबालिग भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस की कथित ज्यादतियों के आरोप प्रथम दृष्टया निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हैं। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में उन हमलों की भी समान रूप से पड़ताल होनी चाहिए, जिनमें 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों को अपना पक्ष अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद अदालत स्वतंत्र जांच समिति के गठन तथा देशभर में विरोध-प्रदर्शनों से निपटने के लिए समान दिशानिर्देश बनाने पर विचार करेगी। Please follow me on Instagram also 🙏