fa
Feedback

فریب کلاهبرداران را نخورید! تل‌متریو این کانال‌ها را شناسایی و برچسب‌گذاری می‌کند 👉 برای مشاهده برچسب، اشتراک تهیه کنید 👈

𝕸𝖊𝖍𝖋𝖎𝖑 𝖘𝖙𝖆𝖙𝖚𝖘

𝕸𝖊𝖍𝖋𝖎𝖑 𝖘𝖙𝖆𝖙𝖚𝖘

رفتن به کانال در Telegram

लिखूं कोई गजल या जज़्बात लिखूं मैं जब भी लिखूं बस तेरा नाम लिखूं

نمایش بیشتر
286
مشترکین
اطلاعاتی وجود ندارد24 ساعت
اطلاعاتی وجود ندارد7 روز
-130 روز
جذب مشترکین
اکتبر '26
اکتبر '26
+1
در 0 کانال‌ها
سپتامبر '26
+6
در 0 کانال‌ها
Get PRO
اوت '26
+3
در 0 کانال‌ها
Get PRO
ژوئیه '26
+4
در 0 کانال‌ها
Get PRO
ژوئن '26
+1
در 0 کانال‌ها
Get PRO
مه '26
+1
در 0 کانال‌ها
Get PRO
آوریل '26
+1
در 0 کانال‌ها
Get PRO
مارس '26
+1
در 0 کانال‌ها
Get PRO
فوریه '26
+1
در 0 کانال‌ها
Get PRO
ژانویه '26
+4
در 0 کانال‌ها
Get PRO
دسامبر '25
+4
در 0 کانال‌ها
Get PRO
نوامبر '25
+4
در 0 کانال‌ها
Get PRO
اکتبر '25
+3
در 0 کانال‌ها
Get PRO
سپتامبر '250
در 0 کانال‌ها
Get PRO
اوت '25
+2
در 0 کانال‌ها
Get PRO
ژوئیه '25
+1
در 0 کانال‌ها
Get PRO
ژوئن '25
+2
در 0 کانال‌ها
Get PRO
مه '25
+5
در 0 کانال‌ها
Get PRO
آوریل '25
+2
در 0 کانال‌ها
Get PRO
مارس '25
+1
در 0 کانال‌ها
Get PRO
فوریه '25
+4
در 0 کانال‌ها
Get PRO
ژانویه '25
+1
در 0 کانال‌ها
Get PRO
دسامبر '24
+4
در 0 کانال‌ها
Get PRO
نوامبر '24
+6
در 0 کانال‌ها
Get PRO
اکتبر '24
+9
در 0 کانال‌ها
Get PRO
سپتامبر '24
+7
در 0 کانال‌ها
Get PRO
اوت '24
+14
در 0 کانال‌ها
Get PRO
ژوئیه '24
+56
در 0 کانال‌ها
Get PRO
ژوئن '24
+37
در 0 کانال‌ها
Get PRO
مه '24
+33
در 0 کانال‌ها
Get PRO
آوریل '24
+41
در 0 کانال‌ها
Get PRO
مارس '24
+29
در 0 کانال‌ها
Get PRO
فوریه '24
+54
در 0 کانال‌ها
Get PRO
ژانویه '24
+91
در 0 کانال‌ها
Get PRO
دسامبر '23
+55
در 0 کانال‌ها
Get PRO
نوامبر '23
+5
در 0 کانال‌ها
Get PRO
اکتبر '23
+11
در 0 کانال‌ها
Get PRO
سپتامبر '23
+6
در 0 کانال‌ها
Get PRO
اوت '23
+4
در 0 کانال‌ها
Get PRO
ژوئیه '23
+6
در 0 کانال‌ها
Get PRO
ژوئن '23
+6
در 0 کانال‌ها
Get PRO
مه '23
+11
در 0 کانال‌ها
Get PRO
آوریل '23
+11
در 0 کانال‌ها
Get PRO
مارس '23
+10
در 0 کانال‌ها
Get PRO
فوریه '23
+11
در 0 کانال‌ها
Get PRO
ژانویه '23
+40
در 0 کانال‌ها
Get PRO
دسامبر '22
+38
در 0 کانال‌ها
Get PRO
نوامبر '22
+21
در 0 کانال‌ها
Get PRO
اکتبر '22
+290
در 0 کانال‌ها
تاریخ
رشد مشترکین
اشارات
کانال‌ها
13 اکتبر0
12 اکتبر0
11 اکتبر0
10 اکتبر0
09 اکتبر0
08 اکتبر+1
07 اکتبر0
06 اکتبر0
05 اکتبر0
04 اکتبر0
03 اکتبر0
02 اکتبر0
01 اکتبر0
پست‌های کانال
रुकसत हो जाए तो मलाल मत करना, वो लौट आयेंगे,बस तुम सवाल मत करना…!

2
खोया रहता हूं यादों में तेरी में अक्सर ,, भुला देता हूं बाते उल्टी सीधी में हसकर ।। पीछे तेरे में पागल हुए जा रहा हु ,, आना तू यादों में तू जरा सा तो कमकर ।। रह जाता हु ख्यालों में तेरे हमेशा मैं फसकर ,, शुरू होता है दिन मेरा राम नाम हमेशा जपकर ।। करूंगा आराम पहले काम सारे बाद में ,, अलावा तेरे ना रहता कोई और मेरी याद में ।। करु में खुद से हमेशा हर लम्हा बाते तेरी ,, जाने क्या तू बिन तेरे कैसे गुजरी हर एक राते मेरी ।। खुशियां चेहरे पर मेरे तूने ही अक्सर सजाई है ,, बुरा था ख्याल हर एक पहले मन में तूने ही घडिया जिंदगी की हर एक सही से बनाई है ।। ~ रावन जी
37
3
शिकायत तो ख़ुद से है, तुझसे तो आज भी इश्क़ है...!!
55
4
बहुत क़रीब आकर बताया उसने कि दूर ऐसे जाते हैं…
71
5
कोई तुमसा भी काश तुमको मिले… मुद्दा हमको इंतक़ाम से है!
59
6
मुझे लिख कर कहीं महफूज़ कर लो तुम, तुम्हारी यादाश्त से निकलता जा रहा हूं मैं ...✍🏻
75
7
मुझे वस्ल से ज़्यादा है अज़ीज़ हिज्र तेरा.! मेरा दिल ये चाहता है कि तू मुझसे रूठ जाए.!
82
8
हमे शौक नही महफिलो मे बेठने का हम अलग बैठ कर भी लोगो की निगाहो मे खटकते है...
75
9
नाले मजबूरों के ख़ाली नहीं जाने वाले हैं ये सोता हुआ इंसाफ़ जगाने वाले हद से टकराती है जो शय वो पलटती है ज़रूर ख़ुद भी रोएँगे ग़रीबों को रुलाने वाले चुप है परवाना तो क्या शम्अ' को ख़ुद है इक़रार आप ही जलते हैं औरों को जलाने वाले 'आरज़ू' ज़िक्र ज़बानों पे है इबरत के लिए मिटने वाले हैं न बाक़ी हैं मिटाने वाले आरज़ू लखनवी
87
10
मोहब्बत की सजा बेमिसाल दी उसने उदास रहने की आदत सी डाल दी उसने
89
11
ख़ुद को इतना भी मत बचाया कर बारिशें हों तो भीग जाया कर
102
12
तेरी बंदगी का असर है या कोई आज़माईश, तेरा शुक्रिया जो तूने हमे ख़ुद से रूबरू करा दिया..!
87
13
उस को आता नहीं लहजों को समझना शायद मै कहूँ ठीक तो वो... ठीक समझ लेता है...!!
104
14
हम जैसे खार नुमा लोग कूच कर गए तो ये फूल रोएंगे हाथों में तितलियां ले कर 🦋
97
15
बाग़ में लगता नहीं सहरा से घबराता है दिल अब कहाँ ले जा के बैठें ऐसे दीवाने को हम
98
16
बस अपना ही मसला संभाला ना गया वरना यूं तो कितनों के काम आए थे हम l
94
17
क़ातिल की ये दलील मुंसिफ ने मान ली मक़तूल खुद गिरा था खंजर की नोक पर
98
18
चलो फिर कागजों पर दास्ताने-ए-दर्द लिखते हैं ज़माना मुंतज़िर होगा गमों पर मुस्कुराने को..!!
94
19
मशहूर तो बहुत है मेरे अल्फाजों की तासीर मगर वो एक शख्स मुझसे मनाया न गया।
96
20
जिनसे उम्मीदें खत्म हो जाती हैं फिर उनसे शिकायतें नहीं रहती
94