fa
Feedback
Satsang, Alerts Bachan & Motivation

Satsang, Alerts Bachan & Motivation

رفتن به کانال در Telegram

Channel for shabd paths, bachan, some inspirational quotes, satsang important higlights and satsang alerts. Share link to other satsangi brothers and satsangi behans if they are interested in these. 1100+ dayal bagh shabd paths

نمایش بیشتر
2 346
مشترکین
-124 ساعت
-97 روز
-2930 روز
آرشیو پست ها
Driving safety advise @esatsang

Travel Driving safety.pdf

रा-धा-स्व- आ-मी 🙏 कृपया ध्यान दें, Gracious Huzur जी के मार्गदर्शन के अनुसार सभी सत्संगी भाई-बहनों को सलाह दी जाती है कि वे गाड़ी बहुत सावधानी से चलाएं और अपनी सुरक्षा के लिए सभी सावधानियां बरतें। 🙏 @positivetalk

आत्महत्या (Suicide) अपनी जान देने में कोई नफा नहीं @esatsang

रा धा/ध: स्व आ मी! 13-06-2026-आज शाम सतसंग में पढे गये शब्द पाठ:- (1) चरन गुरु हिरदे आन बहार। सरन में निस दिन उमँगत धाय।। (संस्कृत)(प्रेमबानी- 2-शब्द-4- पृ.सं.7)(अधिकतम् उपस्थिति- स्वामीनगर ब्राँच दिल्ली- @-15:15- दर्ज-226) (2) गुरु का संग मोहि मिलिया कोई बड़ा भाग जागा है। जगत का संग मन तजिया चरन में गुरु के लागा है।।(प्रेमबिलास- शब्द-48- पृ.सं.60,61)(स्वामीनगर मोहल्ला) (3) मेरे प्यारे रँगीले सतगुरु। मेरी सुरत चुनरिया रँग दो।। (रत्नांजली- शब्द-12- पृ.सं.31-33)(महिला पाठ पार्टी दयालबाग) (4) रोजाना वाक़िआत- भाग-2- एवं परम गुरु हुजूर मेहता जी महाराज के बचन- भाग-2 सतसंग के बाद:- (1) रा धा/ध: स्व आ मी मूल नाम। (2) हे दयाल सद् कृपाल! (3) रा धा/ध: स्व आ मी,रा धा/ध: स्व आ मी, रा धा/ध: स्व आ मी,रा धा/ध: स्व आ मी,रा धा/ध: स्व आ मी, रा धा/ध: स्व आ मी,रा धा/ध: स्व आ मी,रा धा/ध: स्व आ मी! 🙏🏻रा धा/ध: स्व आ मी🙏🏻 रा धा/ध: स्व आ मी! 13-06-2026- आज शाम सतसंग में पढ़ा गया बचन- कल से आगे:- (28, 29.3.33 मंगल व बुध का पाँचवा भाग)- यह दुरुस्त है कि चालीस पचास बरस की उम्र को पहुँच कर सतसंगी अपनी ज्यादा से ज्यादा तवज्जुह परमार्थ की जानिब देता है और अपने जिस्म व दुनिया के सामान से लापरवाह हो जाता है लेकिन जो लोग सैर के आदी नहीं है और जिन्हें हाथ पाँव चलाकर मशक्कत (परिश्रम) करने का मौका नहीं है. उनके लिये निहायत जरूरी है कि थोड़ी सी वर्जिश करके अपनी कुवाए जिस्मानी (शारीरिक शक्ति) को मुतहर्रिक (गतिमान) कर लें। इससे दो फ़ायदे होंगे। अब्बल खुद उनके जिस्म सही रहेंगे दोयम उन्हें वर्जिश करते देखकर उनके बाल बच्चों को वर्जिश का शौक़ पैदा होगा। मर्दों व औरतों दोनों ही को वर्जिश करनी चाहिये। क्रमशः----- 🙏🏻रा धा/ध: स्व आ मी🙏🏻 रोजाना वाक़िआत- भाग-2- परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज! रा धा/ध: स्व आ मी! परम गुरु हुजूर मेहताजी महाराज के बचन- भाग-2 कल से आगे:- (१२१- ही का तीसरा भाग)- पाठ समाप्त होने पर फ़रमाया दयालबारा में अभी हाल ही में दो एक अवसर ऐसे देखने में आये कि घर की जीविका कमाने वाले मनुष्य की अचानक या असमय मौत हो जाने से उसके बाकी परिजनों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा । इसलिए आवश्यक मालूम हुआ कि कोई ऐसा उचित प्रबंध होना चाहिए कि किसी की अचानक मौत हो जाने से उसके घर के लोगों को आर्थिक कठिनाइयाँ न उठानी पड़ें। इसलिए यहाँ पर ३० मार्च और ६ अप्रैल के पब्लिक जलसों में इसी विषय पर विचार होता रहा और अंत में दयालबारा के तमाम कार्यकर्त्ताओं के जीवन का बीमा कराने का फैसला किया गया। क्रमशः----- 🙏🏻रा धा/ध: स्व आ मी🙏🏻 @esatsang

Photo from Anand Satsangi
Photo from Anand Satsangi

Photo from Anand Satsangi
Photo from Anand Satsangi

Photo from Anand Satsangi
Photo from Anand Satsangi

Photo from Anand Satsangi
Photo from Anand Satsangi

Today's Gracious Huzur speech

Audio from Anand Satsangi

AUD-20260224-WA0001.mp33.82 MB

41.3.

संतबानी संग्रह ‌- Part 2 , page 48.