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Dr.Ravi Fageria(VR Educators)

Dr.Ravi Fageria(VR Educators)

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#assistant professor of History ( #Rank-4),2011(Govt of Raj) #JCTO (#RAS allied)Govt of Rajasthan,2010 #Science teacher at Govt of Rajasthan (2005) #PGT History at N V S (#Topper) (2004)

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📈 Análisis del canal de Telegram Dr.Ravi Fageria(VR Educators)

El canal Dr.Ravi Fageria(VR Educators) (@rfageria21st) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 13 359 suscriptores, ocupando la posición 15 071 en la categoría Educación y el puesto 30 849 en la región India.

📊 Métricas de audiencia y dinámica

Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 13 359 suscriptores.

Según los últimos datos del 29 julio, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de 0, y en las últimas 24 horas de -5, conservando un alto alcance.

  • Estado de verificación: No verificado
  • Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 61.90%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 67.91% de reacciones respecto al total de suscriptores.
  • Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 8 268 visualizaciones. En el primer día suele acumular 9 072 visualizaciones.
  • Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 199.
  • Intereses temáticos: El contenido se centra en temas clave como fageria, ravi, समय, dr., परीक्षा.

📝 Descripción y política de contenido

El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
#assistant professor of History ( #Rank-4),2011(Govt of Raj) #JCTO (#RAS allied)Govt of Rajasthan,2010 #Science teacher at Govt of Rajasthan (2005) #PGT History at N V S (#Topper) (2004)

Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 30 julio, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Educación.

13 359
Suscriptores
-524 horas
-47 días
Sin datos30 días
Archivo de publicaciones
सभी प्यारे बच्चों को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं 😍

अब आपका एक सवाल आगे क्या करें? 👉तो पहली बात तो यह कि आपने ऐसा क्या कर लिया कि कुछ करने को बचा ही नहीं 😜 खैर अब आप यह कर सकते हैं 👇 1. जिस भर्ती में आप असफल हुए हैं उसको पुनः उसकी तैयारी को मजबूती प्रदान करें अपनी गलतियों और कमियों को सुधारें अपने मैटर को संशोधित, परिवर्धित और परिवर्तित करें। 2. अपने लक्ष्य का नवीन निर्धारण करें क्योंकि अगर किसी फॉर्मेट या सिलेबस से बेहतर समन्वय नहीं बैठा पा रहे हैं तो अपनी पसंद के सिलेबस वाली भर्ती को चुने ताकि परिणाम सुखद आए (लेकिन यह निर्णय भावुक हो कर नही लेवे) 3. एक पूर्व तैयारी को जारी रखते हुए एक अतिरिक्त लक्ष्य का निर्धारण करके इसकी तैयारी को अतिरिक्त समय ( 2/3 hours) देवें जैसे ग्रेड 2/3 के साथ ग्रेड 1 या RAS के साथ EO/RO और जैसे ही जो भर्ती नजदीक हो उसको ज़्यादा फोकस कर दो, यह अच्छा ऑप्शन होता है क्योंकि आपके पास एक अतिरिक्त ऑप्शन रहेगा तो मानसिक मजबूती होगी, मेहनत का स्तर बढ़ेगा, समझ व एप्रोच में परिवर्तन होगा और ज्यादा परिपक्व और निडर बनोगे 😍 इस पर वीडियो कल रात को ही बना दिया गया है आज you tube channel per upload करदिया जायेगा Dr.Ravi Fageria

याद किया जाएगा आपका हर वह फैसला, जिसने आपके भविष्य का निर्धारण किया👉👉👉 जब हम मिट्टी की तरह अन्नत संभावना वाले होते हैं तो हम कुछ भी बन सकते हैं(सफलता की अधिकतम संभावना); इस मिट्टी (संभावना/कच्चा माल) से हमारा भविष्य (सिद्ध) निर्माण होता है, जिसमें हमारे निर्णय, मेहनत, हमारे निर्देशक, हमारे मित्र, हमारी सामग्री आदि महत्त्वपूर्ण होते हैं; अगर इनमें से किसी एक का भी चयन तर्क के स्थान पर आस्था से कर लिया गया तो समझना मिट्टी का उत्पाद कमज़ोर ही बनेगा, अपने निर्णयों पर सदैव समीक्षा ऐसे करनी चाहिए जैसे हम किसी शत्रु की समीक्षा कर रहे हैं ताकि हमें कोई खुश फहमी नहीं रहे; जहां पर ग़लती हो गई है उसको विनम्रता से स्वीकार करें और आगे बढ़े, किसी ने क्या कहा से ज़्यादा महत्वपूर्ण तुमनें ख़ुद अपनी आत्मा से क्या सुना वो है? अनिर्णय कि स्थिति किंकर्तव्यविमूढ़ता (क्या करूं) को जन्म देती है, इससे तुरंत बाहर निकल जाओ अन्यथा अवसाद में जाओगे। आपका भाग्य आपके अधीन है इसीलिए तो आप स्वाधीन हो, बस पराधीन नहीं बनना निर्णय की स्वाधीनता आगे बढ़ने की स्वाधीनता प्रतिपल बेहतरीन सोच की स्वाधीनता अपने फैसलों की समीक्षा की स्वाधीनता डॉ.रवि फगेडिया

Best of luck 🤞 # ग्रेड 2 Do your best 😍

हर बात जो आम है, उसमें भी इंसान खास ढूंढता है, जिंदगी एक सुबह है ,उसमें भी इंसान शाम ढूँढता है, जो उतर के रूप में है उसमें भी सवाल ढूंढता है !! खैर जिंदगी आपकी है जो सब सही है उसमें भी आपका नादान दिल बवाल ढूंढता है! Dr Ravi fageria

हमें कोई व्यक्ति तब तक बुद्धिमान लगता है जब तक हम अज्ञानी होते हैं, ऐसा समझने और मानने में हमें थोड़ा वक्त लगता है तब तक देर हो जाती है, यही हमारा अज्ञान होता है, यही आज का ज्ञान है 😍 Dr. Ravi fageria

https://youtu.be/yaGEPyphNYo?si=e_GuUqkyt7NfzY1u ग्रेड 2 philosophy, history topic New topic

इस फोटोग्राफ में (मध्य में)प्रतियोगिता काल में मेरे साथी राजपाल सिंह,सीनियर RAS ऑफिसर जो वर्तमान कोटा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार हैं , के प्रशासनिक निर्देशन में set exam आयोजित हो रहा है, उम्मीद है आपको एक बेहतरीन पेपर मिलेगा 😍 Dr Ravi fageria

कॉलेज में सहायक प्रोफेसर बनने की राह खुली, SET-2026 की अधिसूचना जारी - Lenden News https://lendennews.com/%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a4%b0/

हर टीचर को अपने अज्ञान का ज्ञान होना चाहिए और खुद पर संदेह करना चाहिए ताकि वाद- विवाद के तार्किक विमर्श से नवीन ज्ञान का उदय हो जो समयानुकूल,अनिवार्य, सार्वभौमिक ओर विषयनिष्ठ हो (सुकरात की तरह) B. शिक्षक के सार्वजनिक कर्तव्य: शिक्षक को अपने व्यावसायिक और अकादमिक उन्नयन के साथ साथ पर कल्याण के कार्यों से भी सरोकार रखना चाहिए जिसमें व्यावसायिक नैतिकता महत्वपूर्ण है जिसमें सत्यता, सरलता,दया, साधुता, शिष्यापेक्षी अभिविन्यास से सरोकार हो और साथ ही परीक्षा परिणामों के विद्रूप प्रकाशन कूटरचित आंकड़े प्रस्तुतिकरण से परहेज किया जाए, साथी शिक्षकों का सम्मान किया जाए और उनकी उपलब्धियों का सम्मान किया जाए और अपने भावुक उद्बोधन और निजी जीवन के पहलूओं के माध्यम से बच्चों को भावुक मूर्ख नहीं बनाया जाए,यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अवलंबन किया जाए, उदिग्न व मिथ्याचारी प्रतिस्पर्धा विकसित नहीं होनी चाहिए। यह किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है की हमारी मरुभूमि ज्ञान विज्ञान से ओतप्रोत हो और हमारे विद्यार्थी बेहतर शिक्षक, कर्मचारी,प्रशासक और कर्तव्य परायण नागरिक बनें । By Dr. Ravi fageria Associate professor of History (2011 batch Rank- 4) RAS allied selected (2007,08,10,12) Five time IAS mains appeared ( 304 +marks score in history 3 times) PGT History (Topper)-NVS,KVS,DSSB(2004,05,05) Science teacher -2005 Mentorship grade first,/assistant professor- 2013 to 2026 offline/online ( Student got rank" 1" twice 2020,2022 )+ more than 600 student got selected as AP and school lecturer

"स्कूल व्याख्याता पंचनामा " स्कूल व्याख्याता इतिहास पेपर विश्लेषण,परीक्षा स्वरूप,छात्रों और शिक्षकों के प्रयास और उनके उत्तरदायित्व पर मेरा मत (यह कोई अंतिम और अनिवार्य निष्कर्ष नहीं है जो मुझे ठीक लगा उसे बता रहा हूं, ठीक लगे तो देख लेना अन्यथा कोई वायरल रील देख लेना) RPSC का हालिया इतिहास का पेपर अच्छा कहा जा सकता है,बेहद अच्छा तो नहीं क्योंकि विकल्पों पर और ध्यान दिया जाता तो शायद और अच्छा बनता पर स्टूडेंट्स इसके लिए भी तैयार नहीं है (यह मैंने 2013 से शुरू करके 2026 तक की मेरी mentorship/guidance के आधार पर बोल रहा हूं)। मैं निम्न बातों पर आपसे विमर्श करना चाहता हूं 1. विद्यार्थी की भूमिका और कर्तव्य: A.विद्यार्थी के व्यक्तिगत कर्तव्य- सर्वप्रथम इस पूरे खेल का केंद्र विद्यार्थी होता है (95%भूमिका में है) जिसकी जिम्मेदारी है कि वह गुणवत्ता पूर्ण स्टडी मैटिरियल तक अपनी पहुंच बनाए और उसको जुटाये। इसके लिए जमीनी स्तर पर जाकर टीचर्स,चयनित व अनुभवी विद्यार्थियों से बात -चीत करनी चाहिए (कई बार सोशल मीडिया पर दिखने वाली चमकती चीजें कॉर्पोरेट हो सकती हैं) एवं विद्यार्थी ख़ुद टीचर्स की क्लासेज देखें (ऑफलाइन/ऑनलाइन ) और मार्केट की अध्ययन सामग्री देखें उसकी अन्य से तुलना करें, परीक्षा पद्धति को समझकर उपयोगी विकल्प चुनें ताकि अपनी अध्ययन सामग्री,कोचिंग और टीचर के निर्धारण में बेहतर निर्णय हो सके वरना आपकी हालत उन विद्यार्थियों की तरह हो सकती है ,जो परीक्षा में हांफ गए हैं जिनको लगता था कि वो अफ्रीका महाद्वीप रूपी विशाल अध्ययन सामग्री के साथ हैं, लेकिन उन्हें क्या पता था कि फ्रांस की तरह उनका अधिंकाश क्षेत्र अनुत्पादक है न कि इंग्लैंड की तरह उत्पादक! इसके बाद ही आप कोई उपयुक्त और परिणामी निर्णय ले सकते हैं (क्योंकि ज़्यादा पढ़ने से महत्वपूर्ण है समझ पर आधारित स्ट्रक्चर्ड अध्ययन सामग्री जो आपको ओवरआल एक समझ विकसित करने में मदद करे और परीक्षा भवन में सही ढंग से प्रश्न अटेम्प्ट करने योग्य बनाए,ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार इटली वासियों को कुस्तुनतुनिया के पतन के बाद समृद्ध प्राचीन ग्रीको -रोमन साहित्य ने पुनर्जागरण के योग्य बनाया) इसलिए तार्किक आधार पर जांच परख कर स्वीकार करें (बुद्ध के एहिक पशिश की तरह) B.विद्यार्थी के सार्वजनिक कर्तव्य- एक सफ़ल और असफल विद्यार्थी को चाहिए कि नए विद्यार्थी का सही मार्गदर्शन करें जिस मार्ग को उन्होंने अपनाया उसकी कठिनाई, चुनौतियां,उपलब्धियां,मार्केट के टीचर्स,गाइड और अन्य महत्वपूर्ण उपागम जो प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से उसके मार्ग में कैसे सहायक और अवरोध बने वो बताए और उनको सही मार्ग दिखाए और व्यापक सार्वत्रिक हित की अवधारणा का साक्षी बने ।किसी सीमित भौतिक लाभ और सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि प्राप्त करने की इच्छा में अपनी उपलब्धि पर किसी अन्य को अनाधिकृत स्वामित्व प्रदान नहीं करें यह शैक्षिक अपराध की श्रेणी में ही आता है। पर कल्याणकारी बनो वह नौका जो तुमने काम ली वही दूसरों को देवें (उपनिषद के "प्रबुद्ध",गीता के "पुरुषोतम" और बौद्ध धर्म के "बोधिसत्व"के समान बनें) 2. शिक्षक के कर्तव्य A. व्यक्तिगत कर्तव्य -जिस विषय को आप पढ़ा रहे हैं उसका व्यापक, सारगर्भित, तथ्यात्मक, तुलनात्मक,विश्लेषणात्मक , अवधारणात्मक और परीक्षापयोगी अप्रोच का ज्ञान रखना आवश्यक है क्योंकि परीक्षा पास करने में और स्टूडेंट तक उसको पहुंचाने में बड़ा फ़र्क होता है,उस ज्ञान को बिना बोरिंग क्लास के विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर, न्यूनतम क्लास में और अधिकतम परीक्षापयोगी बनाते हुए पढ़ाना या पहुँचाना होता है, और इस कार्य के लिए टीचर्स को चाहिए कि हर पार्ट की कम से कम तीन या चार बेसिक बुक पढ़े और सिविल सर्विस की अध्ययन सामग्री तक अपनी पहुंच बनाएं जिसका वर्तमान में अभाव हो गया क्योंकि अब Ras pre -mains में जनरल पेपर हो गए जबकि पहले Ras 2012 तक pre exam में भी विषय ऑप्शनल और Ras mains में दो ऑप्शनल विषय के पेपर थे और ICS में भी 2010 तक pre में एक ऑप्शनल और mains में 2 ऑप्शनल पेपर थे। (इसलिए हमारे समय असिस्टेंट प्रोफेसर और स्कूल व्याख्याता में केवल सिविल सर्विस की तैयारी वाले ही पास होते थे) लेकिन अब सिविल सर्विस एग्जाम में mains में एक ऑप्शनल छोड़ा है बाकि ics pre से और Ras pre - mains से ऑप्शनल विषय हटा दिए हैं, जिसके कारण शिक्षक भर्ती में ऑब्जेक्टिव एग्जाम पैटर्न में स्टूडेंट-टीचर दोनों केवल शुष्क तथ्यों से ही वास्ता रखने लगे हैं, जबकि इन भर्तियों के पेपर अब सिविल सर्विस एग्जाम के ऑप्शनल पैटर्न पर आ रहे हैं, इसलिए हर टीचर विद्यार्थी को बदलना पड़ेगा मेहनत करनी पड़ेगी (अन्यथा नेपोलियन और मुगलों की तरह हारना पड़ेगा जिन्होंने सामुद्रिक शक्ति की उपेक्षा की थी)

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उतर भारत भ्रमण के बीच आपके लिए हिमालय की गोदी से आंसर key बनाई है, अवलोकन कर सकते हैं, यहाँ सीमित संसाधनों के चलते एक दुष्कर प्रयास किया है उम्मीद है इससे आपको एक राह मिलेगी, जल्द ही लौटकर इस पर डिटेल वीडियो जिसमें पेपर स्तर और आपके प्रत्युत्तर क्या हो पर एक सारगर्भित वीडियो बनाऊंगा Dr Ravi fageria

Grade first history Dr.Ravi fageria

RCB well done 👍

पेपर चाहे टफ हो या आसान पढ़ने वाले बच्चे ही आगे रहते हैं, जैसा पढ़ रहे हो प्लान के हिसाब से वैसे ही पढ़ते रहो, हर पेपर नया होता है जैसा हर दिन नया होता है , Gk वाले स्टूडेंट ऑप्शनल पेपर में जुट जाये question paper को मैच करने में टाइम नहीं खराब करना चाहिए, वरना क्वालीफाई करके भी औरों से पीछे रह जाओगे , हर क्षण महत्वपूर्ण है उसकी कद्र करना आपका कर्त्तव्य है इसलिए परिणाम निरपेक्ष कर्त्तव्य की पालना करें । आपके प्रयास में कोताही नहीं हो बाकी आपके हाथ नहीं है। वैसे भी RPSC key jaari Kar degi Do your best 👍